तुमको इतनी भी फुर्सत नहीं जो मेरा हाल भी नहीं पूंछ सकते दर्द दे सकते हो लेकिन मरहम नहीं लगा सकते
तुमको इतनी भी फुर्सत नहीं जो मेरा हाल भी नहीं पूंछ सकते दर्द दे सकते हो लेकिन मरहम नहीं लगा सकते
संकल्प ले समाज में शिक्षा का संदेश फैलाएंगे बेटा हो या बेटी सब को एक साथ पढ़ाएंगे
रुह अधूरे जिस्म अधूरे एक दूजे के लिए। तेरा साथ चाहिए ए साथी जन्म जन्म के लिए।।
भोजपुरी गीत -उनके नजरवा से | जान मारेली उ हमसे अँखिया लड़ाइके | जियरा जुड़ावेली हमसे दिलवा लगाइके | होसवा उड़ल बा हमार देखी उनके कजरवा से | बरछी धंसल बा हमरे दिलवा उनके नजरवा […]
हिन्दी कविता – दिये जलाए | आज भारत ने खूब दिये जलाए | अपनी एकता का परिचय दिखाये| जल कोरोना भस्म हुआ या नही| है संकट मे फिर भी जस्न मनाए | घरो बंद जिंदगी […]
धर्म-जाति से परे हिंदी कविता एक भयावह महामारी पर लिखना नहीं चाहती थी पर लिखना पड़ा कहना नहीं चाहती थी पर कहना पढ़ा आज कल जो माहौल है उसे देख ये ख़ामोशी तोडना पड़ा जब हम […]
करुँ कितना भी श्रिंगार पर जानती हूँ तेरे आगे कुछ भी नहीं हूँ मैं दीद जिस दिन नहीं होती तेरी चांद छत पर नहीं आता आईना जितनी दफ़ा देखूँ तेरा ही चेहरा नज़र आता
गुलशन फिज़ाओ में यूं ही नहीं महकते हैं इश्क की बूंदाबांदी से खिल उठते हैं एहसास की रोशनी से महक उठते हैं गीत यूंही नहीं बना करते दिल के जख्मों को हरा करते हैं
खुदा का वास्ता भी दिया उसे लेकिन रोक ना पाए
आज फिर मुस्कुराने की कोशिश कर रात ये कहकर छोड़ देती है
रात भर सोंचते रहे तुमको जाने कब सुबह हो गई
आसमान धुंधला नज़र आता है आईना तो वही है लेकिन चेहरा गमगीन नज़र आता है आसमान मिटती बनती रहती हैं रेखायें फिर भी नसीब बदलता ना नज़र आता है
बस मीठे शब्दों के बाण मारता था मुझे पता था वो जालिम बेदर्दी है
बस तो जाता गम हमारे आशियाने में बड़ा अफसोस है लेकिन फिर निकलता नहीं
तुम तो रस्ता ही भूल गए तुम्हारे इन्तज़ार में कोई कब तक जागे
उम्मीदों का दीया जलाकर इस आशा में बैठे हैं कल सूरज खुशियाँ लाएगा चाँद सजाकर बैठे हैं
इस दुनिया में किसी को वफ़ा नहीं मिलती सजा तो मिलती है लेकिन दुआ नहीं मिलती
हर सदी इश्क की होती है एहसास का कोई मौसम नहीं होता
हमारा आशियाना एक वादी बन गया है फिलहाल अब घर के सामान हमारे मित्र हो गए एक सुंदर वादियों सी गूंज रही आवाज थी पुन्ह हमसे जो टकराई तो हम चित हो गए हमसे किसी […]
पहले तन्हाई बहुत रुलाती है धीरे-धीरे आदत सी हो जाती है
नौ मिनट के लिए भूल जा तू हिंदू-मुसलमाँ आज इंसानियत के लिये दीप जला दे
अगर मैं भूल भी जाऊँ तो वो याद दिला देती है ज़िन्दगी मौत से बद्तर है हर रोज़ सज़ा देती है
दिलचस्प है ये ज़िन्दगी का सफ़र एक भी थक जाये तो मंज़िल नहीं मिलती
वो एक लम्हा चुरा लाया है मेरा दिल जिस पल में तू मेरे साथ रहा करता था
नहीं रहा अब इस जहान में मेरा शनासा कर्ब किसको रो- रोकर सुनाऊँ अपना शनासा- परिचित, कर्ब-दुख
भोजपुरी गीत- तोहरे प्यार बिना | गोरी तोहरे प्यार बिना दुनिया अन्हार बा | मिलबु ना जबले तबले जियल बेकार बा | प्यार सबके बांटेलु खाली हमरे के डांटेलु | चिट्ठिया हमार गोरी हंसी हंसी […]
भोजपुरी गीत- नींदिया भईल फरार | नींदिया भईल फरार जान जबसे तोहसे प्यार हो गईल| जियल भईल मुहाल नैना जबसे चार हो गईल | जईसन बा हाल हमरो तोहरो भईल का | रात दिन खयाल […]
हिन्दी गीत- मेरा दिलदार ना मिला | मेरा प्यार ना मिला मेरा दिलदार ना मिला | करे मुझपर दिल निसार | वो मेरा यार ना मिला | ढूँढता हूँ मै उसे गली गली | पर […]
हिन्दी कविता- जीवन ज्योत जलेगी | आज जीवन ज्योत जलेगी मानव प्राण भरेगी | छाई दुविधा कोरोना भारत तिल तिल मरेगी | वतन की एकता आज दुनिया सारी देखेगी | आई जो विपदा वायरस जगत […]
गजल- बचाने चले है | जान उनकी बचे जो सबको बचाने चले है | डाल जोखिम मे दरिया प्यार बहाने चले है | जानते है अंजाम अच्छा नहीं मर भी सकते | फिक्र लोगो की […]
मैं तुझे ढूँढता रहा भटककर अग जग में। तुम हो कि भटक रहे हो मेरे रग रग में।।
हे कान्हा ! मैं तेरी जोगन जोग ना छूटत मेरो ……………….. रोम-रोम में बसत है तेरो प्रेम अनमोल रतन …………………. हे कान्हा ! मैं तेरी जोगन जोग ना छूटत मेरो …………………. माखनचोर चोर तू है […]
मेरी ज़िन्दगी की अधूरी कहानी है तू मेरी आँखों में मौजूद पानी है तू मेरे जीवन का मुन्तजिर है मेरी ख्वाइशों की पैमाइश है तू
मुझमें अभी तक तू ज़िंदा है मेरी तन्हाई में,मेरे एहसास में मेरी हर सांस में अभी तक ज़िंदा है तू ——————-‐— दिल की ज़मी में आज भी उगते हैं तेरी तमन्ना के दरख्ते ———————– रोशन […]
सावन में सावन में, एहे बरस के सावन मे आवऽ न गोलकी झूला झूलाईं एहे बरस के सावन मे सावन में सावन में , एहे…………………………………….. आवऽ न गोलकी झूला झूलाईं………………………….. +++++++++++++-+++++++±+++±+++ साजन बऽनऽब हम सजनी […]
मेरी तब भी नहीं चली थी मेरी अब भी नहीं चली है चारो तरफ बेबसी और लाचारी है ए खुदा तूने भी क्या बाकियों की तरह मुझसे वफाई निभाई है
सुनो! तुम सागर की तरह क्यों लगते हो? शब्दों में गहराई बहुत है मानसिक द्वंद छिपाने में चतुराई बहुत है। बाहर से एक शांत सतह भीतर गहरे तूफ़ान से लगते हो। प्रेम में हारे हुए […]
एक एक चीज का गिन गिन कर हिसाब लेने वाली वो लड़ाकी बन जाती है ढाल अपने भाई की। मां और पापा ने भाई को किस बात पर बिना वजह डांटा यह बताने वाली भी […]
जो मिला जीवन के सफ़र में उसे मेरी जरूरत ना थी जिन्हें जरुरत है मेरी उनकी तलाश में है दिल
बिना धागे की सुई है ज़िन्दगी कोई कहता है अच्छी है ज़िन्दगी किसी को सिखाती है किसी को बस चुभती जाती है ।
पेश है आपकी खिदमत में:- गज़ल आज कल सोंचता बहुत है दिल ये मेरा तुझे भूलूँ या कैद दिल में करूँ ———————— दिल लगा लूँ या जान छुड़ा लूँ तुमसे आज कल सोंचता बहुत है […]
चलो सब मिलकर जीत दिलाएं कोरोना को हरायें पाँच अप्रैल को सब देशवासी घर में दीप जलाएं दीप की ज्योति से अपना घर सँसार सजाएं चलो सब मिलकर जीत दिलाएँ थू है उनपर जो जमाती […]
आश लगाई , दूर मेघालय में कर्जा लाया, बीज लगाया खेतो खलियानो में……… बीता सावन ,भादो आया न आया बादल, खेतो खलियानो में…….. बीती रात, टूटी आश, बैठा किसान, खेतो खलियानो में……. कुऐ सुखे, धरती […]
सावन में सावन में एहे बरस के सावन मे आव न गोलकी झूला झूलाईं, एहे बरस के सावन मे सावन में सावन में एहे……………………………………………. आव न गोलकी झूला झूलाईं…………………………………. +++++++–+++++++++++++++++++++++++++++ साजन बनब हम सजनी तोहार […]
वाह भाई मजहब के ठेकेदारों क्या खूबी फर्ज निभाया है दुश्मन लगी है मानव जाति और काल को मित्र बनाया है कभी उनकी फिक्र भी कर लेता जिसे तेरी फिक्र सताती है कहीं कोई खड़ा […]
कर ले अखंड प्रतिज्ञा तू कर खंड खंड उस दहशत को जिससे यह विश्व है कांप रहा हौसलो से कर तू परस्त उसको तू दूर भ्रम का भूत भगा दहशत की नहीं जरूरत है असंयम […]
एक फूल खिला है प्यार का देखो आज काँटों के बीच। मुश्किल लगता है पाना देख रहा हूँ अँखियाँ मीच।। घूर घूर के देख रही है आखिर क्यों दुनिया सारी। ‘विनयचंद ‘परवाह करे क्यों जो […]
आस्था के कमल ——————– प्रेम और विश्वास के दरिया में ही खिलते हैं आस्था के कमल। तुम खरे उतरना इस विश्वास पर ना मुरझा पाए यह कमल स्मरण रहे। जीवन, यौवन सौंप दिया है तुम्हे […]
भोजपुरी देबी गीत 3 – शक्ति बड़ा भारी | काली मईया तोहार शक्ति बड़ा भारी | हरला हर दुखवा हमरो सुना विनती हमारी | सगरो जगत मे चर्चा तोहरो खाली होखेला | बिना मरजी तोहरे […]
भोजपुरी देबी गीत 2 – दे दा चरनिया शरनिया | दे दा चरनिया शरनिया माई बिनती करजोरिया | शेरवा चढ़ी आवा माई ओढ़ी लाली चुनरिया | गरवा मे हार फुलवा निमिया पड़ल झुलवा | हथवा […]
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