तेरी दिल में ख्वाहिश आयी है अभी अभी! चाहत की फरमाइश आयी है अभी अभी! गूंज उठी है शहनाई यादों की लेकिन, फिर गम की पैदाइश आयी है अभी अभी! मुक्तककार- #मिथिलेश_राय

अगर देती जन्म “‘” माँ”” चलना; सभलना सिखाते है पापा। . …………. जितना भी बच्चे फरमाइस करते; पुरा करते है पापा। अपना सारा अरमान कुचलकर; बच्चे के अरमान को पूरा करते पापा।। अपने बदन पर […]

तुम केवल नारे मे गाओ की कश्मीर हमारा है’” सच तो यह है कि कश्मीर को पाकिस्तान ही प्यारा है। …………. नेहरू के भुलो को छोड़ अब पटेल बन जाना होगा। कश्मीर के हर चौराहे […]

गर देती है जन्म माँ तो जिंदगी संवारते हैं पापा जितना भी हो सकता है सब कुछ कर गुजरते हैं पापा जेब गर खाली भी हो तो कर्ज ले आते हैं पापा अपने बच्चों के […]

जब भी तेरा चेहरा याद आता हिचकियाँ उठ जाता; अभी उसकी वेवाफाई से उभरे नही यारो। अब ना जाने हिचकियाँ कौन सा पैगाम दे जाता। . जब भी उसका चेहरा नजर आता; हिचकियाँ उठ जाता […]

जब भी तेरा चेहरा याद आता हिचकियाँ उठ जाता; अभी उसकी वेवाफाई से उभरे नही यारो। अब ना जाने हिचकियाँ कौन सा पैगाम दे जाता। . जब भी उसका चेहरा नजर आता; हिचकियाँ उठ जाता […]

ना जाने उनकी किस अदा पर हम मर जाते है; हर वक्त जुबाँए पर उन्ही का नाम लिये जाते है । . बीताएँ कुछ लम्हा उनके” संग” …………………….. याद आ जाते है। हो जाता हुँ […]

फसाना जिंदगी का अजीब जैसा है! हर ख्वाब आदमी का रकीब जैसा है! बदली हुई निगाहों का खौफ है दिल में, मंजिलों का मिलना तरकीब जैसा है! मुक्तककार -#मिथिलेश_राय

बहुत से ख़्वाब है आँखों में मेरे सारे नहीं तो कुछ तो हकीक़त में आएँ माना के करनी है बहुत मेहनत हमको भी ज़रा आप भी तो उसमे अपना हाथ मेरे सर पर लाएँ।।

मंजिलों के रास्ते कुछ बोल रहे हैं! रंग दिल में चाहत का घोल रहे हैं! तिश्नगी ल़बों पर है पैमानों की, क़दम जुस्तजू के कुछ डोल रहे हैं! मुक्तककार- #मिथिलेश_राय

नज़रो में हो कंकड़ तो, रानाई चुभती है.. भरी बज़्म में चस्पा तन्हाई चुभती है.. जिस रिन्द को मयस्सर हो बस कफ़स की फर्श.. उसकी आँखों मे आसमान की ऊंचाई चुभती है.. जो जिस्म सतह […]

तुमसे अपने प्यार को कहना मुश्किल है! तेरे बगैर लेकिन रहना मुश्किल है! तुमको कभी गैर की बाँहों में देखकर, तेरी बेवफाई को सहना मुश्किल है! मुक्तककार- #मिथिलेश_राय

पुछते तो हाल हमसे क्या, तोड़ कर दिल हमारा हमने तोबा कर ली, आप भी कर लो किनारा….! किसी और के साथ बस ऐसा ना करना के हो जाएगा वो भी हमारी तरह बेसहारा….!! -देव […]

खेल खेलना सीख लो तो हर खेल अच्छा लगेगा, ज़िन्दगी की इस बिसात पर हर मोहरा सच्चा लगेगा, मोहब्बत तो रंग है चढ़ा के देख लो एक बार, इसके बाद कोई और रंग तुम्हें पक्का […]

बिन निज भाषा के ज्ञान के बजे ना कोई बीन, अंग्रेजी जो भी पढ़े होवे हिय से हीन, संस्कारों की खेती अब न कर पाये कोई दीन, हिन्दी को अपनी कोई ले न हमसे छीन।। […]

एक छोटी सी शीशी में गिरतार हो गई, भला कैसे ये जिंदगी शर्मोसार हो गई, यूँ तड़पी बेहद फिर तार-तार हो गई, बेरुखी दुनियाँ भी तो बार-बार हो गई, क्यों छिपती-छिपाती मेरी लाज एक दिन, […]

सृष्टि के नियनों को बदला नहीं करते, रात हो तो उसे दिन कहा नहीं करते, फूलों की चाहत में वृक्ष बोया नहीं करते, जिंदगी के सच से हम मुकरा नहीं करते।। राही (अंजाना)

अंकुर विस्तार पाकर व्रक्ष रूप धर लेता है, जिंदगी का ये पौधा कभी विश्राम नहीं लेता है, सिकुड़ जाते हैं रिश्ते तो सिकुड़ जाने दो इन्हें, जिंदगी जिंदगी है मान लो इसे कोई थाम नहीं […]

ज़िन्दगी एक रेस है जिसमे दौड़ना ही होगा, वक्त रहते वक्त का मुँह मोड़ना ही होगा, कालचक्र का काम है चलना, चलेगा दोस्तों, हमें अपने मन को एक बार फिर टटोलना ही होगा, ऋतुएँ परिवर्तित […]

हर कदम पर साथ निभाते हो, तुम मुझको बहुत सताते हो, पर जैसे भी हो सच कहती हूँ, तुम बस मेरे मन को भाते हो, छोटी छोटी बातों पर तुम, मुझको टोका करते हो, सही […]

तोड़ कर हर ज़ंज़ीर तूने हौंसला दिखाया है, जो बुत बन चुके थे उन्हें भी तूने बोलना सिखाया है, जुदा रही तू जैसे चाँद की चांदनी से सदियों, फिर बखूबी तूने सबको अपना रूतबा दिखाया […]