गर दिल नहीं होता तो ये दरार कहाँ होती, मेरे जिस्म और रूह के बीच दीवार कहाँ होती।।। राही (अंजाना)
गर दिल नहीं होता तो ये दरार कहाँ होती, मेरे जिस्म और रूह के बीच दीवार कहाँ होती।।। राही (अंजाना)
बहुत कम वक्त लगा मुझे मकाँ मेरा बनाने में, मगर एक मुद्दत लगी मुझे उसे घर बनाने में।। राही (अंजाना)
आज तो हद हो गई—- उसकी आँख मेरी आँख से मिली—– उसके आँख से आँसु निकल पड़ी । आज विश्वास हुआ — उसकी फितरत मे वेवाफाई नही थी।। शिर्फ मजबुरी थी— ज्योति
कब तक इंतजार करू तेरे दर पर; तेरा—- ….. अब तो आके मिल वर्ना आँख भी आँसु से नाता तोड़ लेंगे ।
कब तक इंतजार करू तेरे दर पर; तेरा—- ….. अब तो आके मिल वर्ना आँख भी आँसु से नाता तोड़ लेंगे ।
Anybody can kill the person and his wishes But he can’t kill his Real love…! Since, we can stop our heart from blinking, but the true feelings never die….! -Dev Kumar
चलो चल कर आज तुम्हारा दिल देख लेता हू, के एक अररसे से तुम मोहोब्बत के मरीज हो…..! -देव कुमार
चलो ये किस्सा भी आज खत्म करो साहिब, तुम हमारी मोहोब्बत दे दो, हमसे अपने गम ले लो……!! -देव कुमार
दुनिया की इस भीड़ में कोई अपना ना मिला ज़हा भी दामन फैलाया, मायूस लोंटे….! कमा ना सके किसी की दोस्ती, किसी की मोहोब्बत गम, तन्हाई, और उदासी समैटे अपने घर लौटे….!! -देव कुमार
तेरी नजर हाल-ए-दिल बयान कर देती है! तेरी नजर चाहत का ऐलान कर देती है! ख़्वाहिशें बंध जाती हैं साँसों की डोर से, तेरी याद रातों को वीरान कर देती है! मुक्तककार- #मिथिलेश_राय
किसी ना किसी का साथ तो मिलना ही था हमको….! गम मिला, तन्हाई मिली, तुम ना मिले तो ना सही…..! -देव कुमार
दुनिया मे ना जाने कितने गम है साहिब हमारा गम कोई, अनोखा तो नही…..!! -देव कुमार
तन्हा अगर हो, तो दिल के अरमान देख लेना लोगो की परवाह ना करना, अपनी पहचान देख लेना….! मोहोब्बत हो य़ा नफरत, सबका अंजाम एक ही है ना हो यकीन तो, जा कर कब्रिस्तान देख […]
कुछ बातें मोहोब्बत की भी कर लो साहिब, के शिकवों का सिलसिला तो चलता ही रहेगा……!! -देव कुमार
दिन गुजर जाएगा मगर रात जब होगी! तेरे ख्यालों से मुलाकात तब होगी! कबतलक सुनता रहूँ गमों की सिसकियाँ? तुमसे रूबरू दिल की बात कब होगी? मुक्तककार- #मिथिलेश_राय
कुछ तो पल बिता अब तो मेरे साथ तू ज़ालिम के तेरी आगोश में दम निकले, बस यही खुवाईश हैं मेरी….!! देव कुमार
ये गमो की दौलत तेरी अधुरी मोहोब्बत ने बक्शी हैं वरना हम क्या थे, हमारी ज़िन्दगी क्या थी, और हमारी सक्शियत क्या थी…..!! देव कुमार
आ कर हमारे दिल मे, जो आप मुस्कुरा गए खुशी का ठिकाना ना रहा, सारा गम आप भुला गए……!! देव कुमार
ये किसकी सादायें दिल मे गूंज रही है किसकी दस्तक है ये दिल के विराने मे क्या कोई याद कर रहा है अपना य़ा ये हिचकी आ रही है अंजाने मे -देव कुमार
बिखरी जुल्फों की लटा, आँखें लाल दिखाई देती है हमें तुम्हारी ज़िन्दगी बेहाल दिखाई देती है कल रात का फसाना आपका सुना था हमने भी इसलिये भी आज आप बदहाल दिखाई देती है….!! देव कुमार
उनकी खैर– खबर नही मिलती; . हमको ही खासकर नही मिलती । मै लचार हो जाऊँगा; . . अगर तु नही मिलती ।। लोग कहते है; बजार मे रूह मे दिल; जिस्म मे दुनिया पैसे […]
मुझे तेरी आरजू में जुदाई मिल गयी है! मुझे तेरी चाहत में तन्हाई मिल गयी है! गमगीन हो गयी है मेरी हाल-ए-जिंदगी, मुझे राहे-वफा में रुसवाई मिल गयी है! मुक्तककार- #मिथिलेश_राय
रिस्तों का ख़याल रखना ज़िन्दगी का उसूल हो जाता है के ये मोहोब्बत ही है साहीब, कभी कभी बेउसूल हो जाता है….!! देव कुमार
क्या बेच कर हम तुझे खरीदे ए ज़िन्दगी सब कुछ तो गिरवी पड़ा है, मोहोब्बत के बाजार मे…..!! देव कुमार
ये दिल के विराने मे आज ये शौंर कैसा आभास किसका इस मय के पेमाने मे ये कैसे बदली आज मौसम की नजरें क्या बरसा है आज वो अंजाने में देव कुमार
मैं कुछ बोल नहीं सकता ; …. …………….तुम्हारा दिया हुआ जख्म; किसी के समाने खोल नही सकता। जब बहती पुरबा हवा बहुत दर्द होती; पर मै रो नही सकता । क्योंकि आँसु को बनाए है […]
तेरी जुस्तजू का आना कबतक रहेगा? तेरा यूँ दिल में ठिकाना कबतक रहेगा? जाम के नशे में खुद को भूला हूँ लेकिन, सामने हरदम पैमाना कबतक रहेगा? मुक्तककार- #मिथिलेश_राय
कैसे होते हैं……! ——————————— कोई पहचान वाले अनजान कैसे होते हैं जानबूझ कर कोई नादान कैसे होते हैं बदलता है मौसम वक़्त और’लम्हें सुना हेै– वक़्त पर बदल जाए–इंसान कैसे होते हैं..! छोड़ दे साथ […]
किनारे पर बैठे बैठे हम कैसे दरिया में डूब रहे हैं, न जाने इतना गहरा दरिया हम कैसे देख रहे हैं, आरक्षण का पानी पीकर देखो कैसे फूल रहे हैं, कैसे एकतरफा सिस्टम से हम […]
तुझे पाने के लिए खुद को जलाएगा कौन, है प्यार तुझसे ही लेकिन नखरे का भार तेरा उठायेगा कौन, तुझे पाने के लिए खुद को जलाएगा कौन, मन मे तो आता है रूठे तुम्हारी तरह […]
कभी आइस– क्रीम की तरह पिघलती रही जिन्दगी, हवा की रूख की तरफ बदलती रही जिन्दगी, लाख समझया उसे पाने की जिद ना करो– पर इक वच्चे की तरह जिद ठानी रही जिन्दगी। मंजिल पर […]
कभी आइस– क्रीम की तरह पिघलती रही जिन्दगी, हवा की रूख की तरफ बदलती रही जिन्दगी, लाख समझया उसे पाने की जिद ना करो– पर इक वच्चे की तरह जिद ठानी रही जिन्दगी। मंजिल पर […]
कभी आइस– क्रीम की तरह पिघलती रही जिन्दगी, हवा की रूख की तरफ बदलती रही जिन्दगी, लाख समझया उसे पाने की जिद ना करो– पर इक वच्चे की तरह जिद ठानी रही जिन्दगी। मंजिल पर […]
मृत्यु ही सत्य हैं शेष सब तथ्य हैं । – राजनंदिनी रावत
बड़े दिनों के बाद बेचारी आँखों ने, स्वप्नों भरी एक रात गुजारी आँखों ने, बेचैनी भरपूर दिखाई आँखों ने, जिस पल उनसे नज़र मिलाई आँखे ने, कल्पनाओं की कलम चलाई आँखों ने, हर दिन नई […]
मत लगाओ नफरत की आग दिवानों की दिल मे,जिसके दिल मे वर्षो से तुम्हारे नाम के महोब्बत की चिराग जलती हो । वरना वो बेधर हो जाएगा अपने दिलो वाले धर से।।
तुम मेरी जिंदगी में बेहद बेशुमार हो! तुम मेरे तसव्वुर में आते बार–बार हो! मुश्किल बहुत है रोकना तेरे सूरूर को, तुम मेरी नज़र में ठहरा हुआ खुमार हो! मुक्तककार- #मिथिलेश_राय
तुम मेरी जिंदगी में बेहद बेशुमार हो! तुम मेरे तसव्वुर में आते बार–बार हो! मुश्किल बहुत है रोकना तेरे सूरूर को, तुम मेरी नज़र में ठहरा हुआ खुमार हो! मुक्तककार- #मिथिलेश_राय
बेशक खुशबू से भरा होगा मेरे दोस्त तेरा सनम, मगर मुझे तो माँ का मैला आँचल ही सुहाता है।। – राही (अंजाना)
जब किसी ने ना देखा एक नज़र मुझे पलटकर, तब आइना भी रो दिया मेरा चेहरा देखकर।। – राही (अंजाना)
खामोश तस्वीरों की जैसे कोई आवाज बन गया हूँ, अनजाने में ही जैसे उनके अल्फ़ाज़ बन गया हूँ, जो कह नहीं पाती वो अपनी आँखों से खुलकर, मैं उनके कबीले का कोई सरदार बन गया […]
सब कुछ चाहिए जुबाएँ ना साथ देती, जब आती है रिश्ते शादी की जुबाएँ पर मिठास होती, देख अच्छे से ऐसी — वैसी बात होती– चाहिए सब कुछ जुबाएँ ना साथ होती। बात बन जाती […]
ए वक्त अब उससे दुर ना कर , ए वक्त इतना मुझे मजबुर मत कर। वरना टुट जाऊँगी, उसके बिना मुझे उससे इतन दुर ना कर, क्योकि उसके साथ जीना फुलवारी लगता, उसके साथ चले […]
वक्ते-सितम से रिश्ते टूट जाते हैं! राहे-वफा में रहबर छूट जाते हैं! दूरियाँ हो जाती हैं जिनसे दिलों की, बेरहम बनकर हमसे रूठ जाते हैं! मुक्तककार- #मिथिलेश_राय
किसी से गिला नही किसी से सिकवा नही, एक दिन आएगा , एेसा की मै कही नजर नही आऊँगा—- बहुत दु:ख दिया अपनो ने दिल के अन्दर कही समाजाऊँगा, उस दिन से किसी से गिला […]
तु कहती तो तेरे कदमो मे गिर जाता, मै इतना मजबुर था चाहता था, तुझे क्योकि मेरे दिल को तु मंजुर था। प्यार के ब़दले तु करती प्यार ये शिर्फ तुम्हारा कहने का नाटक था। […]
मेरी लाल– लाल आँख देखकर मत कहना, एे यार , तुम बहुत रोया है। दरअसल दिल पर धुल जमीं थी—– जिसे आँसु से धोया है।। कहते है जमाने वाले इश्क मे दुनिया भर की खुशी […]
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