इक जिंदगी थी मेरे पास जो खो गयी है रखता था जिसको बड़े सहेजकर मेरी फटी जेब से इक दिन अचानक सरक गयी बिना आवाज किये आज तलक उसको ढूढ रहा हूं इक जिंदगी थी […]

सर्दियों में धूप मनको जिस तरह प्यारी लगे । आपकी छवि व्यथित मन को परम सुखकारी लगे । मौन रह.अनकही बातें , शेष कहने को रहीं । जिस जगह से भी गुजरते , आप मिल […]

आपकी मुसकान के आधीन, यह दिल हो चुका । अब नाजा जीते जी कभी भी हो सके आजाद यह । अब इवादत प्यार की , करता रहेगा उम्र भर । इनायत या शिकायत की., करेगा […]

किसी का दिल भी , आईने की तरह टूट गया। लाख पुचकार कर जोड़ें, नहीं जुड़ पाएगा । रास्ता जिंदगी का बन गया आड़ा-टेढ़ा , लाख चाहें , नहीं सीधा कभी , मुड़ पाएगा ।

आपका दर्द , दिल को इस कदर, मुझको तो प्यारा है । दर्द की दवा देने में , अपना जीवन गुजारा है । बढ़ीं बैचैनियाँ जब जब., ना तुमको नींद आई है , अपनी रातों […]

तब आना तुम, जब हिना का रंग कई दफा चढ कर उतर जाए। जब अपने बच्चे की खातिर अबला वात्सल्य प्रेम में बिखर जाए तब आना तुम, जब मेरे जुनून जर्जर हो जाए और मेरे […]

——————————– कहतें हैं-बदलाव प्रकृति का नियम है तभी तो, बदलता रहता मौसम है सिलसिला बदलाव का प्रखर हो चुका बेहतर से बदत्तर और भी बदत्तर हो चुका प्रेम नफ़रत बन गया— दिखावटी भाव की मेहरबानी […]

—————-–————————— दुनियादारी के बाज़ार में फँस गए हम व्यापार में लाभ-हानि में हुई बेवकुफियाँ मान-हानि भी व्यवहार में नज़र-नज़र की बात निराली नज़र ने नज़र से हर बात कह डाली नज़र की नज़र से हुई […]

  लिखेगी लेखनि कौन सा अक्षर स्याही के रंग क्या होंगे–? लफ़्जें कहेंगी कहानी कौन सी कथाओं में उमंग क्या होंगे—? झलकेगा इनमें कौन सा रूप झूठ बोलेगा,सच होगा चुप उपहासें या खिलखिलाहटें हँसी के […]

जिंदगी का हँसी सवेरा है , दिल से इसका सभी सत्कार करो । बात करना ही है तो , कर डालो , खुल कर बस. प्यार की ही बात करो । जिंदगी को ना झंझटों […]

तेरे बगैर आज मैं तन्हाई में हूँ! तेरे बगैर दर्द की गहराई में हूँ! डूबा हूँ कबसे जाम के पैमाने में, मयकशी की झूमती अंगड़ाई में हूँ! मुक्तककार – #मिथिलेश_राय

तेरे बगैर आज मैं तन्हाई में हूँ! तेरे बगैर दर्द की गहराई में हूँ! डूबा हूँ कबसे जाम के पैमाने में, मयकशी की झूमती अंगड़ाई में हूँ! मुक्तककार – #मिथिलेश_राय

मेरी तन्हाई में जब भी गुजर होती है! मेरे ख्यालों में ख्वाबों की सहर होती है! दर्द की कड़ियों से जुड़ जाती है जिन्दगी, यादों की दिल में चुभती सी लहर होती है! मुक्तककार – […]

मेरी तन्हाई में जब भी गुजर होती है! मेरे ख्यालों में ख्वाबों की सहर होती है! दर्द की कड़ियों से जुड़ जाती है जिन्दगी, यादों की दिल में चुभती सी लहर होती है! मुक्तककार – […]

मेरे गम को मेरा ठिकाना मिल जाता है! तेरे ख्यालों का आशियाना मिल जाता है! जब दिल को सताती है प्यास तमन्नाओं की, मेरी तिश्नगी को मयखाना मिल जाता है! मुक्तककार- #मिथिलेश_राय

हवा सर्दियों की पैगामे-गम ले आती है! वक्ते-तन्हाई में तेरा सितम ले आती है! तूफान नजर आता है अश्कों में यादों का, तेरी चाहत को पलकों में नम ले आती है! मुक्तककार- #मिथिलेश_राय

हवा सर्दियों की पैगामे-गम ले आती है! वक्ते-तन्हाई में तेरा सितम ले आती है! तूफान नजर आता है अश्कों में यादों का, तेरी चाहत को पलकों में नम ले आती है! मुक्तककार- #मिथिलेश_राय

जीवन की पथरीली राहों पर, जब चलते-चलते थक जाऊँ, पग भटके और घबराऊँ मैं, तब करुणामयी माँ के आँचल सा स्पर्श देना, ऐ ईश मेरे । जब निराश हो, किसी मोड़ पर रूक जाऊँ, हताश […]

कभी तो किसी शाम को घर चले आओ! कभी तो दर्द से बेखबर चले आओ! रात गुजरती है मयखाने में तेरी, राहे-बेखुदी से मुड़कर चले आओ! मुक्तककार – #मिथिलेश_राय #मात्रा_भार_22

मेरा हरेक आलम ख्वाब तेरा लगता है! तेरा ख्याल सर्दियों में धूप सा जलता है! जब भी सताती हैं सरगोशियाँ इरादों की, नींद के आगोश में दर्द तेरा चलता है! मुक्तककार- #मिथिलेश_राय

ग़ज़ल उनके चेहरे से जो मुस्कान चली जाती है, मेरी दौलत मेरी पहचान चली जाती है। जिंदगी रोज गुजरती है यहाँ बे मक़सद, कितने लम्हों से हो अंजान चली जाती है। तीर नज़रों के मेरे […]

होते ही सुबह तेरी तस्वीर से मिलता हूँ! तेरी तमन्नाओं की जागीर से मिलता हूँ! नजरों को घेर लेता है यादों का समन्दर, चाहत की बिखरी हुई तकदीर से मिलता हूँ! मुक्तककार – #मिथिलेश_राय

तेरी याद में तन्हा होकर रह जाता हूँ! तेरी याद में तन्हा रोकर रह जाता हूँ! जब भी तीर चुभते हैं तेरी रुसवाई के, जाम के पैमानों में खोकर रह जाता हूँ! मुक्तककार- #मिथिलेश_राय

तुम्हारी मुस्कान जब बनी मेरी आदत.. तुम बने मेरी क़यामत तक की इबादत.. यादों की लहरें जब बनीं मेरा सहारा.. डूबती रही जान, दूर हुआ किनारा..

तेरी याद में तन्हा होकर रह जाता हूँ! तेरी याद में तन्हा रोकर रह जाता हूँ! जब भी तीर चुभते हैं तेरी रुसवाई के, जाम के पैमानों में खोकर रह जाता हूँ! मुक्तककार- #मिथिलेश_राय

यादों की राह में सवाल आ जाता है! तेरी रुसवाई का ख्याल आ जाता है! जब भी ख्वाब आते हैं मेरी आँखों में, तेरी जुदाई का मलाल आ जाता है! मुक्तककार – #मिथिलेश_राय

दिल ले लेना , दिल दे देना यह बच्चों का ,खेल नहीं । लाख जमाना कुछ भी करले, साथ न पल भर भी छूटे । जानकी प्रसाद विवश प्यारे मित्रों, मंगलमय प्रभात की सर्व सुखकारी […]

झूठों की नगरी है साहब, यहाँ सच्चाई, नहीं मिलती…. बुराई के हैं अनगिनत किस्से, पर अच्छाई, नहीं मिलती…. आधे घंटे मे पहुँच जाता है, लोगों के घरों मे पिज़्ज़ा जनाब, लेकिन वक़्त पर मरीज़ों को […]

झूठों की नगरी है साहब, यहाँ सच्चाई, नहीं मिलती…. बुराई के हैं अनगिनत किस्से, पर अच्छाई, नहीं मिलती…. आधे घंटे मे पहुँच जाता है, लोगों के घरों मे पिज़्ज़ा जनाब, लेकिन वक़्त पर मरीज़ों को […]

मुझसे किसलिए तुम रिश्ता तोड़ गये हो? मेरी चाहत को तन्हा छोड़ गये हो! यादों की आहट रुला देती है मुझको, #साँसे_जिस्म को गमों से जोड़ गये हो! #महादेव_की_मुक्तक_रचनाऐं

शंख बजे ज्यों ही ठण्डी के, मौसम ने यूं पलट खाया, शीतल हो उठा कण-कण धरती का, कोहरे ने बिगुल बजाया!! हीटर बने हैं भाग्य विधाता, चाय और कॉफी की चुस्की बना जीवनदाता, सुबह उठ […]

शंख बजे ज्यों ही ठण्डी के, मौसम ने यूं पलट खाया, शीतल हो उठा कण-कण धरती का, कोहरे ने बिगुल बजाया!! हीटर बने हैं भाग्य विधाता, चाय और कॉफी की चुस्की बना जीवनदाता, सुबह उठ […]