मात पिता की कर वंदन। सेवा सतत सहित निज तन मन धन। होवे आयु बल विद्या यशवर्द्धन ।।
मात पिता की कर वंदन। सेवा सतत सहित निज तन मन धन। होवे आयु बल विद्या यशवर्द्धन ।।
एक पुत्र गुणवान रहे, मूरख ना दस बीस । बहुत सितारे ना करे, एक चन्द्र की रीश।।
मेरी जुल्फ को नागिन मत कहना एक दिन तुमको डस जाएगी। तीर नजर को मत कहना तेरे अँखियों में धस जाएगी।। काली जुल्फे बदली है जो तुझ पर हीं बरसाएगी। नजरें मेरी नील कमल जो […]
शीश जटा एक बेणी लटकत लटकत लट लटकन मुखचंद्र पे वारिद ऐसे लुकछिप खेल करत हो जैसे।।
काली कम्बली काँधे पर शोभित अरुण अधर अरुणाभ कपोल श्याम रंग मुखचंदा विनयचंद नित निरखत बाल मुकुंदा।।
सोचा था किसने सिला यूं मिलेगा। मुहब्बत में मुझको गिला यूं मिलेगा।। कसमे वफा को जो तोड़ जाए तड़पते हुए दिल जो छोड़ जाए सह न सके जो हवा का एक झोंका कागज का मुझको […]
राग है ,अनुराग है , रागिनी भी कम नहीं है। चाँद का क्या गीत गाएँ चाँदनी भी कम नहीं है।।
जिसकी सबको बड़ी जरूरत है अगली पगली जैसी तैसी दिल की खूबसूरत माँ ममता की मूरत है ।।
सौभाग्य हमारा है बंधु, हम सब भारतवासी हैं। सुखी रहे सब लोग यहाँ, इसके हम अभिलाषी हैं।। धरती को हम माता कहते गैया पूजी जाती हैं। वृक्ष सभी यहाँ देव रूप हैं नदियाँ पूजी जाती […]
भज ले राम राम तू राम। योग यज्ञ व्रत देव न ऐसा, न हीं तारक धाम। सेवा पूजा ध्यान न लावे, जप ले मात्र सुनाम।। भज….. निश दिन पाप करे बड़ प्राणी. उल्टे सीधे काम। […]
सीसा का एक टुकड़ा हूँ कहते लोग मुझे हैं दर्पण। गुण औगुन को दर्शाने नर समाज को मेरा समर्पण।। सबको उसका रूप दिखाता। मेरे सम्मुख जो भी आता।। कीट पतंग और नर तन। मैं तो […]
है मोल कहाँ इस दुनिया में जो बूंद एक का चुका सके। मात पिता का कर्ज है कोई दिल देकर भी मुका सके।। कहना कभी विरुद्ध नहीं। होके इन पर क्रुद्ध नहीं।। सेवा में होवे […]
जब जन्नत की चाहत हो माँ की आँचल में आ जना। शाश्वत स्वर्ग सुखों को तुम पल में आकर पा जाना।। नंदनवन भी यहीं मिलेगा यहीं मिलेगा इन्द्रासन। बेशक मिट्टी के होंगे पर ऐरावत होगा […]
हे अबले ! तुम सबला हो। तुम हीं शक्ति तुम हीं भक्ति तुम मुक्ति अचला हो । हे अबले ! तुम सबला हो।। विद्या बद्धि वाणी तुम हो। अन्नपूर्णा कल्याणी तुम हो।। धन दाती माँ […]
किया प्यार तुमसे, मैं करता रहूँगा। रस्म- ए-वफा को निभाता रहूँगा।। किया……. सूरत तुम्हारी मैं दिल में बसाई । अपना बनाने की चाहत है आई।। मिलो न मिलो मुझसे बुलाता रहूँगा। किया प्यार तुमसे मैं […]
चले भी आओ मनमीत मेरे बहार- ए-गुलशन बुला रहा है। सजाई महफिल है प्रीत मेरे बहार- ए-गुलशन बुला रहा है।। नजरों के आगे तुम्हारा डेरा धड़कनों में समाए हुए हो। जस्न-ए-मुहब्बत करीब अपने काहे को […]
ये चाँद गर न होता होती ये काली रातें। दो प्रेमियों के दिल की रहती अधूरी बातें।। नौका विहार नाहीं नहीं प्यार प्यार होता। मस्ती में मस्त निशचर उपद्रव हजार होता।। मायूस ये चकोरा बिन […]
ये चाँद गर न होता होती ये काली रातें। दो प्रेमियों के दिल की रहती अधूरी बातें।। नौका विहार नाहीं नहीं प्यार प्यार होता। मस्ती में मस्त निशचर उपद्रव हजार होता।। मायूस ये चकोरा बिन […]
दिन गुजर जाता है सदा सुबह शाम वाला। वक्त का घोड़ा अगर होता लगाम वाला।। कोई कहीं भी इसको सशक्ति खींच लेता। चाबुक भला क्यों न मारे हिलने नहीं वो देता।। पल भर कहीं न […]
राम नाम का जाप करो रे मुख से बारम्बार। ना जाने किस दिन आ जाए काल तोहार। । लख चौरासी चक्कर खाया। फिर कहीं जाके नर तन पाया। । मानुष का तन विषय भोग में […]
फूल राहों में तेरे बिछाया सनम अब आने में कितनी कहो देर है। तेरी सूरत को दिल में बसाया सनम अब मिलने में कितनी कहो देर है।। मेरे धैर्य की होगी कितनी परीक्षा सनम अब […]
जन्मभूमि मिल गई राम को इससे बड़ी खुशी क्या होगी? सुबह का भूला आया शाम को इससे बड़ी खुशी क्या होगी? चौदह साल बाद रघुवर को मिला अबध का राज। सदियों बाद मिला है बंधु […]
………….पिछले का शेषांश…………… है चमत्कार कैसा स्वामी मैं भी तो जानूँ। राज आपके नाम का मैं भी तो पहचानूँ।। शक्तिरूप सती नारी से सत्य नहीं छुपा पाया। रावण नाम लिखते मेरे मन में ख्याल आया।। […]
सेतु बनाकर सेना संग राम जब लंका। लंका के गलियों में होने लगी ये शंका।। जिसके नाम का पत्थर भी सागर पे गया है तैर। स्वामी तोसे करु विनती नहीं बढ़ाओ उनसे बैर।। चमत्कार तो […]
हनुमान गदाधारी श्रीराम के प्यारे हैं। करते हैं सदा भक्ति सीता के दुलारे हैं।। सुग्रीव पे विपति पड़ी। रिशमुक पे चरण धड़ी।। श्रीराम मिलाए हैं दुखरे को मिटाए हैं। हनुमान गदाधारी श्रीराम के प्यारे हैं।। […]
तुम मुझे चाहती हो इसका मुझे पता तो नहीं। मेरा तुझको चाहना शायद मेरी खता तो नहीं।।
पान खाने गया था वो पनवाड़ी के पास। एक सलौना सा सूरत था नजरों के पास।। लाल लाल होंठ थे उसके और घुंघराले बाल। श्याम रंग और तिरछी चितवन टेढ़े मेढ़े चाल।। कोमल कोमल पाँव […]
रक्तिम अधर रक्तिम कपोल श्याम वरण था उसका। कजरारी नयना थी उसकी नरम चरण था उसका। घुंघरे घुंघरे बाल थे उसके मेरा वो चितचोर था। विनयचंद वो रसिया जिसका नाम नन्दकिशोर था।
हम हैं वीर जवान साथियों शरहद पे लड़नेवाले। हमसे देश सुरक्षित हम नहीं किसी से डरनेवाले।। भूख-प्यास को छोड़ा छोड़ा घर परिवार। देश भक्ति का जज्बा दिल में छोड़ेगे संसार।। विनयचंद हम देश के खातिर […]
मेरी ज़िन्दगी बदल गई तेरे द्वार आके। हो गया मैं प्यारा सबका तेरा प्यार पाके।। चला जा रहा था दिशाहीन पथ पर। उदसीन होकर मैं दुनिया के रथ पर।। तूने सम्हाला मुझको अपने द्वार लाके। […]
मैं देश का सिपाही हूँ। दुश्मन की तबाही हूँ, ।। काँधे पे बन्दूक है और तिरंगा हाथ है। कदम मिला चलता, जज्बा एक साथ है।। देश के खातिर जान जो जाए करता नहीं कोताही हूँ।
सिर्फ एक बार दर्शन तू दे दो और कोई भी दिल की तमन्न।नहीं है। साथ कितना मिला जगत में मुझे। सारे नातों के दीपक पलक में बुझे।। मुझे अपनी शरण में तो ले लो और […]
तेरा दीदार हीं, मेरे जीवन को, साकार करता है। तुम जान हो मेरे, मुहब्बत तुझ से तेरा यार करता है।।
जब भी कोई हाथ जगत में, अबला का आँचल खींचा है। शमशीर सदा हीं टकड़ाया और रक्त धरा को सींचा है।।
ब्रजरज का मस्तक पे चन्दन करू। मैं श्रीराधे के चरणों में वन्दन करू।। मैंने जीवन किए अब हवाले तेरे। आके इसको सम्हालो दाता मेरे। सामने किसके जाने क्रंदन करू। मैं श्रीराधे के चरणों में वन्दन…..
बादलों को देख मोर झूम-झूम नाचता। मोरनी है साथ फिर व्योम क्यों निहारता।। बादलों की चाह में मोरनी के प्यार में, या फिर नयनश्रवा के हार में पंख को पसारता। बादलों को देख मोर झूम-झूम […]
बादलों को देख मोर झूम-झूम नाचता। मोरनी है साथ फिर व्योम क्यों निहारता।। बादलों की चाह में मोरनी के प्यार में, या फिर नयनश्रवा के हार में पंख को पसारना। बादलों को देख मोर झूम-झूम […]
मुझ शरणागत की रख ले लाज प्रभु। मैं दर तेरे पे आया हूँ देखो आज प्रभु।। तुमने कितने पापी तारे नाम गिनाया जा नहीं सकता। जो भी तेरे दर पे आता खाली झोली जा नहीं […]
गाँव की एक चिड़ियाँ शहर को गई। ना जाने उसकी अस्मत कहाँ खो गई।। बूढ़ी माँ से वो बोली मैं बेटी नहीं हूँ लड़का तेरा। भाई अच्छे से पढ़ना तूहीं छोटू तूहीं है बड़का मेरा।। […]
तुम फूल हो तो मैं कोई काँटा नहीं जानम। तेरा स्पर्श कोमल है मेरा चाँटा नहीं जानम।। तुम चाँद हो नभ के, मैं चकोर हूँ जानम। तुम मेघ अम्बर के , मैं तो मोर हूँ […]
शहर को देखने वाले जरा तुम गाँव भी देखो। वदन पे गर्द मत देखो फटे वो पाँव भी देखो।। गुजरते नार कीचड़ से हमें नित फीड हैं देते। मखाना वो कहे जिसको लोटस सीड हम […]
तेरी सूरत सदा रहती नजरों के पास नाम हाथों पे लिखने से क्या फायदा? तुम रहते सदा मेरे दिल में प्रिये सामने आके मिलने से क्या फायदा? दिल जख्मों को सहता मेरा इस कदर अब […]
गाना न कोई अब रिन्दाना मैंने पीना छोड़ दिया। बोतल तोड़ी जाम मैं तोड़ा साकी से नाता तोड़ लिया। मैंने पीना’……… . ….. . ।। पीबाकों से नहीं अब याराना नहीं अपने रहे अब बेगाना […]
था प्यार करने से पहले रंगीन ज़माना। प्यार करके बनाया गमगीन जमाना।। न भूख रही न हीं प्यास रहा हर पल तुम्हारा आभाश रहा अब तो अपना हुआ एक दो तीन जमाना। प्यार करके बनाया […]
अश्क आँखों से बहता हो लबों पर मुस्कुराहट हो। दया से दिल लबालब हो मन में प्रेम की आहट हो।। निकलकर भाव जो आये वही तो काव्य है प्यारे।। लगे प्रेमालाप में पक्षी परम आनन्द […]
श्याम ने मुरली बजाई कि घर से गोपियाँ निकली। इधर से गोपियाँ निकली उधर से गोपियाँ निकली श्याम ने मुरली बजाई कि घर से गोपियाँ निकली।। पीलाती दूध बच्चे को कलेबा कर रही कोई। लगी […]
कभी होंठों को देखते हो। कभी बालों को देखते हो।। कभी आँखों को देखते हो। कभी गालों को देखते हो।। दिल में उतर के देखो तो फिर कवि कहलाओगे।। कभी लंबू को देखते हो। कभी […]
कृष्ण के भजने पर कभी राम पराए नहीं होते। पंथ बदलने पर भी भगवान पराए नहीं होते।। दम है अरदास में तो अजान पराए नहीं होते। कतरा-ए-लहू एक हो तो इंसान पराए नहीं होते।। खुदगर्ज […]
दिल का दीप जलाओ सजनी आई मधुर दिवाली रे। प्रेम भाव का तेल भरो और सेवा सत्य की बाती। संकल्प ज्योति से प्रज्ज्वलित कर जगमग कर सुखरासी।। वीर सपूत को अर्पण करो अबकी मधुर दिवाली […]
मिले काँटे या मुझको फूल। पर हो मेरे अनुकूल।। इतना सुख न देना स्वामी जो मुझ में अभिमान जगाए। इतना दुख न देना मालिक जो मुझको पल पल तड़पाए।। सुख दुःख में ये विनयचंद कभी […]
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