आनन्दपुर छूट गया हमें इसका तनिक मलाल नहीं। इस गम को कैसे झेललेंगे ,दो वीरा अपने नाल नहीं।। दूर गया नहीं हमसे , तेरा वीरा ,मेरे सोना मेरेकाका । धर्म ध्वजा के रुप तुम्हारा वीरा […]

ये एहसास भी क्या चीज है? असत्य को सत्य में तुरन्त बदल देती है , ये एहसास। मन में आस्था जगे तो दिल में भगवान प्रकट करती है, ये एहसास।। एहसास हीं तो आस्था की […]

धोर अंधेरा शीत लहर संग बादल नभ से किनमिन है। घेर लिया मुगलों ने हमको बचना अब नामुमकिन है।। परवाह नहीं वो हजारों में पर हम भी पूरे मन भर हैं। आज्ञा दे दो हमें […]

धर्म बचाने के खातिर अपना सर्वस्व बलिदान दिया। हुए पिता कुर्बान थे उनके पुत्रों ने भी बलिदान दिया।। कटा दिए सिर एक एक कर पर चोटी नहीं कटाई। अनशन कर प्राण दिया पर जूठी रोटी […]

ये पूस का महिना कैसे हम भूला देंगे? सुना के कहानी बाल वीरों की सब को हम रुला देंगे। रात अंधेरी थी घनघोर नभ में बादल थे पुरजोड़। निकल पड़े परिवार सहित किला आनन्दपुर छोड़।। […]

ये पूस का महिना कैसे हम भूला देंगे? सुना के कहानी बाल वीरों की सब को हम रुला देंगे। रात अंधेरी थी घनघोर नभ में बादल थे पुरजोड़ । निकल पड़े परिवार सहित किला आनन्दपुर […]

कविताएँ नई होती हैं, पर भाव पुराने होते हैं। गैम्बलर बदल जाते हैं, पर दाव पुराने होते हैं।। कितना भी लेबुल बदलते रहो पर शराब पुराने होते हैं। नए कम्बल हो या टाट पुराने पर […]

क्यों छोटी -छोटी बातों को बड़ा बनाते हो? भोली-भाली जनताओं से बगावत कराते हो।। क्या कभी जनताओं को सत्य से रुबरू कराते हो? कोड़े कागज पर दस्तखत से पहले शर्त समझाते हो? फिर क्यों छोटी […]

आखिर क्या कहूँ इस पूस की रात को ? झकझोर रहा है मेरे दिल की जज़्बात को । आखिर क्या कहूँ इस पूस की रात को? घनघोर अंधेरा छाया है देख मेरा मन घबराया है […]

बहुत याद आएगा मुझे मेरा गाँव। पनघट पे हलचल पीपल की छाँव।। भोली -सी सूरत, मंदिर की मूरत, टनकती वो घंटियाँ निर्मल मुहूरत, खेतों में खरहा मुंडेरों पे कांव। बहुत याद आएगा मुझे मेरा गाँव।।

“एक मालिक सभी का “कहने वाले। सुन साईंं मेरे शिरडी वाले ।। राम को पूजा कृष्ण को पूजा। अल्ला ईसा देव नहीं दूजा।। एक मस्जिद को द्वारका कहने वाले। सुन साईंं मेरे शिरडी वाले।। पानी […]

किएक नें हमरा गुमान हेतय हमसब भारतवासी छी। देशक सुरक्षा में जान जेतय हमसब भारतवासी छी। कलम सॅ लिखय छी बन्दूको उठायब। देशक दुश्मन पर खूब गोली चलायब।। हमर निष्ठा सॅ देशक सम्मान हेतय हमसब […]

ऐ बेदर्द सर्दी ! तुम्हारा भी कोई हिसाब नहीं। कहीं मंद शीतल हवाएँ । कहीं शबनम की ऱवाएँ ।। दिन को रात किया कोहरे का कोई जवाब नहीं। ऐ बेदर्द सर्दी ! तुम्हारा भी कोई […]

व्याकुल धरती बुला रही है फिर से झाँसी की रानी को। बहुत हुआ अब नहीं सहेंगे शैतानों की मनमानी को।। गली गली में गुंडे बैठे हर नुक्कड़ अपराधी है। जाति धर्म की राजनीति में बँट […]

एक हाथ में ध्वजा तिरंगा, काँधे पर बन्दूक हैं। भारत माँ का वीर सिपाही, लक्ष्य बड़ा अचूक है।। कदम चाल में चलते हमसब, भारत माँ की रक्षा में। रहे सुरक्षित शरहद अपनी, वैरी न आए […]

तुम्हारे होंठों की सरगम बिन मेरे गीत अधूरे हैं। मेरी नजरों से रहते दूर तुम मेरे प्रीत अधूरे हैं। तुम्हें खोकर सारी दुनिया जीतूँ मेरे जीत अधूरे हैं। ‘विनयचंद ‘ वफा के बिन मनमीत अधूरे […]

हे लक्ष्मी तुम कितनी चंचला हो? खुद भी नहीं ठहरती एक जगह पर और औरों को भी भटकाती। घर से दफ्तर जाकर भी भटके भर दिन गाँव नगरऔर इधरोधर फिर भी बाक बाण छेदे छाती। […]

मैं अपराधी की माँ बनकर जिन्दा रहूंगी आखिर कबतक? किस मनहूस घड़ी में जन्म दिया जो झेल रही हूँ तुमको अबतक।। किया कलंकित दूध को मेरे नजर गड़ा अबलाओं पर । खून किया तू मेरे […]

देख द्रोपदी तुझे बचाने वाला न कोई अपना होगा। अपने हीं तो आँचल खींचे अपने खड़े हैं शीश झुकाए। बने गुलाम धर्मवीर सब अंधा राजा देख न पाए।। नास्तिकता के बीच में कृष्ण का आना […]

आओ मनाएँ गणपति गणेश को। गौड़ी नन्दन पुत्र महेश को।। लम्बोदर गजवदन विनायक। प्रथम पूज्य सब देव सहायक।। करुणाकर करुणेश को, आओ मनाएँ……।। सिद्धि बुद्धि को देने वाले। संकट सबके हरने वाले।। वरदायक मंगलेश को, […]

माँ भवानी केॅ दर्शन करय लय चलू। बेरंग जिनगी केॅ रंग सॅ भरय लय चलू।। माँ भवानी…. माँ भवानी……. लाल चोला आ चुनरी सेहो छै लाल। लाल बिन्दिया आ चूड़ी करय छै कमाल।। मांग अप्पन […]

जब दुःशासन खींच रहा था, द्रुपद सुता की साड़ी। शीश झुकाए सब पांडव थे विलख रही थी नारी।। विलख रही थी नारी धर्म धुरंधर भी थे मौन। युद्ध हुआ महाभारत का जिम्मेवार हुआ फिर कौन।।