लो खत्म हो गया मुलाकातों का सिलसिला, जो घर आता था घर भूल गया।
लो खत्म हो गया मुलाकातों का सिलसिला, जो घर आता था घर भूल गया।
हम जो चाहें वो कर सकते हैं । बस हौंसला बनाकर रखना चाहिए । जरूरी नही जीत ही हांसिल हो, हार भी स्वीकार करनी चाहिए ।
छुप कर मेरी बातें सुनते रहते हो। मेरे सपनो की रातें चुनते रहते हो । मिलने की फुर्सत जब तुमको होती है। तो मेरी ही राहें चुनते चुनते रहते हो।
आगे बढ़ने का नाम है ज़िन्दगी सफलता ठोकर खाकर ही मिलती है। हँसते रहने का नाम है ज़िन्दगी ।
बात करने से बात बनती है । मुलाकात करने से बात बनती है। कुछ भी तो नही है हमारे पास हमारे हुनर से ही हर बात बनती है।
कुछ सपनॉ की बातें है। कुछ अपनों की बातें हैं। अधूरी कुछ बातें थीं । अधूरी कुछ बातें हैं ।
कुछ सपनॉ की बातें है। कुछ अपनों की बातें हैं। अधूरी कुछ बातें थीं । अधूरी कुछ बातें हैं
धीरे-धीरे बढ़ रहा है काफ़िला। धीरे-धीरे कम हो रहे हैं फासले मंज़िल है बस कुछ ही दूर। तू अपनी हिम्म्मत भांप रे।
धीरे-धीरे बढ़ रहा है काफ़िला। धीरे-धीरे कम हो रहे हैं फासले मंज़िल है बस कुछ ही दूर। तू अपनी हिम्म्मत भांप रे।
मंज़िल है नही आसान बहुत मशरूफ हैं राहें । जीत जायेगें हम दुनिया दो कदम रोज़ चलकर के।
मंज़िल है नहीं आसान । बहुत मशरूफ हैं राहें । जीत जायेंगे हम दुनिया दो कदम रोज़ चलकर के।
सुबह के मीठे सपनों जैसा है तुम्हारा एहसास । रहते हो यूं दिल में जैसे हो साँस ।
ना मिलने का रोज़ बहाना अच्छा है। यादों से हमको तड़पाना अच्छा है । सोते-सोते आ जाते हो ख्वाबों में हमसे मिलकर आँख चुराना अच्छा है।
ना मिलने का रोज़ बहाना अच्छा है। यादों से हमको तड़पाना अच्छा है । सोते-सोते आ जाते हो ख्वाबों में हमसे मिलकर आँख चुराना अच्छा है।
ना मिलने का रोज़ बहाना अच्छा है । सोते सोते आ जाते हो ख्वाबों में । हमसे मिलकर आँख चुराना अच्छा है।
ना मिलने का रोज़ बहाना अच्छा है । सोते सोते आ जाते हो ख्वाबों में । हमसे मिलकर आँख चुराना अच्छा है।
चुन लो तुमको जो चुनना है। मुझे हर फ़ैसला मंज़ूर है। तुम्हारी दोस्ती भी तुम्हारी बेवफाई भी।
चुन लो तुमको जो चुनना है। मुझे हर फ़ैसला मंज़ूर है। तुम्हारी दोस्ती भी तुम्हारी बेवफाई भी।
चुन लो तुमको जो चुनना है। मुझे हर फैसला मंज़ूर है। तुम्हारी दोस्ती भी तुम्हारी बेफफ़ाई भी।
तुम्हारी खामोशी भी क्या चीज़ है ना जाने क्या कह जाती है। जो कहना चाहतें हो नही कहती हजारों फसाने सुनाती है।
तुम्हारी खामोशी भी क्या चीज़ है ना जाने क्या कह जाती है। जो कहना चाहतें हो नही कहती हजारों फसाने सुनाती है।
मंज़िल अब दूर नहीं है सफ़र भी अच्छा है । तुम हो तो सब कुछ अच्छा है।
मंज़िल अब दूर नहीं है सफ़र भी अच्छा है । तुम हो तो सब कुछ अच्छा है।
मंज़िल अब दूर नहीं है सफ़र भी अच्छा है । तुम हो तो सब कुछ अच्छा है
पाने का अपना मज़ा है। खोने का अपना मज़ा है। हँसते तो सब हैं पर रोने का अपना मज़ा है।
सुना है खुदा तुम पर मेहरबां हो गया है एक रोज़ मांगी थी दुआ तुमने हमसे दूर जाने की।
सुना है खुदा तुम पर मेहरबां हो गया है एक रोज़ मांगी थी दुआ तुमने हमसे दूर जाने की।
राग है ,अनुराग है , रागिनी भी कम नहीं है। चाँद का क्या गीत गाएँ चाँदनी भी कम नहीं है।।
सबसे सबकुछ छुपाना अच्छा लगता है, तुमसे सबकुछ बताना अच्छा लगता है,
मुझे तुमसे मिलने में कोई मसला नहीं है, पर सच ये है के मेरे जेब में असला नहीं है। राही अंजाना
जिसको जो चाहिए मिल जाए तो कैसा हो, रिश्तों से छोटा गर पैसा हो जाए तो कैसा हो। राही अंजाना
दिल से निकलकर धड़कन बाहर आ गई, जिस पल से तुझसे मिला बहार आ गई।। राही अंजाना
दिल से अपनी मगर धकड़न से मैं पराई हूँ, न जाने किस घड़ी में, इस घर में मैं आई हूँ, आँखों ही आँखों में आँखों में मैं घिर आई हूँ, सबकी अपनी मगर न जाने […]
ज़िन्दगी ने मुझको जीना सिखा दिया अकेले होकर भी खुश रहना सिखा दिया रहती है यादें अब खुशियों के दरम्या यादों ने आसूंओ से दामन छूड़ा लिया
शोलों सा जला मैं, बरसा बादलों सा कभी। हालाते-दीवानगी पर, कहकशे लगाते सभी। मजनूँ ना सही, इश्क मेरा भी कुछ कम नहीं, तुम कहो तो तुम्हारे वास्ते, मैं जाँ दे दूँ अभी। देवेश साखरे ‘देव’
जिसकी सबको बड़ी जरूरत है अगली पगली जैसी तैसी दिल की खूबसूरत माँ ममता की मूरत है ।।
हर चेहरा नकली है, हर रूह खुदगर्ज यहां उस रूह को ढूंढ़ रही हूँ जो हो अपनी यहां न कोई मुखोटा हो, न दीवारें हों रूह से रूबरू हो हर रिश्ता यहां
तेरे हाथ सौगात, मेरे हाथ भी सौगात। मेरे मन में पाप और तेरे नेक जज़्बात। तुमने दिया हमें, जीने की नेमतें सारी, मैं खुदगर्ज तुझपे करता रहा आघात। मिटा कर वज़ूद तेरा, किसे छला मैंने, […]
सावन कि बारिश का खूब फायदा उठाया मैंने बहा दिए पानी मे वो लम्हे जो थे मेरी यादों में और कश्ती बना कर तिरा दिए तेरे खत जो कभी छुपा कर रखे थे मैंने किताबों […]
खो गया था मैं अपने आप में ही और तेरी याद में तड़पता रहा इतने सालों बाद तेरी गलियों में कदम रखा नाम लेकर तेरा पुकारता तुझे भटकता रहा. इस उम्मीद में कि तुम कहीं […]
सौभाग्य हमारा है बंधु, हम सब भारतवासी हैं। सुखी रहे सब लोग यहाँ, इसके हम अभिलाषी हैं।। धरती को हम माता कहते गैया पूजी जाती हैं। वृक्ष सभी यहाँ देव रूप हैं नदियाँ पूजी जाती […]
••• जब सुनता हूँ कभी दिल की ज़ेहन ये कहता है संभल कमबख़्त किस उलझन में तू उलझा रहता है शाम ढले सर्द हवा कुछ सहमी सी ख़ामोश फ़िज़ा। शब-ए-तन्हाई में दिल पर कुहासा रहता […]
फ़ैशन की चरम तो देखो। लोगों की भरम तो देखो। कांच की अलमारी में बंद, ऊँची कीमत बढ़ा रही शान। तार-तार सा हुआ चिथड़ा, टंगा बनकर एक परिधान। उस चिथड़े के करम तो देखो। फ़ैशन […]
जिंदगी की दौड़ में ना पहचान पाए अपने और अनजानो को क्या खाक तजुर्बा पचपन का जो पहचान ना पाए शैतानों में से इंसानों को. मोहब्बत अगर किसी से है तुम्हें तो क्या उसके जज्बात […]
इस वक्त हवा मेरे खिलाफ है पर हौंसले मेरे बढ़ते रहेंगे मै कितना भी थक जाउ कदम मेरे वक्त के साथ मंजिल की सीढ़ियां चढ़ते रहेंगे.
सहारा चाँद को भी एक दिन लगाने चल दिया, कुछ समझ आया नहीं बस समाझाने चल दिया, मैं ज़मी पर रहा और आसमाँ झुकाने चल दिया, उम्मीदों का रुका हुआ जहाज उड़ाने चल दिया।। राही […]
भज ले राम राम तू राम। योग यज्ञ व्रत देव न ऐसा, न हीं तारक धाम। सेवा पूजा ध्यान न लावे, जप ले मात्र सुनाम।। भज….. निश दिन पाप करे बड़ प्राणी. उल्टे सीधे काम। […]
दरारे ही दरारे है आज रिश्तों जे दरम्यान कहीं आँसू है तो कहीं नफरत की दास्तान
ओ श्याम रे….. कहा छुपे हो मोरे श्यामरे, तुझे ढूंढे मोरे नैना, तेरे बिन मुझे ना एक पल चैना, छोड़ सखी तुझसे मिलने आई, करके लाख उनसे बहाने, तेरी बंसी की धुन सुनने को आई, […]
सीसा का एक टुकड़ा हूँ कहते लोग मुझे हैं दर्पण। गुण औगुन को दर्शाने नर समाज को मेरा समर्पण।। सबको उसका रूप दिखाता। मेरे सम्मुख जो भी आता।। कीट पतंग और नर तन। मैं तो […]
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