तुम हो मेरी चाहत, यह तुमने भी तो है माना। अगर तुम न हुई मेरी तो, कुछ भी कर सकता है दीवाना। दिल के करीब फिर भी कितनी दूर हो। दुनिया से या फिर खुद […]

यूँ तो चला है चाँद पर घर बसाने के लिए पर ढंग से धरती पर जी पाया है क्या आदमी ज्ञानी ,ध्यानी दानी और संस्कारी भी बना पर इंसान बन पाया है क्या आदमी .

बात करने के कुछ इस तरह लोग बहाने ढूंढते हैं, के दिल में उतरने के लिए मानो तैखाने ढूंढते हैं।। भटकते हैं जो दर बदर नशे में घर अपना छोड़के, वो दूसरों की आँखों के […]

जो चाहता नहीं, वही गुज़र जाता है। रहा – सहा जज़्बात भी मर जाता है। जिन से थोड़ी बहुत उम्मीद होती है, वही हम से आंखें फेर जाता है। जिन्हें सर आंखों पर बिठाना चाहिए, […]

दिल में उम्मीदों का दीपक जलाकर, कर रही हूं मैं तेरा इंतजार, घडी इंतजार की लंबी हो रही है, अब चले भी आओ मेरी जान जा रही है, ओ चांदनी न जाना तुम, जब तक […]

सावन बीता जाये प्रियतम तुम न आये। मस्त पवन संग डोले किसलय ताल – तलैया, सागर में लय, बादल नभ पर छाये प्रियतम तुम न आये। कलियों पर है छायी लाली झूमे बेसुध कोमल डाली, […]

मैंने घर बदला और वो गलियाँ भी फिर भी तेरी याद अपने संग इस नए घर में ले आया एक मौसम पार कर मैं फिर खड़ी हूँ, उसी मौसम की दस्तक पर, वही गुनगुनाती ठंड […]

तुझसे इतनी मोहब्बत करते हैं सनम। कुर्बान तुझपे जान कर सकते हैं हम। नहीं कहता चांद तारे तोड़ कर ला दूंगा। नहीं कहता कि ज़मीं-आसमां मिला दूंगा। जिंदगी तेरे नाम करने की खाते हैं कसम, […]

है मोल कहाँ इस दुनिया में जो बूंद एक का चुका सके। मात पिता का कर्ज है कोई दिल देकर भी मुका सके।। कहना कभी विरुद्ध नहीं। होके इन पर क्रुद्ध नहीं।। सेवा में होवे […]

जब जन्नत की चाहत हो माँ की आँचल में आ जना। शाश्वत स्वर्ग सुखों को तुम पल में आकर पा जाना।। नंदनवन भी यहीं मिलेगा यहीं मिलेगा इन्द्रासन। बेशक मिट्टी के होंगे पर ऐरावत होगा […]

कहते हैं वक्त के साथ हर जख्म भर जाता है पर वो जख्म कैसे भरे जो तुम हमें दे गए मांग लिया होता दिल अपने आप ही दे देते पर तुम सीना चीर कर निकाल […]

ये कैसा जहरीला इश्क है तुम्हारा? लहू में गर्म शीशे सा फैल जाता है। सीने में हलचल मचाकर कर भी भला, खामोशी से कोई गीत गुनगुनाता है। गहरी कत्थई आंखों से मुझ में कुछ ढूंढते […]

जब हम बुरे समय से गुजरते हैं अपने ईश्वर को याद करते हैं सब जल्दी ठीक हो जाये यही फरियाद करते हैं भूल कर उस ईश्वर का जीवन संघर्ष हम सिर्फ अपनी बात करते हैं […]

खड़ा हिमालय सिखा रहा, धीर और गंभीर बनो, नदियों की चंचलता सिखा रही, जीवन को नीरस मत करो, हरे भरे पेड़ यह सिखा रहे, पाकर कुछ देना सीखो, मिट्टी हमें यह कह रही, जीवन में […]

मैंने कहा मै इश्क में बर्बाद हो गई और मुझे ना चैन ना सुकून ना एतबार मिला मुकदमा मुझ पर इश्क की तरफ से चला भले ही तुम्हे ये सब ना मिला पर बेवफाईयां,रुसवाईयां और […]

घुटनों के बल सरक सरक कब पैरों से चलना सीखा तेरे आँचल की ओट में न जाने कब बड़ा हुआ तेरे हाथों की नरमाई जीने का मतलब सीखा पर मैं जहाँ भी जाता हूँ तेरी […]

बच निकलते हैं इश्क के चंगुल से जो लोग बेवफा होते हैं गिरते वही लोग मोहब्बत में जो इसकी गहराइयों से अनजान होते हैं कुछ प्यार के मिलने पर आबाद होते हैं और कुछ बिछड़ने […]

हे अबले ! तुम सबला हो। तुम हीं शक्ति तुम हीं भक्ति तुम मुक्ति अचला हो । हे अबले ! तुम सबला हो।। विद्या बद्धि वाणी तुम हो। अन्नपूर्णा कल्याणी तुम हो।। धन दाती माँ […]

क्या कोई अपने जीवन से किसी और के कारण रूठ जाता है ? के उसका नियंत्रण खुद अपने जीवन से झूट जाता है? हां जब रखते हो, तुम उम्मीद किसी और से, अपने सपने को […]

धराशाई हो जब गिरा, वो धरा पर। जां न्यौछावर कर गया वसुंधरा पर। तेरी शहादत से महफूज़ मूल्क मेरा, नाज़ हमें तेरे लहू के हर कतरा पर। बात जब भी हिफाज़ते-वतन की हो, टूट पड़ता […]

एक आवाज आई हमें प्यार है तुम से खिंचा चला गया मैं वहां और होश मेरे थे गुम से. कुछ भी पूछो तो मुस्कान होठों पर वो रखती थी बस देखती रहती मुझे क्योंकि वो […]

ठगिया ——— कहा था ना मैंने ! दूर चले जाना मुझसे, फिर नहीं माने तुम! दिन के उजाले और रातों के अंधेरों में विचरण करते रहते हो खाली- पीली यूं ही दिल में मेरे। ईश्वरप्रदत्त […]

हमें जुदा करने का फैसला वक़्त का था इसमें ना कसूर तेरा ना मेरा था पर तेरे गालो पे चमकते अश्कों मे अक्स क्यों क्यों मेरा था.

फूलों से कोमल मासूम सी जान क्यों कर चुभती है उन्हें जो न आने देना चाहते है कभी जमीं पर . डा .जी .एल.जयपाल

चाँद की सूरत, तेरी सूरत रानाई। होश उड़ा ले गई मेरी, तेरी अंगड़ाई। तारीफ करूँ क्या तेरे अहदे-शबाब की, जुबां बंद कर गई मेरी, तेरी अंगड़ाई। सारी रात बीती करवटें बदलते – बदलते, सहरे-नींदें चुरा […]

आवाज़ कोई भी होगी तुम तक जाने नहीं दूँगा, तुमको अपनी पकड़ से कहीं दूर जाने नहीं दूंगा, बड़ी मशक्कत के बाद मैंने तुम्हें कमाया है दोस्त, किसी के कहने से यूँहीं तुमको गवाने नहीं […]

गुंजन है धड़कनों में! यह किसके पदचापों की आवाज है? क्या यह तुम हो? मेरे कालिदास! जिन्हें बंद आंखें भी पहचानती हैं। क्यों आए अचानक आज इतने चुपचाप? मेरे मन की आंखें और धड़कनों के […]

रेत का महल, पल दो पल में ढह गया। आशियाँ अरमानों का पानी में बह गया। तिनके जोड़कर बनाया था जो घोंसला, बस वही, तूफानों से लड़ कर रह गया। वह दरिया है, जो बुझा […]

किया प्यार तुमसे, मैं करता रहूँगा। रस्म- ए-वफा को निभाता रहूँगा।। किया……. सूरत तुम्हारी मैं दिल में बसाई । अपना बनाने की चाहत है आई।। मिलो न मिलो मुझसे बुलाता रहूँगा। किया प्यार तुमसे मैं […]

आते नहीं मुझसे मिलने तुम हमसे अक्सर ये गिला किया करते छोड़ दिया है उन गलियों में जाना जिनमें हम कभी मिला करते थे चाह कर भी तेरे दर पे ना आ सके तेरी सलामती […]

बत्ती लाल नीली पीली का फर्क जानते नहीं, कुछ मेरे देश के युवा खुद को पहचानते नहीं, जिंदगी के चौराहे पर खड़े ट्रैफिक हवलदार, जैसे खुद के बनाये नियमों को मानते नहीं॥ राही अंजाना

मैं समंदर हूँ ऊपर से हाहाकार पर भीतर अपनी मौज़ों में मस्त हूँ मैं समंदर हूँ दूर से देखोगे तो मुझमें उतर चढ़ाव पाओगे पर अंदर से मुझे शांत पाओगे मैं निरंतर बहते रहने में […]

हे कांता! कौन सी मिट्टी से बनी हो तुम अपनी इच्छाओं का दमन कर कैसे रह पाती हो हंसती मुस्कराती तुम? वाकई बेमिसाल हो तुम। हे स्त्री! कैसे हर परिस्थिति में खुद को ढाल कर […]

बज़्म ए महफ़िल में तेरी घूमते मिलेंगे, थक जायेगें जो तेरी तस्वीर चूमते मिलेंगे, तू एक फूल है साथ रहे जब तक अच्छा है, वो गैरमौजूदगी में तेरी खुशबू सूँघते मिलेंगे, रातभर सोते रहेंगे जो […]

जो जैसा दिखता है, वो वैसा होता नहीं है। दूध का जला बगैर फुंके, छाछ भी पीता नहीं है।। लोग चेहरे पर चेहरा लगाए होते हैं, सूरत से सीरत का पता चलता नहीं है। मुंह […]

चले भी आओ मनमीत मेरे बहार- ए-गुलशन बुला रहा है। सजाई महफिल है प्रीत मेरे बहार- ए-गुलशन बुला रहा है।। नजरों के आगे तुम्हारा डेरा धड़कनों में समाए हुए हो। जस्न-ए-मुहब्बत करीब अपने काहे को […]

मेरे महबूब को देख, चाँद भी शरमाया है। मेरा माहताब जो ज़मीं पर उतर आया है। चाँद भी कहीं, देखो बादलों में छुप गया, अक्स देख तेरा, रश्क से मुँह छिपाया है। ऐ चाँद, तेरी […]