नैनो के सूखे मेघो से मैं आज अगर बरसात करूँ , हल करुँ ज़मीन ए दिल में मैं नीर कहाँ से मगर भरूँ? है सूख चुका अब नेत्र कूप न मन का उहापोह बचा , […]
नैनो के सूखे मेघो से मैं आज अगर बरसात करूँ , हल करुँ ज़मीन ए दिल में मैं नीर कहाँ से मगर भरूँ? है सूख चुका अब नेत्र कूप न मन का उहापोह बचा , […]
लहरा रहा है सामने यादों का समंदर , जो डूबना भी चाहूँ तो किस किनारे से.. मेरे इश्क़ की दास्ताँ बस इतनी है, तलाश हमसफ़र की थी मुकाम तन्हाई का मिला. …atr
मुद्दत से तेरी आँखों में नमी नहीं देखी, लगता है तुमने मुझमे कोई कमी नहीं देखी .. यादों की लहरों पर किया है प्यार का सफर , हमें है राब्ता उनसे उन्हें नहीं मेरी खबर.. […]
आँखों से झरते आंसू ने थमकर पूछा, आखिर सजा क्यों मिली मुझे ख़ुदकुशी की? दिल रो पड़ा पुराना जखम फिर हरा हुआ, कहा, गुनाह उसी ने किया जिस छत से तू गिरा .. ..atr
ज़रा कुछ देर रहमत हो सके तो अच्छा हो , ज़रा मन शांत होकर सो सके तो अच्छा हो. . ख़तो के ज़ाल में उलझे हुए है मीर हम , ज़रा कुछ देर खुद में […]
बर्बादी किसे दिखेगी हमारी जहाँ में मीर , लुटने के बाद ग़म का खज़ाना जो पा लिया .. मुझको तेरी कमी तो सताती ही है मगर , तू दूर जा के खुश है ये सुकून […]
कल फिर शाम आई और चली गयी , कुछ दूर वो झिलमिलाई चली गयी . नींद से अपना तो कोई वास्ता न था , बस आँखों में आई ,मुस्कुराई , चली गयी . चाँद भी […]
fir Mosam brsa, fir aasman saaf hua.. fir dil dhadka.. fir kuch ehsas hua.. lga jb aisa tb koi na Pass hua..
Kagaji panno me zinda h ishq mera.. . wrna tumne to ise marne me koi kasak nhi chodiiii
Kya dusmani rhi h khuda k imujse jo muje usse milne nhi de rha…
Mere se kya dusmani h??? Saaf Saaf btate kyu nhi muje??? Kyu itna roti hu m, jutha hi shi kuch to izhaar kro. .intzaar to m jnmo tk kr skti hu. .par tum Aitbaar to […]
Khuda b mera ho chuka hota, agr mne use pukara hota, tumhari jgeh…
Dard-e- Dariya h bhut bda, ek muthi raat se iska kya hoga????
Wo shaks jo din bhar muskurati rhi…… aaaj royi bhut Raat bhr Muskurakar…
hui h nafrat is kadar unse ki ab to baddua k liye b dua na kru…
जिंदगी बीत जाती है किसी को चाह कर कैसे? कोई बतलाये तो मुझको मैं जीना भूल बैठा हूँ… अदा भी तुम ,कज़ा भी तुम ,मेरे दिल की सदा भी तुम, तुम्ही अब चैन हो मेरे […]
यहाँ हर शख्स है तेरा, वहां हर कब्र है मेरी, जहाँ कैसा बनाया है खुद ने क्या इरादा था? अब तो हालात भी मुझसे मिचौली आँख करते है, को सपनो में आता है ,किसी को […]
तेरी चाहत में इतना मैं पराया हो गया खुद से , कि दिल मेरा है फिर भी बात करता है सदा तेरी.. कभी वो चांदनी मेरी थी, अब पावस की है यह रात, नहीं दिल […]
खड़ी है जिंदगी फिर पूछती घर का पता क्या है, मुझे याद नहीं है मीर तू ही जाकर बता क्या है.. बड़ी मुश्किल है बेचारी किधर जाये ख़बर क्या है? कभी वो पूछती है फिर […]
हो गयी मुद्दत तुम्हारे सामने आया ही नहीं , है मगर सच ये कभी तुमने बुलाया ही नहीं. अब तो सांसो पर मेरे पहरा तुम्हारा ही रहे, है राज़ कि बातें,तेरे बिन एक पल बिताया […]
मोहब्बत के सवालों से मैं अक्सर अब मुकर जाता , कहीं बातो ही बातों में मैं कुछ कहकर ठहर जाता.. कि तेरा नाम भूले से जबां तक आ गया ग़र तो, तू बदनाम हो जाये […]
मोहब्बत में हारे, क़यामत में हारे की ये ज़िंदगी हम शराफत में हारे.. न कोई है अपना ,न कोई पराया, अब जियें किसलिए और किसके सहारे.. न है यामिनी आज जीवन में मेरे , मिटे, […]
अगर तुम बन गयी दीपक तुम्हारी लौ बनूँगा मैं, नदी के शोर में शायद तुम्हारी धुन सुनूंगा मैं. तुम्हारी याद में अक्सर यहाँ आंसू टपक पड़ते, ये मोती है मेरे प्रीतम मगर कब तक गिनूंगा […]
वो मंज़र याद है तुमको ,जुदा हम तुम हुए थे जब, समंदर याद है तुमको जहाँ पत्थर चलाया था.. कभी जब याद आ जाये ,ज़रा हमको भी करना याद , किसी के साथ जो तुमने […]
छुपा है चाँद बदली में ,अमावस आ गयी है क्या? नहीं देखा कभी जिसको वही शर्मा गयी है क्या? मिलन की रात में ये घुप्प अँधेरा क्यों सताता है ? वो मेरा और उसका छुप […]
आज हम भी है मेहमान तेरे शहर में, दिखता नहीं मकान तेरे शहर में. ग़ुम हो गयी है शाम की मस्ती भी अब यहाँ, ग़ुम हो गया करार तेरे शहर में.. आते राहों में मिल […]
मोहब्बत का वह दौर था , दिखता नहीं कुछ और था .. बस हमारे प्यार का सारे जहां में शोर था, उसने चुराया दिल मेरा ,मन भी मेरा चित चोर था .. आश्ना हम […]
कर्मयोगी अपने कामुक सुखों को कर दमन , अपने गुस्से को दया मेँ कर बदल , अपने लालच को दान की राह कर चलन , अपने स्वधर्म को अंतर्मन से कर मनन , अपने […]
आपकी यादो को अश्कों में मिला कर पीते रहे एक मुलाकात की तमन्ना मे हम जीते रहे आप हमारी हकीकत तो बन न सके ख्वाबों में ही सही हम मगर मिलते रहे आप से ही […]
muje tum jaisa sa hi bnna h taki tumhe hi chod du, hste hste… Behrupiya bna lo na is dil ko, taki har kisi k pehchan me na aaye,, phuloo ki patiyo ki trh har […]
m Dariya hi shi,tum b boond se km nhii.. baris ki boond c hi ho tum is dariya ki pyas tumse mil k hi puri hogi.. m to chlti rhugi..behti rhugi tumse milne ki aas […]
Nhi smj aata ki Uski yaado ko dil me dafan hone du Ya likh kr sbdo me zinda kr lu.. Nhi smj aata ki.. Use fir apne pass bula lu or yaade bsa lu Ya […]
Ek muddat k baad tumse aajadi mili h. ab bs muskura lene do, ro to pehle b chuki bhut…
Brso pehle ek khat likha tha tumhe,, jo tumhe mila hi nhi kbhi.. kuki humne bheja hi nhi kbhi.. kyu juda kru m ek khat ko b khudse jisme naam tumhara h jbse… har […]
उफ़! ये हमारे, अजीब से सितारे आज छत पे आये तो छुप गए हैं सारे रात जब सभी थे हम नींद ले रहे थे, आंख जो खुली तो वो पहुच से परे थे © piyushKAVIRAJ
ए मालिक क्यों ना कुछ कमाल हो जाए , ऐसा अपनी दुनिया में ध्माल हो जाए , हर शैतान इंसानीयत का कायल हो जाए I द्वैत की उलझन सलट, […]
तुम विष हो , अनश्वर तुम से मिलकर जाना .. कि साधना सिर्फ अमृत की बूँद के लिए ही नहीं , मृत्यु के बाहुपाश के लिए भी की जाती है . तुम्हारा वरन करने के […]
यूँ तो है बेताब और भी कई, आशिक कई, तन्हा कई, पर दिल आज भी सिर्फ उसी के लिए बेकरार है, तो है | बहुत लिखा गया, बहुत पढ़ा गया, कुछ किया भी गया, प्यार, […]
Kal haal poocha maine anath bachhon se jaakar…… unhone kaha sab theek hai, bas hasratein dum tod deti hain, zuban ki dehleez tak aakar
रौनक-ए-गुलशन की ख़ातिर अज़ल लिख रहा हूँ ख्वाईश इन्किलाब की है मुसलसल लिख रहा हूँ। सब कुछ लूट चुका था बस्तियां वीराँ थी बेमतलब हुआ क्यूँ फिर दखल लिख रहा हूँ। आवाजों के भीड़ में […]
हर विभाग आज सुस्त और बेहाल है काम कुछ नही सिर्फ़ हड़ताल है । भ्रष्ट्राचार का तिलक सबके भाल है भेड़िये ओढे भेड़ की खाल है। उपरवाले तो तर मालामाल है हमारे खाते में आश्वासनों […]
बचपन में हम उन दिनों बहुत ज्यादा शरमाते थे. कविता के दो लाइन भी खुलकर नही बोल पाते थे. दूरदर्शन के आगे बैठ जंगल- जिंगल गाते थे. पापा घर में आ जाये तब डर से […]
रात आती है तेरी याद लिए आती है यादों की रंगीन बरात लिए आती है यह मुश्किल है कि तेरी याद ना आये कैसे भूलूं वो मुलाक़ात लिए आती है । यादों के भंवर मे […]
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