Firozi Khwab, Author at Saavan's Posts

Holi hai..!!

तुम विष हो , अनश्वर तुम से मिलकर जाना .. कि साधना सिर्फ अमृत की बूँद  के लिए ही नहीं , मृत्यु के  बाहुपाश के लिए भी की जाती है . तुम्हारा वरन करने के लिए बनाई है आंक के फूलों की माला देखो , मेरी ओर क्रोध से देखो और भस्म कर दो मुझे , फिर इस गहरे लाल भस्म को अपने अंग अंग में लपेटो . होली है !! »