क्यों प्यार किया ये मत पूछो।
अपनी आकुलता का कैसे
इजहार किया ये मत पूछो।।
Category: शेर-ओ-शायरी
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ये मत पूछो
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मुहब्बत की दुनिया
मुहब्बत की दुनिया में कदम जो रखेगा।
मुश्किलों से हीं दामन उसका भड़ेगा।। -
सूखे गुलाब
जिंदगी की ताजगी
अब महसूस करता हूं सिर्फ ख्वाबों में
सूख गए वो गुलाब
जो छुपा कर रखे थे किताबों में. -
लावा
कभी तेरे प्यार का लावा था रगों में
जिसमे कई हसरतें जलकर मर गई
आज उस लावे के साथ-साथ
माशूका की नजरें भी सर्द पड़ गई. -
बसर
तुम सरेआम कहती हो
मैं बुरा मेरा दिल बुरा
क्या वह वक्त भी बुरा
जो तुम्हारा मेरे दिल में गुजरा. -
जिंदगी
जिस जिंदगी में तुम साथ हो
उसी जिंदगी में मुझे बार-बार है जन्म लेना
सकून मुझे मिल जाए तब जन्नत का
खुदा वो जिंदगी मुझे एक दिन की और देना. -
मोती
काश में समंदर की गहराई में
आराम से पड़ी होती
तुम होते कान्हा मेरे चमकते मोती
और मैं तुम्हारी राधा सीप होती. -
चकाचौंध
चकाचौंध वाली जिंदगी पा ली मैंने
अब ना करना पड़ता भूखे पेट बसर
पर जो खुली आंखों से देखा था सपना
तयना कर पाया उसकी परछाई तक का भी सफर. -
Samajhdaar
समझदार
जब से अपनी नज़र मे बेहिसाब-सा मैं लापरवाह हो गया हूँ,
सबको लगता है कि अब मै बहुत समझदार-सा हो गया हूँ।।
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Attitude
मै भीड़ मे नही हूँ शामिल,मेरा जिन्दगी जीने का अन्दाज़ निराला है।
मुझे दुनिया के दिखावे से कही ज्यादा अपना ‘ऐटिट्यूड’ प्यारा है।। -
दौर
जाने कैसे दौर से गुजर रहा हूँ मैं,
वक़्त के हर मोड़ पे लड़खड़ाता हूँ,
वो बन्दा ही जख्म-ए-संगीन देता है,
जिसको पूरे दिल से मैं अपनाता हूँ ।।
*नील पदम् * -
Kayamat
सूरज की किरणे भी सुबह-सुबह कयामत ढ़ा रही है,
पूछ रही है,कैसे है वो?जिनकी तुम्हे याद आ रही है।
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तब
तबकी बात और है,
ना करो तबकी बातें,
थे तब भी लेकिन,
जख्म हँसते ना थे।
होंगे सांप तब भी,
यकीनन आस्तीनों में,
रहते थे खामोश,
तब ये डसते ना थे ।।Copyright@ नील पदम्
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Kismat
हाथ की लकीरों का क्या?बनती है और बिगड़ जाती है।
भरोसा मेहनत पर रखो, किस्मत खुद ही सुधर जाती है।। -
Behisab
हुनर रखता हूँ दर्द-ए-दिल छिपाने का पर मेरे अरमान मचल रहे है,
मेरे अश्क़ो पर बारिश की बूंदे भी अब तो बेअसर से दिख रहे है।
उनसे मिलने को अब तो हम उन्ही से फरियाद कर रहे है।
देखो!अब तो खतरे के निशान के ऊपर मेरे जज्बात बह रहे है।। -
Samjhdaar
जब से अपनी नज़र
मे बेहिसाब-सा
मैं लापरवाह हो गया हूँ,
सबको लगता है कि अब
मै बहुत समझदार-सा
हो गया हूँ।। -
श्रेष्ठ किस्मत
ब्रह्ममुहुर्त में जगना सीखो
दिन करो जो मेहनत।
निशा काल आराम करो तो
श्रेष्ठ रहेगी तेरी किस्मत।। -
खालिस
अमृत बेले बिस्तर छोड़ो
दिन में करो न आलिस।
देर रात न जागो तो
बन जाओगे खालिस।। -
बेरहम
मैंने तो तुझे रहमदिल समझा था
पर तुम तो बड़े बेरहम निकले।
सिर्फ़ जख्म दिखाने मैं आया था
पर तेरे कुचे से घायल हम निकले।। -
जीवन की आग
अगर आग घर में लगाए कोई
पानी से उसको बुझा देंगे हम।
लगाए जो जीवन में आके कोई
इन अश्कों से कैसे बुझाएगे हम।। -
संबंध विच्छेद
टूटे प्रेम अनादर से
मिला सके न अल्लाह।
मोती टूटे ना जुड़े
कित लेपन कर लाह।। -
परी
बिना पंख की बेटी होती
फिर भी कहते परी मेरी।
बेटा दूर नजर से हो
फिर भी कहते छड़ी मेरी।। -
पिता का राजकुमार
पिता नहीं कोई राजा बेटा राजकुमार हीं होता।
दुर्लभ दर्शन मिले जहाँ ऐसा एक प्यार हीं होता।। -
अजीज
पत्थर से बन कर रह गई
जख्मों को सहकर भी रोई नहीं
तुमने ही दिल कहीं और लगा लिया
वरना तुमसे अजीज तो आज भी कोई नहीं. -
हक
तुमने बसा ली अपनी दुनिया
मुझे तो किसी छत का भी सहारा नहीं
चाह कर भी मैं तुम्हारा हाल ना पूछ सकू
कहीं कह दो की अब ये हक तुम्हारा नहीं. -
पिया
मेरे दिल का हाल बुरा है
इसका इल्जाम तुम पर लगाती हूं पिया
ना यकीन तो हो चलो
मेरी बढ़ती धड़कन तुम्हें सुनाती हूं -
खूबसूरत
दुनिया चाहे लाख खूबसूरत है
सिंगार चाहे खूब करें
पर सादगी की अपनी ही बात है
पुराने भददे कपड़ों में भी
वह कुछ अलग सी लगती है
जाने उसमें ऐसी क्या बात है -
बदला
बदला खूब लिया उसने मुझसे
मुड़ कर देख मुझे चली गई
मुस्कुरा कर थोड़ा सा
दिल का दर्द मुझे दे गई -
मसले
ना कोशिश करो जलाने की
पानी से दीए रोशन नहीं होते
खामोश रहकर सुलझा लो सभी उलझने
शोर से कभी मसले हल नहीं होते. -
मेरा अंदाज
मै भीड़ मे नही हूँ शामिल,मेरा जिन्दगी जीने का अन्दाज़ निराला है।
मुझे दुनिया के दिखावे से कही ज्यादा अपना ‘ऐटिट्यूड’ प्यारा है।। -
किस्मत
हाथ की लकीरों का क्या?बनती है और बिगड़ जाती है।
भरोसा मेहनत पर रखो, किस्मत खुद ही सुधर जाती है।। -
याद आ जाते हैं
याद आ जाते है अक्सर
सितम वो भी
जो हमे देख
मुस्कुराते थे
आज वो हमसे
मुहं छुपाते हैं । -
वो क्या
वो क्या महसूस करेंगे जिनके
दिल में भी दिमाग होता है।
दिल की जगह
रिश्तों में दिमाग ही लगाते हैं । -
दर्द
देकर हमको दर्द वो
सो रहे हैं ।
अपनी-अपनी किस्मत है
वो हँस रहे हैं और
हम रो रहे हैं । -
चलो एक बार
चलो एक बार हम फिर से
दिखावा आज करते हैं
तुम पूंछो के
कैसे हो?
हम कह दें के अच्छे हैं
अब तो रातों में
रोना भी हमको
खूब आता है
बस एक बार
तेरी बेवफाई
याद करते हैं । -
यादें
सब कहते हैं
मिट जाती हैं यादें मगर
हमदम भूले हुये
वो दिन अक्सर
याद आते हैं ।
गुज़रता है इन
गलियों से
कोई गाते हुए
खिड़कियों की
ओट से देखती थी
तुम्हे आते हुये ।
भूले हुए वो दिन… -
जाम
अभी तो जीना सीखा है
मैनें ।
अभी तो चलना
सीखा है
मैने।
मेरा मयखाना
मत बन्द करो
उसकी आँखो
से अभी
तो पीना सीखा है मैनें । -
तेरा शर्माना
सुन्दर है तेरा अफसाना
सुन्दर है तेरा नज़राना
देख- देख कर हमसे
छुपना सुन्दर है
तेरा शर्माना । -
तुम आ जाओ
तुम आ जाओ तो
यूं लगेगा मुझें
जैसे चांद खुद आ
गया हो
ज़मी पे। -
कैसे हैं
उम्मीदों के दरवाज़े पर
आस लगाये
बैठे हैं ।
गुजरोगे
जिन गलियों
से तुम फ़ूल
बिछाए बैठे
हैं।
एक दिन ऐसा भी
आएगा शायद
मेरे जीवन में
तुम हमसे
खुद आकर
पूंछो-और बताओ कैसे हैं । -
नींद
मन से मन का मेल
ना होतो
प्रेम कहानी
कैसी है।
लब से लब
ना टकराये
तो साझेदारी
कैसी है।
तू भी जागे
मै भी जागू
एक दूजे
की चाहत में
रात-रात भर
नींद ना आये
ये बीमारी
कैसी है। -
दिल तोड़ने में
दिल तोड़ने में
माहिर है वो।
हमसे एक शीशा तक
टूटता नहीं।
जाकर सीख लेंगे
तोड़ने का गुर
उन्हें इसके सिवा कुछ
सूझता नहीं। -
अपनी यादों से
अपनी यादों से
कह दो मुझे
आया ना करें
आना है तो
तुम्हें भी
अपने साथ
लाएं
यूंँ रात में
अकेले
आया ना करें। -
हम तुमसे
हम तुमसे लड़ते तो
थे ।
पर प्यार बहुत करते
तो थे।
तुम तो इतना
रूठ गये
हम याद तुम्हें
करते तो थे। -
माना के.
माना के हम तेरे जैसे नही
मगर हम इतनें
बुरे तो नहीं।
दोस्त ना मान
मगर क्या हम
तेरी दुश्मनी के
काबिल भी नहीं । -
आज मिला उत्तर
सपनों में
आनें वाला
हमदम
कैसा हो
हमको मिलने
वाला
दिलबर
कैसा हो
आज मिला
उत्तर जब
उनसे नज़र
मिली
मेरे जीवन का
साथी
बिल्कुल
ऐसा हो -
गुमराह करने वाले
गुमराह करने वाले
खुद ही खो गये।
ख्वाब में मिलेंगे
ये कहतें-कहते
वो खुद ही
सो गए । -
आज दिन भर
आज दिन भर उसका
मैने इन्तज़ार किया।
सोंचा था वो
आयेगा मिलने
गलत थी,
जो उसपर
एतबार किया। -
गुम
बहुत मशहूर है तुम्हारे शहर का शोरगुल।
साहब!कही इसमे तुम हो न जाना गुम।।
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दीदार
बहुत तारीफ़ सुनकर आया हूँ मै तेरे शहर मे…
सुना है दिन मै भी यहाँ चांद का दीदार होता है।