भले की बात जरूर कहो चाहे खोटी हो या खरी सही समय पर सही बात कहो पल पल चलती जाये घड़ी
भले की बात जरूर कहो चाहे खोटी हो या खरी सही समय पर सही बात कहो पल पल चलती जाये घड़ी
बेचैनियां ,मदहोशियां आती रही,जाती रही । आवारगी सी इस दिल पर छाती रही, गुनगुनाती रही, हम नशे के पैमाने में….. डूबते- उभरते रहे, यादें….. इस कदर दिल को कभी जख्म कभी मलहम लगाती रही। निमिषा […]
अंजनी रहो पर चलते चलते मै खुशियों से कब मिला हूँ दुसरो की खुशियों को देख जलने वाला मै सबसे बड़ा दिलजला हूँ
मन का मैल धोने के लिए पूरी गंगा नाहा लिए तन का मैल तो धो लिया मन का मैल साथ लिए चले आ गये
आवाज़ ऐसी ना हो जो कुत्ते बिल्लियों के शोर मे दब जाये आवाज़ ऐसी हो जो भीड मे भी बार बार सुनाई दे
जिस पल से उस को अपना सपना बना लिया मैंने, शौक़ लिखने का उसी पल से अपना बना लिया मैंने।। राही अंजाना
मेरे घर मे लगी आग से खुदगर्ज जमाना हाथ सेंकता है दुख कितना भी बड़ा हो मेरा मदद करने से पहले मेरा रुतबा देखता है
बीते लम्हों की बारिश है , इन आंखों से गुजारिश है , यह खुली किताब ना बन जाए , मुझको रुसवा ना कर जाए निमिषा सिंघल
तेरे कांधे पर, सर रख सोना चाहता हूँ। तेरे आगोश में, सब कुछ खोना चाहता हूँ। जन्नत सुना था, तेरी बाँहों में देख भी लिया, दो जिस्म और एक जान होना चाहता हूँ।
ऐसी हो जिंदगी जिस पर नाज़ करे। खुदा तुम्हें, मेरी भी उम्र दराज़ करें। हर राह रौशन, काँटों से महफूज़ दामन, इतनी खुशियाँ बख्शे गम ना आज करें।
अपनी ही जेब में खुशियों की छोटी चाबी छिपाये, यहाँ वहाँ ढूंढता रहता है इंसा उसे बड़े बाज़ारों में।। राही अंजाना
झूठे लोग बिना दर्द के भी आंसू बहाते है सच्चे लोग दुसरो का दर्द देखके ही रोने लग जाते है झूठे लोग दुख का बहाना बनाते है सच्चे लोग दुखो मे भी मुस्कुराते है
पहले खयाल ए ख्वाब भी आस-पास न थे, आज तुमसे मिलके ज़िन्दगी ख्वाब हो गई है॥ चन्द जवाब थे मगर सवाल आस-पास न थे, आज तुमसे मिलके ज़िन्दगी सवाल हो गई है।। राही अंजाना
हक जताना है तो जीते जी जता लो मुझ पर, मर गया तो उसी पल से मेरे हकदार बहुत होंगे।। राही अंजाना
जो सब लोग की कहन है कहन कर रहा हूँ मैं, किसी को क्या पता कितने जतन कर रहा हूँ मैं, बड़ा छोटा सबका तो सम्मान रखा करता हूँ मैं, आते जाते हर किसी को […]
जिंदगी जीने का नाम है इसमें क्या अगला क्या पिछला है. कवि को तो वाह… वही चाहिए क्योंकि हर शब्द उसके दिल से निकला है.
बचाके बहुत रखा अपने मासूम दिल को दिन रात तुम्हारी जासूस निगाहो पर पहरा दिया. चुराया दिल मेरा तुमने ही और गुनेहगार भी हम ही को ठेहरा दिया.
बचके बहुत रखा इस मासूम दिल को दिन रात तुहारी जासूस निगाहो पर पहरा दिया चुराया भी दिल तुमने ही और गुनेहगार भी मुझे ठहरा दिया
हम सबके हिस्से में अपने हक़ की ज़मीन क्यों नहीं, अब जो कुछ है यही है इसबात पर यकीन क्यों नहीं, रिश्ते उलझे हैं इस कदर के सुलझने को तैयार नहीं, आपसी सम्बन्ध सारे आज […]
रौशनी बहुत है मेरे यार तारे नहीं दिखेंगे, गरीबों के माथे पे लिखे नारे नहीं दिखेंगे, बचा लो इस घर को अभी ज़िंदा हो तुम, मरने के बाद तो दर ओ दीवारे नहीं दिखेंगे, काट […]
नजरो से तुम क्या बयां करते हो करीब आ कर कहो जो कहना है हँसी नजारे न सही, अंधेरा ही सही तेरे साये में बस हमे रहना है
तू नहीं तेरी यादें ही सही। बातें कुछ कही, कुछ अनकही। जमाने के साथ तू बदल गई यकिनन, तेरा दीवाना हूँ मैं आज भी वही।
ऐ मेरी किस्मत तू मुझे किस ओर ले जाएगी। सुलझेगी जिंदगी या और उलझती जाएगी। अभी इम्तहान और बाकी है शायद जिंदगी, पता नहीं और कौन कौन से दौर दिखाएगी।
हर मौसम सुहाना लगता है हर ख्याल लुभाने लगता है तुम्हारी ही आहट है ये ख़ुशी से दिल धड़कने लगता है आज तो तुम साथ हो मेरे तुम बिन जीने से डर लगता है
प्यार उनसे बहुत है आज भी कही उनकी यादे पीछा छोड़ ना दे दर्द मे उनके जीना अच्छा है कोई उन टुकड़ो को जोड़ ना दे
भगवान ने टांगे दी है आगे बढ़ने के लिए दुसरो के मामले मे अड़ाने के लिए नहीं दया सब पर दिखाओ पर बाद मे पछताने के लिए नहीं बड़ा दुश्मन तो बड़ा ही है पर […]
दीखते खादे पिन्दे मनादे हर जगह जश्न यही उनका वट है यही उनका टशन
गुलो की क्या बात कहु तुमसे ज्यादा खुशबू उनमे नहीं सुनता बस तुम्हारी फिर भी कहती सुनते नहीं छोटे छोटे झगड़े हमारे खतम कभी होते नहीं प्यार जन्मो से है खोखले रिश्तो से नहीं प्यार […]
उनकी आँखों मे सच मुझे दिखता है मन के अंदर झाँकने मे पल नहीं मुझे लगता है सच्चा प्यार उनको भी है ऐसा मुझे लगता है जन्मो का साथ है ये रिश्ता सुहाना लगता है
दूसरों की तरक्की की देख, न जल ओ खुदा के बन्दे। तू भी कम नहीं है किसी से, इस बात को हमेशा याद रख।।
गैरों को फुर्सत कहां है, अपना ही अपने को मारता है। कुल्हाड़ी से मिलकर लकड़ी, लकड़ी को ही काटता है।
कोई तो कहानी है अधूरी जो लिखनी बाकी है, चन्द पन्नों की किताब आज भी बिकनी बाकी है।। राही अंजाना
रोशनी तो रुखसत हो गयी है अरसे पहले अंधेरा है जो अब तलाक साथ है मेरे
अभी मौसम का हाल कुछ ऐसा है वातावरण है ठंडा हवा मे नमी जैसा है मन बहुत प्रसन्न है मेरा आपका हाल कैसा है
न जाने किसने ये उसूल बना रक्खे हैं, मैं कहता हूँ सारे फ़िज़ूल बना रक्खे हैं।। राही अंजाना
कोई तो कहानी है अधूरी जो लिखनी बाकी है, चन्द पन्नों की किताब आज भी बिकनी बाकी है,
ये जो कलम की ताकत है ज़नाब, ख़ाक से उठा, आसमां तक पहुँचा सकती है।।
बन्द कर लो बेशक ऑंखें मर्ज़ी तुम्हारी सही, तुम्हारी आँखों से मुतासिर आँखें हमारी सही।। राही अंजाना मुतासिर – प्रभावित
बात इस दिल की दिल में रख लो तो अच्छा लगे, सपनों में ही सही मुलाकात रखलो तो अच्छा लगे, देखकर तुमको मैं ज्ञानी गूढ़ भी मूढ़ ही हो जाता हूँ, सुनो बातों की तुम्हीं […]
गलतफहमियों की कितनी और किश्तें बाकी रह गईं, इंसानों की कितनी और देखनी किस्में बाकी रह गईं।। नज़र-नज़ारे दिल-दिमाग और जुदाई सबपे लिखा मैंने, कहना मुश्किल है के और कितनी नग्में बाकी रह गईं।। राही […]
इंसान ही नहीं परिंदे भी नाराज़ लगते हैं, सच के पीछे छिपे हमेशा राज़ लगते हैं, राही अंजाना
एक दूजे से मिलने की अनोखी आरज़ू रखते हैं, चराग हवाओं से लिपटकर भी आबरू रखते हैं, ब मुश्किल कुछ पल की मुलाकात के खातिर, बड़ी हिम्मत जुटाते वो खुद को रूबरू रखते हैं, राही […]
कुछ लोग इलाके में अपनी धाक रखते हैं। कुछ लोग दौलत पर अपना हक रखते हैं। ना सियासत, ना वसीयत की चाह हमें ‘देव’, हम तो दिलों में बसने का शौक रखते हैं।
आंखो ने आंखो में झांका, ना जाने क्या-क्या कह डाला। अदृश्य लिखावट पढ़ ली मैंने, मौन स्वीकृति गढ़ ली मैंने। निमिषा
आंखो ने आंखो में झांका, ना जाने क्या-क्या कह डाला। अदृश्य लिखावट पढ़ ली मैंने, मौन स्वीकृति गढ़ ली मैंने। निमिषा
मेरे सपने बेशक जरूर बड़े हैं, पर आसमां छूने की चाह नहीं । जमीं पर रह, कुछ ना कर गुजरूं, इतना भी ‘देव’ गुमराह नहीं ।
धड़कन को दिल में रहने का हर्जाना चाहिए, महबूब को संग रखने का जुर्माना चाहिए।। राही अंजाना
मैं भाई नहीं तेरा फिर भी तू मेरी बहन है, मैं हूँ काया दिलों का जिसकी तू जहन है,, मेरी मौत को मैं खुद सलाम करता हूँ, मैं राख हूं दीदी जिसकी तू दहन है। […]
तू खोल खिड़की, कुछ लाया हूं तेरे लिए, नाराज मत हो बहन, बस आया हूँ तेरे लिए,, मैंने खरीदे है दीपक की रोशनी तेरे प्यार के, आगन इससे सजाया हूं बहन बस तेरे लिए। Rajjnneesh […]
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