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राम नरेशपुरवाला

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राम नरेशपुरवाला

@राम नरेशपुरवाला • Joined Aug 2019 • Active 6 years ago

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राम

by राम नरेशपुरवाला

खुदगर्ज

September 21, 2019 in शेर-ओ-शायरी

मेरे घर मे लगी आग से
खुदगर्ज जमाना हाथ सेंकता है
दुख कितना भी बड़ा हो मेरा
मदद करने से पहले मेरा रुतबा देखता है

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राम

by राम नरेशपुरवाला

माँ -बाप

September 21, 2019 in मुक्तक

माँ बाप की क्या इच्छा होती है
अपने बच्चों से
थोड़ा सा प्यार थोड़ी सी इज्जत
चाहते है उन गढ़े पक्के रिश्तो से

दुख के दिनों मे तुम साथ दो ना दो
तुम्हारे साथ सुख के कुछ क्षण गुजरना चाहते है
जिंदगी के खेल मे जीतो तुम
पल पल हारने के लिए अपनी मात चाहते है

सुखी तुम जिंदगीभर रहो
तुम्हारे दुख मे तुम्हारा साथ चाहते है
बुढ़ापे मे कांपते हुए शरीर को थमने वाला
तुम्हारा मजबूत हाथ चाहते है

बस मेरे बच्चों हम तुम्हारा साथ चाहते है…….

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राम

by राम नरेशपुरवाला

सरकार

September 19, 2019 in मुक्तक

वाह री सरकार
क्या गजब बनाए है तूने ट्रेफिक रूल.
दिमाग मे बस चलता रहता हेलमेट, इंश्योरेंश, लाइसेंस कभी ना मै जाऊ भूल.
वाह री सरकार
सब्सिडी तो तूने give up करा दी
पर सिलेंडर-चूल्हा किसे मिला ?
इसकी तो तूने खबर भी ना दी.
वाह री सरकार
बिजली चोरी के छापे तो तो तूने खूब मारे
25%की रियायत दी…. बाकि सारा तू खा ले.
खा ले ले मर.

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राम

by राम नरेशपुरवाला

अब ऐसा वक्त आ गया

September 16, 2019 in मुक्तक

कवि तो खुशिया फैलाने का जरिया था
पर अब ऐसा वक्त आ गया
कागज़- कलम को छोड़ सबने
लेपटॉप कंप्यूटर को अपना लिया
लिखने का कीमती वक्त तो
Whats up twiter खा गया
उंगलियां you tub को छनती
दिमाग़ को pub G खा गया
अब ऐसा वक्त आ गया

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राम

by राम नरेशपुरवाला

आंसू

September 13, 2019 in शेर-ओ-शायरी

झूठे लोग बिना दर्द के भी आंसू बहाते है
सच्चे लोग दुसरो का दर्द देखके ही रोने लग जाते है
झूठे लोग दुख का बहाना बनाते है
सच्चे लोग दुखो मे भी मुस्कुराते है

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राम

by राम नरेशपुरवाला

युवा

September 12, 2019 in मुक्तक

मै हूँ देश का युवा
आतंकवाद को जवाब दे के रहूँगा
मेरे देश के लिए दिलमे नफरत रखने वालो के
सीने मे गोलियाँ उतार दूंगा
ऐ पाकिस्तान तू मेरा नाम जान ले
अपना परिचय तो मै देश का झंडा गाड़ के दूंगा
तेरी बर्बादी मेरे हाथो होगी
इस बात की रसीद तेरे हाथ मे फाड़ के दूंगा

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राम

by राम नरेशपुरवाला

कवि तो उड़ता पंछी है

September 11, 2019 in मुक्तक

सारे पिंजरे तोड़ चुका वो
. मन की मर्जी से जीता है.
कवि तो उड़ता पंछी है जो
उमंगो के आसमान मे उड़ता है
कवि तो बहुत ही प्यासा है
बस भावनाओ मे बहती नदी का पानी पीता है
शान से वो रहता है
कलम की डाल पर बैठकर
सकून के पल वो जीता है

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राम

by राम नरेशपुरवाला

वाह वाह

September 11, 2019 in शेर-ओ-शायरी

जिंदगी जीने का नाम है
इसमें क्या अगला क्या पिछला है.
कवि को तो वाह… वही चाहिए
क्योंकि हर शब्द उसके दिल से निकला है.

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राम

by राम नरेशपुरवाला

गुनेहगार

September 11, 2019 in शेर-ओ-शायरी

बचाके बहुत रखा अपने मासूम दिल को
दिन रात तुम्हारी जासूस निगाहो पर पहरा दिया.
चुराया दिल मेरा तुमने ही
और गुनेहगार भी हम ही को ठेहरा दिया.

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राम

by राम नरेशपुरवाला

गुनेहगार

September 11, 2019 in शेर-ओ-शायरी

बचके बहुत रखा इस मासूम दिल को
दिन रात तुहारी जासूस निगाहो पर पहरा दिया
चुराया भी दिल तुमने ही और गुनेहगार भी मुझे ठहरा दिया

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राम

by राम नरेशपुरवाला

कलाकार

September 10, 2019 in हिन्दी-उर्दू कविता

सालो से भीख मांगती भिखारन
सोचती मेरे नसीब मे ये ही सही.
पेट की ना सही पर
दिल की आवाज़ सुनी तो सही.
भिखारन कहकर सालो तक दुत्कारा
आज कलाकार कहकर पुकार तो d
सही.

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राम

by राम नरेशपुरवाला

तलाश

September 9, 2019 in मुक्तक

पत्थर पत्थर कण कण
ढूंढे आस पास
चाहे ढूंढ मुझे तू मस्जिद
चाहे काबे कैलाश
जो खुद को टटोल लिया
समझ ख़तम तेरी तलाश

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राम

by राम नरेशपुरवाला

डर लगता है

September 8, 2019 in शेर-ओ-शायरी

हर मौसम सुहाना लगता है
हर ख्याल लुभाने लगता है
तुम्हारी ही आहट है ये
ख़ुशी से दिल धड़कने लगता है
आज तो तुम साथ हो मेरे
तुम बिन जीने से डर लगता है

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राम

by राम नरेशपुरवाला

दिल के टुकड़े

September 8, 2019 in शेर-ओ-शायरी

प्यार उनसे बहुत है आज भी
कही उनकी यादे पीछा छोड़ ना दे
दर्द मे उनके जीना अच्छा है
कोई उन टुकड़ो को जोड़ ना दे

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राम

by राम नरेशपुरवाला

मामले

September 8, 2019 in शेर-ओ-शायरी

भगवान ने टांगे दी है
आगे बढ़ने के लिए
दुसरो के मामले मे
अड़ाने के लिए नहीं
दया सब पर दिखाओ
पर बाद मे पछताने के लिए नहीं
बड़ा दुश्मन तो बड़ा ही है
पर छोटे को छोटा समझो नहीं

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राम

by राम नरेशपुरवाला

पजाबी

September 8, 2019 in शेर-ओ-शायरी

दीखते खादे पिन्दे
मनादे हर जगह जश्न
यही उनका वट है
यही उनका टशन

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राम

by राम नरेशपुरवाला

पौधा

September 8, 2019 in मुक्तक

सालो पहले मेने लगाया एक पौधा
निश्चिंत होकर सालो से रहा मै सोता
फिरसे देखने उसे
साथ चल दिया मेरा पोता
मिला नहीं वो मुझे कही
ना ढूंढ़ पाया मेरा पोता
प्रदूषण जो ना इतना होता
मै कभी ना खोता प्यारा पौधा

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राम

by राम नरेशपुरवाला

प्यार

September 8, 2019 in शेर-ओ-शायरी

गुलो की क्या बात कहु
तुमसे ज्यादा खुशबू उनमे नहीं
सुनता बस तुम्हारी
फिर भी कहती सुनते नहीं
छोटे छोटे झगड़े हमारे
खतम कभी होते नहीं
प्यार जन्मो से है
खोखले रिश्तो से नहीं
प्यार रूहों से करने वाले
बाते जिस्मो की करते नहीं

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राम

by राम नरेशपुरवाला

शिकायत

September 8, 2019 in मुक्तक

रूठो ना मुझसे तुम
किस चीज की शिकायत है
रूठने से पहले
जान लो की बस
इस दिल पर तुम्हारी ही रिवायत है
प्यार की मंजिल tu
तुझसे मेरी इनायत है
रूठी हो मुझसे तुम
छोटी सी मेरी भी ये शिकायत है

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राम

by राम नरेशपुरवाला

आँखे

September 8, 2019 in शेर-ओ-शायरी

उनकी आँखों मे सच मुझे दिखता है
मन के अंदर झाँकने मे
पल नहीं मुझे लगता है
सच्चा प्यार उनको भी है
ऐसा मुझे लगता है
जन्मो का साथ है
ये रिश्ता सुहाना लगता है

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राम

by राम नरेशपुरवाला

मंगलवार

September 8, 2019 in मुक्तक

बीवी ने कहा आज मंगलवार है
मन्दिर मुझे जाना है
कुछ पेसो के फूल होंगे
कुछ का गुलदाना है
मेने कहा आज की तू टाल मार
फिर से आएगा मंगलवार
उसे क्या पता मै हूँ पैसे का पुजारी
मन्दिर जाने की इच्छा
कभी पूरी ना होने दूंगा तुम्हारी

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राम

by राम नरेशपुरवाला

शनिवार

September 8, 2019 in मुक्तक

घर घर आवाज लगता भिखारी
जय शनि देव.. जय शनि देव
मै तो पैसे का हूँ पुजारी
नाम मेरा राम हजारी
आज शनिवार नहीं मंगल है
चल यहाँ से भाग भिखारी.

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राम

by राम नरेशपुरवाला

इतवार

September 8, 2019 in मुक्तक

पैसा बचाने के लिए
सब कुछ दिया टाल
पर खर्चा करने के लिए
सब रहते है तैयार
कितना बचाऊ हाय पैसा
पड़ गया आज ही इतवार

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राम

by राम नरेशपुरवाला

मौसम

September 8, 2019 in शेर-ओ-शायरी

अभी मौसम का
हाल कुछ ऐसा है
वातावरण है ठंडा
हवा मे नमी जैसा है
मन बहुत प्रसन्न है मेरा
आपका हाल कैसा है

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राम

by राम नरेशपुरवाला

उम्मीद

September 7, 2019 in मुक्तक

करोडो लोगो की उम्मीद
अभी भी अटके है प्राण
मरा नहीं अभी भी,
है उसमें जान
हमेशा हमको याद रहेगा
हमारा प्यारा मंगलयान

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राम

by राम नरेशपुरवाला

कवि

September 6, 2019 in हिन्दी-उर्दू कविता

मौसम सुहान होते ही
मिजाज उनका आशिकाना होने लगता है
साँझ ढलते ही हर कवि शायराना होने लगता है
कितना भी संभालो इन उंगलियों को
हाथ जाकर कलम को छूने लगता है.
शायद ये कोई
शमा का परवाना कोई लगता है

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राम

by राम नरेशपुरवाला

तू गर्व कर तू नारी है

September 6, 2019 in मुक्तक

कितनी ऊँची अटल अम्बारी है
निर्मल, कोमल और सबसे न्यारी है
माँ -बाप की तू दुलारी है
तू गर्व कर तू नारी है.

दुनिया समझें तू तो एक बेचारी है
हमेशा दबकर रहने की तेरी ये लाचारी है
पर वक्त पड़े तो नारी सब पर भारी है
तू गर्व कर तू नारी है.

तेरा हक़ तुझे ना देगी, स्वार्थी दुनिया सारी है
लड़ने की ठान ले तो कभी नहीं तू हरी है
शत शत नमन है तुझको,
ये सृस्टि सारी तेरी ही आभारी है
तू गर्व कर तू नारी है

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राम

by राम नरेशपुरवाला

नन्हा सा पेड़

September 6, 2019 in मुक्तक

एक नन्हा सा पेड़
आज ही अंकुरित हुआ
अब उसपर जिम्मेदारी
बड़ी और भारी है
सारा जीवन उसका
प्रदूषण मे कटेगा
उसकी यही अब
लाचारी है.
हवा पानी और खान पान,
पेड़ पर भी इसका प्रकोप है
फिर भी क्यों नहीं बदलता इंसान,
उठते काले धुँए जैसी उसकी सोच है.
अब तो ज़हरीली हुई हर सांस है,
जलते प्लास्टिक की हर जगह बांस है
उम्मीद बस इतना है कि पेड़ हमारे पास है,
मानवता की अब तो पेड़ ही एक आस है

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राम

by राम नरेशपुरवाला

तेरी ओकात

September 6, 2019 in मुक्तक

भारत का गुणगान होगा,
तू बचाना अपनी जान,
तुझे तेरी ओका,
दिखा देंगे पाकिस्तान,
चाँद तो तेरा अब मामा नहीं,
ये ले तू जान,
क्योंकि उसपे अब,
तेरा बाप खड़ा है हिंदुस्तान.

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राम

by राम नरेशपुरवाला

hindustan-पाकिस्तान

September 3, 2019 in मुक्तक

तेरे चाहने से पाकिस्तान
मेरी सांसे कम ना होंगी,
हिम्मत से दम भरूंगा इतना,
मेरी सांसे सरहद तक तुझे सुनाई देंगी.
सुनकर जय जय कार मेरी,
कान तूने बंद कर लिए,
सिर्फ 370 लगाकर ही मेने,
तेरे जैसे कितने ही अपनी जेब मे धर लिए.
आतंकवाद फैलाकर, गोली चलाकर
कुछ बिगड़ नहीं सकता पाकिस्तान,
सिर्फ मेरे मिराज की दहाड़ ही
कहीं मिटा ना दे तेरा नमो निशाना.
मार्स पर अब खड़ा है हिंदुस्तान,
7सितम्बर को सुन लेना मेरा गुण गान,
दुबक कर बैठ जइयो बिल मे तू,
जब चाँद पे उतरेगा दुबारा चंद्र यान.

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राम

by राम नरेशपुरवाला

काम कर कोई नेक

September 2, 2019 in मुक्तक

जेब मे भरकर नोट,
और मन मे भर कर खोट,
दुसरो के लिए गढ्डा खोद,
पाप की गठड़ी कंधो पर उठा ,
चला ढूंढने बरगद की ओट.
पैसा खूब कमा लिया,
और सोचे पैसा ही दुनिया को चलाए है,
पर सच तो है की,
निर्धन और धनवान को
सिर्फ भूख -प्यास ही नचाये है.
बोझ तू अपना हल्का करके देख,
मिलेगी गर्मी मे राहत और सर्दी मे सेंक,
बैठना फिर बरगद के सहारे तू लगाके टेक,
एक बार तो काम कर कोई तो नेक.

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राम

by राम नरेशपुरवाला

मेरा राजा बेटा

August 31, 2019 in लघुकथा

खुशियों का एहसास लाया,
जब तू मेरी जिंदगी मे आया
छू ना पाए तुझे मुश्किलों का साया,
बीड़ा मैंने यही उठाया.
दुख तुझपर कोई ना आए,
इसी जिद्द पर मै अडी हूँ
जब तू खुद को निराश पाए,
हमेशा साय की तरहा,
” तेरे पीछे ही मै खड़ी हूँ ”
खून का रिश्ता तुझसे गहरा और पक्का है,
तुझपर है भरोसा एक तू ही लगता मुझको सच्चा है,
बार-बार कहती यही “मेरा राजा बेटा सबसे अच्छा है,
तू कितना भी बड़ा हो जाये “तू फिर भी मेरा बच्चा है “.

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राम

by राम नरेशपुरवाला

सूखी मिटटी

August 30, 2019 in हिन्दी-उर्दू कविता

मुठि भर सूखी मिट्ठि को जब
सजा सवारकर गूँथ गूँथ कर आकर दिया
शिक्षक की कड़ी मेहमान के कारण
एक दिप्त छात्र का निर्माण हुआ.

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राम

by राम नरेशपुरवाला

कमजोर हू थोड़ी पढ़ाई मे..

August 30, 2019 in हिन्दी-उर्दू कविता

मै पढ़ते वकत अटकती हू
कमजोर हू थोड़ी पढ़ाई मे
पर साथ आपका चाहती हू
मेरे जीवन की इस लड़ाई मे
. हमेशा ही पैर रखती हू
आपके पेरो की ही परछाई मे
जब लिखती, पढ़ती, बोलती हू
परेशान जो होती किसी बुराई मे
आपकी सीख याद रखती हू
जीवन जीना हमेशा ही अच्छाई मे

Tags: शिक्षक दिवस पर कविता 13 Comments »

राम

by राम नरेशपुरवाला

mera Raja beta

August 16, 2019 in मुक्तक

Mera Raja beta

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