उनके के होंठो से लफ्ज़ चुराकर उनके ही कानो तक पहुचाया है और वो पूछते है …. आपके शब्दों में दर्द कहा से आया है #VIP~
उनके के होंठो से लफ्ज़ चुराकर उनके ही कानो तक पहुचाया है और वो पूछते है …. आपके शब्दों में दर्द कहा से आया है #VIP~
अब ममता की छांँव और आत्मीयता को छोड़, व्यवसायिक मुकाम हासिल करने में जुटी जिंदगी । अब कुदरती हवा और चाँदनी रात के नज़ारों को भूल, वातानुकूलित कमरे और दूरभाष में जुटी जिंदगी । अब […]
इस दीपक में एक कमी है,,,, हर सैनिक की याद जली है ।।।।।।। जिसने दी आज़ादी हमको,,,,,,,,, उनकी बेहद कमी खली है ।।।।। दुश्मन को मारा सरहद पे,,,,,,,,,, तो दीवाली आज मनी है ।।।।।।। देखो […]
इस तरह उलझी रही है जिन्दगी,,,,,, कोन कहता है सही है जिन्दगी।।।।। उलझनो का हाल मै किससे कहु,,, आँख के रस्ते बही है जिन्दगी।।।। अब नही पढना नशीब में इसे,,, गर्द सी मुझपे जमी है […]
तुझको ही बस तुझको सोचू इतना तो कर सकती हूँ,,,,,,,,, तेरे ग़म को अपना समझू इतना तो कर सकती हूँ ।।।।।।।।।। मुझको क्या मालूम मुहब्बत कैसे करती है दुनिया,,,,,,, हद से ज्यादा तुझको सोचू इतना […]
वतन पे है नजर जिसकी बुरी उसको मिटा देगें,,, सबक ऐसा सिखा देगें कि धड से सर उडा देगें।। जहाँ पानी बहाना है वहां पर खून देगें हम,,, वतन से प्यार कितना है जहाँ को […]
करे हैं काम वो इस धूप में जलती सी इक औरत,,, गमों को झेल लेती है सभी, गहरी सी इक औरत।।। बडों का मान रखती है झुकी रहती है कदमो में,,, कि रिश्तों के दरख्तों […]
dil mai uski mohobat ka ehsas hai vo dor ho kar bhi sadda pass hai hai jeete hai unki yaado mai bas ek choti si khwaish hai mout bhi aye tou unki baaho mai ksm […]
कुछ लिखूंगा तो तुम बुरा मानगो. हमारी मोहब्बत पर रार ठानगो. अब यही रहा अंजाम -ए- इश्क मेरा. मेरी जज्बातो को जब्त कर हुश्न का इकबाल कर. यह मोहब्बत नहीं आसान इसका सम्मान कर. #अवध?
कुछ बेरुखी रही आज कल घर मेरे. ना दिल रहा अकतियार मेरे. डबाडबाई आँखो से उतर आई अश्क कपोलो पर. कितनी बेरुखी रही मोहब्बत हमारे खित्ते है्. #अवध?
तेरे हुस्न का मैं अफसाना लिए रहता हूँ! तेरे प्यार का मैं नजराना लिए रहता हूँ! मैं रोक नहीं पाता हूँ यादों का कारवाँ, तेरे दर्द का मैं गमखाना लिए रहता हूँ! #महादेव_की_कविताऐं
चला गया है परदेश हमारा लाल पूँछ लेता है फोन पर कभी कभी हमारा हाल चाल बेटा— बहुत बिजी हूँ माँ टाइम नहीं मिलता कब आऊँगा वहाँ मुझे भी नहीं पता कैसी हो माँ […]
मैं दफ्न उजालों का डूबा हुआ शहर हूँ! मैं वक्ते-तन्हाई में यादों का सफर हूँ! ढूँढता हूँ खुद को खौफ के अंधेरों में, मैं ख्वाहिशों की राह में बेखुदी का डर हूँ! #महादेव_की_कविताऐं’
तुम को तलाशते तलाशते, खुद को भूल गये तुम को चाहते चाहते जिन्दगी से रूठ गये। पारुल शर्मा
चलो अपनी असलह रूपी कलम को बारूद से लबरेज कर लें,और दाग दें दुश्मनों और गद्दारें के तन पर कि शब्दों के बम रूपी गोले लहूलुान कर दें,ध्वस्त कर दें उनके नापाक इरादों को। सुना […]
हर तरफ आँधियाँ चल रही है नफरतों की हवाओं की साजिशें हैं या सियासी बुखार है। पारुल शर्मा
अनुच्छेद 370 का ही परिणाम हैं जो कश्मीर में अब भी तिरंगे जलते हैं। पथराव होता है देश भक्तों पर और जवानों के तन पे जख्म पलते है। दुश्मन की कायरता का मनोबल बढ़ता है […]
।। गम बनाम खुशी ।। गम बोला खुशी से —-बता बता दो जा रही हो जिसकी जिंदगी से। खुशी—वहाँ तो मेरा आना जाना लगा रहता है मैं देख नहीं सकती उनके दुखी चेहरे, तुम जाते […]
—————– वधू चाहिए ———— आये लड़के वाले छपवाने इस्तहार मेरी संजीवनी में एक वधू चाहिए आ गयी है कड़की घर में है परिवार छोटा सा घर गिरवी पड़ा है। ५ लड़कों ४ लड़कियों से जूझ […]
।। गम बनाम खुशी ।। गम बोला खुशी से —-बता बता दो जा रही हो जिसकी जिंदगी से। खुशी—वहाँ तो मेरा आना जाना लगा रहता है मैं देख नहीं सकती उनके दुखी चेहरे, तुम […]
मेरे शब्दों का आज फिर मुँह उतर गया तुमने फिर इन पर अपनी खामोशी जो रख दी। पारुल शर्मा
”Prepare for future But just Not so vast That you might have lost The present” – KUMAR BUNTY
Life is so cool Because how easily it makes us fool When it wants And we can’t denied to it Because we are actually so unaware about it Till even it passes through To me […]
Happiness is just the way to get it Someone who learnt Can become expert Who doesn’t, may be lost self
ये पूनम की रात भी बड़ी अजीब होता है पास इसके भी किस्से कई महफूज होता है कुछ हसीं तो कुछ दर्द – ऐ – गम होता है क्या करे रातो में ही दीदार-ऐ-चाँद होता […]
कबतलक तेरा इंतजार मैं करूँ? दर्द की नुमाइश हर बार मैं करूँ? खौफ है कायम बेरुखी का तेरी, कबतलक खुद को बेकरार मैं करूँ? मुक्तककार- #महादेव
उससे दोबारा होगी मुलाकात क्योंकि गोल है दुनिया, इस उम्मीद में इंतजार उसका आज़ भी बरकरार है।
तेरे नैनों की किताबें पढ़ने की जिद्द पकड़ी है इस दिल ने, तू अपनी पलकों का ये पहला पन्ना तो पलट दे।
तुझसे मिलने का मुझे कोई आसार भी नहीं दिखता। लेकिन इंतज़ार तेरा करते–करते मैं फिर भी नहीं थकता।
“ऐ दिल” तुझसे फुर्सत मिले जिन्दगी को तभी तो समझूँगा मैं। पारुल शर्मा
मेरे शब्दों का आज फिर मुँह उतर गया तुमने फिर इन पर अपनी खामोशी जो रख दी। पारुल शर्मा
तेरी खामोशी ने ही बिखेर दिया मुझे सफ़हों पर। और मेरी तमन्ना थी कि तेरी बाँहों का सहारा मिले।
जो हर चीज को दौलत से आँकते हैं उनके दिल कीमती नहीं होते ।
औरतों के घर कहाँ होते हैं जहाँ पैदा हुई वो मायका जहाँ शादी हुई वो ससुराल।औरतों के अपने कहाँ होते हैं।एक के लिए पराया धनदूजे के लिये पराये घर से आयी परायी लड़की। औरतों के […]
सफेद दरख्त अब उदास हैं जिन परिंदों के घर बनाये थे वो अपना आशियाना ले उड़ चले। सफेद दरख्त अब तन्हा हैं करारे करारे हरे गुलाबी पत्ते जो झड़ गये परिंदो के पर उनके हाथों […]
जब तेरी नजरों से मुलाकात होती है! चाहत की दिल से रूबरू बात होती है! यादों का तूफान कभी रुकता नहीं मगर, तन्हाइयों के आलम में रात होती है! मुक्तककार- #महादेव'(24)
बहुत मायूश रही मेरी मेहरबा मुझसे. ना कोई चाहत की रखी कोई सिल्सिला हमसे. कोई बताये कोई खबर मेरी चाहत की चांद की. अब तक घिरी में घर में अमावश की रात ही. अवधेश कुमार […]
बड़े मौजू हो चूकी ख्वाहिश की पेशकश मेरी. इरादे नफीश की खमबखम मेरी. जरा सून क्यो इल्तिजा का मायूस आरजू. मैं तेरी नहीं मोहब्बत की ख्वाहिश. अवधेश कुमार राय “अवध*
ये बरसात भी मुझसे कुछ कह रही है मै ही नही मेरी याद में वो भी रो रही है
तेरा ख्याल खुद को समझाने का रास्ता है! तेरा ख्वाब खुद को बहलाने का रास्ता है! मुश्किलों को थाम लेती है आरजू तेरी, तेरी याद चाहत को पाने का रास्ता है! #महादेव_की_कविताऐं’
॥ “ यादों के जुगनू “ ॥ वह लड़की ! : न भूली होगी मुझे : न भुलाई गई मुझसे वह लड़की जानती है —- ज़िस्म की ज़द — सम्बन्धों की हद इसीलिए तो […]
अब ना गाऊंगा गित तेरे यादो की. अब ना चाहुंगा प्रित तेरे सांसो की. कुछ थमा तुम्हारे हमारे बिच यादो का गुलिस्ता. जो हमसफर रुठ चुका हमारे घर से. जो चूक चुका महफिल की रंजोगम से. फिर गित ना गा पाऊंगा. महबूब तुझे गुनगुना ना पाऊंगा. अवधेश कुमार राय “अवध”
बहुत सुकून हो मोहब्बत तुमको एतराज हो हमसे. इस फिजा की तफतिश में एक बार हो हम से . कोई रेहबर हुआ था मेरा जिसे हमसे इल्तिजा थी इतनी. मोहब्बत में अश्को से रुठा जाना हुआ हैं . दोहमत लगती मोहब्बत छोड़ आये. हम तो जींदगी का सुकून छोड़ आये. अवधेश कुमार राय “अवध”
जी रहा हूँ तुमको पाने की आस लिए! जी रहा हूँ साँसों में तेरी प्यास लिए! ख्वाब बंध गये हैं नजरों की डोर से, प्यार के रंगों में तेरा एहसास लिए! #महादेव_की_कविताऐं”
There are symphonies in the cacophony, Harmonies in the chaos. Beauty where the ugly things lie Treasure within the dross. Sit with me O forgotten ones, Reconnect once again. Absorb and Basque in my beauty, […]
I try so hard to put you back together, but all hope is lost when you crumble. When I see your eyes I still believe there is another way. I called for you, in my […]
After all this time the small things matter, It did not fall nor did it shatter. I wish to be as dedicated as you, You loved so actively, proof Of the truth that we know […]
मेरी जिन्दगी की तस्वीर बन गये हो तुम! मेरी मंजिलों की तकदीर बन गये हो तुम! तूफान चल रहे हैं यादों के शामों-सहर, दिल में चाहतों की जागीर बन गये हो तुम! #महादेव_की_कविताऐं’
I tell myself every day that I can continue. Only if you could show me how. When I see you, when I see your face I feel like, I feel like I’m home. And it’s […]
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