Why is it that whenever I see your face, I see a boy. A boy who trys time and time again. Fails but never gives up. If I had the courage to talk to you. To tell […]
Why is it that whenever I see your face, I see a boy. A boy who trys time and time again. Fails but never gives up. If I had the courage to talk to you. To tell […]
सूरज को रोशनी का गुमान किसलिए है? शाम तन्हाई की पहचान किसलिए है? टूटते नजारे हैं फिजा में हरतरफ, रात आहटों की मेहमान किसलिए है? मुक्तककार- #महादेव’
ये मदहोश शाम और तन्हाई का आलम अपनों के बारे में न सोचते तो क्या सोचते करीब-ए-मर्क़ है फिर भी अकेले इसलिये खबरी के बारे में न सोचते तो क्या सोचते हुआ कभी […]
मैं घायल हूँ मग़र मैं तो कभी बेचेन नही होता सिसकियां आती रहती है मग़र मैं तो नही रोता किसी घायल की बैचेनी सिर्फ घायल समझ़ता है जख्म का दर्द समझ़ता है या मरहम समझ़ता […]
टूट रहा हूँ मैं गमे-अंजाम सोचकर! टूट रहा हूँ मैं गमे-नाकाम सोचकर! मंजिल डरी हुई है दर्द-ए-बेरुखी से, तेरी बेवफाई का पैगाम सोचकर! मुक्तककार- #महादेव’
मौला अपनी तू रहो मे, बैठे रहने दे छाओ मे एक दिन तो होगा कर्म ये भ्रम तो रहने दे ! चाहे सपनो को सपने रहने दे, लकिन अपने तो रहने दे शिकवे, शिकायत क्या […]
बैठे है अकेले राह में, दिल में कोई आश है , घडी की बदलती सुइयो के _सही होने का इन्तजार है , कुछ कदम बढाने है ,और ये सुनसान राह पार है , फिर करवट […]
साथ देने में मेरा जिंदगी के दुखों का कोई सानी नहीं असल में तो दुख के बिना सुख का भी कोई मानी नहीं। मानी= अर्थ
जिन्दगी में तेरी हरपल कमी रहती है! अश्क की आँखों में हरपल नमी रहती है! दौर भी है कायम तेरी तमन्नाओं का, दर्द की ख्यालों में हरपल जमीं रहती है! #महादेव_की_कविताऐं’
पागल,आशिक़,आवारा ही रहा आइनों के हर टुकड़े में मै ही रहा तू ने बेवफाई की इन्तहां कर दी मै की तेरे साथ वफादार ही रहा ….. #VIP~
न जाने क्या-क्या छुपा रही थी, गर्मी की सुबह, वो शाल ओढ़े जा रही थी, धूल से पाँव सने थे,चंचल नयन बोझिल हुए थे, भूख से पेट धँसे थे,चकित हो मैं देख रही थी, मन […]
न जाने क्या-क्या छुपा रही थी, गर्मी की सुबह, वो शाल ओढ़े जा रही थी, धूल से पाँव सने थे,चंचल नयन बोझिल हुए थे, भूख से पेट धँसे थे,चकित हो मैं देख रही थी, मन […]
******************** फूल खिलते रहेंगे यह सोचकर खुश था मगर दुख इस बात का, कि रौंदी जा रही मासूम कलियाँ ****************************
************************* अन्याय हुआ शोले उठे अब सभी शोर रूक जाएँगे सात दशक आजादी के जैसे फिर बहार चमन में आएँगे शहीद हुए जो मातृभूमि पर यही शब्द रह जाएँगे वतन पर मिटने वालों के बस, […]
************************** बढ़ रहे बलात्कारी चीख रही भारत की नारी आज के मायावी राक्षसों से भगवान भी घबराता है इसलिए द्रोपदी की लाज बचाने कोई कृष्ण नहीं आता है आखिर ऐसा क्यों होता है ? सरकार […]
************************* ललकार हमें न ए जालिम अब हमें नहीं सहना है खबरदार ए सरहद पार कश्मीर हमारा अपना है मत दोहरा इतिहास भूल से इतिहास नया बना के देख यारी को उत्सुक ये धरती हाथ […]
************************ दीवाली सा हर दिन लगे दशहरे सी रात होली जैसी दोपहरी हो रोज खुशी की बात पर, आज दीया जले आगजनी सा रामराज में रावण पलता गुलाल में है बारूद का असर घड़ी-घड़ी अन्याय […]
तेरी जुल्फ से खुद को आजाद करूँ कैसे? तेरी तमन्नाओं को बरबाद करूँ कैसे? कदमों को रोक देती है आहट जख्मों की, तेरी आरजू की मैं फरियाद करूँ कैसे? मुक्तककार- #महादेव’
******************** अपनी सांसों में उर्जा भरकर निर्माण जो करता नवयुग का औरों को सुख-सुविधा देकर करे सामना हर दुख का जो रूके अगर, रूक जाए दुनियां सारे जग का रीढ़ वही जोश, लगन, संकल्प है […]
तुम मेरी सुबह बन जाओ मैं तुम्हारी राते बन जाऊ जो दुआ पूरी करते है मैं तुम्हारा वो तारा बन जाऊ !
चाँद से गुफ़्तगू में सितारे गिनते रह गए हम तो मोम थे रात भर जलते रह गए बस यही एक भूल हमसे सरेआम हुई भूलना था तुम्हे हम की याद करते रहे गए #VIP~
हरबार तुम एक ही नादानी न करो! हर किसी से जिक्र तुम कहानी न करो! रूठी हुई है मंजिल प्यार की मगर, हरबार तुम खुद की कुर्बानी न करो! मुक्तककार- #महादेव’
कभी–कभी सोचता हूँ कि कुछ देर सोचना बंद कर दूँ।
अंत तो तेरा भी वही होगा अंत मेरा भी वही होगा लेकिन फर्क इस बात से पड़ेगा कि किसकी जगह लेने वाला कोई नहीं होगा।
khamosi si hai in rato mai ek alag si talab hai uski baato mai vo kyu nhi hai in baho mai kya khub likha hai pyar ki kitabo mai k apka pyar ek na ek […]
तुम पहले शख्स हो – जिसे मैंने अपना हमराज बनाया है, अपना हाले दिल सुनाया है, वरना मुझे किसी पर एतबार नहीं . तुम गैर मानुस हो अभी- फिर भी लगता है बरसो से जानता […]
अपनी यादों को मिटाना आसान नहीं है! अपने गम को भूल जाना आसान नहीं है! तन्हाइयों की राह पर जब चलते हैं कदम, सफर से लौट कर आना आसान नहीं है! #महादेव_की_कविताऐं’
उसने बेबुनियाद इल्जामों की मुझपर फहरिस्त लगा दी, जीवन कटघरे को मानों जैसे हथकड़ी लगा दी, छटपटाते रहे मेरे जवाब किसी मछली से तड़पकर, और सवालों की उसने मानों कीलें सी चुभा दी, बेगुनाह था […]
साथी तो मेरे वो भी खूब रहे जो लगातार मेरी तनकीद करते रहे लेकिन अमल–अंगेज़ तो मेरे वो बखूबी रहे जो लगातार मुझसे कोई उम्मीद करते रहे। तनकीद=आलोचना अमल–अंगेज़ = उत्प्रेरक
जिंदगी की जंग मुझसे जारी है कभी मैं उसपे तो कभी वो मुझपे भारी है।
अपनी सांसों में उर्जा भरकर निर्माण जो करता नवयुग का औंरों को सुख-सुविधा देकर करे सामना हर दुख का जो रूके अगर, रूक जाए दुनिया सारे जग का रीढ़ वही जोश, लगन, संकल्प है जिनमें […]
तेरा ख्याल जब भी बार-बार आता है! दिल में बेचैनी का किरदार आता है! बेताब नजर से लिपट जाती हैं यादें, तेरी गुफ्तगूं का इंतजार आता है! #महादेव_की_कविताऐं’ (23)
तेरा ख्याल जब भी बार-बार आता है! दिल में बेचैनी का किरदार आता है! बेताब नजर से लिपट जाती हैं यादें, तेरी गुफ्तगूं का इंतजार आता है! #महादेव_की_कविताऐं’ (23)
दिल न् सह पाया वो बात जो तू कही क्या देखकर तू मचल् गई प्यार में मेरे क्या कमी रह गई मैं वहीं का वहीं मगर तू बदल ग्ई
sochta hu waqkt se thoda waqkt churalu usse apni takdir banlu usse khud mai aise bassa lu k uske aks mai apni tasvir banalu by RLvgahlot
mohabat lafjo mai banyaa nhi hoti jisne piyar hota hai unki khata ki bhi koi sajja nhi hoti dur ho vo chahe jitni bhi mgr ye duriya humare dilo k darmiyaan nhi hoti mohobat mai […]
मुझको फिर भूली हुई बात याद आयी है! चाहत की सुलगी हुई रात याद आयी है! मैं मुन्तजिर हूँ आज भी दीदार का तेरे, मुझको फिर तेरी मुलाकात याद आयी है! #महादेव_की_कविताऐं’
मैंने आज किसी को नफरत और सियासत की धज्जियाँ उड़ाते देखा है, जब मस्जिद से निकलकर एक बच्चे को मंदिर में दीप जलाते देखा है !!
आँख की कीमत आशुओं से है और दर्द ने दिल को दिल बनाया है हम तो रह जाते सीधे-सादे ही दोस्तों ने हमे भी मतलबी बनाया है #VIP~
तेरी याद जब भी आस पास होती है! मेरी जिन्दगी खामोशी से रोती है! घेर लेता है मुझे बेबसी का मंजर, आरजू खुद को अश्कों में डूबोती है! मुक्तककार- #महादेव’
जब दिल रोए पर अश्क ना हो , जब नफरत हो पर रश्क ना हो , जब सजदा हो पर दुआ ना हो , जब किस्सा हो पर बया ना हो , जब जिन्दा हो […]
तेरा इन्तजार करू, तेरा एतबार करू लेकिन कब तक बता यू ही सुबह से शाम करू ! तेरे बिना राहे चलती नहीं मेरी लेकिन कब तक बता यू ही मंजिल-ऐ-राह को बदनाम करू! ‘निसार’
बचपन के शहर मे जाने , क्यों ख़ाली से मकान पड़े है सयानेपन के हर जगह पर ऊँचे-ऊँचे बंगले खड़े है कुछ आधुनिकता की आड़ मे लूट गए कुछ को मजबूरियों न लूटा है महँगे खिलौनो […]
ग्रीष्म ऋतु की खड़ी दोपहरी, सुबह से लेकर शाम की प्रहरी, सूरज की प्रचंड किरणें, धरती को तपा रहीं हैं, फसलों को पका रहीं हैं ं, गुलमोहर की शोभा निराली, आम, लीची के बाग-बगीचे, खग-विहग हैं […]
जो साथ नहीं देते वे रूठ जाते हैं! रास्तों में अक्सर हमसे छूट जाते हैं! दूरियाँ बन जाती हैं दिलों के दरमियाँ, हौसले भी जिन्दगी के टूट जाते हैं! मुक्तककार- #महादेव’
कितना अच्छा होता कि कोई वक़्त को टटोल सकता झाँक सकता उसके पिछले हिस्सों में किस्सों में कोई कमी ना रहती सदा के लिए शायद अगर ऐसा हो सकता या यूं कहो कि बिखरी हुई […]
******************** साथी चल कुछ कर दिखलाएँ अमन- चैन के गीत सुनाएँ शोषण, घुसखोरी, गद्दारी अन्याय, अनाचार, भ्रष्टाचारी गली-गली नफरत का जहर द्वार-द्वार मच रहा कहर मिलकर आओ दूर भगाएँ साथी चल कुछ कर दिखलाएँ **************************
मैं भूला था कभी तेरे लिए जमाने को! मैं भूला था कभी अपने आशियाने को! भटक रहा हूँ जबसे गम के सन्नाटों में, हर शाम ढूँढता हूँ जामे-पैमाने को! मुक्तककार-#महादेव'(24)
विधा-ग़ज़ल काफिया-ओ रदीफ़-तो कभी ************************* चाहती हो मुझे अगर बताओ तो कभी देख कर मुझको मुस्कुराओ तो कभी यूँ ना तड़पाओ तुम इतना दिल को मेरे हाल-ए-दिल अपना सुनाओ तो कभी दोस्त तो है बहुत […]
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