गर फासले बढते है तो बढ जायें यूं करीब रहकर भी हम करीब थे कभी??
गर फासले बढते है तो बढ जायें यूं करीब रहकर भी हम करीब थे कभी??
हमें दफनाने की आपकी कोशिश शायद हो पूरी हमारी यादो को दफनाने की कोशिश ना होगी पूरी ……यूई
किया है कभी गौर की गये मयखाने में और ना चढी शराब तो क्या होगा , गर पिला जायें कोई हुश्न के दो चार जाम आँखों-आँखों में तो क्या होगा , इश्क तो कर बैठे […]
मार कर हमें तुम, अपने दिलो की तहों में जो दफ्नाओगे वादा है मोहब्बत का, हम जिंदा उन तहों से लौट आएंगे ……यूई
चाह कर तो ना हम तुम्हे स्तायेंगे चाह कर तुम हमें भूला ना पाओगे ज़ोर जितना हमें भुलाने पे लगाओगे दिल को अपने बेवजह तुम तड़पाओगे ……यूई
जो मर मर के जिया, वोह ख़ुद का ना मीत जो ना हुआ ख़ुद का मीत, वोह कैसा तेरा मीत ……यूई
हर पल मृत्यु से अभय, शौर्य की पहचान हर पल मृत्यु सो जो डरा, वो जिंदा मरा ……यूई
सिसकियां साँसें दिल चाहतें इंतज़ार बेकरारीयाँ मुस्कराहटें गहने है यह सब अनमोल मिल जाए कभी भी कही भी संभाल लीजियेगा, ख़ोयिएगा नही हां इकठे कभी नही मिलेंगे पर यह वादा है मेरा मिलेंगे ज़रूर जब […]
फूलों का खिलना भँवरो का नाचना तितलियों का मचलना बरसात की रिमझिम हवाओं की अठखेलियाँ तारों का टिमटिमाना नदियों का मचलना निशनियाँ है प्यार की ……यूई
अरे क्या कह्ते हो कि मेरे होश ठिकाने आए क्या सच में ही चाहते हो कि मेरे होश ठिकाने आए सोचा है गर कभी जो मेरे होश ठिकाने आए आपके होश ना फिर कभी ठिकाने […]
ख़ुद का चरना, कह्ते इसे पशु प्रवृति जो ख़ुद का चरते, वोही तो पशु कहलाते कुछ ग़लत कहा क्या? क्या सोचा ना था? यूई अब भी सोचो? क्या बिगड़ा अभी है? कह्ते तो है ना […]
क्या करूँ मैं शिकवा इस बेरहम जमाने से! थक़ गया हूँ मैं अब और तुझे मनाने से! मैं बेवसी की चादरों में लिपटा हूँ मगर, दर्द खोज लेता है रोज किसी बहाने से! Composed By […]
मोहब्बत की नज़्मों को फिर से गाया जाए अपनी आज़ादी को थोड़ा और बढ़ाया जाए हक़ मिला नहीं बेआवाज़ों को आज तक हक़ लेना है तो अब आवाज़ उठाया जाए किसी इंसान को भगवान बनाने […]
Poetry ———— Poetry is Neither frustration Nor speculation Poetry creates a situation where we get solution Poetry is an inspiration To live and let live Poetry is like meditation Where differences of caste,creed,race,colour ,religion and […]
पवित्र नारी ही क्यों हो पुरुष की पवित्रता का क्या मोल नहीं ? पतिव्रता नारी ही क्यों पुरुष के पत्नी व्रत का क्या कोई तोल नहीं ? सारी सीमाऐं सारी गरिमाएं मर्यादाएं नारियों तक ही […]
सिर्फ संकेतो और प्रतीकों से कुछ न होगा सिर्फ परंपरागत तरीक़ों से कुछ न होगा सिर्फ नारे बाज़ी से भी कुछ न होगा सिर्फ आज़ादी से भी कुछ न होगा सिर्फ चेहरे नहीं चरित्र बदलना […]
सुपर डेंस फेज में जब कण होते हैं तब बिस्फोट के कई कारण होते हैं बिग बैंग भी तभी होता है और अणु, परमाणु ,न्यूट्रॉन ,इलेक्ट्रान और प्रोटोन सभी छितरा जाते हैं अणुओं का स्वतंत्र […]
चलो थोड़ा जादू करते हैं जनता के दिल को छूती हुई एक कविता लिखते हैं झोपड़ियों में पल रही भूख से टकराते हैं छोटे छोटे मासूमों की चीख और डूबती हुई ज़िंदगियों को कविता का […]
ज़्यादा दिमाग़ न आज लगाया जाए सिर्फ मन में ज़मी मैल को बहाया जाए धर्म और परंपरा की ऐसी भी न कट्टरता हो कि होलिका की तरह औरत को जलाया जाए सौहार्द और प्यार का […]
जिन बाज़ारों में बड़ी रौनक़ है कल सन्नाटा उनमे छाएगा बंद होनी हैं दुकाने सब ऐसा बाज़ार नहीं रह पाएगा नफ़रत के अंधेरों में जो सौदेबाज़ी होती है जिन जिन लोगों की भी उसमे हिस्से […]
अच्छी कविताएँ लिखना उतना महत्वपूर्ण नही है उन्हें अच्छे से प्रमोट होना बहुत ज़रूरी है ऑफिस में काम भी उतना आवश्यक नहीं आपका गुड बुक्स में नोट होना बहुत ज़रूरी है सामाजिक प्रतिबद्धता उतनी महत्वपूर्ण […]
Poetry is Neither frustration Nor speculation Poetry creates a situation where we get solution Poetry is an inspiration To live and let live Poetry is like meditation Where differences of caste,creed,race,colour ,religion and country dilute […]
वक्त मिटायेगा फासले क्या पता कब वो मेरे हो जाये, मैं ही क्यो मानूँ हार जब भरी महफिल में भी सब अकेले हो जाये
ღღ__कई बार खुद को, यूँ भी बहलाया है हमने “साहब”; . कि वो आते तो ज़रूर, मगर फुरसत ही कहाँ होगी!!…..#अक्स
हर लम्हा तुमसे मैं बात किया करता हूँ! यादों से मैं मुलाकात किया करता हूँ! हर ख्वाब़ बेइंतहाँ जलाते हैं मुझे, खौफ से गुफ्तगूँ’ हर रात किया करता हूँ! Composed By #महादेव
आ चलें फ़लक तले आसमाँ पुकार रहा होगा, नूरीं की खिदमत में आफ्ता़ब भी तो आ रहा होगा, क्या पता हो जायें तुझे दीदार तिरी माहता़ब का, देखा था मैंने भी डोली में कोई चला […]
जिसने समझा आपको अपना उसको ना समझा आपने अपना जिसको समझा आपने अपना उसने ना समझा आपको अपना है यह कैसी और किसकी तलाश होगी कैसे खत्म यह सबकी तलाश …… यूई
खयाल उनका आए तो बेचैनीयाँ ना आयें जो खयाल तो बेचैनीयाँ या रब यह कैसा मर्ज दिया तूने मिटा कर मुझको मिटेंगी बेचैनीयाँ …… यूई
लुटाने किसी पे दिल को हो निकले और चाहते हो दिल को राहत मिलें …… यूई
राहतें सकून आराम चैन इत्मिनान यह सब कहां है आशिकों के निशान बेचैनीयाँ घबराहटें उन्नीदे उम्मीदे यह सब हैं उनके गहने और पहचान …… यूई
ज़िन्दा है दिल तो उसे धड़कने दो याद में उसे किसी की तड़पने दो चाहतों को जी भर कर मचलने दो अरमान हजारों उसमें पनपने दो …… यूई
मिलें होंगे आप हज़ूर हजारों दिल से मिलिएगा ज़रूर कभी हमारे दिल से होंगी सभी शिकायतें जो उन सब से मिट जाएगी एक पल में मिल हमसें …… यूई
अपना कह देने से कभी कोई अपना नही होता अपना आप लुटा देने से कोई अपना नही होता सालों तमाम वफ़ाए उनपे ऊपर वार कर देखी जो है ही बेवफा वोह कभी किसी का नही […]
अपना कह के आपने अपनी दिल्लगी निभा ली आपकी दिल्लगी पे हमने तो पूरी ज़िंदगी बिता दी …… यूई
सिर्फ मिलने से ना बात बनेगी सिर्फ़ कहने से ना बात बनेगी गर दिल में नही है प्यार आपके बात कभी भी फिर यह ना बनेगी …… यूई
वह आसमान में सीढियां लगाए चढ़ा जा रहा है जो पीछे था आगे बढ़ा जा रहा है देखता जा रहा है वह सपने पे सपने यथार्थ के बल ने टेके हैं घुटने वह हरी दूब […]
कहने को होंगे हजारों दीवाने यहां यहां जाने होंगे कितने परवाने यहां दिल जो सिर्फ़ आपके लिए हो बना ख़ुद ही देगा अपनी आवाज़ सुना यहां …… यूई
वह अदृश्य गंध अनाम सी अपरिभाषित सी मन में बसी हुई जानी पहचानी सी जिसकी खोज ज़ारी है कल्पना के कितने ही क्षण जी उठते हैं अनिरवचनीय आंनद के रस पी उठते हैं हवा में […]
ღღ__कम उम्र में ही ज्यादा, तजुर्बे हो जाने का ये खतरा है “साहब”; . कि फिर वो उम्र तो रहती है, मगर कोई बच्चा नहीं रहता !!…..#अक्स .
कुछ तो मजबूरियाँ तेरी भी रहीं होंगी कुछ तो मजबूरियाँ मेरी भी रहीं होंगी , सब की मजबूरियों में मजबूर थे हम तेरी नजदीकियों से दूर थे हम , अरे जाओं ज़नाब तुम क्या समझोगे […]
Who ( and why) has this queer world wrought Can someone find me a solid ground (On which) could stand the wisps of thoughts Poor things evanescent and tremulous In dire need of comforting touch […]
तेरे सिवा दिल में कोई उतरता नहीं है! तूफान तेरी चाहत का गुजरता नहीं है! रूठी है मेरी मंजिल रूठी है जिन्दगी, तेरा ख्वाब़ रूठकर मगर मुकरता नहीं है! Composed By #महादेव
जिन्दगी जब मेरी खामोशियों में होती है! शाँम-ए-गुजर मेरी मदहोशियों में होती है! आजमाइशों में दिन गुजर जाता है मगऱ, रात तन्हाँ दर्द की सरगोशियों में होती है! #महादेव mkraihmvns@gmail.com
कुछ यूँ कटेगी बेरहम सी जिन्दगी हमनें सोचा ना था, वक्त के हाथों ही होगी ख्वाबों की खुदकुशी हमनें सोचा ना था, तन्हा रातों में ही हो जायेगा कत्ले आम साँसों का, आँखें खुलेंगी और […]
उम्मीद की शमाँ जलाए रखना हमारे आने की चाह लगाए रखना …… यूई
शायद कभी मिल ना पाएँगे आपसे ख्यालो से जुदा ना हो पाएँगे आपसे …… यूई
बंधा है मन मेरा खयाल में जो आपसे हुआ है यह बे-खयाल हर जमाल से …… यूई
कहने को बस है यह रिश्ता खयाल का इससे बेहतर क्या होगा इश्क खयाल का …… यूई
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