है मुश्किल तो ख़ुद का साथ निभा यह दुनिया तेरा साथ क्या निभाएगी मुश्किलो में इसका विश्वास है हिल जाता खुदा पे भरोसा इसका इक पल में टूट जाता …… यूई

लगता सबको है यह पहली बार कि है यह बस मेरे वाला प्यार नही जानते हो तुम हो नादान है सदियों पुरानी यह रिवायते नजर इश्क प्यार इक़रार तकरार यही होता आया है यहां बार […]

क्या मेरी आँखों से ही तिरी कोई रंजिश थी उस दिन, या तिरे दीदार की हर खबर झूठी थी उस दिन, हर गलीं हर चौक पर तो दिल मेरा था झाँकता, फिर किन गुज़रगाहों से […]

रोज़ मार के भी ख़ुद को मर सके रोज़ जीना चाहके भी जी ना सके मरते हुए मरने का करते रहे इंतज़ार जीते हुए करते रहे जीने का इंतज़ार …… यूई  

रूक्मणी सी क्यूँ लगती हो तुम बनके राधा चली आओ ना चाँद निकलेगा छत पर मेरे आजा मेरी गली आओ ना फूल खिलते कहीं भी नहीं क्यूँ बहारों की बातें करूँ हम बसायेंगे मिलकर चमन […]

जाम से मिलते ही मचलती शराब जैसे मयकदे में झूमते हो बेखुद मयकश जैसे कुछ यूँ ही बेखबर सा हो गया हूँ जगसे बना इश्क उतारा रूह में तूने अपनी जबसे                                             …… यूई

मुस्कुराहट के सिवा कुछ शक्ल दिखलाता नहीँ. हाले दिल की कैफियत कोई समझ पाता नहीँ. ग़म लिपटता है हमेशा जिस्म से कुछ इस तरह पास रहती है खुशी पर मैं नज़र आता नही. वक्त़ तू […]

बीत चुके हैं बरसों जिनको क्यों पल वोह याद दिलाते हो किए गहरे दफन जो जग जग रातों क्यों उनकी अब कब्रे खुदवाते हो                             …… यूई

लिखने का हुनर हमने कहीं से नहीं सिखा, जब दिल का दर्द हद से ज्यादा बढऩे लगा, तब जज्बातों को समझने वाला कोई ऩ रहा…। तो उठाई कलम औऱ हाल सारा इसे सुना दिया, जब […]

एक फूल के लिए कितना मुश्किल होता है कि वह अपनी पंखुड़ियों को तूफानों से बचा ले छिटकने न दें … पराग कणों को बिखरने न दे एक पेंड के लिए बड़ा कठिन होता है […]

कैसे कहे कोई उसको गम नहीं है! जो कुछ मिल गया है उसको कम नहीं है! हरतरफ तुम खोज लो इलाज-ए-मर्ज को, हर दर्द’ का मगर कोई मरहम नहीं है! Composed By #महादेव mkraihmvns@gmail.com

ज़िन्दगी ना कर पाई फ़ैसला मैँ शराब का नशा छोड़ दूँ या तेरी जुस्तजू की उम्मीद एक ने मुझे जीने ना दिया दूसरे ने मुझे पीने ना दिया                       …… यूई

बैठा हूँ बीच बाज़ार, लेकर अपनी यादों को बेशकीमती है यह गहने, इनका कोई मोल नही आए वोह ले जाएँ मुझसे, बेमौल मेरी जागीरें को वोह जो हो तपा वर्षो, मेरे जैसे दर्दो की अगन […]

कोई मुझे यहां कवी बुलाता   कोई बोले शब्दों का खिलाड़ी कोई समझे बुनता मैँ लड़ियाँ कोई समझे चुनता मैँ कलियां ना मैँ कवी ना कोई खिलाड़ी मैँ तो बस एहसास का पुजारी उतार अंतर […]

हूँ लाखो वर्षो सी यूँ ही जल रहा मैं हूँ ख़ुद में आग लगा कर जल रहा मैं जला ख़ुद को कर रहा रोशन तुमको मैं किसी को लगता निकला अभी यहां मैं किसी को […]

सिर्फ दिखने को लगता है सबको आराम है नहीं किसी को यहां कभी भी आराम हर पल है हर शय उसकी गतिशील यहां है नहीं किसी को थमने की यहां पर थाह                                   …… यूई

प्यार लुटाया दिल खोल खूब तब जा कमाया यह नाम खूब माना के हुए बदनाम हम खूब है यह बदनामी नाम से भी खूब पिघलाया इसने तेरे दिल को खूब बाँहो में समेटा मुझको तुमने […]

कहते हो राज़ छुपे है हजारों मुझमें देखा है अपना अक्स कभी मुझमें कोशिश तो की होती पास आने की ख़ुद खुल जाते राज़ तुम्हारे दिल के                 […]

कहते थे मेरी आँखों में ही रहना कभी फ़ासले दूर कर जाएँ तो क्या कहते थे क़रीब मेरे दिल के रहना जिस्म ना मिल भी पाए तो क्या कहते थे मुझे मन से ना भुलाना […]

मैं और तुम साथ साथ बड़े हुए दोनों साथ- साथ अपने पैरों पर खड़े हुए तुम्हारी शाखाएं बढ़ने लगीं पत्तियां बनने लगीं दोनों एक साथ जीवन में आगे बढ़े अपने -अपने कर्मों के साथ् तुमने […]

अपनी छटपटाहटों को ही देता हूँ मन के जज़्बातों को डायरी में उतार लेता हूँ ये छटपटाहटें सिर्फ मेरी अपनी ही नहीं औरों की छटपटाहटों को भी उधार लेता हूँ अंदर और बाहर की लड़ाईयों […]

ये बात अफवाह सी लगती है कि ,सच्चा प्रेम कहीं मिला भीड़ में कहीं इंसान दिखा यह बात अफवाह सी लगती है कहीं ज्ञान का दीपक जला किसी के हिस्से का अँधेरा मिटा कुछ ज़िन्दगियों […]

शाम का समय सूरज विश्राम करने को तत्पर दिन पर तपने के बाद सारी दुनिया तकने के बाद अपूर्ण ख्वहिशे दिन भर की मन में रखे हुए ये सोंच कर कि चलों रात में चन्द्रमा […]

एक युद्ध में कितने युद्ध छिपे होते हैं हर बात में कितने किंतु छिपे होते हैं नींव का पत्थर दिखाई नहीं पड़ता अक्सर रेल चलती है पर पटरियों के जैसे सिरे दबे होते हैं जिसने […]