बन्द मुट्ठी में हैं मगर कैद में नहीं आने वाली, हाथों की लकीरों की नर्मी नहीं जाने वाली, आलम सर्द है मेरे ज़हन का इस कदर क्या कहूँ, के ये बुढ़ापे की गर्मी है यूँही […]

पत्थरों की नगरानी में शीशे के दिल रख दिए, इस नज़्म ऐ जवानी में ये किसने कदम रख दिए, मशहूर अँधेरे बाज़ार में जो मोल लग चुका था मेरा, इस ज़ख्म ऐ निशानी में ये […]

तरकीब कोई और ढूंढो ऐसे तो नज़र नहीं आने वाला, छुप कर बैठा है जो अंदर वो तो बाहर नहीं आने वाला, गहरा समन्दर है बहुत मन के भीतर हम सबके कोई, बिना डूबे तो […]

दिल के मेरे ताले की अजीज़ चाबी ले गया कोई, उम्र भर के लिए जैसे बेताबी दे गया कोई, शरारत कुछ ऐसी मुझसे छिप कर गया कोई, के अच्छे खासे दिल को खराबी दे गया […]

जितना भी देखा है मनो उतना ही कम देख है, मैंने इस दुनियाँ की आँखों में कितना कम देखा है, सड़कों पर पनपती इन बच्चों की कहानी से, किरदार जब भी देखा अपना मैंने विषम […]

  आसमाँ छोड़ जब ज़मी पर उतरने लगती हैं फुलझड़ियाँ, हाथों में सबके सितारों सी चमकने लगती हैं फुलझड़ियाँ दामन अँधेरे का छोड़ कर एक दिन ऐसा भी आता है देखो, जब रौशनी में आकर […]

हाथों की लकीरों की आवाज़ सुनानी होगी, अब दिल में छुपी जो हर बात बतानी होगी, खामोश रहने से कुछ मिलता नहीं सफ़र में, अब खुद से ही खुद को पुकार लगानी होगी, अंदाज़ यूँही […]

तुझे तराशकर फिर कुछ और मैं तराश न सका, तेरे चेहरे के सिवा आँखों में मैं कुछ उतार न सका, बड़ी मशक्कत लगी मुझको तुझको बनाने में मगर, तेरी रगों में मोहब्बत के रंग मैं […]

तुझे तराशकर फिर कुछ और मैं तराश न सका, तेरे चेहरे के सिवा आँखों में मैं कुछ उतार न सका, बड़ी मशक्कत लगी मुझको तुझको बनाने में मगर, तेरी रगों में मोहब्बत के रंग मैं […]

चाहे बिक जाएँ मेरी सारी कविताएं पर, मैं अपनी कलम नहीं बेचूंगा, चाहे लगा लो मुझपर कितने भी प्रतिबन्ध पर, मैं अपने बढ़ते हुए कदम नहीं रोकूँगा, बिक ते हैं तो बिक जाएँ तन किसी […]

ज़माने के आईने में चेहरे सभी अजीब दिखते हैं, सच से विलग मानों जैसे सभी बेतरतीब दिखते हैं, जब भी खुद को खुद ही में ढूंढना चाहते हैं हम, अपने ही चेहरे पर गढे कई […]

जिनके एक आवाहन पर सबने अपने हाथ उठाये थे, कदम-कदम पर अंग्रेजी शासन के छक्के साथ छुड़ाए थे, जिनके कहने पर अस्त्र वस्त्र सब मिलकर साथ जलाये थे, सत्य-अहिंसा के अचूक तब शस्त्र सशक्त उठाये […]

जिनके एक आवाहन पर सबने अपने हाथ उठाये थे, कदम-कदम पर अंग्रेजी शासन के छक्के साथ छुड़ाए थे, जिनके कहने पर अस्त्र वस्त्र सब मिलकर साथ जलाये थे, सत्य-अहिंसा के अचूक तब शस्त्र सशक्त उठाये […]

साहिर तेरी आँखों का जो मुझपर चल गया, खोटा सिक्का था मैं मगर फिर भी चल गया, ज़ुबाँ होकर भी लोग कुछ कह न सके तुझसे, और मैं ख़ामोश होकर भी तेरे साथ चल गया।। […]

मोहब्बत के ख्वाब ने ये कैसा इत्तेफ़ाक कर दिया, दिल्लगी ने धड़कन को ही दिल के खिलाफ़ कर दिया, अच्छी ख़ासी तो चल रही थी ज़िन्दगी ‘राही’ अपनी, फिर क्या हुआ जो इस नशे ने […]

खिलौना समझ कर ज़िन्दगी से देखो खेलने लगे, चुप रहने वाले भी देखो ज़रा कितना बोलने लगे, चौपाल लगाते दिख जाते थे गाँव में जहाँ तहाँ जो, आज साथ रहने वाले भी देखो अकेले डोलने […]

चाँद तारे आसमाँ सब की निगरानी करना, जब तक मैं न आऊँ इतनी मेहरबानी करना, जिस्म ऐ मोहब्बत पर जब तक रूह का रंग न चढ़े, गुज़ारिश ये के तुम इस कागज़ी पैहरन की क़ुरबानी […]

बेचकर चूड़ियाँ अपना घर चलाया करती है, चेहरे पर गम छुपाये कैसे मुस्कराया करती है, रहती तो है रंग बिरंगे काँच के टुकड़ों के संग, मगर बेरंग जीवन को यूँही बहलाया करती है।। राही (अंजाना)

टूट गई साँसों की माला जैसे कोई साज, सुनी नहीं किसी ने मेरे दिल की वो आवाज़, बन्द हुए जब अंत समय में आँखों के मेरे काज, उड़ गए मेरे पंख पखेरू जैसे कोई बाज़।। […]

रिश्ते रूह में अब बंधा नहीं करते, वो हमसे हम उनसे कुछ कहा नहीं करते, मान लिया है मैंने के बस एक जिस्म हूँ मैं, और टूटे दिल को हम कभी सिया नहीं करते।। राही […]

चाँद और सितारों की चाँदनी को भूलाकर ढूंढते हैं, चलो आज सब जुगनू की रौशनी के सहारे ढूंढते हैं, हुए बहुत दिन गहरे समन्दर की बाँहों में झूलते, चलो आज मिलकर हम सब उथले किनारे […]

राणा प्रताप का रक्त और हम कुंभा की कुर्बानी है हम है गीता की कृष्ण ध्वनि निर्मल गंगाजल पानी है उबल रहा है बीर शिवा का शोणित निज भुजदंण्डो मे हम हाड़ी की बलिदान कथा […]

जिस्म में शामिल रूह का आज खुलासा देखिये, खुद ही इस भीड़ में घुस कर आप तमाशा देखिये, बदल सकता है तस्वीर जो इस सारे ज़माने की, उसी युवा के चेहरे पे आई आज हताशा […]

छोटे-छोटे से दिखते हैं बड़े मासूम लगते हैं, मेरे दिल के जो टुकड़े हैं बड़े बखूब दिखते हैं, बमुश्किल जोड़ कर रखता हूँ मैं इनको अमानत हैं, मेरे महबूब की आहट में ये तो फानूस  […]

दिल को धड़कन की आवाज़ जब सुनाई नहीं देती, आँखों को रौशनी की जब कोई रात दिखाई नहीं देती, उलझे न रहें गर रिश्ते पैसों की चरखी में लिपट कर, तो अच्छे व्यक्तित्व को ये […]

निकल कर ख़्वाबों से बाहर मेरे ख्वाब आना चाहते हैं, हकीकत के आईने में मानो चेहरा आप लाना चाहते हैं, रहे हों जो अँधेरे की बाहों में कैद बेसुध मुसलसल, आज रौशनी के समन्दर में […]

कलाई पर मौली और माथे पर रोली लगाया करती हैं, बहनें छोटी हैं मेरी मगर बातें बड़ी ही बनाया करती हैं, चुप रहती हैं कभी मुख से कुछ भी माँगा नहीं करती हैं, के बांधकर […]

मस्त हवाओं के हवाले से मैं तेरा पैगाम लेता हूँ, जब दिल चाहे मेरा तुझसे मैं तेरा सलाम लेता हूँ, बसा लेता हूँ तेरा चेहरा मेरी आँखों में कुछ इस तरह, के फिर इन आँखों […]

निशानी ऊँगली पर पहन कर मेरी छुपाते हुए, वक्त-वक्त पर वक्त का गिनना तेरा अच्छा लगा, कहा बहुत कुछ ख़्वाबों में हर रात तुमने मुझसे, और मुझे तेरा मुझसे नज़रें चुराना अच्छा लगा।। – राही […]

क्यों गरीबी की चादर में पैरों को फैलाना पड़ता है, क्यों चन्द ख़्वाबों को इस दिल में दबाना पड़ता है, खेल-खिलौने गुड़िया गुड्डे और वो रेलगाड़ी छोड़कर, क्यों रात दिन इस बचपन को रिक्शा चलाना […]

सागर से मिलकर जैसे नदी खारी हो जाती है, तुमसे मिलकर वैसे मेरी तबीयत भारी हो जाती है, बहुत हिम्मत जुटाकर भी तुमसे नज़रें मिला नहीं पता, क्यों देखकर मेरी धड़कन तुमपे वारी हो जाती […]

एक नहीं सी जान पर क्यों पहरे हजार रखते हैं, पिंजरे में क्यों हम उसका सारा सामन रखते हैं, छिपाकर क्यों घूमते हैं चेहरे पर चेहरे लगाये, क्यों आईने सी साफ नहीं हम अपनी पहचान […]

रवि’ रंग मोहताज नहीं किसी परिचय के अनुभवों का, स्वतंत्र मन्त्र है ये तो सबके जीवन के अनुदानों का, विषय नहीं कोई भौगोलिक, ये तो है ज्ञान व्यव्हारों का, जीवन हो सुलझा हर पल जैसे, […]

बचपन से ही शिक्षक के हाथों में झूला-झूला करते हैं, ज्ञान का पहला अक्षर हम बच्चे माँ से ही सीखा करते हैं, प्रथम चरण में मात-पिता के चरणों को चूमा करते हैं, दूजे पल हम […]

ये धरती है वीर बहादुर भगत राज गुरु लालों की, आजादी की जंग में थे शामिल दीवाने दिलवालों की, एक माँ से दूर रहकर एक माँ का आँचल रँगने वालों की, हर मौसम में जो […]

ये धरती है वीर बहादुर भगत राज गुरु लालों की, आजादी की जंग में थे शामिल दीवाने दिलवालों की, एक माँ से दूर रहकर एक माँ का आँचल रँगने वालों की, हर मौसम में जो […]