अब ना गाऊंगा गित तेरे यादो की. अब ना चाहुंगा प्रित तेरे सांसो की. कुछ थमा तुम्हारे हमारे बिच यादो का गुलिस्ता. जो हमसफर रुठ चुका हमारे घर से. जो चूक चुका महफिल की रंजोगम से. फिर गित ना गा पाऊंगा. महबूब तुझे गुनगुना ना पाऊंगा. अवधेश कुमार राय “अवध”
अब ना गाऊंगा गित तेरे यादो की. अब ना चाहुंगा प्रित तेरे सांसो की. कुछ थमा तुम्हारे हमारे बिच यादो का गुलिस्ता. जो हमसफर रुठ चुका हमारे घर से. जो चूक चुका महफिल की रंजोगम से. फिर गित ना गा पाऊंगा. महबूब तुझे गुनगुना ना पाऊंगा. अवधेश कुमार राय “अवध”
दुनियाँ का कोई कानून चलता नहीं। रौशनी का दिया कोई जलता नहीं। कोशिशें अमन की दफन हो गयी हर मुद्दे पे बंदूक चलन हो गयी॥ कुछ अरसे पहले मैं गुलजार था। इस बियाबान जंगल में […]
मेरी बातों में बस तुम थी , मगर मेरी बात कम आंकी तेरे यारों के कुनबे में , मेरी जात कम आंकी अपने अल्फाजों से मुझे दो पल में पराया करने वाले तूने प्यार के […]
हृदय–पटल पर नृत्यमय नुपुर झनक से झंकृत हूँ विस्मित मैं मधु-स्वर से विह्वल अभिराम को आह्लादित तिमिर अंतस को कर धवल— कनक–खनक करके उज्जवल सारंग–सा हो भाव प्रज्जवलित सोम–सुधा सा रुप लक्षित दृग–कामना भी छलक […]
किस्मत हमारी लटक रही है जैसे पाव में पायल , भारत माँ विलख रही है जैसे दीन-दुखी घायल , जिस आँचल में पले- बढे उसमे बम- गोले फुट रहे है , एक सिरे से खुद […]
तेरा दूर-दूर का रहना ले जाये मोर चैना तेरी रहा तकै है अंखिया ताने देती घर गालिया तेरी राह तकै हुए बरसो अब छोड़ भी कल परसो तेरी सोच मे बीती रैना मोर लोटा अब […]
चला जाऊँगा एक दिन मैं तेरी मेहफिल से उठ करके। हमारा काम ही क्या है क्या होगा अब यहाँ रुकके।। मेरी यादो को आँखों में कभी आने न तुम देना। जमाना जान जाएगा कभी रोना […]
मैं अकेला ही चलूँगा । शीश पर तलवार मेरे, पाँव में अंगार मेरे, या काटूँ या फिर जलूँगा । मैं अकेला ही चलूँगा ।। तुम न मेरा साथ देना, हाथ में मत हाथ देना, अब […]
——————— तेरे दिल में याद बनकर समा जाऊँगा तेरी आँखों में नशा बनकर छा जाऊँगा कशिश की सरहद से दूर ना जा पाओग मैं खुशबू बनकर एहसास की———– ———–तेरी साँसों में घुल जाऊँगा ये तो […]
Sapno me Sapne Hajar Hai, Yaado me Tuhi Dildar hai. Hume Zindagi se hua Pyar hai, Tera-hi-tera Intjaar hai. Ronak to Dekho in Raaho ki tum, Apne se ab lagne lage Hum. Khuli ye wadi Mahka Chaman, Dilbar ki bato me Dil h Magan. Ab Hume Zindagi se hua pyar hai, Tera-hi-tera Intjaar hai. Sapno me sapne Hajar hai, Yaado me ab tuhi Dildar hai….. (For you my Tamatar)
जिंदगी जिंदगी जिंदगी जिंदगी। बेबसी बेबसी बेबसी बेबसी।। , ख्वाहिशे ख्वाहिशें ख्वाहिशे ख्वाहिशे। कुछ नहीं कुछ नहीं कुछ नहीं कुछ नहीं।। , काफिले काफिले काफिले काफिले। हम नहीं हम नहीं हम नहीं हम नहीं।। , […]
“चिड़िया” चीं चीं करती चिड़िया आती अम्बर ऊपर घोसला बनातीं | पानी जहां पर वहाँ मडरातीं औ जमी से उड़ -उड़ जाती |
मेरी ये जिंदगी सारी वतन के नाम लिख देना। कि है जिनकी वजह से हम उन्हें सम्मान लिख देना।। , मैं कुछ भी हूँ नहीं इसके बिना न पहचान है मेरी। कोई पूँछे मेरा मजहब […]
जब जब तेरी याद आई है, मैंने खुद को समझाया है।। बीते जीवन के लमहो में, तुमको ही बस पाया है। रह गया अकेला इस जीवन में, क्यू तूने मुझे भुलाया है। जब जब तेरी […]
माँ शारदे वरदान दो वरदायिनी वरदान दो मेरे उर में तेरा वास हो हर रोम में प्रकाश हो सन्मार्ग पर मैं चल सकूँ मुझे अभय का वरदान दो शवेताम्बरी वरदान दो वरदायिनी वरदान*** मैं पीर […]
नाम साधना के अभ्यास के दौरान उभरा हुआ यह गीत प्रस्तुत करने बहुत ख़ुशी महसूस कर रहा हूँ ..! “नाम” में प्रभू के हम, मस्त हो के जी रहे ……! (गीत) हम है भक्त […]
सारी दुनिया का यही, क्यूँ है ये हाल सही..….! (गीत) सारी दुनिया का यही, क्यूँ है ये हाल सही, बाँहों में और कोई, ख्यालों में और कोई… ख्यालों में और कोई, बाँहों में और कोई..…. यारों, […]
ख़ुशी जिसे कहते हैं, वो चीज ढूंढता हूँ गैरों की इस दुनिया में अपनों को ढूंढता हूँ अकेला तो न था पहले कभी इतना साथ चले थे जो उन क़दमों को ढूंढता हूँ ख़ुशी जिसे […]
तेरे गीत प्यार के हैं सुख मेरा …..! (गीत) मै तो पहले गाता न था, गीत क्या है ये न जानता, तुझसे प्यार क्या हुआ, दिल मेरा चहक उठा, अब तेरे ही गीत गा रहा, […]
दुनिया हमारे दम से है …..! बदले हज़ार बार ज़माना तो गम नहीं, दुनिया हमारे दम से है, दुनिया से हम नहीं …..! क्यूँ फ़िक्र है तुम्हे मेरे यारों बेकार की, मंजिल मिलेगी आ के […]
**के जब तुम लौट कर आओ::स्मृति** हौसला टूट चुका है, अब उम्मीद कहीं जख्मी बेजान मिले शायद, जब तुम लौट कर आओ तो सब वीरान मिले शायदll वो बरगद का पेड़ जहां […]
आजादी का विजय पर्व , हम मिलकर आज मनायें | आज की मधुरिम बेला पर ,हम गीत खुशी के गायें | एक झोपडी भी भारत में , कहीं सूनी न रह जाये | एक भी […]
???????? ————————- भीगी रातें ————— सावन को जरा खुल के इस बार बरसने दो । राजी ही नही यारा दिल और तरसने को ।। दो तीन बरस बीते कुछ प्यार भरी बातें, अक्सर ही सताती […]
*एक विदाई गीत* हरे हरे कांच की चूड़ी पहन के, दुल्हन पी के संग चली है । पलकों में भर कर के आंसू, बेटी पिता से गले मिली है । फूट – फूट के बिलख […]
दिनांक-२०-७-२०१६ विधा- गीत संदर्भ- स्वतंत्रता दीवस तर्ज- बहुत प्यार करते है तुझसे सनम… …………………………………………………… झूकने न देंगे तिरंगे को हम-२ हमको हमारी भारत माता की कसम -२ झूकने न देंगे तिरंगे को हम-२ हमे मातृभूमि अपने प्राणों से प्यारी-२ हम है दुलारे ये है माता हमारी -२ सब कुछ न्योछावर इस पर पाये जनम… झूकने न देंगे तिरंगे को हम-२ प्यार में इसके हम लोग दीवाने -२ हंस […]
अधूरा गीत तुम बिन मेरे साजन बोलो कैसे ये जज़्बात लिखूँ, दिन मेरा कैसा बीता कैसे बीती रात लिखूँ। मन में उलझन भारी था तो ख़त तुमको ये लिख डाला, याद तुम्हारी दर्द लिखूँ या […]
यह गीत धरा का धैर्य गर्व है, नील–गगन का यह गीत झरा निर्झर-सा मेरे; प्यासे मन का …. यह गीत सु—वासित् : चंदन–वन यह गीत सु-भाषित् : जन-गण-मन यह गीत प्रकाशित् : सूर्य–बदन […]
रहम करना ज़रा मौला, नमाजी हूँ तेरा मौला। तू ही तो मीत है मेरा, तू ही तो गीत है मेरा॥ किसी को गैर ना समझूं, किसी से बैर ना रख्खूं।। मेरा दिल बस यही […]
…………गीतिका……….. श्रृंगार उत्पति वही होती जब खिली फूल की डाली हो कुछ हास्य विनोद तभी भाता हंसता बगिया का माली हो | कलरव करते विहगों की जब ध्वनि प्रात:कान में आती है बरसाती मधुरसकंण कोयल […]
संदर्भ:- वर्तमान में परिवार की परिभाषा … …………………………………………………. बदल गये रिश्ते नाते बदल गया परिवार बदल गये रीति रिवाज बदल गया घरबार | सिमित हुआ संबंध नही पहले वाली बात गांठ पाल मन में रखते […]
“गीतिका” मन को छोटा मत कर मानव तन्मय हो धर्म निभाता चल | सोया जग घोर तिमिर तो क्या तू मन का दीप जलाता चल ||मन को.. क्या होगा क्या होने वाला ये सोच के […]
कविता… हम जाते है स्कूल हाँ हम जाते है स्कूल | अपना भविष्य गढने अनुकूल || हम जाते है स्कूल…… पढ लिख कर होनहार बनेंगे मातु पिता का प्यार बनेंगे | घर आंगन फूलवारी अपनी […]
मैहर वाली माई के , मनावै के होई | जागि जागी जगत के , देखावै के होई | दुनिया में माई को , बतावै के होई | नारियल माला फूल , चढ़ावै के होई | […]
khamoshiyon ko khamoshi se khamosh rehne do bhari yadon ko khamoshi se gungunane do chale aye ho khayalon me bina dastak diye ab to ansuon ko palakon se khamosh behne do
खत्म हुई है कहानी आज बरबाद हुई जवानी आज। दुल्हन बनके चली गई है मेरे दिल की रानी आज। नजरें झुका के रहती थी, तेरी हूँ हरदम कहती थी। गोद में सिर मैं रखता था, […]
।। बंजारा – गीत ।। : अनुपम त्रिपाठी कोई ख्वाब नहीं, जो ढल जाऊॅं । मौसम की तरह से बदल जाऊॅं ॥ तबियत से हूँ ; मैं ! इक बंज़ारा । कल जाने कहां को […]
क्यों रूठे हो तुम हमसे… ? ना तुम याद आते हो ना तुम्हारी याद आती है जिक्र जो करूँ तुम्हारा तो ये बैरन हवा दिल के पन्ने पलट कर चली जाती है छाया तेरी जुल्फों […]
हर ओर उम्मीदें हैं, हर ओर सहारा है। हम बदलेंगें दुनिया को, वक्त हमारा है।। थपेड़े सह लेगें, लहरों से लड़ लेंगे। समन्दर हमारा है, साहिल भी हमारा है।। लाख गहरा हो दरिया, पार उसे […]
ये मत सोंचो एक कलम के बूते पर मैं दुनिया रोज बदलता हूँ । ये मत सोंचो कवि हूँ मैं तो बस कविता कर सकता हूँ ।। ठेले पर सपनो की दुनिया, लेकर चलने वाला […]
#_मेरा_वाड्रफनगर_शहर_अब_बदल_चला_है _______**********************__________ कुछ अजीब सा माहौल हो चला है, मेरा “वाड्रफनगर” अब बदल चला है…. ढूंढता हूँ उन परिंदों को,जो बैठते थे कभी घरों के छज्ज़ो पर शोर शराबे से आशियानाअब उनका उजड़ चला है, […]
छीनकर खिलौनो को बाँट दिये गम। बचपन से दूर बहुत दूर हुए हम।। अच्छी तरह से अभी पढ़ना न आया कपड़ों को अपने बदलना न आया लाद दिए बस्ते हैं भारी-भरकम। बचपन से दूर बहुत […]
(girlfriend ki kasam de ke doston se kaam karana) (mein hun india ka engg. dewana)x2 pocket money uda kar udhari mein khana khana (mein hun india ka engg. dewana)x2 (free wifi mile to bhaiya sab […]
ये माटी के खातिर होगे, वीर नारायण बलिदानी जी। ये माटी के खातिर मिट गे , गुर बालक दास ज्ञानी जी॥ आज उही माटी ह बलाहे, देख रे बाबु तोला। मोर रंग दे बसंती चोला, […]
क्या यही सरजमीं थी मेरे वास्ते ये कैसी कमी थी मेरे वास्ते खुद को देखू तो स्वर्ग का अहसास हैं मेरे दामन में आतंक का आभास हैं सहमे सहमे है बच्चे मेरे हर घरी जाने […]
आज मुझे आलिंगन देकर मुक्त करो हर भार से… प्रियतम मेरा हाथ पकड़ कर ले चल इस मझधार से… नयन मौन हैं किन्तु प्रणय की प्यास संजोये बैठे हैं.. भाव हृदय के स्मृतियों में अब […]
बेसबब प्रश्न हैं शब्द सब मौन हैं पूछते हैं कि हम आपके कौन हैं मैं युधिष्ठिर सा सच झूठ भी बोल दूँ वो कहां शष्त्र त्यागे हुऐ द्रोण हैं जानते हैं वो सब मानते कुछ […]
आज कुछ हुआ है मेरे सनम को,-२ पास आके कहती है भुल जाओ हम को, आज कुछ हुआ.••••• यु नदी बन मुझे दुर तक बहाया लहरो मे अपनी मुझको मिलाया , अब यू किनारो पे […]
“जब चाँद भीगता था छत पर” बहका सावन-महकी रुत थी, ये हवा भी मीठी चलती थी. जब चाँद भीगता था छत पर, तब बारिश अच्छी लगती थी. वो बाल खुले बिखरे-बिखरे, होठों पे’ कभी आ […]
देहरी लाँघी नहीं घुटन में घुटती रहीं बच्चे रसोई बिस्तरे की दूरियाँ भरती रहीं बंदिशों की खिड़कियों के काँच सारे तोड़ डाले लो तुम्हें आजाद करता हूँ | **** पायलों ने पाँव कितने आज तक […]
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