मेरी दुश्मन है बे- अकली हमारी दिखी औकात अब असली हमारी मेरे आँसू छुपा लेता है बिस्तर हँसी है यार अब नकली हमारी। हमें ही मान बैठे हो खुदा तुम मगर करते हो फिर चुगली […]
मेरी दुश्मन है बे- अकली हमारी दिखी औकात अब असली हमारी मेरे आँसू छुपा लेता है बिस्तर हँसी है यार अब नकली हमारी। हमें ही मान बैठे हो खुदा तुम मगर करते हो फिर चुगली […]
बार बार नही इजहार एक बार होता है ज़िंदगी मे भी बस प्यार एक बार होता है. कुछ लोग गिनाते अपनी ढेर सारी मुहब्बतें पर वो वाला प्यार यार एक बार होता है. आज हम […]
उसने जुलेखा की तरह कीमत लगाई मेरी, मैं ता उमर जिसकी आंखो में डूबा रहा। उन्ही हाथों में कत्ल का सामान मिला मुझको, मैं अपना समझ कर जिनको गले लगाता रहा। सारी अछैयां धारी की […]
तेरे इश्क की इंतेहां चाहता हूं, बड़ी मुद्दत हुवी बिछड़े तुझसे, अब मिला है तो राह-ए-सफ़र में, तुझसे फिर रूबरू होना चाहता हूँ। ता उमर देता रहा फरेब खुद को, मोहब्बत की राह मैं, लुट […]
जुनून जिंदा है इस बात का सुकून तो है। बगैर जुनून के जिंदगी बस जहन्नुम तो है। सोचो मौसीक़ी न होती, जहान कैसा होता, शुक्र है कानों में घुलता मधुर तरन्नुम तो है। क्या सोचेगी, […]
उसने रो रो कर एक दिन मुझसे कहा था, भुला तो ना दोगे मुझे, यूं चलती रहो में छोड़ तो ना दोगे मुझे, जगा कर मोहब्बत की कशिश मुझमें, अपने दिल से मिटा तो ना […]
मुझे ही नज़र मे बसाती है दुनिया नज़र भी मझी से चुराती है दुनिया ये दुनिया मेरे साथ चलती तो कैसे कदम जब ना मुझसे मिलाती है दुनिया ना देती है उंगली मुझे थामने ये […]
जो बेहद या बेशुमार हैतू भी चला है मेरे साथ तुझे भी पता है मेरे सपने तुझे भी पता मेरे दुख तुझे भी पता है ना मेरा हाल तुझे भी पता है मेरा दिल का […]
जैसे आती है धीरे से कोई आहट। ऐसी है प्यारी आपकी मुस्कुराहट ।। गर मिटानी हो कोई करवाहट। काफी है आपकी एक मुस्कुराहट।। जिंदगी में सजने को है कई सजावट। मगर सबसे सीधी है एक […]
आज मैं यहाँ खड़ा हूँ, खुद को परिभाषित करने के लिए। शब्दों के रंग में खेलते हुए, अपनी भावनाओं को समर्पित करने के लिए। कविता के सागर में डूबकर, अपनी मनचाही उड़ान भरने के लिए। […]
मैं दूर आ चला हूं घर से बहुत, मुझे वापिस घर बुलाए कोई, ये शहर अजनबियों का मेला लगता है यहां मुझे अपना बताए कोई मैं आवारा घूम रहा हूं इन गलियों में कब से […]
Mohabbat ho gai he par khud ko rok rakha he Lakeero me dawa aur hateli par rog rakha he Ishq me khudko tootne se baccha nhi paate To jo cheej bas me nhi unhe chod […]
लओट कर ना आया,ओ रहबर – रहगुजर मेरा, त उमर रहा,तनहा सफर मेरा, हर रिश्ते फरेब देते रहे मुझे,ज़िन्दगी के हर मोड़ पर, बेवजह नेछावर कर दिए मैंने लहु का एक एक कतरा मेरा, ये […]
तुझसे बिछड़ के जिंदगी कुछ इस तरह से गुजरी है, न कोई राह-ए-सफ़र, न हम सया साथ चलता है, इतना तन्हा हुआ मैं तेरे जाने के बाद, ना अपना, ना कोई पर्य साथ चलता है। […]
ख़्वाब को साथ मिलकर सजाने लगे घर कहीं इस तरह हम बसाने लगे कर दिया है ख़फ़ा इस तरह से हमें मान हम थे गए फिर मनाने लगे
अपनी क़िस्मत को फिर बदल कर देखते हैं आओ मुहब्बत को एक बार संभल कर देखते हैं चाँद तारे फूल शबनम सब रखते हैं एक तरफ महबूब-ए-नज़र पे इस बार मर कर देखते हैं जिस्म […]
तुम्हारे बिन मेरा जीवन बड़ा बेरंग है, तुम्हारे संग ही जीवन के सारे रंग है, ना इक भी कॉल, मैसेज और ना बातें, बताओ इस तरह से कौन करता तंग है, हमारी पहली होली और […]
मैं ख़ुद को बेकार समझता हूँ, हूँ नहीं, मगर यार समझता हूँ, आपकी भी कहानी से वाक़िफ हूँ, आपका भी किरदार समझता हूँ, आप मुझे बेवकूफ़ समझते हैं, आपको मैं समझदार समझता हूँ, आपको मैं […]
मुश्किल है आसान नहीं है, जीना आसाँ काम नहीं है, जिसको अच्छा समझ रहे थे, वो अच्छा इंसान नहीं है, जो वाकई ज्ञानी होता है, सबको देता ज्ञान नहीं है, मंदिर, मस्जिद, गुरुद्वारे है, सबका […]
जो सितारों को मुँह चिढाएँगे, आज वो दीप हम जलाएँगे। आँख दुनिया की चौंधियाएँगी, इस कदर रोशनी लुटाएँगे। जीते हैं अबभी जो अँधेरों में, उनको हम रोशनी में लाएँगे। जो हैं रूठे उन्हें लगाके गले, […]
फूल की महकी कली हैं बेटियाँ, नूर सी सबको मिली हैं बेटियाँ। रंजिशो औ’ नफ़रतों के दौर में, आज भी कितनी भली हैं बेटियाँ। मतलबी लोगों की फ़ैली भीड़ में, हाथ थामे संग चली हैं […]
मेरे जीवन की एक वक्त के सत्य घटना को साझा करता ये गीत – सहारे अब सभी छूटे ना कोई काम आया है पकड़कर प्रभु तेरा दामन तुझे अपना बनाया है।। भरोसा दोस्तों पर था […]
अपनी जिन्दगी के बिषम हालात के वक्त का वर्णन करते हुए आर्यन ने लिखा ये गीत – फसी है जिन्दगी कैसी मुकद्दर के किनारों मे छुपी है रंग ए रौनक वक्त के बन्द द्वारों मे।। […]
भर लो आगोश में, आओ कि सहारा दे दो, इश्क है कि नहीं थोड़ा सा इशारा दे दो। 1.हम भरम में रहे कि इश्क है तुमको हमसे करो न याद सितमगर तो भुलावा दे दो। […]
तुम्हारे खूबसूरत चेहरे पे जो गुस्सा रहता है जैसे हर गुलाब की हिफाजत में कांटा रहता है जंगल में किसी कस्तूरी हिरन सी लगती होगी जब अपने पायल की खनक से तुम खुद डर जाती […]
सुनसान महल में कोई है जो भटक रही है। “तूम से है पुराना रिश्ता” हर बार यही कह रही है।। कभी करीब से कभी महल के झरोखों से। क्यों हर रात मुझे जख्म दे रही […]
फिर एक राही मंजिल से भटक गया। सभी उम्मीदें पल में ही टूट गया।। थी जुस्तजू उसे अपना भी कारवाँ होगा। मुकद्दर के पन्नों पे अपना भी नाम होगा।। वक्त ने ऐसा पैंतरा बदला ए”अमित”। […]
तेरे दीवानों में नाम मेरा भी शुमार न हो ये कैसे मुमकिन है तुमसे मुझे प्यार न हो। एक लम्हा भी ऐसा मेरा गुज़रता नहीं, कि मैं सोचूँ तुम्हें और मुझे ख़ुमार न हो। मेरी […]
झील के आगोश में कल चाँद फिर ढ़लता रहा। एक सितारा चाँदनी में रात भर जलता रहा। रात भर इक शक़्ल मेरी आँख में पलती रही, रात भर अंगड़ाइयों का दौर फिर चलता रहा। हसरतों […]
गीत – इश्क ए शैलाब | उफनते हुश्न ए शैलाब मुझे बहा न देना तुम | शराबी नजरों शबाब ए जाम डूबा न देना तुम | मै मरीज ए इश्क तेरा मर्ज ताजा ही रहेने […]
दिल के कब्र में एक मर्तबा झाँक कर तो देख, मैं उम्मीद की चिराग जलाए बैठा हूँ। एक न एक दिन मुरादें होंगे पूरे मेरे, वर्षों से यही उम्मीद लगाए बैठा हूँ।। तेरी यादों के […]
दिन रात शराब पी कर तंग आ गया हूँ मैं। बेवफा की नशा उतरता ही नहीं क्या हो गया हूँ मैं।। कभी इश्क़ से कोसो दूर रहा करता था मैं।आज इश्क़ के गुलाम बन कर […]
बड़ा जखम दिया है,इस ज़माने ने सदियों लगेगी मूशकुराने में, अजब सी दरियादीली देखी ज़माने की, गरीबों को रुलाने में,अमीरों को हँसाने में. कहीं पर खुले अत्तयाचार है,तो कहीं पे मीठी जुबान पे तलवार है, […]
लओट कर ना आया,ओ रहबर – रहगुजर मेरा, त उमर रहा,तनहा सफर मेरा, हर रिश्ते फरेब देते रहे मुझे,ज़िन्दगी के हर मोड़ पर, बेवजह नेछावर कर दिए मैंने लहु का एक एक कतरा मेरा, ये […]
अद्वितीय सेवक हैं बल बुद्धि के निधान है अजर अमर कलयुग के प्रत्यक्ष भगवान् हैं असुरों के काल और संत जन रखवाले हैं श्री राम की असीम कृपा का पाया वरदान है फिर से बेहोश […]
आ गया साल है पांचवा जानिए छा रहा है सहज मेघ ये मानिए बूंद दो भी बरस के न जाएगा ये मोर के जैसे शोर को छानिए घर बनेगा उन्ही का हकीकत यही पैर के […]
जब मै बूडा हो जाउगा,जब आँखो के दीये बूझ जाएंगे, कया तबी तुम मुझको चाहोगी,कया तबभी तुम मुझको प्यार करोगी, बोला ना. जब मेरी आँखे धुधली हो जाएंगी,जब चेहरे की झुर्रियां ज़िन्दगी की कशमकश से […]
एक दिन तो जाना है तुझको,आज तो साथ रहने दे, ये दर्द ज़फ़ा का तेरे संघ सहने दे. ऐसे न नज़रे चुरा मुझसे,हूँ मै आखिर तेरा दीवाना, है जब तक साँस बाकि,तब तक तो तेरे […]
Jo bit gai so baat gai Chalo ek nai suruat karen Mera gham tu lele tera gham mailelun Chal baith ek duje se kuch naat karen Bhuli bisry yaado se dard k faoware uthte hain […]
दर्द बनके आँखो के किनारों से बहती है! बनकर दुआ के फूल होंठो से झरती है!! देती है तू सुकून मुझे माँ के आँचल सा! बनके क़भी फुहार सी दिल पे बरसती है!! खुशियाँ ज़ाहिर […]
कैसा है ये खयाल ऐसा है अपना हाल जैसे,,,, लठ्ठे जल के बनता हो राख राख के भीतर छोटी सी आग आग मरता रहता है हाल अपना वैसा है,, जैसे,,,,, गर्मी के दिन में सूरज […]
घर आँगन में फूलों सी खिलती हुई लड़कियाँ! फ़ीकी दुनिया में मिसरी सी घुलतीं हुई लड़कियां!! उदासियों की भीड़ में हँसती हुई मिलती हैं! ज़िम्मेदारी के बोझ तले पिसती हुई लड़कियाँ!! ढल जाती हैं पानी […]
जख़्म तुझको मैं दिखा देता हूँ, दर्द अपना मैं भुला लेता हूँ। पास आकर जो बैठ जाते हैं, उनको अपना मैं बना लेता हूँ। कहते हैं मुझसे मन की अपनी, मैं भी मन उनसे लगा […]
यूँ अपने जज़्बात नुमाया क्यों करते हो ! मेरी ख़ातिर अश्क बहाया क्यों करते हो !! क़िस्मत के लिक्खे से मैं भी वाकिफ़ हूँ ! बातों से मुझको बहलाया क्यों करते हो !! जब साथ […]
हर अंधेरे को एक सवेरा मिलता है हर कांटो के ताज पर फुल खिलता है। फिक्र क्यूं करना समस्याओ की हे मनूष्य? हर काले बादल को एक रोशनी का किनारा मिलता है। संघर्ष किए बिना […]
बीते कल की परछाई है और तुम्हारी यादें हैं मैं हूँ, मेरी तन्हाई है और तुम्हारी यादें हैं..!! सर्द अंधेरी इन रातों में थोड़ी सी मदहोशी है टूटी सी इक अंगड़ाई है और तुम्हारी यादें […]
मुझे ठुकरा कर काश तुम अपना जीवन संवार लेते। तेरी बेवफ़ाई को ही हम अनमोल तोहफ़ा समझ लेते।। मुझे यह दु:ख नहीं कि तुम मेरे हमसफ़र नहीं बन पाए। दु:ख तो इस बात की है […]
पहली प्यार की पहली निशानी । संभाल कर रखना ऐ मेरी रानी।। यदि कल हम मिले या न मिले। फिर भी गुलशन में गुल खिले।। मिलन पे मौसम भी बेमिसाल है। क्योंकि मुझे तुम से […]
अश्कों का समन्दर है अँखियों में मेरी एक कागज की किश्ती कहाँ से चलेगी। है ये बदनाम बस्ती हमारी सनम इश्क की फिर कलियाँ कहाँ से खिलेगी।। रोकड़े में खरीदे सभी प्यार आकर प्यार की […]
बहुत गमगीन हो रही ज़िन्दगी मुस्कुराने की दवा चाहिए। मर्ज बनकर खड़ी है नफरते प्यार की एक हवा चाहिए।। चाहते हैं सभी सेकना रोटियाँ तप्त-सा कोई तवा चाहिए। इन्सान बनकर रहे सर्वदा बनने को ना […]
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