राहें हमारी मिलने के आसार नहीं हैं! कैसे कहूँ तुम्हारा इंतजार नहीं है!! मेरी हर दलील को ठुकरा चुका है ये! इस दिल पे मेरा कोई इख्तियार नही है!! ख़्वाबों में तुमसे रोज़ मुलाक़ात है […]

बदल रही है ज़िंदगी, बदल रही हूँ मैं..! तुम इश्क हो तुम्ही में ढल रही हूँ मैं!! नरमी तुम्हारे हाथों की ओढ़े हुए हैं धूप..! तपिश में इसकी बर्फ़ सी पिघल रही हूँ मैं!! जाना […]

हम तो गिर कर भी संभल नहीं पाए क्या करें चाहत की डोर ही कुछ ऐसी थी। वो कहते रहे चिंगारी से कभी न खेलना हम जान कर भी अनजान बने रहे क्या करे हमारी […]

सुबह की, किरण हो नई रोशनी हो, बहारों भरी हो, नई रोशनी हो। जिन्हें रात भर चैन की नींद आयी, उन्हें जगमगाती, नई रोशनी हो। बिखरते हुये दिल अंधेरा घिरा हो, उन्हें राह देती, नई […]

दिल ले के वो नादान, दग़ाबाज़ी करते चले गए। रेत में हम उनके लिए, महल बनाते चले गए।। हमें क्या पता था, खूबसूरत समंदर की बेवफ़ाई। हम तो समंदर की सुरत पे, एतवार करते चले […]

अंधेरे से ज्यादा, करीबी न रखना, अंधेरे से दूरी बनाए ही रखना। भले ही जमाना, तुम्हें कुछ न समझे, मगर हौसले को बनाये ही रखना। चली आंधियां है, धूल उड़ रही है आंखों को अपनी […]

वफ़ा कीजिए खुद वफ़ा ही मिलेगी, धोखे से बस बेवफाई मिलेगी। मुहोब्बत अगर साफ पानी से होगी, दिल ए गंदगी को , जगह ना मिलेगी। सड़क धूल से, इस कदर जब भरी हो, पांवों को […]

यारा! तुझ संग जिंदगी गुजारनी है मोहब्बत में तेरी हर शाम महकानी है, तेरे ही नाम से लहराता है आँचल मेरा तेरी दीवानी बन हर रात महकानी है, बिन तेरे प्यासी हूँ मेरे हमसफ़र प्रेम […]

सुनो ए दोस्त तुम ए काम न किया करो। मुहब्बत को यों बदनाम न किया करो।। माना कि रास्ते बहुत कठिन है इश्क के। फिर भी अपनी इश्क़ पे यकीन किया करो।। जो हर मर्तबा […]

ए हमजोली जरा बता तो सही कहाँ गए वो दिन । रह नहीं पाते थे कभी हम एक दूसरे के बिन।। वो कसमे वादे वो हसीन ख्यालों के मीठा ख्वाब। आज वक्त के साथ सभी […]

“साँस लेता हूँ फकत ये भी कोई कम तो नही, ज़िंंदगी तू ही बता मुझपे तू सितम तो नही.. कभी पूछा न ज़माने के शरीफ लोगों ने, ‘दीवाने ये बता कि तुझको कोई गम तो […]

अभी ना मेरा दीदार कर, थोड़ा ख़ुद को मैं संवार लूं। तेरा हर लफ्ज़ हो शहद सा, तुझे दिल में मैं उतार लूं। जब मिले तेरी नज़र से, नज़र मेरी, तेरी छवि जिगर में उतार […]

आजादी के जश्न में तो मनाता हर कोई है आजादी का मायना समझ सके तो कोई बात बने समाज जब संवेदनहीन हो जाये तब कोई संवेदना से बाते करे तो कोई बात बने तिरंगे के […]

जय हिन्द साथियो पहचान क्यों अलग सी है सारे जहान में सब सोचते ऐसा है क्या हिन्दोस्तान में है सभ्यता की मूल ये हिन्दोस्तां मेरा कितनी मिठास मिलती हमारी ज़ुबान में हर रूप में हैं […]

आदाब जहाँ के वास्ते बेशक कोई वरदान है भारत फरिश्तों के लिए भी आरज़ू-अरमान है भारत यहीं जन्मी है दुनियाँ की पुरानी सभ्यता यारो सभी वेदों पुराणों का कोई सम्मान है भारत क़सीदा हो, रुबाई […]

आदाब जहाँ के वास्ते बेशक कोई वरदान है भारत फरिश्तों के लिए भी आरज़ू-अरमान है भारत यहीं जन्मी है दुनियाँ की पुरानी सभ्यता यारो सभी वेदों पुराणों का कोई सम्मान है भारत क़सीदा हो, रुबाई […]

जय हिन्द साथियो पहचान क्यों अलग सी है सारे जहान में सब सोचते ऐसा है क्या हिन्दोस्तान में है सभ्यता की मूल ये हिन्दोस्तां मेरा कितनी मिठास मिलती हमारी ज़ुबान में हर रूप में हैं […]

तेरे दर्द ने हमें इस तरह बेगाना किया । तुझे भूलाके हमने खूद को याद किया ।। अपनी पहचान भूलाके हमने साथ प्यार का सपना देखा । कमबख्त! तुने मुफलिस समझे मेरा प्रेम-प्रस्ताव अस्वीकार किया […]

गजल ।। क्या लिखूँ जो दुनिया को भाये । मैं नहीं तो क्या कोई तो भाये जहां को ।।1।। जहां को अगर लगते है शख्स वो प्यारे । तो मैं क्यूँ महफिल में सरेआम बदनाम […]

🌹🌹 Friendship Day special🌹🌹 गजल:- याराना प्रेम से भी बड़ा बन्धन, सुकून आये दोस्ती में। कभी कृष्णा कभी अर्जुन याद आये दोस्ती में। अपनी जिंदगी से हार थक करके हर इन्सान, सभी परेशानियां और गम […]

🌹🌹 Friendship Day special🌹🌹 गजल:- 🌹🌹याराना🌹🌹 प्रेम से भी बड़ा बन्धन, सुकून आये दोस्ती में। कभी कृष्णा कभी अर्जुन याद आये दोस्ती में। अपनी जिंदगी से हार थक करके हर इन्सान, सभी परेशानियां और गम […]

मेरी पुरनम कहानियां सुनकर।। दिल की डूबें न कश्तियां सुनकर।। तेरे चर्चे में फूलों की ख़ूशबू पास आती हैं तितलियां सुनकर।। दूल्हा बाज़ार से ख़रीदेंगे क्या कहेंगी ये बेटियां सुनकर।। वह मुझे याद कर रही […]

सौ बार सरे-राह सफ़र छोड़ना पड़ा।। मंज़िल पे हर परिन्द को पर छोड़ना पड़ा।। पुश्तैनी घर की जब मेरे दहलीज़ गिर पड़ी घर को बचाने के लिए घर छोड़ना पड़ा।। दहशत के लिए हो रहे […]

गज़ल ।। इतना अच्छा नहीं हुँ, जितना कि दुनिया कहती है । मैं कैसा हुँ, ये सिर्फ मैं जानता हूँ ।।1।। खूद के सवालों के कठघड़े में, मैं हरवक्त खड़ा रहता हूँ । दूसरों के […]

हमको गैरों से भी मोहब्बत है, अकेला तुमसे होता,तो मर जाते। घर से दूर हैं घर के वास्ते, वरना हम भी सोचते हैं ,काश घर जाते। हम खड़े हैं हमने माज़ी से सबक लिया, वक़्त […]

रोज मिलने के वादे तोड़ते हो जो तुम बात तेरी ये मुझको गवारा नहीं। बात ही बात पे रूठते हो जो तुम जानते हो तेरे बिन गुजारा नहीं। रोज अपनी गली देखते हो मुझे आशिक […]

राज़ को राज़ ही रहने दो ए सनम। मुझे गवारा नहीं कि तुझे कोई बेवफा कहे सनम। मैने मुहब्बत की है कोई खिलवाड़ नहीं। तेरी रुसवाई को सिन्हे में छुपाया है सनम।। माना कि वफा […]

दुआ इतनी है कि रोज इस तरह भी बेशुमार आएं। दिन ढले तो बहार आए रात गुजरे तो बहार आए। घटाएँ चिलमन हैं खुशियाँ हैं रोशनी की किरण, घटाएँ ढलती रहें रोशनी के गुबार आएं। […]

मेरे लबों की आप सदा बनके आइए। खुद जाम पीजिए, हमें भी पिलाइए। नज़रों में आपकी मयखाना नज़र आये। मखमूर क्यों न हो इनमें जो उतर जाए। मयकश की लाज रखिए तशरीफ़ लाइए। खुद जाम […]

हम भी रोये नहीं मुद्दतें हो गयीं। पत्थरों की तरह आदतें हो गयीं। जबसे बेताज वह बादशाह बन गया, पगड़ियों पर बुरी नीयतें हो गयीं। जख्म भी दर्द देते नहीं आजकल, कम सितमगर तेरी रहमतें […]

सच कभी हमारा दामन नहीं छोड़ता  कोई भटकाव हमारा प्रण नहीं तोड़ता  जब भी विरोधाभास का आभास हुआ  हम कोई प्रतिक्रिया देते वक़्त नहीं भूले  अपने शब्दों को बोलने से पहले तोलना  फिर भी जाने […]

चारो तरफ कयामत ही कयामत है। जिधर देखो करोना के ही क़हर है।। महामारी में जी रहे है हम और आप। फिर भी उम्मीद के किरण जलाए बैठे है।। आज नहीं तो कल होंगे कामयाब […]

धधक रहा है मुल्क, और कुछ आग मेरे सीने में। वफ़ादारी खून में नहीं तो फिर क्या रखा जीने में। वतन परस्ति से बढ़कर, और कोई इबादत नहीं, वतन परस्ति का सुकून, न काशी में […]

महफ़िलों से डर लगने लगा, तन्हाई हमें रास आने लगी दोस्तों में हमें ऐ ख़ुदा, दुश्मनी की बांस आने लगी समझा था जिसे अपना हमसफ़र, उसी ने बदल दी है अपनी डग़र दो राहे पे […]

जुबां जो कह नहीं सकती आंखें वो राज़ कहती हैं। दिल में जो कुछ भी चलता है धड़कनें आवाज करती हैं । लगाए लाख भी पहरे दिलों पर चाहे जमाना, मोहब्बत तोड़कर पहरे दिल को […]

तलाशी जिस्म की खुलेआम दे दी। सब दिखाया पर दिल दिखाया नहीं। ढूढ़ते रहे हार के लौटना पड़ा सबको, जब हाथ लगाया दिल धड़काया नहीं। ढूंढते ढूंढते रात दिन हाथ से निकले, रूह में रहे […]

अब तो घर में भी रहना कारावास है क्योंकि दरबाजे पे बैठा कोरोना कहर। देख विरयानी में भी है खिचड़ी का स्वाद क्योंकि दरबाजे पे बैठा कोरोना कहर।। क्यों अनजाना -सा लगता है अपना शहर […]

मुद्दत बाद ए दोस्त भेजा उसने मेरे नाम इश्क़ ए पैगाम। गुजर गया वो जमाना कभी याद करते थे उनको सुबह शाम।। न मै बेवफा थी न वो बेवफा था बेवफा था ए ज़ुल्मी जमाना।। […]

आज की रात कयामत की रात है। गर तुम हो मेरे साथ तो जन्नत की बात है।। थी जुस्तजू तुम्हें पाने को मगर। क्या करू सब की अपनी मुकद्दर है।। डर है मुझे कहीं ए […]

उनके मस्त अदाओं के जाल में,हम गिरफ्तार हो गए। जुस्तजू के मेले में हमारी मुकद्दर, हम से ही खफ़ा हो गए।। वफा से बे -वफा बनेंगे वो , हमने ऐसा सोचा ही कब था । […]

गलतफहमियों के बीज अविश्वास से पनपते हैं अधसुनी बातों को लोग पूरा सच समझते हैं बड़े तो हो चले हैं हम अपनी नजरों में प्रज्ञा ! ना जाने लोग क्यों मुझे अभी छोटा ही समझते […]

आदाब मुफ़लिसों को क्यों मिली है जिंदगी बारहा ये सोचती है जिंदगी ज़िंदगी जैसे मिली ख़ैरात में ऐसे उनको देखती है जिंदगी इस जहाँ में बुज़दिलों के वास्ते बस क़ज़ा है, तीरगी है ज़िन्दगी ख़ुदकुशी […]

ग़ज़ल दौलत नहीं, ये अपना संसार माँगती हैं ये बेटियाँ तो हमसे, बस प्यार माँगती हैं दरबार में ख़ुदा के जब भी की हैं दुआएँ, माँ बाप की ही खुशियाँ हर बार माँगती हैं माँ […]

जिसे सर झुकाने की आदत नहीं है उसे हर बशर से मोहब्बत नहीं है दुःखा दिल किसी का ख़ुशी मैं मनाऊँ मेरे दिल की ऐसी तो फ़ितरत नहीं है वो अपने किए पर पशेमां बहुत […]

कभी मायूस होती हूँ कभी बेचैन होती हूँ मगर तेरी मोहब्बत में डूबी दिन-रैन होती हूँ, कभी बातें कभी यादें कभी तन्हाई में तुझको भुलाकर सब ओ मेरी जान सिर्फ तुझमें ही खोती हूँ । […]

आओ साथी करे हम कोरोना पे कड़ाई। यही से होगी हमारी भारत की लड़ाई ।। वार पे वार हम सहते गए,अब न सहेंगे । चलो चलें हम करे पीड़ितों की भलाई।। यही बनता है हमारा […]

ग़ज़ल ——- दूरियां ,नज़दीकियां, खुशफहमियां तेरे साथ में, हम मिले ना थे कभी पर बह गए जज्बात में। 1. मौसमै अंदाज था कुछ खास था उस रात में, थे गिरफ्त में इश्क के उस बेवजह […]

जो इंसानियत की दुश्मन बन जाये, वो जमाअत कैसी। खुदा ने भी लानत भेजी होगी, इबादत की ये बात कैसी। खुद की नहीं ना सही, अपनों की तो परवाह कर लेते, जिन्हें अपनों की परवाह […]