तुम अपने मुहब्बत में कर लो परीक्षा सनम। पास निश्चित करुँगा पर आगे की तेरी इच्छा सनम।।
तुम अपने मुहब्बत में कर लो परीक्षा सनम। पास निश्चित करुँगा पर आगे की तेरी इच्छा सनम।।
कुछ छंद अनोखे लाए हैं कुछ गीत सुहाने लाए हैं। हम तो तुम्हारे आशिक़ हैं कुछ भाव तराने लाए हैं।।
दुनिया दरकिनार होना चाहती थी हमसे पर दरकिनार हो न पाई । मुहब्बत ने ईंटे तो काफी लगाए पर इश्के मीनार हो न पाई।।
गीत बन्द पड़े हैं कल्पनाओं के अंतस में मीत सुनने को बेताब है
एक वक्त ऐसा भी लाऊँगी मैं जो हमें देख के अनदेखा कर देते हैं वो हमें देखने को तरसेंगे
कहीं खो से गए हैं सपने और जाग पड़ी हैं नींदे लॉक डाउन में जैसे सहम गये हैं जीवन के माइने कहीं रिश्तों की डोरी ने मजबूत हो रही है तो कहीं टूटने लगी है […]
कहते हैं किसको हँसना गमगीन ज़िन्दगी है। मिट्टी करे समर्पित अश्कों से बन्दगी है। हरदम रहे वो गीला उसका सदा हीं जून है। क्या नाम दूँ मैं उसको वो एक गोरकुन है।।
ये कोरोना की छुट्टी भी अब बेकार हो गई । मोबाइलों में होम वर्क और पव जी बेकार हो गई।।
गर्मी की छुट्टी हो गई गर्मी के आने से पहले। शायद स्कूल लग जाऐंगे नानी 🏡 जाने से पहले।।
ऐ वक्त जरा रुक जा कुछ देर के लिए। दुनिया में लाॅकडाउन है नये सबेर के लिए।।
सीता का हाँथ देते समय जनक ने कभी नहीं सोचा होगा की जनक दुलारी सीता यूंँ वन में कष्ट भोगेगी कन्द मूल खायेगी और घास की सेज पर सोयेगी पर होतब्यता देखो यह सब हुआ […]
मन्दिर बन्द है फैक्टरी बन्द है बन्द है कारोबार। घर में सोना बाहर कोरोना जीना है दुश्वार।।
जनताओं को कैद कर दो’कोरोना के नाम पे। बिजली पानी भी मुफ्त करो कोरोना के नाम पे।।
लाॅकडाउन बढ़ाते रहो अध्यादेश लगाते रहो आखिर जो आप मंत्री ठहरे। मजदूरों को भगाते रहो शराबियों को अजमाते रहो आखिर जो आप मंत्री ठहरे।।
चौथापन है लाॅकडाउन का फिर भी कोरोना अभी जवान है। करते रहो अध्यादेश जारी तुम्हें क्या जनता कितनी परेशान है।।
आलिंगन भी दिल से दिल को ना मिलाता। फिर बेबफाई से दिल आखिर क्यों टूट जाता।।
हर कसम टूट जाते हैं मुहब्बत के एक कसम खाने के बाद। इश्क़ रंग लाता है जुदाई के बाद।।
रंग बदलती दुनिया में बेरंग पड़ा है सबका जीवन फूलों से थोड़ा रंग चुरा कर तितली से थोड़ा रंग चुरा कर भर लो अपने जीवन में।
धृतराष्ट्र की महत्वाकांक्षाओं ने ही बीज बोया महाभारत का धृतराष्ट्र आंखों से अंधे थे उन्होंने दुर्योधन के व्यक्तित्व को अंधा बना दिया इतिहास धृतराष्ट्र को ही महाभारत का जिम्मेदार ठहराता है गलत नहीं है क्योंकि […]
जीवन चलता है चलता रहेगा कल घुटनों के बल चलते थे आज पैरों पर खड़े हैं
कसम दे देकर बर्बाद किया तुमने जहर की बात तुम ना करो तो अच्छा है
गीत मुस्कुरा के गाता हूं जाने क्यों ग़ज़ल लिखने में आंख भर आती है
दूरियां बनाने से कुछ नहीं मिलता रिश्ते नज़दीकियों से ही चलते हैं
कब से जाम लिये बैठा हूँ नजरों से पिलाने वाले कहाँ गए
आओ साथी मास्क लगाए। अपनो से दो गज की दूरी बनाये।। स्वस्थ खुशहाल तो देश खुशहाल। यही मंत्र सभी को काम आए।। हर मर्ज के दवा है हमारे पास। बस थोड़ा सावधानी बरती जाए।। कोरोना […]
ए नागन ज़रा देखें तो तुझ में कितना है जहर। तूने अनगिनत आशिकों के दिल ढाया है कहर।।
फलक के सितारे भी तारीफ़ करते हैं तेरी अदा को। जरा मैं भी तो देखूं खुदा ने किस कदर बनाया है आपको।।
मैं आज जो निकली राहों पर यह राह मुझे बात सुनाती है कहे शर्म तो आती ना होगी मेरा घ्रणा से नाम बुलाती है कहे घूम रही चौराहों पे कोई वजह है या आवारा है […]
किरदार निभा रहा हूँ अपना नया भारत हूँ मैं और दिल का तिरंगा लहरा रहा हूँ
तूने दूर किया है मुझको अपने साये से मेरी दीवानगी देखो तुझमे ही डूबा रहता हूँ
मैंने जिस दिन से आलिंगन किया तुझे रात दिन खुमार में ही रहता हूँ
फूल की राहों में काँटे बिखरेता है कौन? चांदनी रात में अकेला यहाँ आता है कौन?
इस घर की कैद ने भी क्या खूब काम किया बिखरी तस्वीरों को करीने से सजा दिया फिर से याद आए वह पुराने साथी कुछ बिछड़े पलों को फिर से मिला दिया ।
जब तुझसे मेरी पहली मुलाकात होगी बिना बोले ही आंखों से सब बात होगी बिताकर कुछ पल जिंदगी के साथ तेरे फिर से हमारे प्यार की शुरुआत होगी तेरे चेहरे की मुस्कुराहट से दिल को […]
चलो दर्द को भूल जाते हैं हंसी की ट्रेन पकड़ कर खुशी के संसार में जाते हैं पुरानी यादों में से ‘कुछ’ को चुनकर फिर से नई दुनिया बसाते हैं
जब हम साथ होते हैं हाथों में हमारे हाथ होते हैं दुनिया की उलझनों से दूर सिर्फ हम और हमारे जज्बात होते हैं❣️❣️
छोटा सा एहसान कर के लोग ताउम्र जताते हैं कितने मासूम है वह मां-बाप जो सब कुछ करने के बाद भूल जाते हैं….
खुदा के फरिश्ते के रूप में तुम आती हो होठों पर मीठी सी मुस्कान लाती हो अपनी जिजीविषा और कर्मनिष्ठा से टूटी आशा को जगा जाती हो रोगियों में रोगों से लड़ने की क्षमता बता […]
बदले तो वो थे ….. इल्जाम हम पर लगा बैठे हमने तो ख्वाब सजाए थे वो तो उनको ही जला बैठे।
सब कुछ कहां कह पाते हैं कुछ शब्द अधूरे रह जाते हैं कुछ बातें मन में आती हैं कुछ मन में ही रह जाती हैं कहने को हम सब पूरे हैं बिन लफ्जों के भाव […]
तुम कृपाण रखते हो तो मैं भी कटार रखती हूँ। तुम एतवार रखते हो तो मैं भी प्यार रखती हूँ।।
बेशक़ कड़ा है लोहे का फिर भी है चूड़ियों का भाई। भाई वीर कहलाता है तो बहना क्यों कहाती अबला दाई।।
जब भी देखता हूँ मैं इस रोटी के खुरचन को तो माँ आ जाती है यादों में। तवे पे रोटियाँ बनाती जब जला -जला के रोटियाँ की सौंधी सुगन्ध फैल जाती वातों में।। तोड़ -तोड़ […]
सफलता सफलता नहीं है कोई वस्तु सफलता है दृढ संकल्प की अग्नि सफलता को अगर पाना है तो सफलता के पीछे दौड़ लगाओ कमर कसकर समय के संग बढ़ना होगा आगे ही आगे बस आगे […]
मत माड़ ए माँ मुझे, तू अपनी कोख में। बेटा बन कर दिखाउंगी, आ जाने दे जग में।।
ना दर्द है ना धूप है यह कैसी दुनिया लगे बेदर्द है हा खुश हूं मैं हा बेसुध हु मै अपने दुनिया मे बेशक सफल हु मै पर खलती तेरी कमी बेजान सी यह ज़िन्दगी […]
माँ से बोली एक बेबस बेटी:- अविस्मरणीय है कोख तेरी माँ जिसमें स्फुटित हुई हूँ मैं । तुझे किसने बता दिया है माँ बेटा नहीं बेटी हूँ मैं । तभी से तू बेसुध है तेरे […]
अक्सर कहा करता था मैं माँ जाऊँगा परदेश को। “”ना ना वश कर”कहती माँ को मत कलेश दो।। दृढ़ संकल्प होकर ऐसा एक दिन निश्चय कर डाला। आजिज होकर मान गई और कहने तू सुन […]
मां की लोरी बड़ी सुहाती, मां की ममता याद दिलाती। मां अपनी सर्वस्व अर्पण करती, मां अपने हिस्से की निवाला खिलाती।। ✍महेश गुप्ता जौनपुरी
मां की ममता बड़ी सुहानी लगती है सबसे न्यारी । बचपन को मेरे सिंच रहीं है बनाकर फूलों की क्यारी, दुध पिलाकर गले लगाकर पलकों पर है रखती, गुणगान करें हम कितना धरा पर मां […]
Please confirm you want to block this member.
You will no longer be able to:
Please note: This action will also remove this member from your connections and send a report to the site admin. Please allow a few minutes for this process to complete.