एक फूल के लिए कितना मुश्किल होता है कि वह अपनी पंखुड़ियों को तूफानों से बचा ले छिटकने न दें … पराग कणों को बिखरने न दे एक पेंड के लिए बड़ा कठिन होता है […]

कैसे कहे कोई उसको गम नहीं है! जो कुछ मिल गया है उसको कम नहीं है! हरतरफ तुम खोज लो इलाज-ए-मर्ज को, हर दर्द’ का मगर कोई मरहम नहीं है! Composed By #महादेव mkraihmvns@gmail.com

ज़िन्दगी ना कर पाई फ़ैसला मैँ शराब का नशा छोड़ दूँ या तेरी जुस्तजू की उम्मीद एक ने मुझे जीने ना दिया दूसरे ने मुझे पीने ना दिया                       …… यूई

बैठा हूँ बीच बाज़ार, लेकर अपनी यादों को बेशकीमती है यह गहने, इनका कोई मोल नही आए वोह ले जाएँ मुझसे, बेमौल मेरी जागीरें को वोह जो हो तपा वर्षो, मेरे जैसे दर्दो की अगन […]

कोई मुझे यहां कवी बुलाता   कोई बोले शब्दों का खिलाड़ी कोई समझे बुनता मैँ लड़ियाँ कोई समझे चुनता मैँ कलियां ना मैँ कवी ना कोई खिलाड़ी मैँ तो बस एहसास का पुजारी उतार अंतर […]

हूँ लाखो वर्षो सी यूँ ही जल रहा मैं हूँ ख़ुद में आग लगा कर जल रहा मैं जला ख़ुद को कर रहा रोशन तुमको मैं किसी को लगता निकला अभी यहां मैं किसी को […]

सिर्फ दिखने को लगता है सबको आराम है नहीं किसी को यहां कभी भी आराम हर पल है हर शय उसकी गतिशील यहां है नहीं किसी को थमने की यहां पर थाह                                   …… यूई

प्यार लुटाया दिल खोल खूब तब जा कमाया यह नाम खूब माना के हुए बदनाम हम खूब है यह बदनामी नाम से भी खूब पिघलाया इसने तेरे दिल को खूब बाँहो में समेटा मुझको तुमने […]

कहते हो राज़ छुपे है हजारों मुझमें देखा है अपना अक्स कभी मुझमें कोशिश तो की होती पास आने की ख़ुद खुल जाते राज़ तुम्हारे दिल के                 […]

कहते थे मेरी आँखों में ही रहना कभी फ़ासले दूर कर जाएँ तो क्या कहते थे क़रीब मेरे दिल के रहना जिस्म ना मिल भी पाए तो क्या कहते थे मुझे मन से ना भुलाना […]

मैं और तुम साथ साथ बड़े हुए दोनों साथ- साथ अपने पैरों पर खड़े हुए तुम्हारी शाखाएं बढ़ने लगीं पत्तियां बनने लगीं दोनों एक साथ जीवन में आगे बढ़े अपने -अपने कर्मों के साथ् तुमने […]

अपनी छटपटाहटों को ही देता हूँ मन के जज़्बातों को डायरी में उतार लेता हूँ ये छटपटाहटें सिर्फ मेरी अपनी ही नहीं औरों की छटपटाहटों को भी उधार लेता हूँ अंदर और बाहर की लड़ाईयों […]

ये बात अफवाह सी लगती है कि ,सच्चा प्रेम कहीं मिला भीड़ में कहीं इंसान दिखा यह बात अफवाह सी लगती है कहीं ज्ञान का दीपक जला किसी के हिस्से का अँधेरा मिटा कुछ ज़िन्दगियों […]

शाम का समय सूरज विश्राम करने को तत्पर दिन पर तपने के बाद सारी दुनिया तकने के बाद अपूर्ण ख्वहिशे दिन भर की मन में रखे हुए ये सोंच कर कि चलों रात में चन्द्रमा […]

एक युद्ध में कितने युद्ध छिपे होते हैं हर बात में कितने किंतु छिपे होते हैं नींव का पत्थर दिखाई नहीं पड़ता अक्सर रेल चलती है पर पटरियों के जैसे सिरे दबे होते हैं जिसने […]

किया है कभी गौर की गये मयखाने में और ना चढी शराब तो क्या होगा , गर पिला जायें कोई हुश्न के दो चार जाम आँखों-आँखों में तो क्या होगा , इश्क तो कर बैठे […]

सिसकियां साँसें दिल चाहतें इंतज़ार बेकरारीयाँ मुस्कराहटें गहने है यह सब अनमोल मिल जाए कभी भी कही भी संभाल लीजियेगा, ख़ोयिएगा नही हां इकठे कभी नही मिलेंगे पर यह वादा है मेरा मिलेंगे ज़रूर जब […]

फूलों का खिलना भँवरो का नाचना तितलियों का मचलना बरसात की रिमझिम हवाओं की अठखेलियाँ तारों का टिमटिमाना नदियों का मचलना निशनियाँ है प्यार की ……यूई

अरे क्या कह्ते हो कि मेरे होश ठिकाने आए क्या सच में ही चाहते हो कि मेरे होश ठिकाने आए सोचा है गर कभी जो मेरे होश ठिकाने आए आपके होश ना फिर कभी ठिकाने […]

ख़ुद का चरना, कह्ते इसे पशु प्रवृति जो ख़ुद का चरते, वोही तो पशु कहलाते कुछ ग़लत कहा क्या? क्या सोचा ना था? यूई अब भी सोचो? क्या बिगड़ा अभी है? कह्ते तो है ना […]

क्या करूँ मैं शिकवा इस बेरहम जमाने से! थक़ गया हूँ मैं अब और तुझे मनाने से! मैं बेवसी की चादरों में लिपटा हूँ मगर, दर्द खोज लेता है रोज किसी बहाने से! Composed By […]

मोहब्बत की नज़्मों को फिर से गाया जाए अपनी आज़ादी को थोड़ा और बढ़ाया जाए हक़ मिला नहीं बेआवाज़ों को आज तक हक़ लेना है तो अब आवाज़ उठाया जाए किसी इंसान को भगवान बनाने […]

पवित्र नारी ही क्यों हो पुरुष की पवित्रता का क्या मोल नहीं ? पतिव्रता नारी ही क्यों पुरुष के पत्नी व्रत का क्या कोई तोल नहीं ? सारी सीमाऐं सारी गरिमाएं मर्यादाएं नारियों तक ही […]

सिर्फ संकेतो और प्रतीकों से कुछ न होगा सिर्फ परंपरागत तरीक़ों से कुछ न होगा सिर्फ नारे बाज़ी से भी कुछ न होगा सिर्फ आज़ादी से भी कुछ न होगा सिर्फ चेहरे नहीं चरित्र बदलना […]

सुपर डेंस फेज में जब कण होते हैं तब बिस्फोट के कई कारण होते हैं बिग बैंग भी तभी होता है और अणु, परमाणु ,न्यूट्रॉन ,इलेक्ट्रान और प्रोटोन सभी छितरा जाते हैं अणुओं का स्वतंत्र […]

चलो थोड़ा जादू करते हैं जनता के दिल को छूती हुई एक कविता लिखते हैं झोपड़ियों में पल रही भूख से टकराते हैं छोटे छोटे मासूमों की चीख और डूबती हुई ज़िंदगियों को कविता का […]

ज़्यादा दिमाग़ न आज लगाया जाए सिर्फ मन में ज़मी मैल को बहाया जाए धर्म और परंपरा की ऐसी भी न कट्टरता हो कि होलिका की तरह औरत को जलाया जाए सौहार्द और प्यार का […]

जिन बाज़ारों में बड़ी रौनक़ है कल सन्नाटा उनमे छाएगा बंद होनी हैं दुकाने सब ऐसा बाज़ार नहीं रह पाएगा नफ़रत के अंधेरों में जो सौदेबाज़ी होती है जिन जिन लोगों की भी उसमे हिस्से […]

अच्छी कविताएँ लिखना उतना महत्वपूर्ण नही है उन्हें अच्छे से प्रमोट होना बहुत ज़रूरी है ऑफिस में काम भी उतना आवश्यक नहीं आपका गुड बुक्स में नोट होना बहुत ज़रूरी है सामाजिक प्रतिबद्धता उतनी महत्वपूर्ण […]

हर लम्हा तुमसे मैं बात किया करता हूँ! यादों से मैं मुलाकात किया करता हूँ! हर ख्वाब़ बेइंतहाँ जलाते हैं मुझे, खौफ से गुफ्तगूँ’ हर रात किया करता हूँ! Composed By #महादेव

आ चलें फ़लक तले आसमाँ पुकार रहा होगा, नूरीं की खिदमत में आफ्ता़ब भी तो आ रहा होगा, क्या पता हो जायें तुझे दीदार तिरी माहता़ब का, देखा था मैंने भी डोली में कोई चला […]

जिसने समझा आपको अपना उसको ना समझा आपने अपना जिसको समझा आपने अपना उसने ना समझा आपको अपना है यह कैसी और किसकी तलाश होगी कैसे खत्म यह सबकी तलाश                               …… यूई