अन्याय इस लिए नही हैं कि वह बहुत शक्तिशाली है और उसका पलड़ा भारी है वह हर जगह छाया है… उसने अपना घर बसाया है अन्याय इसलिए है क्यों कि हम अपनी आवाज़ उठा नही […]

ज़िंदगी में ऐसे काज करो कि ज़िंदगी पे थोड़ा नाज़ करो ज़िंदगी को रिलैक्स करो ज़िंदगी का हेड मसाज़ करो फिर … ज़िंदगी से कुछ सवाल करो ज़िंदगी पे यक़ीन करो ज़िंदगी को न ग़मगीन […]

जब कोई धर्म साज़िशों का पुलिंदा बन जाता है तब धर्म केवल धंधा बन जाता है शोषण और लूटपाट ही दलालों का एजेंडा होता है इंसानियत मर जाती है और खोखला धर्म ही केवल ज़िंदा […]

रुसवा हो गयीं हो तुम या फिर समझ मैं नहीं पाया , यूँ नखरें दिखाना तिरी अदाओं में तो शामिल ना था, तड़प गर मैं रहा हूँ तो खुश तो तुम भी नहीं होगे, यूँ […]

जन्मो जन्म राहें अपनी भटकाई मैंने इसी लिए तो तेरी राह ख़ुद गंवाई मैंने अब जाके कुछ थोड़ा सा बस संभला हूँ सब सोचे छोड़ जब तेरे रंग में रंगला हूँ                                     …. यूई

वोह सातों जन्मो का सच दिखता है तुझमें वोही जन्मो का प्यार जो रच दिया है मुझमें खोया रहा उन राहो में बस सिमट कर ख़ुदमें चैन मिला मेरी रूह को अब लिपट कर तुझमें […]

तेरी मुसकराती आँखों में सब कुछ दिखता है इन मुस्कराहटों के पीछे भी कुछ दिखता है दर्द जो छुपा बरसों से इनमें वोह दिखता हैं इंतज़ार है इनको आज भी जिसका वोह दिखता है                              […]

सच्चाई है तेरी बातों में सच्चाई है तेरी सोचों में इसी सच्चाई में बसा लो मुझको कुछ तो ख़ुद सा बना लो मुझको                         …. यूई

शाम ढ़लती गयी शम्अ जलती रही.. और तबीयत हमारी  मचलती रही  ..   मेरी हालत की उनको ख़बर तक न थी उम्र आहिस्त करवट बदलती रही   उनसे तर्के ताअल्लुक़ को अरसा  हुआ गोश-ए- दिल […]

तन्हा राहों पर गर मैं भी अकेला चला होता तो अब तलक मंजिल मिल ही गयी होती, मगर इन्तजार भी कोई चीज़ होती है ‘हुज़ूर’ गुज़रगाहों पर भी जिसने हमें तन्हा रक्खा,

इक अजीब सा डर रहता है आजकल पता नहीं क्यों, किस वजह से, किसी के पास न होने का डर या किसी के करीब आ जाने का|

तेरी यादों की चुभन रातभर तड़पाती रही! मेरी साँस तेरे नाम से आती जाती रही! गमों की आग में हरलम्हा जल रहा हूँ मैं, तेरी आरजू मुझे रातभर रूलाती रही! Composed By #महादेव

है मुश्किल तो ख़ुद का साथ निभा यह दुनिया तेरा साथ क्या निभाएगी मुश्किलो में इसका विश्वास है हिल जाता खुदा पे भरोसा इसका इक पल में टूट जाता …… यूई

लगता सबको है यह पहली बार कि है यह बस मेरे वाला प्यार नही जानते हो तुम हो नादान है सदियों पुरानी यह रिवायते नजर इश्क प्यार इक़रार तकरार यही होता आया है यहां बार […]

क्या मेरी आँखों से ही तिरी कोई रंजिश थी उस दिन, या तिरे दीदार की हर खबर झूठी थी उस दिन, हर गलीं हर चौक पर तो दिल मेरा था झाँकता, फिर किन गुज़रगाहों से […]

रोज़ मार के भी ख़ुद को मर सके रोज़ जीना चाहके भी जी ना सके मरते हुए मरने का करते रहे इंतज़ार जीते हुए करते रहे जीने का इंतज़ार …… यूई  

रूक्मणी सी क्यूँ लगती हो तुम बनके राधा चली आओ ना चाँद निकलेगा छत पर मेरे आजा मेरी गली आओ ना फूल खिलते कहीं भी नहीं क्यूँ बहारों की बातें करूँ हम बसायेंगे मिलकर चमन […]

जाम से मिलते ही मचलती शराब जैसे मयकदे में झूमते हो बेखुद मयकश जैसे कुछ यूँ ही बेखबर सा हो गया हूँ जगसे बना इश्क उतारा रूह में तूने अपनी जबसे                                             …… यूई

मुस्कुराहट के सिवा कुछ शक्ल दिखलाता नहीँ. हाले दिल की कैफियत कोई समझ पाता नहीँ. ग़म लिपटता है हमेशा जिस्म से कुछ इस तरह पास रहती है खुशी पर मैं नज़र आता नही. वक्त़ तू […]

बीत चुके हैं बरसों जिनको क्यों पल वोह याद दिलाते हो किए गहरे दफन जो जग जग रातों क्यों उनकी अब कब्रे खुदवाते हो                             …… यूई

लिखने का हुनर हमने कहीं से नहीं सिखा, जब दिल का दर्द हद से ज्यादा बढऩे लगा, तब जज्बातों को समझने वाला कोई ऩ रहा…। तो उठाई कलम औऱ हाल सारा इसे सुना दिया, जब […]