जंग जारी है कोरोना के खिलाफ एक दिन जीत जाएंगे पतझड़ है घबरा मत बसंत आएगा गीत गाएंगे
जंग जारी है कोरोना के खिलाफ एक दिन जीत जाएंगे पतझड़ है घबरा मत बसंत आएगा गीत गाएंगे
अवतार है अनेक भगवान् एक है मजहब के नाम पर लड़ना न नेक है सब अपने रिवाजों से करे ईश वंदना इंसानियत भी धर्म है कहता विवेक है
पहले करे कर्तव्य फिर अधिकार लीजिए कर्मो की है प्रधानता संसार लीजिए काटेंगे फसल कल बोयेगे बीज आज कुछ प्यार लीजिए कुछ प्यार दीजिए
शिव नहीं है चंदन नहीं हैं मगर सांपो को लिपटाए हैं आज कल इस धरती में इसी तरह के बादल छाए है
कुछ नहीं कर सकते हो तो दुआए करो शायद कबूल हो जाए महामारी का शूल चुभा है जो शायद गुलाब का फूल हो जाए
दौलत का गरूर मत कर खाली हाथ जाएगा तेरा शुभ करम ही तेरी पहचान बनाएगा कुछ पुण्य भी कमा लो करके परोपकार इस लोक में उस लोक में तुझको बचाएगा
वर्षो कि कमाई को करना नहीं बेकार कुरवनियो से हो सका है देश बन तैयार ये देश है धरोहर रखना सम्हाल कर हम भी है जिम्मेदार तुम भी हो जिम्मेदार
समझ गया है जमाना बेटा बेटी में फर्क नहीं होता जागरूक होते पहले से तो जीवन नर्क नहीं होता कन्या भ्रूण हत्या करना कराना अपराध है अनमोल है दोनों के बीच और कोई तर्क नहीं […]
आओ सब मिलकर एक दीपक जलाए रोशनी करके अपनो के बीच का अंधेरा भगाए दलित उपेक्षित पीडि़तो के बच्चों को उनके घर जाकर निशुल्क पढ़ाए
सच्चा सुख मिलता है मेहनत की कमाई से बच के चलना जरूरी है इस युग की बुराई से ईमानदारी से बढ़कर कोई नीति नहीं है जीवन को सफल बनाए करके भलाई से
प्यार करना आसान है मुश्किल है निभाना नादानी मत करना सोच समझ कर जाना खिलौना समझकर खिलवाड़ मत करना उम्र भर ये रिश्ता पड़ता है चलाना
अपने ही घर को मंदिर बना ले कही और नहीं जाना बोलती प्रतिमाए है घर के सदस्य सभी पुजारी की तरह अपना बना आशियाना
पाएगा कुछ न वन्दे भगवान् को भुलाकर हसने की सोचता है मां बाप को रुलाकर इंसान के अवतार में भगवान् को पाया इनके चरण है चंदन पानी सा घुला कर
आओ नमन करें उन्हें श्रद्धा से , मां भारती की रक्षा के खातिर , जो प्राण देश पर न्योछावर कर जाते हैं । बड़ी हिम्मत रखते सीने में , खुद मिट जाते सब के खातिर […]
आतंकवाद की जड़ को काटने की जरूरत है जेल मे डालो या फांसी दो देखना नहीं मुहूर्त है इसने इंसानियत को शर्मसार किया है इंसान के अंदर छिपे ये शैतान की सूरत है
इक्कीसवीं सदी का हमारा हिंदुस्तान है घूर नहीं सकता कोई अब इतना बलवान है आतंकवाद अब नहीं बर्दास्त करेंगे अंतरिक्ष हो या धरती अपनी अलग पहचान है
यह सच है कि मुझे काले काले बादलों ने घेरा है इतना आसान नहीं है मुझे डराना क्यूंकि भारत में मेरा बसेरा है
तेरे घर की रोशनी क्यूँ देखूँ जब मेरे घर में अंधेरा हो आखिरी रात न हो जाए कही जब तक हर ओर सबेरा हो उसकी ख़ुशी हमारे किस काम की जिसे अहंकार के भूत ने […]
एक हाथ से ही अब बजने लगी ताली है खुशी ग़म की टोकरी कई दिनो से खाली है
मिली नहीं है आंख हरपल आंशु बहाने के लिए क्या कुछ नहीं जहां में देखने दिखाने के लिए अभी भी समय है हो जाओ सचेत बहुत कुछ बचा है बचाने के लिए
निभा तो सही सबसे इंसानियत का नाता है कड़ी धूप और बरसात से बचाने वाला छाता है परहित से बड़ा कोई धर्म नहीं होता तेरा ही करम तेरे भाग्य का निर्माता है
क्यों मांगते हो वरदान परिस्थितिया सदा अनुकूल हो चलना हमारा काम है गली में कांटे हो या फूल हों
बुरा वक्त है एक दिन यह भी बीत जाएगा विश्वास बनाए रखना एक दिन जीत जाएगा परीक्षा है परमात्मा की धैर्य से दे उम्मीद रख खुशी के गीत गाएगा
अपने देश में खुशियों बरसात कराएंगे अनेक प्रकार के ये लोग जिस दिन एक हो जाएंगे
चुनौतीया है देश मे कई हम भी स्वीकार करते हैं देखकर दंग होता है जहां जब हम नई उड़ान भरते हैं
धरती से आकाश जितना दूर होगा उतना ही दीर्घायु तुम्हारी मांग का सिंदूर होगा
नैतिक जिम्मेदारी है सबकी सुंदर परिवेश बनाना फैलती है गंदगी से बीमारियां इनको दूर भगाना
डरो मत तूफानों से आते जाते रहेंगे कवि हैं कविताओं से हिम्मत बढ़ाते रहेंगे
मेरे वतन के सैनिकों अब देश ही परिवार है कबूल करो देशवासियों की दुआ और प्यार है
माता कहते हो जिस देश को वहां नारी का सम्मान है अनेकता में एकता ही भारत की पहचान है
हौसला आप यूँ ही बनाए रहे देश की इस धरा को बचाए रहे भेड़ियों की सभी चाल नाकाम हो देश सीमा कि शोभा बढ़ाए रहे
नीचता ऊ़चता देखते हम चले आइए भूल जाए न सिक्वे गिले एक जैसा सदा भाव लेकर चले फूल जैसा बगीचा वतन. मे खिले
शाहीदो की शहादत कभी हम भुला सकते नहीं रोना जिन्हे आता नहीं और रुला सकते नहीं
कोशिश जारी है एक दिन मंजिल हम भी पाएंगे जिस रास्ते पर चले हैं चलते रहेंगे कही और नहीं जाएंगे
जहर मत फैलाओ यहां, नेवले और बाज हैं गुस्ताखी माफ नहीं होती वहां, जहां लोकतन्त्र का राज है
वफा तो वही करेगा वफा करना जिसका काम हैं, अक्सर वफादार है बेवफाई करते हैं बेवफा तो यूं ही बदनाम हैं।।
क्यों कोई मोहब्बत के काबिल नहीं होता ? क्यों हर किसी के सीने में दिल नहीं होता ? क्यों होता है उसी बेदर्द से इश्क ! जो इस दिल के काबिल नहीं होता…!!
ज़िन्दगी के सफर में कई हमराह मिलते हैं। कहीं पे वाह मिलते हैं कहीं पे आह मिलते हैं।। सफर में इश्क़ के कुछ विरले होते हैं जिन्हें आखिर में भी आकर मंजिल – ए- चाह […]
ज़िन्दगी के सफर में कई हमराह मिलते हैं। कहीं पे वाह मिलते हैं कहीं पे आह मिलते हैं।। सफर में इश्क़ के कुछ विरले होते हैं जिन्हें आखिर में भी आकर मंजिल – ए- चाह […]
मैं गुजरा हुआ वक्त हूँ… समंदर की लहर नही जो लौटकर फिर साहिल पर आऊँगा। फैसला आपका है… कदर करो या यूं ही जाने दो मुझे पर मैं फिर से मौका न दे पाऊँगा।
प्यार के धोखों से इतना तंग आ गये हम कि अब मोहब्बत के सिवा सब अच्छा लगता है… कहने को तो मोहब्बत हमने भी बहुत की थी…
#shayri 2liner जब तेरी याद आती है चला आता हूँ, ************************************ फिर कोई नज्म गुनगुनाता हूँ….
इन्तकाल के बाद- पूंछूंगा खुदा से मुझे इतनी मोहब्बत क्यों दी ?? उसे इतना बेरहम क्यों बनाया ??
होली का त्योहार है मत झगड़ो मेरे यार, प्रेम से हिलमिल के रहो लिखो साहित्य अपार..
यूं मोहब्बत की नुमाइश की नहीं जाती दिल की ख्वाहिश सरेआम की नहीं जाती. ********************************** समझता है बेशर्म ये सारा जमाना, इसी वाइस दिल की बातें बेपर्दा की नहीं जाती.
1. जमाने की नजरों मे काफिर हैं हम क्योंकि मोहब्बत की मंज़िल के मुसाफिर हैं हम 2. आने दो गर्मी तो पहाड़ पिघल जाएंगे चट्टानों को तोड़कर समुंदर निकल जाएंगे लड़कपन है नौजवानी है अभी […]
छोंड़ दी थी जो गलियां हमने कभी, आज सजकर फिर उन्हीं में जाना है संदेश भेजा है उन्होंने प्रेम का, जिनको हमने रब से ज्यादा माना है…
न नखरा करेंगे न इजहार करेंगे। हम तो सिर्फ वसन्त के आने का इंतजार करेंगे।।
मत देख अपनी नज़र से हर बार कभी तो ले तु मेरी नज़र उधार ।
साहित्य के वो योद्धा तलवार नहीं उठाते । लड़ते जरूर हैं पर लड़ाकू नहीं कहाते।।
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