Category: शेर-ओ-शायरी

  • मुश्किल दौर

    आजकल मन बहुत उदास है
    ना जाने इसे किसकी तलाश है मुश्किल भरे दौर को बनाना
    खूबसूरत और खास है

  • किसको सुनाए

    दुख दर्द किसको सुनाए सब अपने मे खोए हुए हैं
    बुरा सपना देखकर जागे हम सब सोए हुए हैं
    मन का बोझ हल्का होता कुछ बाते करने से
    गैरों का क्या कहना जब अपनो से हाथ धोए हुए हैं

  • खुशी खोज लेना है

    गम के दौर में भी खुशी खोज लेना है
    बांट ले दुख दर्द अपनो का साथ देना है
    घर में हंसी खुशी का वातावरण रहे
    डूबे न नाव करना तैयार एक सेना हैं

  • हौसला के पंख

    घर की चारदीवारी से बाहर कब जाएंगे
    कोरोना से हार गयी जिंदगी इसे कब हराएंगे
    गति रुक गई है दुनिया की प्रश्न गूंजते
    हौसला के पंख फिर से कब आयेंगे

  • घबराए नहीं

    मुस्किल घड़ी में भी हम घबराए नहीं भगवान् से दूर कभी जाए नहीं
    वक्त बुरा है इंतजार कर रहे हैं
    क्यूँकि अभी अच्छे दिन आए नहीं

  • मत गंवाओ जीवन

    मत गंवाओ जीवन खाने और सोने में
    मत गंवाओ जीवन हँसने और रोने में
    हर काम का हिसाब देना पड़ेगा जान
    मतलब तो कुछ निकाल इंसान होने में

  • क्यूँ भाग रहा है

    क्या पाया नहीं तूने क्या माँग रहा है
    कब का हुआ सवेरा अब जाग रहा है
    भगवान् के सम्मुख ख़ुद का कर समर्पण रनछोण दास जैसे क्यूँ भाग रहा है

  • फिर से संभल jana

    जारी रहता है जीवन में समस्याओ का आना जाना
    मुकाबला करो इनका मत बनाओ बहाना
    संघर्ष बिना जीवन में सौंदर्य नहीं आता
    गिरना स्वभाव है मगर फिर से संभल जाना

  • मत डरो रात से

    मत डरो रात से सुबह आएगी
    सदा नहीं रहा कोई कैसे रह जाएगी
    गम में डूबी हुई दुनिया फिर से
    खिलखिलाएगी और मुस्कुराएगी

  • कितनी रातें…

    कितनी रातें…

    जाने कितनी रातें रो कर बता देती हूं
    तेरी याद में खुद को भी भुला देती हूं

  • पानी बचाना

    बरसात के पानी को मत व्यर्थ बहाना
    जलाशय और सोक्पीट खूब बनाना
    पानी बिना सब सून कमी दूर कीजिए
    हरहाल में जल का स्तर है बढ़ाना

  • भ्रष्टाचार

    वतन में भ्रष्टाचार भारी है
    सांसो की चल रही मारा मारी है
    दे नहीं सकते जो ऊंचे ऊंचे दाम
    दुनिया से जाने की उनकी ही बारी है

  • सवाल उठाते रहे…

    सवाल उठाते रहे…

    मेरी मोहब्बत पर तुम
    सवाल उठाते रहे
    ऐसा तुम यार बार-बार
    करते रहे

  • विश्वास

    कैसे करें विश्वास लोग घात करते हैं
    सावधान उनसे जो मीठी बात करते हैं
    एक विश्वास ही जिन्दगी जीने का सहारा था
    लोग सोने के हिरण जैसे मुलाकात करते हैं

  • कर्म

    कर्म करते रहिए कभी बेकार नहीं जाते हैं
    आज नहीं तो कल कर्मो का फल पाते हैं
    हर काम के बदले पैसा न लीजिए
    रखिए सदा ही याद जो संस्कार सिखाते हैं

  • ये देश है हमारा

    ये देश है हमारा इसे हमे ही बचाना है
    दअप‍हतर में हो या घर में मास्क तो लगाना है
    अनमोल है जीवन और देश हमारा
    सहयोग से सबके महामारी को हराना है

  • रास्ते

    बने हुए रास्ते तकदीर वाले पाते हैं
    हम तो चलते भी हैं और रास्ते बनाते हैं
    शायद कोई करे पदचिन्ह का अनुकरण
    कांटो को हटाते हैं और फूल बिछाते हैं

  • सत्ता का मद

    सत्ता के मद में हो गए चूर चूर हैं
    जनता से आजकल वो दूर दूर हैं
    भर लो उड़ान कितनी ऊँची आकाश में
    आना पड़ा धरा में जितने भी शूर हैं

  • जीतने की सोचो

    माना कि तुम इस बार फिर से हार गए हो
    बस जीतने की सोचो मझधार गए हो
    साहस में कमी अपने आने नहीं देना
    हर हार से कुछ कमियाँ सुधार गए हो

  • तुम चलो

    नहीं मिल रही राह तो बनाकर तुम चलो
    सुन लो सभी की सुनाकर तुम चलो
    चलना ही जिंदगी है यह भूलना नहीं
    मंजिल अभी दूर है सब भुलाकर तुम चलो

  • हौसला बढ़ाओ

    मत सुनो उनकी जो नकारात्मकता से भरे है
    पतझड़ में तलाश करो अभी भी कुछ पेड़ हरे है
    भीम की तरह कमजोरियों में प्रहार करते रहे
    हौसला बढ़ाओ उनका जो घन की घोर घटाओं से डरे है

  • सवेरा हो गया है

    मत घबराओ सोचकर सांपों का डेरा हो गया है
    हैरान मत हो जानकार सपेरा हो गया है
    मत तलाश करो अंधेरे में दीपक और टार्च की
    जागो तो सही देश में सवेरा हो गया है

  • झूठ

    छिप गया है सूरज सवेरे फिर आएगा
    झूठ मत बोलो जमाना जान जाएगा
    झूठ को बना लोगे व्यवसाय तुम अगर
    सदा के लिए लोगों का विश्वास चला जाएगा

  • रिश्वत

    रिश्वत के बिना आजकल काम नहीं होते हैं
    सब योजना बेकार है जब दाम नहीं होते हैं
    बिगड़ी बनाने वाले होते हैं रिश्वत खोर
    कहते हैं सब कुछ दौलत अब राम नहीं होते हैं

  • दहेज प्रथा

    बेटी के बाप के घर में दहेज का दानव आया है
    छीन कर खुशियाँ उसकी अपना घर बसाया है
    इक्कीसवीं सदी में भी जारी है ये अभिशाप
    बेटी के दोनों पक्षों को जिसने नर्क बनाया है

  • तक़दीर अपनी अपनी

    हमें तो करोना ने लुटा, तक़दीर तो बहुत बलवान था।
    एक दीप गलती से जली वहाँ, जहाँ आंधी तूफान था।।

  • हमदम न रहा

    बदलते रिश्ते में हमने अपनो से नफरत देखी है।
    खुदा की कसम ए दोस्त बहुत ही नाइंसाफ़ी है।।

  • आजाद की सुन ले

    बापू की नहीं सुनते आजाद की सुन ले
    तू है गुलाब तो काँटे सभी चुन ले
    नरम गरम दल में अब एकता हुई
    अब नाश हो आतंक का चलना है ये धुन ले
    )(2)
    एककीस्वी सदी की भारत की फौज है
    दुश्मन तनाव में भारत में मौज है
    संयुक्त राष्ट्र संघ भी लोहा है मानता
    घबड़ा रहा है देखो जो आधुनिक डालहौज है
    (3)
    भारत किसी भी मुल्क से कमजोर नहीं है
    जो बाँध दे सीमा में ऎसी डोर नहीं है
    मारेंगे घर में घुसकर नारा नया दिया
    दुश्मन की रात आखिरी अब भोर नहीं है

  • इंसान और हैवान

    मै इंसानियत को खोजने चला हूँ, हैवानों के बाजार में।
    कहाँ छुपा है इंसानियत, जरा देखें तो उसे क्या हाल है।।

  • मत कर गोलीबारी

    मत कर सीमा में गोली बारी शेर सोते नहीं हैं
    पल भर में करेंगे शिकार कमजोर होते नहीं हैं
    मिटकर भी धरा में आने नहीं दे आँच
    इस मुल्क में आतंक बीज बोते नहीं हैं

  • शहीदों से सीख लो

    शहीदों से सीख लो नेता जी देश को बचाना
    आतंक का समूल नाश करने वाली नीति बनाना
    कब तक सैनिकों की पत्नियां विधवा बनेगी
    सैनिक बचाते हैं देश तुम सैनिकों को बचाना

  • शहीदों के स्मारक

    शहीदों के स्मारक हमे याद दिलाते हैं
    प्राण न्योछावर कर के जो देश बचाते हैं
    भूल सकते हम नहीं आप की कुरवनियो को
    श्रद्धा सुमन में दुश्मनों की लाशें चढ़ाते हैं

  • आतंक पालने वाले

    आतंक को पालने वाले मत हमे आँख दिखाओ
    घुन की तरह खोखला कर रहे हैं तुम्हें बचाओ
    मानवता के लिए अभिशाप है आतंकवाद
    जरा भी मानवता हो तो इसे दुनिया से हटाओ

  • आतंकवाद

    आतंक के पालने में जो मुल्क झूल रहा है
    अंत उसका है निश्चित ये भूल रहा है
    कायरों ने हमले किए भारत में कई बार
    शर्मिंदा होने के बजाय कबूल रहा है

  • पेट और भेंट

    एक तरफ करोना तो दूसरे तरफ पापी पेट।
    अब तो रिश्ते भी चढ़ गए है करोना की भेंट।।

  • वीर सैनिक

    देश की सीमा में तैनात होकर बगुला सा ध्यान लगाते हैं
    आतंक की मछहालियो को वन्दूख की गोलियाँ से चबाते हैं
    मुस्कुराते रहे मेरे देश के सब लोग सदा
    देश की आन बान और शान के लिए सर्वस्व न्योछावर कर जाते हैं

  • वीर सैनिकों

    देश के वीर सैनिको नमन है तुम्हारे वलिदान को
    तुम भारत के सपूत हो भारत के अभिमान हो
    शरहद की हिमालय के जैसे शोभा बढ़ाने वाले
    कवियों की कलम ललचाती है तुम्हारे गुणगान को

  • चेतावनी

    सदियों से भारत अहिंसा का पुजारी है
    खोएंगे नहीं इसको ये विरासत हमारी है
    अगर आक्रमण करेंगे कमजोरी समझ कर
    हमारी फौज ने भी कर रखी पूरी तैयारी है

  • भारत की सेना

    दुश्मनों ने आक्रमण देश मे कई बार किया है
    हर बार जिसने दुश्मन को करारी हार दिया है
    जला कर राख कर देंगे दुश्मन के इरादो को
    भारत की सेना ने सीमा से ललकार दिया है

  • भारत माता की शान

    देश की सीमा में खड़ा जवान हो
    या खेत की मेड़ में खड़ा किसान हो
    वंदन करते हैं कर जोड़ कर तुम्हारा
    तुम दोनों भारत माता की शान हो

  • ईश स्मरण

    मत भूलना भगवान् को वही सबका रखवाला है
    उसकी ही इच्छा से कहीं अंधेरा तो कही उजाला है
    पाया है जो भी तूने करना नहीं अभिमान
    ईश्वर का स्मरण बुराइयों से बचाने वाला है

  • किस्से

    मानवता को शर्मसार करने वाले किस्से सुनाए जाते हैं
    लोग सुनते हैं सुनाते हैं और मन को बहलाते हैं
    सांसो के लिए लगी है कई लंबी कतार
    असहाय बना अपनो को दम तोड़ जाते हैं

  • हे प्रभु

    ध्यान में हे प्रभो आप आते रहे
    भूल जाए ना याद दिलाते रहे
    हम जो गिर जाय रास्ते में चलते हुए
    अपनी आदत से हमको उठाते रहे

  • दुनिया

    ए दुनिया तुम बड़ी खूबसूरत हो
    हम तुम्हारी और तुम हमारी जरूरत हो
    बनाया है जिसने भी दुनिया को
    दिल के मंदिर में बैठी एक मूरत हो

  • घबराओ मत

    घबराओ मत ये मौसम का बदलाव है
    बरस लेने दो उन्हें अभी मिलनी शीतल छाँव है
    मुकाबला करो हर परिस्थिति का डटकर
    असंभव को संभव बनाना मानव का स्वभाव है

  • कौन है

    बनी है जेल गुनाहगारों के लिए मगर जाता कौन है
    जाते भी हैं दो चार तो इन्हें छुडाता कौन है
    बीत जाते हैं कई साल फैसला आने मे
    बताओ तो सही हमारे भाग्य का विधाता कौन है

  • रिवाज

    अपनाते हैं बुरी राह जो उनके दोस्त कई बन जाते हैं
    सांच की राह चलने वाले खुद को अकेला पाते हैं
    हर गुनाह को अच्छा कहने का रिवाज चला है
    मारे जाते हैं वो लोग जो हां में हां नहीं मिलाते हैं

  • बदलाव

    गाय को बनवास देकर कुत्तों को पालने लगे
    कचडा की तरह बैल को घर से निकालने लगे
    मुर्गी मछहली और बकरियों को दाना खिलाते
    मांस के धंधा से घर और उदर को सम्हालने लगे

  • हादसा

    आज शादी हुई कल तलाक हो गया
    विवाह संस्कार का मजाक हो गया
    राम सीता के जैसी थी जोड़ी बनी
    हादसा ये बड़ा शर्मनाक हो गया

  • धर्म

    मुल्क में दहशत का माहौल मत बनाओ
    बेईमानी छोड़ो और ईमान से कमाओ
    धर्म को मानो अधिकार है सबको
    मगर धर्म का धंधा इस कदर ना चलाओ

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