मै इंसानियत को खोजने चला हूँ, हैवानों के बाजार में। कहाँ छुपा है इंसानियत, जरा देखें तो उसे क्या हाल है।।
मै इंसानियत को खोजने चला हूँ, हैवानों के बाजार में। कहाँ छुपा है इंसानियत, जरा देखें तो उसे क्या हाल है।।
मत कर सीमा में गोली बारी शेर सोते नहीं हैं पल भर में करेंगे शिकार कमजोर होते नहीं हैं मिटकर भी धरा में आने नहीं दे आँच इस मुल्क में आतंक बीज बोते नहीं हैं
शहीदों से सीख लो नेता जी देश को बचाना आतंक का समूल नाश करने वाली नीति बनाना कब तक सैनिकों की पत्नियां विधवा बनेगी सैनिक बचाते हैं देश तुम सैनिकों को बचाना
शहीदों के स्मारक हमे याद दिलाते हैं प्राण न्योछावर कर के जो देश बचाते हैं भूल सकते हम नहीं आप की कुरवनियो को श्रद्धा सुमन में दुश्मनों की लाशें चढ़ाते हैं
आतंक को पालने वाले मत हमे आँख दिखाओ घुन की तरह खोखला कर रहे हैं तुम्हें बचाओ मानवता के लिए अभिशाप है आतंकवाद जरा भी मानवता हो तो इसे दुनिया से हटाओ
आतंक के पालने में जो मुल्क झूल रहा है अंत उसका है निश्चित ये भूल रहा है कायरों ने हमले किए भारत में कई बार शर्मिंदा होने के बजाय कबूल रहा है
एक तरफ करोना तो दूसरे तरफ पापी पेट। अब तो रिश्ते भी चढ़ गए है करोना की भेंट।।
देश की सीमा में तैनात होकर बगुला सा ध्यान लगाते हैं आतंक की मछहालियो को वन्दूख की गोलियाँ से चबाते हैं मुस्कुराते रहे मेरे देश के सब लोग सदा देश की आन बान और शान […]
देश के वीर सैनिको नमन है तुम्हारे वलिदान को तुम भारत के सपूत हो भारत के अभिमान हो शरहद की हिमालय के जैसे शोभा बढ़ाने वाले कवियों की कलम ललचाती है तुम्हारे गुणगान को
सदियों से भारत अहिंसा का पुजारी है खोएंगे नहीं इसको ये विरासत हमारी है अगर आक्रमण करेंगे कमजोरी समझ कर हमारी फौज ने भी कर रखी पूरी तैयारी है
दुश्मनों ने आक्रमण देश मे कई बार किया है हर बार जिसने दुश्मन को करारी हार दिया है जला कर राख कर देंगे दुश्मन के इरादो को भारत की सेना ने सीमा से ललकार दिया […]
देश की सीमा में खड़ा जवान हो या खेत की मेड़ में खड़ा किसान हो वंदन करते हैं कर जोड़ कर तुम्हारा तुम दोनों भारत माता की शान हो
मत भूलना भगवान् को वही सबका रखवाला है उसकी ही इच्छा से कहीं अंधेरा तो कही उजाला है पाया है जो भी तूने करना नहीं अभिमान ईश्वर का स्मरण बुराइयों से बचाने वाला है
मानवता को शर्मसार करने वाले किस्से सुनाए जाते हैं लोग सुनते हैं सुनाते हैं और मन को बहलाते हैं सांसो के लिए लगी है कई लंबी कतार असहाय बना अपनो को दम तोड़ जाते हैं
ध्यान में हे प्रभो आप आते रहे भूल जाए ना याद दिलाते रहे हम जो गिर जाय रास्ते में चलते हुए अपनी आदत से हमको उठाते रहे
ए दुनिया तुम बड़ी खूबसूरत हो हम तुम्हारी और तुम हमारी जरूरत हो बनाया है जिसने भी दुनिया को दिल के मंदिर में बैठी एक मूरत हो
घबराओ मत ये मौसम का बदलाव है बरस लेने दो उन्हें अभी मिलनी शीतल छाँव है मुकाबला करो हर परिस्थिति का डटकर असंभव को संभव बनाना मानव का स्वभाव है
बनी है जेल गुनाहगारों के लिए मगर जाता कौन है जाते भी हैं दो चार तो इन्हें छुडाता कौन है बीत जाते हैं कई साल फैसला आने मे बताओ तो सही हमारे भाग्य का विधाता […]
अपनाते हैं बुरी राह जो उनके दोस्त कई बन जाते हैं सांच की राह चलने वाले खुद को अकेला पाते हैं हर गुनाह को अच्छा कहने का रिवाज चला है मारे जाते हैं वो लोग […]
गाय को बनवास देकर कुत्तों को पालने लगे कचडा की तरह बैल को घर से निकालने लगे मुर्गी मछहली और बकरियों को दाना खिलाते मांस के धंधा से घर और उदर को सम्हालने लगे
आज शादी हुई कल तलाक हो गया विवाह संस्कार का मजाक हो गया राम सीता के जैसी थी जोड़ी बनी हादसा ये बड़ा शर्मनाक हो गया
मुल्क में दहशत का माहौल मत बनाओ बेईमानी छोड़ो और ईमान से कमाओ धर्म को मानो अधिकार है सबको मगर धर्म का धंधा इस कदर ना चलाओ
ईश्वर ने आदमी को उसकी औकात दिखाया है नास्तिक हो रहे थे जो उनको आस्तिक बनाया है रुक जा मुसाफिर कोरोना की ट्रेन जा रही है दुनिया के स्टेशन में लाल बत्ती को जलाया है
झूठ की फसल बोई और सच की तलाश जारी है अत्याचार की आज कल की दुनिया पुजारी है उठाता नहीं कोई जुल्म के विरुद्ध आवाज अविश्वास के इस दौर में जीने की लाचारी है
देते हो सब कुछ फिर सब कुछ ले जाते हो इस खेल से भगवान् आप कौन सा सुख पाते हो जब बना ही दिया खिलाड़ी तो खेलने की शक्ति दो दुख देके आप हमको अपनी […]
जलने का ही शौक है तो दीपक की तरह जलो अंधेरा दूर करदे अपना और अपनो का चलो प्रेम के मार्ग की दीवार है जलन वह उन्नति के पादप के नीचे छाँव सा पलों
सूरज को देखकर फूल सब खिल जाते हैं उन्नति करता है वह देश जहां लोग घुल मिल जाते हैं नफरत ओ को दूर करते हैं त्योहार जब होली और ईद एक साथ हम मनाते हैं
असफल वही होते हैं जो हिम्मत हार जाते हैं हिम्मत की कुंजी लेकर ही सफलता के द्वार जाते हैं संकटों को पीठ मत दिखाओ करो सामना गोता लगा कर समुद्र के तल से मोतियों के […]
करते रहो प्रयास यूं ही कुछ पाने के लिए मिली नहीं जिंदगी व्यर्थ में गवाने के लिए जानवर भी अपना पेट भरना जानते हैं जीने के लिए खाओ मत जिओ खाने के लिए
युद्ध के मैदान में खड़े होकर मत सोचो भाग जाने की जितना जल्दी हो सके कोशिश करो j जाग जाने की भले ना हो कृष्ण मगर तुम अर्जुन सा मानकर केवल कर्म में अधिकार है […]
आप के खेत में निराशा की घास उग आई है उखाड़ कर फेक दीजिए ये बड़ी दुखदायी है मन के तालाब में उतसाह का नीर ना कमे आशा के फसल की इससे करनी सिंचाई है
है ये दुनिया तुम्हारी गर इरादा करो प्रेम करना है सबसे एक वादा करो आँख मे लक्ष्य की तस्वीर एक रखो कोशिश हो लगातार ज्यादा करो
आइए करे हम अपने गुरु का सम्मान जिसने दिया है तीसरी नेत्र सा ग्यान गोविंद से बड़े है अग्यान हरण करते सत सत नमन है तुमको हे! गुरु भगवान्
जरूरी नहीं है कि वन्दूख लेकर सब देश की सीमा में जाए देश की ही सेवा है मिली जो जिम्मेदारी है उसे बखूबी निभाए कोई काम होता नही बड़ा या छोटा मानिए जूता भी सिले […]
जिंदगी नदी की धारा है जिसमे सुख दुख के किनारे है आखिर में हम सागर के और सागर हमारे है मिलते हैं रास्ते में चट्टान और पहाड़ लेकिन बना ले रास्ता मुस्किल से नहीं हारे […]
चिकित्सक के रूप में धरा पर भगवान् आते हैं मुरझाए हुए चेहरों पर मुस्कान जो लाते हैं जिंदगी की जंग लड़ रहे मरीज ने कहा गिरते हैं हम रास्ते में वो हर बार उठाते हैं
आजादी के लिए हमारे देश भक्तो ने अपना लहू बहाया है अनगिनत नारियों ने अपनी मांग का सिंदूर मिटाया है सम्हाल कर रखे पूर्वजों की अनमोल कमाई को बड़ी मुश्किल से हम सब ने आजादी […]
दोस्ती होती नहीं कुछ यूँ ही आजमाने के लिए दोस्ती होती है जन्म जन्मा न्तर तक निभाने के लिए राम सुग्रीव और कृष्ण सुदामा को देखो दोस्ती में सौ गुना स्नेह बढ़ाने के लिए
आइए आज से हम सब पांच दस पेड़ लगाए शायद अस्पतालों के चक्कर से बच जाए बड़ा करे इन्हे संतान की तरह पाल कर हम भी मुस्कुराए और पेड़ भी मुस्कुराए
पीते नहीं शराब हम फिर भी नशा छाया है हर पल का हिसाब है क्या खोया क्या पाया है लक्ष्य को हासिल करने का नशा भी जरूरी है मानव को नशा ने महापुरुष बनाया है
नशा मत करो ये नाश का मूल है इंसान के जीवन की सबसे बड़ी भूल है तन मन और धन की बर्बादी है ये इज्जत भी मिल जाती तेरी धूल है
मुसीबत आई है मगर रोक नहीं पाएगी चाल को भेदन करना आता है हमे चक्र व्यूह के जाल को महामारी क्या डराएगी हम सब तैयार है निपटने करके पूजन रिझाएंगे हम कालो के काल को
जंग जारी है कोरोना के खिलाफ एक दिन जीत जाएंगे पतझड़ है घबरा मत बसंत आएगा गीत गाएंगे
अवतार है अनेक भगवान् एक है मजहब के नाम पर लड़ना न नेक है सब अपने रिवाजों से करे ईश वंदना इंसानियत भी धर्म है कहता विवेक है
पहले करे कर्तव्य फिर अधिकार लीजिए कर्मो की है प्रधानता संसार लीजिए काटेंगे फसल कल बोयेगे बीज आज कुछ प्यार लीजिए कुछ प्यार दीजिए
शिव नहीं है चंदन नहीं हैं मगर सांपो को लिपटाए हैं आज कल इस धरती में इसी तरह के बादल छाए है
कुछ नहीं कर सकते हो तो दुआए करो शायद कबूल हो जाए महामारी का शूल चुभा है जो शायद गुलाब का फूल हो जाए
दौलत का गरूर मत कर खाली हाथ जाएगा तेरा शुभ करम ही तेरी पहचान बनाएगा कुछ पुण्य भी कमा लो करके परोपकार इस लोक में उस लोक में तुझको बचाएगा
वर्षो कि कमाई को करना नहीं बेकार कुरवनियो से हो सका है देश बन तैयार ये देश है धरोहर रखना सम्हाल कर हम भी है जिम्मेदार तुम भी हो जिम्मेदार
समझ गया है जमाना बेटा बेटी में फर्क नहीं होता जागरूक होते पहले से तो जीवन नर्क नहीं होता कन्या भ्रूण हत्या करना कराना अपराध है अनमोल है दोनों के बीच और कोई तर्क नहीं […]
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