Category: शेर-ओ-शायरी

  • हौसला

    हौसला आप यूँ ही बनाए रहे
    देश की इस धरा को बचाए रहे
    भेड़ियों की सभी चाल नाकाम हो
    देश सीमा कि शोभा बढ़ाए रहे

  • वतन मे खिले

    नीचता ऊ़चता देखते हम चले
    आइए भूल जाए न सिक्वे गिले
    एक जैसा सदा भाव लेकर चले
    फूल जैसा बगीचा वतन. मे खिले

  • शहादत

    शाहीदो की शहादत कभी हम भुला सकते नहीं
    रोना जिन्हे आता नहीं और रुला सकते नहीं

  • कोशिश

    कोशिश जारी है एक दिन मंजिल हम भी पाएंगे
    जिस रास्ते पर चले हैं चलते रहेंगे कही और नहीं जाएंगे

  • लोकतन्त्र

    जहर मत फैलाओ यहां, नेवले और बाज हैं
    गुस्ताखी माफ नहीं होती वहां, जहां लोकतन्त्र का राज है

  • बेवफा तो यूँ ही बदनाम हैं

    वफा तो वही करेगा
    वफा करना जिसका काम हैं,
    अक्सर वफादार है बेवफाई करते हैं
    बेवफा तो यूं ही बदनाम हैं।।

  • “बेदर्द से इश्क”

    क्यों कोई मोहब्बत के
    काबिल नहीं होता ?
    क्यों हर किसी के सीने में
    दिल नहीं होता ?
    क्यों होता है उसी बेदर्द से इश्क !
    जो इस दिल के काबिल
    नहीं होता…!!

  • इश्क़ के सफर में

    ज़िन्दगी के सफर में
    कई हमराह मिलते हैं।
    कहीं पे वाह मिलते हैं
    कहीं पे आह मिलते हैं।।
    सफर में इश्क़ के
    कुछ विरले होते हैं
    जिन्हें आखिर में भी आकर
    मंजिल – ए- चाह मिलते हैं।।

  • इश्क़ के सफर में

    ज़िन्दगी के सफर में
    कई हमराह मिलते हैं।
    कहीं पे वाह मिलते हैं
    कहीं पे आह मिलते हैं।।
    सफर में इश्क़ के
    कुछ विरले होते हैं
    जिन्हें आखिर में भी आकर
    मंजिल – ए- चाह मिलते हैं।।

  • मैं गुजरा हुआ वक्त हूं…

    मैं गुजरा हुआ वक्त हूँ…
    समंदर की लहर नही जो लौटकर फिर साहिल पर आऊँगा।
    फैसला आपका है…
    कदर करो या यूं ही जाने दो मुझे पर मैं फिर से मौका न दे पाऊँगा।

  • धोखे

    प्यार के धोखों से
    इतना तंग आ गये हम
    कि अब मोहब्बत के सिवा
    सब अच्छा लगता है…
    कहने को तो मोहब्बत
    हमने भी बहुत की थी…

  • फिर कोई नज्म गुनगुनाता हूँ…

    #shayri 2liner
    जब तेरी याद आती है
    चला आता हूँ,
    ************************************
    फिर कोई नज्म गुनगुनाता हूँ….

  • उसे इतना बेरहम क्यों बनाया ??

    इन्तकाल के बाद-
    पूंछूंगा खुदा से
    मुझे इतनी मोहब्बत क्यों दी ??
    उसे इतना बेरहम क्यों बनाया ??

  • होली का त्योहार है”

    होली का त्योहार है
    मत झगड़ो मेरे यार,
    प्रेम से हिलमिल के रहो
    लिखो साहित्य अपार..

  • मोहब्बत की नुमाइश

    यूं मोहब्बत की नुमाइश की नहीं जाती
    दिल की ख्वाहिश सरेआम की नहीं जाती.
    **********************************
    समझता है बेशर्म ये सारा जमाना,
    इसी वाइस दिल की बातें बेपर्दा की नहीं जाती.

  • आर्यन कृष्णवंशी का शायरी संग्रह

    1.
    जमाने की नजरों मे काफिर हैं हम
    क्योंकि मोहब्बत की मंज़िल के मुसाफिर हैं हम

    2.
    आने दो गर्मी तो पहाड़ पिघल जाएंगे
    चट्टानों को तोड़कर समुंदर निकल जाएंगे
    लड़कपन है नौजवानी है अभी कर लेने दो मस्ती
    कँधों पर भार आएगा तो खुद संभल जाएंगे

    3.
    आज मैं सोच रहा हूं कि आशिकी इतनी अजीब क्यों है ?
    जिससे मिलना असंभव लगता है वही दिल के करीब क्यों है !

    4.
    भगवान भी सब कुछ जान लेता है …
    समय तो बख्शता ही नही कठिन से कठिन इम्तिहान लेता है
    संघर्ष के इस दौर मे सफल वही होता है, जो सच के आइनें मे झूठ को पहचान लेता है

    5.
    मंजिल कठिन है तो क्या हुआ ? हम कौन सा कमजोर हैं ” चलते जाएंगे
    निकले हैं घर से तो कुछ करके दिखाएंगे …..
    वरना ऊंचा मुकाम पाने वालों का अंजाम है यही
    हम होंगे गुमनाम लोग कहानियाँ सुनाएंगे !

    6.
    आएं हैं तो दो चार दिन रुककर जाएंगे
    खायेंगे पियेंगे पब मे मस्ती उड़ाएंगे
    रात करेंगे रंगीन मोहब्बत के आशियाने मे
    छूट जायेंगी दिल की कुछ बातें तो कल फोन पर बताएंगे !

    7.
    आज फिर थोड़ा सा बैचेन हूँ कुछ अजीब सा लग रहा है
    प्यार है या नफरत ” बड़ा करीब सा लग रहा है !

    8.
    काफी मुद्दतों के बाद पसंद आई हो तुम
    इसलिये सपनों मे सजा रखा है
    कोई छीन ना ले जाये अब तुम्हे मुझसे
    इसलिये दिल मे छुपा रखा है !

    9.
    थोड़ा शरारती हूँ तो क्या हुआ करजदार तो नही हूं

    चालाकी से बेवफ़ाई करूँ इतना समझदार तो नही हूं

    10.
    जज्बात नही दिखते शायद काफी फांसला आ गया है
    अजीब सी महक आ रही है इस शहर मे…
    लगता है कोई दिलजला आ गया है !

    शायर ~
    आर्यपुत्र आर्यन कृष्णवंशी ” शनि ”
    ( टीबी आर्टिस्ट मॉडल एंड राइटर )
    Official Co – 9720299285

  • प्रेम का संदेश

    छोंड़ दी थी जो गलियां
    हमने कभी,
    आज सजकर फिर उन्हीं में जाना है
    संदेश भेजा है उन्होंने प्रेम का,
    जिनको हमने रब से ज्यादा माना है…

  • शायरी

    न नखरा करेंगे
    न इजहार करेंगे।
    हम तो सिर्फ वसन्त
    के आने का इंतजार करेंगे।।

  • नज़र

    मत देख अपनी नज़र से हर बार
    कभी तो ले तु मेरी नज़र उधार ।

  • शायरी

    साहित्य के वो योद्धा
    तलवार नहीं उठाते ।
    लड़ते जरूर हैं पर
    लड़ाकू नहीं कहाते।।

  • आर्यन सिंह की बेस्ट शायरी

    1.
    हम जमाने से बेहद सताए हुए हैं
    मगर अपनी इज्जत बचाए हुए हैं
    मार डालेगा दुश्मन जमाना तेरा
    इसलिए तुझको दिल में छुपाए हुए हैं
    भले जुल्म कर ले ये सारा जमाना
    मगर फिर भी हम दिल लगाए हुए हैं

    2.
    सच बता दो मुझे आप आओगे कब
    टूटे रिश्तों को फिर से निभाओगे कब
    हैं खयालात दिल में छुपाए बहुत
    वो हकीकत कहानी सुनाओगे कब
    पूछता हूँ बता दो जरा सच मुझे
    फिर से रंगीन रातें मनाओगे कब

    3.
    मैं सागर की गहराई हूं तुम नहीं किनारा पाओगे
    मैं दहकता हुआ अंगारा हूं तुम छूने पर जल जाओगे
    मैं हूं अनन्त मैं हूं अथाह है मुझे समझना नामुमकिन
    है आसमान मेरा मुकाम तुम कब तक पीछे आओगे

    4.
    अब ना हमें आजमाना कभी
    ना निगाहें किसी से लडाना कभी
    तेरे होंठो से शबनम की आहट मिले
    ऐसी रश्क़ ए कमर ना हिलाना कभी
    अपने नाजुक बदन को संभालो जरा
    मुझ कमीनों से दिल ना लगाना कभी

    5.
    ये ना पूछो कि अब हम किधर जाएंगे
    छोड़ देंगे नवाबी सुधर जाएंगे
    इस जमाने में इज्जत गवाई अगर
    जिंदा रहते हुए भी बिखर जाएंगे
    मैं रहूं ना रहूं पर कसम है मुझे
    कि अमर नाम दुनिया में कर जाएंगे

    6.
    है सौगंध मुझको झुकूंगा नहीं
    अपने कर्तव्य पथ पर रुकूँगा नहीं
    गर मुकम्मल मेरा दूर मुझसे हुआ
    माफ खुद को कभी कर सकूंगा नहीं
    जब तक मंजिल ना पा लूंगा एक जिंदगी
    है कसम कि मैं तब तक थकूंगा नहीं

    7.
    इश्क़ के ख्वाब अब ना सजाया करो
    झूठी तारीफ अब ना सुनाया करो
    जिनके सपनों में झूठे सजीदे हुए
    उनको हृदय से अब ना लगाया करो
    रह गई वो मचलती जवानी कहाँ
    अब मोहब्बत की गजलें ना गाया करो

    8.
    कभी मशहूर मेरी जवानी रही
    प्यार में डूबती वो कहानी रही
    आज बेशक है तन्हा मेरी जिंदगी
    पर कभी इश्क़ की एक निशानी रही
    आ गया अब बुढ़ापा तो क्या हो गया
    कभी लैला भी मेरी दिवानी रही

    9.
    मैं जंग हूं मैं जीत हूं
    बहता हुआ एक गीत हूं
    मैं राग हूँ अनुराग हूं
    अनुरक्त व वैराग्य हूं
    मैं आन हूं मैं शान हूं
    इस देश का अभिमान हूं
    हिन्दुत्व का हूं अंश मैं
    और कृष्ण की संतान हूं

    10.
    संघर्ष थम गया है बस मुकाम बाकी है
    इतिहास के पन्नों पर अभी नाम बाकी है
    मनाएंगे जश्न मुकम्मल ए फतह का…
    मगर अभी रुक जाओ ”
    और थोड़ा सा काम बाकी है

  • आर्यन सिंह अहीर की शेर ओ शायरी

    1.
    जो कल था वही आज हूं
    थोड़ा खफा हूं थोड़ा नाराज हूं
    2.
    जिस दिन किस्मत के सितारे बदल जायेंगे
    देखते ही देखते नजारे बदल जाएंगे
    नाव क्या चीज है खरीद लेंगे समुंदर
    बस थोड़ा सा रिस्क है किनारे बदल जायेंगे
    3.
    निकले हैं घर से तो मंजिल जरूर पाऊंगा
    कसम खाई है वो करके दिखाऊंगा
    4.
    झूठी शान का परिंदा ज्यादा फड़फड़ाता है
    जिसमें जान होती है ना वह कहता नहीं करके दिखाता है
    5.
    हम कहते नहीं करके दिखाते हैं
    वक्त आने पर सब को आजमाते हैं
    जो समझते हैं अपना काम आएंगे वही
    वरना दिखावा करने वाले तो दूर निकल जाते हैं
    6.
    जब इंसान मोहब्बत में धोखा खाता है
    तभी कुछ कर दिखाने का मौका आता है
    7.
    रेत की नाव है समुंदर के पार जाना है
    ना कोई जरिया है ना कुछ बहाना है
    खुद की भुजाओं पर रख भरोसा और कूद जा समुंदर में …
    अरे जो असंभव है वही तो करके दिखाना है
    8.
    जिंदगी के प्रश्नों का खुद ही जवाब हूं मैं
    बड़ा गुलाम बनने से बेहतर कि छोटा नवाब हूं मैं
    9.
    उनको दिल पर रखो जो तुम्हारी कामयाबी पर तालियां बजाते हैं
    उनको दिमाग पर रखो जो तुम्हारे सामने मुस्कुराते हैं और पीठ पीछे गालियां सुनाते हैं !

  • उस दिन नया साल है

    हर वक्त बदलती जिन्दगी,
    हर वक़्त बदलती ग्रहों की चाल है, अंकों के बदलने से कुछ नहीं होगा,
    बदलेगें जिस दिन हम उस दिन नया साल है

  • अलविदा २०२०

    अलविदा २०२०
    तू बहुत याद आएगा…
    तूने गुरू बनकर बहुत कुछ सिखाया
    अफसोस है अब तू कभी लौटकर ना आएगा..

  • ऐसे मत नववर्ष मनाओ

    ऐसे मत नववर्ष मनाओ
    जीवों को ना मार के खाओ,
    भूंख मिटाने के हैं और भी साधन
    शाकाहार तुम बनाकर खाओ..

  • तुझे याद नहीं करूंगी

    सोंचती हूँ नये साल में कुछ बड़ा करूंगी
    ————————————————
    चल ठीक है, तुझे याद नहीं करूंगी…..❤❤

  • वक्त ने समझा दिया

    खामोंश रहना
    जज्बात बयां करने से
    अच्छा है
    दिल की बातें दिल में छुपाना
    अच्छा है
    काश ! ये पहले ही समझ
    जाते हम,
    चलो वक्त ने समझा दिया
    ये भी अच्छा है….

  • अच्छा नहीं लगता

    तुम जब बात-बात पर
    झगड़ा करते हो मुझसे
    सच कहूं तो बुरा नहीं लगता,
    पर जब तुम नाराज होकर
    बात करना बंद कर देते हो
    तो कुछ भी अच्छा नहीं लगता…

  • कोशिश करूंगा

    कोशिश करूंगा
    तुम्हे भूलने की,
    पर जानता हूँ मैं
    नाकाम ही रहूंगा.
    ——————❤❤
    By
    Vivek singhal

  • यह साल रहेगा यादगार

    यह साल हमेशा
    रहेगा यादगार,
    ज्यादा ना सही पर
    कुछ तो दे गया,
    यह साल बहुत सारे
    सबक दे गया…
    ——————❤❤
    By
    Vivek singhal

  • उम्मीद

    यह जो नाजुक सा दौर है
    आहिस्ता आहिस्ता खत्म हो जाएगा
    बस उम्मीदों का दीपक तुम
    यूं ही आगे भी जलाए रखना।
    वीरेंद्र सेन प्रयागराज

  • रमेश पाल आने वाले है

    मुह्हबत में तुम्हे आशु बहाना तक नहीं आया
    बनारस में रहे और पान खाना तक नहीं आया
    ये कैसे राश्ते से लेकर चले आये तुम मुझको
    कहा का मयकदा एक चाय खाना तक नहीं आया

    तेरे सीने में दम है दिल नहीं है
    तेरा दम गर्मी ए महफ़िल नहीं है
    निकल जा अक्ल के आगे की ये नूर
    की ये चरागे राह है मंजिल नहीं है

    अब चराग बज्म के सब जगमगाने वाले है
    क्यों की अदब से बैठ जाईये रमेश पाल आने वाले है

    डॉ रमेश सिंह पाल वैज्ञानिक, लेखक, आध्यात्मिक विचारक

  • ज़िन्दगी के इस खेल में

    तेरी परछाई को देख लेता हूँ
    चेहरे को देखने का मौका कहाँ मिलता।
    ज़िन्दगी के इस खेल में
    दौड़-दौड़ दौड़ लेता हूँ चौका कहाँ मिलता।।

  • वह था ईश्वर अवतार

    ज़िन्दगी भर सहा जिसने अत्याचार, नारी और दलित का किया जिसने उध्दार , कलम था, जिसका हथियार वास्तव में वह था , साक्षात् ईश्वर अवतार

  • आत्मा की संतुष्टि

    सुख की तलाश में हम
    अनगिनत इच्छाओं की पूर्ति करते रहे
    आशाओं के अम्बार
    लगाते रहे
    परंतु सुख तो केवल
    आत्मा की संतुष्टि से ही मिलता है…

  • दिल दुःखाने लगे हैं लोग

    बेगाने हो गये हैं लोग
    अब कतराने लगे हैं लोग
    अपने साये से भी
    अब कोई उम्मीद ना रही
    जाने क्यूं इतना दिल दुःखाने लगे हैं लोग…

  • आंधी

    मेंने आशियाना बनाना छोड़ दिया।
    जब से, आंधी के मौसम आ गया।।

  • याद ए उल्फत

    कुछ दिन संभालो जरा, अपनी याद- ए -उल्फत तुम,
    कि पुरानी चोट सर्दी में दर्द बहुत देती हैं।।
    AK

  • दम टूटता गया उम्मीदों का…

    सिलसिले वार दम टूटता गया
    उम्मीदों का
    अब क्या करेंगे हम
    सुनहरे सपनों का
    अब तो अपना जीवन भी
    किराये का लगता है
    क्या करेंगे अब हौसलों के पंखों का ???

  • डर

    बहक ना जाएं कहीं कदम हमारे
    डरते हैं इसी बात से हम
    क्योंकि गुजरते हैं हर रोज
    हम भी मैखानें के करीब से।
    वीरेंद्र सेन प्रयागराज

  • तेरा जवाब

    ऐ खूबसूरत बहारों की मलिका
    कहां से लाऊं ढूंढ कर तेरा जवाब
    आसमां में चमकता है जो चांद
    लगा है उसमें भी दाग।
    वीरेंद्र सेन प्रयागराज

  • शायरी

    कलम भी वही है दावात भी वही है।
    दिल में भरे मेरे जज़्बात भी वही है ।।
    लिखना चाहूँ मै एक गजल आप पर
    पर क्या करे अपनी मुलाकात नहीं है।।

  • समवेत स्वर में जय हिंद

    समवेत स्वर में जय हिंद बोल दो कभी
    प्यार के पट खोल दो कभी
    ये मुल्क तुम्हारा ही है दोस्त!
    इसे प्यार और सम्मान से देख तो कभी…
    *****************************

  • “थपकी प्यार की”

    मेरा गम तेरे दर्द से ज्यादा है
    मेरी आँख में आँसू तुझसे ज्यादा है
    एक बार देकर प्यार की थपकी
    सुला दे साथी !
    मेरे दिल में जख्म़ तुझसे ज्यादा है…

  • ताश के पत्तों की तरह

    ताश के पत्तों की तरह
    बिखर गई मैं
    जब तूने कहा
    मैं तेरा नहीं किसी और का हूँ…!!

  • *किस्मत*

    किस्मत से ही बनते हैं,
    दिलों के रिश्ते
    वरना चंद मुलाकातों से,
    कहां रिश्ते बना करते हैं..

    *****✍️गीता

  • “सपने”

    कुछ ख्वाब भी झूठे हैं,
    और ख्वाहिशें भी अधूरी हैं
    पर खुश रहने के लिए,
    कुछ सपने भी जरूरी हैं

    *****✍️गीता

  • तुम्हारे नाम की मेंहदी…

    तुम कहते रहे और हम सुनते रहे
    आख़री वक्त तक सपने बुनते रहे,
    उठ गई डोली मेरे अरमानों की फिर भी
    हम तुम्हारे नाम की मेंहदी रचते रहे…

  • ‘आज तुमने मुस्कुराकर बात की’

    आज तुमने मुस्कुराकर बात की
    कुछ रोने वाली और
    कुछ हँसने वाली बात की,
    अच्छा लगा मुझको तुम्हारा
    झगड़ा करना भी
    खुशी इस बात की है कि तुमने हमसे बात की…

  • दामन छोंड़कर चल दिये

    इल्जाम पर इल्जाम
    लगाता ही रहा वो
    हम चुपचाप सहते रहे,
    जब हद हो गई सहने की तो
    हमने कुछ ना कहा बस
    दामन छोंड़कर चल दिये….

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