ईश्वर ने आदमी को उसकी औकात दिखाया है
नास्तिक हो रहे थे जो उनको आस्तिक बनाया है
रुक जा मुसाफिर कोरोना की ट्रेन जा रही है
दुनिया के स्टेशन में लाल बत्ती को जलाया है
Category: शेर-ओ-शायरी
-
लाल बत्ती
-
इस दौर में
झूठ की फसल बोई और सच की तलाश जारी है
अत्याचार की आज कल की दुनिया पुजारी है
उठाता नहीं कोई जुल्म के विरुद्ध आवाज
अविश्वास के इस दौर में जीने की लाचारी है -
खेल
देते हो सब कुछ फिर सब कुछ ले जाते हो
इस खेल से भगवान् आप कौन सा सुख पाते हो
जब बना ही दिया खिलाड़ी तो खेलने की शक्ति दो
दुख देके आप हमको अपनी याद ही दिलाते हो -
जलन
जलने का ही शौक है तो दीपक की तरह जलो
अंधेरा दूर करदे अपना और अपनो का चलो
प्रेम के मार्ग की दीवार है जलन वह
उन्नति के पादप के नीचे छाँव सा पलों -
त्योहार
सूरज को देखकर फूल सब खिल जाते हैं
उन्नति करता है वह देश जहां लोग घुल मिल जाते हैं
नफरत ओ को दूर करते हैं त्योहार
जब होली और ईद एक साथ हम मनाते हैं -
हिम्मत
असफल वही होते हैं जो हिम्मत हार जाते हैं
हिम्मत की कुंजी लेकर ही सफलता के द्वार जाते हैं
संकटों को पीठ मत दिखाओ करो सामना
गोता लगा कर समुद्र के तल से मोतियों के उपहार लाते हैं -
प्रयास
करते रहो प्रयास यूं ही कुछ पाने के लिए
मिली नहीं जिंदगी व्यर्थ में गवाने के लिए
जानवर भी अपना पेट भरना जानते हैं
जीने के लिए खाओ मत जिओ खाने के लिए -
युद्ध का मैदान
युद्ध के मैदान में खड़े होकर मत सोचो भाग जाने की
जितना जल्दी हो सके कोशिश करो j
जाग जाने की
भले ना हो कृष्ण मगर तुम अर्जुन सा मानकरकेवल कर्म में अधिकार है कोशिश करो इस उक्ति को अपनाने की
-
आशा
आप के खेत में निराशा की घास उग आई है
उखाड़ कर फेक दीजिए ये बड़ी दुखदायी है
मन के तालाब में उतसाह का नीर ना कमे
आशा के फसल की इससे करनी सिंचाई है -
इरादा
है ये दुनिया तुम्हारी गर इरादा करो
प्रेम करना है सबसे एक वादा करो
आँख मे लक्ष्य की तस्वीर एक रखो
कोशिश हो लगातार ज्यादा करो -
गुरु भगवान्
आइए करे हम अपने गुरु का सम्मान
जिसने दिया है तीसरी नेत्र सा ग्यान
गोविंद से बड़े है अग्यान हरण करते
सत सत नमन है तुमको हे! गुरु भगवान् -
काम
जरूरी नहीं है कि वन्दूख लेकर सब देश की सीमा में जाए
देश की ही सेवा है मिली जो जिम्मेदारी है उसे बखूबी निभाए
कोई काम होता नही बड़ा या छोटा मानिए
जूता भी सिले तो रैदास जैसे जगत में अपनी
पहचान बनाए -
जिंदगी
जिंदगी नदी की धारा है जिसमे सुख दुख के किनारे है
आखिर में हम सागर के और सागर हमारे है
मिलते हैं रास्ते में चट्टान और पहाड़
लेकिन बना ले रास्ता मुस्किल से नहीं हारे है -
चिकित्सक
चिकित्सक के रूप में धरा पर भगवान् आते हैं
मुरझाए हुए चेहरों पर मुस्कान जो लाते हैं
जिंदगी की जंग लड़ रहे मरीज ने कहा
गिरते हैं हम रास्ते में वो हर बार उठाते हैं -
आजादी
आजादी के लिए हमारे देश भक्तो ने अपना लहू बहाया है
अनगिनत नारियों ने अपनी मांग का सिंदूर मिटाया हैसम्हाल कर रखे पूर्वजों की अनमोल कमाई को
बड़ी मुश्किल से हम सब ने आजादी पाया है -
दोस्ती
दोस्ती होती नहीं कुछ यूँ ही आजमाने के लिए
दोस्ती होती है जन्म जन्मा न्तर तक निभाने के लिए
राम सुग्रीव और कृष्ण सुदामा को देखो
दोस्ती में सौ गुना स्नेह बढ़ाने के लिए -
पेड़ लगाए
आइए आज से हम सब पांच दस पेड़ लगाए
शायद अस्पतालों के चक्कर से बच जाए
बड़ा करे इन्हे संतान की तरह पाल कर
हम भी मुस्कुराए और पेड़ भी मुस्कुराए -
नशा (2)
पीते नहीं शराब हम फिर भी नशा छाया है
हर पल का हिसाब है क्या खोया क्या पाया है
लक्ष्य को हासिल करने का नशा भी जरूरी है
मानव को नशा ने महापुरुष बनाया है -
नशा
नशा मत करो ये नाश का मूल है
इंसान के जीवन की सबसे बड़ी भूल है
तन मन और धन की बर्बादी है ये
इज्जत भी मिल जाती तेरी धूल है -
कालो के काल
मुसीबत आई है मगर रोक नहीं पाएगी चाल को
भेदन करना आता है हमे चक्र व्यूह के जाल को
महामारी क्या डराएगी हम सब तैयार है निपटने
करके पूजन रिझाएंगे हम कालो के काल को -
जीत जाएंगे
जंग जारी है कोरोना के खिलाफ एक दिन जीत जाएंगे
पतझड़ है घबरा मत बसंत आएगा गीत गाएंगे -
इंसानियत धर्म
अवतार है अनेक भगवान् एक है
मजहब के नाम पर लड़ना न नेक है
सब अपने रिवाजों से करे ईश वंदना
इंसानियत भी धर्म है कहता विवेक है -
पहले कर्तव्य
पहले करे कर्तव्य फिर अधिकार लीजिए
कर्मो की है प्रधानता संसार लीजिए
काटेंगे फसल कल बोयेगे बीज आज
कुछ प्यार लीजिए कुछ प्यार दीजिए -
बादल
शिव नहीं है चंदन नहीं हैं मगर सांपो को लिपटाए हैं
आज कल इस धरती में इसी तरह के बादल छाए है -
दुआए
कुछ नहीं कर सकते हो तो दुआए करो
शायद कबूल हो जाए
महामारी का शूल चुभा है जो
शायद गुलाब का फूल हो जाए -
परोपकार
दौलत का गरूर मत कर खाली हाथ जाएगा
तेरा शुभ करम ही तेरी पहचान बनाएगाकुछ पुण्य भी कमा लो करके परोपकार
इस लोक में उस लोक में तुझको बचाएगा -
धरोहर
वर्षो कि कमाई को करना नहीं बेकार
कुरवनियो से हो सका है देश बन तैयार
ये देश है धरोहर रखना सम्हाल कर
हम भी है जिम्मेदार तुम भी हो जिम्मेदार -
बेटा बेटी
समझ गया है जमाना बेटा बेटी में फर्क नहीं होता
जागरूक होते पहले से तो जीवन नर्क नहीं होता
कन्या भ्रूण हत्या करना कराना अपराध है
अनमोल है दोनों के बीच और कोई तर्क नहीं होता -
दीपक जलाएं
आओ सब मिलकर एक दीपक जलाए
रोशनी करके अपनो के बीच का अंधेरा भगाए
दलित उपेक्षित पीडि़तो के बच्चों को
उनके घर जाकर निशुल्क पढ़ाए -
सच्चा सुख
सच्चा सुख मिलता है मेहनत की कमाई से
बच के चलना जरूरी है इस युग की बुराई से
ईमानदारी से बढ़कर कोई नीति नहीं है
जीवन को सफल बनाए करके भलाई से -
प्यार
प्यार करना आसान है मुश्किल है निभाना नादानी मत करना सोच समझ कर जाना
खिलौना समझकर खिलवाड़ मत करना
उम्र भर ये रिश्ता पड़ता है चलाना -
आशियाना
अपने ही घर को मंदिर बना ले कही और नहीं जाना
बोलती प्रतिमाए है घर के सदस्य सभी
पुजारी की तरह अपना बना आशियाना -
मां बाप
पाएगा कुछ न वन्दे भगवान् को भुलाकर
हसने की सोचता है मां बाप को रुलाकर
इंसान के अवतार में भगवान् को पाया
इनके चरण है चंदन पानी सा घुला कर -
वीर सैनिक
आओ नमन करें उन्हें श्रद्धा से ,
मां भारती की रक्षा के खातिर ,
जो प्राण देश पर न्योछावर कर जाते हैं ।
बड़ी हिम्मत रखते सीने में ,
खुद मिट जाते सब के खातिर ,
और रक्षा का वचन निभाते हैं।। -
आतंकवाद
आतंकवाद की जड़ को काटने की जरूरत है
जेल मे डालो या फांसी दो देखना नहीं मुहूर्त है
इसने इंसानियत को शर्मसार किया है
इंसान के अंदर छिपे ये शैतान की सूरत है -
जय हिंद
इक्कीसवीं सदी का हमारा हिंदुस्तान है
घूर नहीं सकता कोई अब इतना बलवान है
आतंकवाद अब नहीं बर्दास्त करेंगे
अंतरिक्ष हो या धरती अपनी अलग पहचान है -
भारत बसेरा है
यह सच है कि मुझे काले काले बादलों ने घेरा है
इतना आसान नहीं है मुझे डराना क्यूंकि भारत में मेरा बसेरा है -
रोशनी
तेरे घर की रोशनी क्यूँ देखूँ जब मेरे घर में अंधेरा हो
आखिरी रात न हो जाए कही जब तक हर ओर सबेरा हो
उसकी ख़ुशी हमारे किस काम की जिसे
अहंकार के भूत ने घेरा हो -
टोकरी
एक हाथ से ही अब बजने लगी ताली है
खुशी ग़म की टोकरी कई दिनो से खाली है -
बचाने के लिए
मिली नहीं है आंख हरपल आंशु बहाने के लिए क्या कुछ नहीं जहां में देखने दिखाने के लिए
अभी भी समय है हो जाओ सचेत
बहुत कुछ बचा है बचाने के लिए -
इंसानियत
निभा तो सही सबसे इंसानियत का नाता है
कड़ी धूप और बरसात से बचाने वाला छाता है
परहित से बड़ा कोई धर्म नहीं होतातेरा ही करम तेरे भाग्य का निर्माता है
-
वरदान
क्यों मांगते हो वरदान परिस्थितिया सदा अनुकूल हो
चलना हमारा काम है गली में कांटे हो या फूल हों -
बुरा वक्त है
बुरा वक्त है एक दिन यह भी बीत जाएगा
विश्वास बनाए रखना एक दिन जीत जाएगा
परीक्षा है परमात्मा की धैर्य से दे
उम्मीद रख खुशी के गीत गाएगा -
खुशियों की बरसात
अपने देश में खुशियों बरसात कराएंगे
अनेक प्रकार के ये लोग जिस दिन एक हो जाएंगे -
उड़ान
चुनौतीया है देश मे कई
हम भी स्वीकार करते हैं
देखकर दंग होता है जहां
जब हम नई उड़ान भरते हैं -
सिन्दूर
धरती से आकाश जितना दूर होगा
उतना ही दीर्घायु तुम्हारी मांग का सिंदूर होगा -
नैतिक जिम्मेदारी
नैतिक जिम्मेदारी है सबकी सुंदर परिवेश बनाना फैलती है गंदगी से बीमारियां इनको दूर भगाना
-
डरो मत
डरो मत तूफानों से आते जाते रहेंगे
कवि हैं कविताओं से हिम्मत बढ़ाते रहेंगे -
देश के सैनिकों
मेरे वतन के सैनिकों अब देश ही परिवार है
कबूल करो देशवासियों की दुआ और प्यार है -
देश की पहचान
माता कहते हो जिस देश को वहां नारी का सम्मान है
अनेकता में एकता ही भारत की पहचान है