महेश गुप्ता जौनपुरी
आप भले जग भला
June 15, 2020 in मुक्तक
आप भले तो जग भला का,
आलाप रटते सुबह और शाम।
बड़ी बड़ी करके बातें ज्ञानचंद,
बैठ कर ठेके पर पीते जाम।।
✍महेश गुप्ता जौनपुरी
जिंदगी मेरा
June 14, 2020 in मुक्तक
मत जलाओ अपनी जिंदगी ये दोस्त,
प्यार मोहब्बत में पड़कर मेरे दोस्त।
अपने हुनर को परख कुछ पेड़ रोप दो,
छांव फल देकर शीतल तुम्हें करेगा दोस्त।।
✍महेश गुप्ता जौनपुरी
नौ कि लकड़ी
June 14, 2020 in मुक्तक
नौ की लकड़ी नब्बे खर्च हुआ इस लाकडाउन में,
कोरोना के प्रहार से फिसल गये महामारी में।
पेट के लिए भाग दौड़ लगाते जान पर बाजी लगा,
टेट को भरकर रखने वाले कंगाल हुए महामारी में।।
✍महेश गुप्ता जौनपुरी
संस्कार
June 7, 2020 in हिन्दी-उर्दू कविता
संस्कार
बदलते दौर के साथ बदल गया संस्कार
पैसे की होड़ में बिक कर रह गया संस्कार
पैर छूने की परम्परा है विलुप्त के कगार
हाथ जोड़ अभिवादन का चला है संस्कार
मां बाप के संस्कार का फिल्म धज्जियां उड़ा रहा
दमन करके संस्कार का समाज से मिटा रहा
सोशल मीडिया के प्रचार से संस्कार दम तोड़ रहा
शमन करके संस्कार का हमें जिंदगी से बरगला रहा
बचपन जवानी बुढ़ापे का मिट रहा है अब संस्कार
दादा दादी का लाज लिहाज मिटाकर कर रहा प्रहार
संस्कार शब्द रह गया है अब शब्दकोष के भण्डार
बदलते युग के संविधान में स्वीकार लिया हमने हार
जिससे मिला हमें संस्कार आंखें उन्हें तरेर रहा
गांव के संस्कार भूलाकर शहर हमें बिगाड़ रहा
संस्कार का गला घोंटकर अश्लीलता सीखा रहा
किसे हम दोषी माने अब संस्कार हमें दुत्कार रहा
महेश गुप्ता जौनपुरी
जौनपुर उत्तर प्रदेश
मोबाइल – 9918845864्
त्रिशुलधारी
May 31, 2020 in मुक्तक
त्रिशुलधारी भोले भण्डारी काशी के अविनाशी,
डम डम डमरू बाजे मदमस्त नाचे काशीवासी।
गले में सर्प का माला धारण किये भोले भण्डारी,
झूम झूम कर गा रहें है पृथ्वी लोक के वासी ।।
✍🏻महेश गुप्ता जौनपुरी
कोरोना का प्रकोप
May 31, 2020 in मुक्तक
कोरोना के प्रकोप से बिलख रहें है लोग,
ऐंस की जिंदगी खत्म हुआ समझो सब लोग।
भूख आज कल भटक रहा सड़कों के किनारे,
क्या थे क्या हो गये इस महामारी में हम लोग।।
✍🏻महेश गुप्ता जौनपुरी
कोरोना योध्दा
May 31, 2020 in मुक्तक
कोरोना जैसी महामारी में,
कर लो पुण्य प्रताप ।
बांट कर खाने का पैकेट,
कवि जी बन जाओ तुम भी महान।।
जीवन की नैया
May 31, 2020 in मुक्तक
मिट्टी खजानों का अनमोल घर है,
जीवन प्रदान कर रहा शहर को है।
खनिज पदार्थ खाद्य पदार्थ का खजाना,
मिट्टी पर ही अमीर गरीब का नजर है।।
✍महेश गुप्ता जौनपुरी
मिट्टी की खुशबू
May 31, 2020 in मुक्तक
खूशबू मिट्टी की तो एक है,
तड़प दिल का मित्र अनेक है।
सबको याद सताता है गांव,
मिट्टी के संग जुड़े प्यारे खरवास है।।
✍महेश गुप्ता जौनपुरी