बेचैनियां
May 31, 2020 in शेर-ओ-शायरी
बेचैनियां बटोर के सारे जहान की
खुदा ने मेरा दिल बना दिया
और खूबसूरती कल्पनाओं की
मेरे मुकद्दर में डालकर मुझे शायर बना दिया।
May 31, 2020 in शेर-ओ-शायरी
बेचैनियां बटोर के सारे जहान की
खुदा ने मेरा दिल बना दिया
और खूबसूरती कल्पनाओं की
मेरे मुकद्दर में डालकर मुझे शायर बना दिया।
May 31, 2020 in Other
ख्वाहिशों के जुगनू भी
बंद कर दिए जाते हैं बोतल में
जब मुकद्दर रूठ जाता है
और जिंदगी भी मुंह फेर लेती है
जब मां का हाथ सिर से उठ जाता है।
May 31, 2020 in Other
धीरज बांधकर रखता हूं हर वक्त
पता नहीं किस्मत कब दे दे मात
इसलिए अपने कर्तव्य करता रहता हूं
और मुकद्दर अपने आप ही बनाता हूं।
May 31, 2020 in Other
तू गैर होता तो दिल इतना ना दुखता
पर तू अपना है,
तभी तो तेरी कही हर बात
सीधे दिल पर लगती है।
May 31, 2020 in Other
तू बुला ले अपने दीवानों को मैं
किसी से पीछे नहीं हूं
कोई भी परीक्षा ले ले
मैं अव्वल ही आऊंगा।
May 31, 2020 in Other
आंखों के चश्मदीद है मेरे पास
जो जो होता रहा है आसपास
वह सब मैंने भी देखा
और चश्मदीदों ने भी देखा
मुझे सबूत देने की जरूरत नहीं
क्योंकि मेरे पास
आंखों के चश्मदीद मौजूद हैं
तू अपनी बता।
May 31, 2020 in Other
पहले लाख डाउन और अब अनलॉक डाउन -1
घोषित हो गया है
सब कुछ खुला हुआ है
और कोरोना बढ़ता जा रहा है
इसे रोकने का उपाय कोई तो सुझाओ यारों
जिंदगी मौत में तब्दील होती जा रही है
May 31, 2020 in Other
अतिथि सत्कार हमारे भारत की परंपराएं है
इसे बरकरार रखना हमारा कर्तव्य है
अतिथियों का सत्कार करो
क्योंकि वह प्रभु के रूप में भी हो सकते हैं
May 31, 2020 in Other
अतिथि सत्कार हमारे भारत की परंपराएं है
कैसे बरकरार रखना हमारा कर्तव्य है
अतिथियों का सत्कार करो
क्योंकि वह प्रभु के रूप में भी हो सकते हैं
Comments Off on अतिथि सत्कार
May 31, 2020 in मुक्तक
जल को ना बर्बाद करो
याद तुम राजस्थान करो
पीने का जल है पर्याप्त ही
ना व्यर्थ इसे बर्बाद करो
May 31, 2020 in मुक्तक
जो सच बोलता है
उसे परेशानियों का सामना
हमेशा करना पड़ता है
परंतु जब सच्चाई आती है
सबके सामने तो सबको
उसे नमन करना पड़ता है
May 31, 2020 in मुक्तक
एक तरफ मजदूर परेशान दूजी ओर किसान
फिर सब कहते हैं देखो मेरा देश महान
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May 31, 2020 in मुक्तक
मजदूरों की समस्याओं को
सिर्फ एक ही व्यक्ति ने समझा है
सोनू सूद ने बन फरिश्ता उनको घर पहुंचाया है।
Tags: मजदूर दिवस पर हिंदी कविता, मजदूर पर हिंदी कविता 5 Comments »
May 31, 2020 in मुक्तक
पेड़ पौधे लगाओ चारों तरफ फैलाओ हरियाली
इस तरह करो पर्यावरण की रखवाली
Tags: पर्यावरण पर कविता, प्रकृति पर कविता 5 Comments »
May 31, 2020 in शेर-ओ-शायरी
तंबाकू खाने से होता है टीवी कैंसर
इसलिए इसे खाना करो आज से कैंसिल
May 31, 2020 in शेर-ओ-शायरी
तंबाकू निषेध दिवस है आज
आज प्रण करो
तंबाकू सेवन मत करो
वरना सब लुट जायेगा
तेरी तलब ही तेरे मौत का कारण बन जाएगी
May 30, 2020 in शेर-ओ-शायरी
लड़ाई किस्मत से है तुझसे नहीं ए ज़िन्दगी!
तू परेशान बेकार होती है ।
May 30, 2020 in मुक्तक
जब मैं उदास होता हूँ
तेरे कितने पास होता हूँ
रात भर रोती हैं आंखें इश्क में
आदमी तब खास होता हूँ ।
May 26, 2020 in शेर-ओ-शायरी
किस ओर गया मेरा सुकून
फकत इतना-सा बता दे कोई,
दिन-रात आगोश में रहता हूँ
बेचैनी के ।
May 26, 2020 in शेर-ओ-शायरी
ले गया दिल ए नशाद! मुझे
जाने कहाँ ,
जब एक निगाह उसने कर दी
मेरी तरफ।
May 26, 2020 in शेर-ओ-शायरी
ली गया दिल ए नशाद! मुझे
जाने कहाँ
जब एक निगाह उसने कर दी
मेरी तरफ
May 26, 2020 in शेर-ओ-शायरी
रहने देंगे हम तुम्हें लोगों के करीब
तुम खुमार में रह लो थोड़ा शरीक
May 26, 2020 in शेर-ओ-शायरी
जैसा कहिये वैसा करिये
ऐसे लोग जहां में कम ही होते हैं
अपनी कथनी और करनी में
जो कोई फर्क न करे ऐसे लोग
बड़ी मुश्किल से मिलते हैं
May 20, 2020 in शेर-ओ-शायरी
सिस्कियाँ लेता रहा मैं
उसकी याद में रात भर
वो पानी पी-पीकर
हिचकियाँ लेती रही ।
May 20, 2020 in शेर-ओ-शायरी
अकेला रह जाऊँगा माँ
मैं तेरे बिन
तू छोड़ कर ना जाना मेरा दामन
May 20, 2020 in शेर-ओ-शायरी
जब पहुँचा था उनसे मिलने मैं
बड़ा जोश में था ,
वापस आया तो लुटी हुई दुनिया लेकर ।
May 20, 2020 in हिन्दी-उर्दू कविता
कृष्ण के प्रेम में हुई दिवानी मीराबाई
लिखे दोहे और किया प्रकट
कृष्ण का आभार
कृष्ण के प्रेम में मीरा पी गई
विष का प्याला
कृष्ण के प्रेम ने
विष को अमृत कर डाला ।
🙏🙏जय हो कन्हैयालाल की🙏🙏
May 20, 2020 in शेर-ओ-शायरी
यह धरती बोले
काँटे मत बोना हे मानव!
फूल ही फूल उगाना
बन कर महक तू
हर ह्रदय को
महकाना
May 20, 2020 in मुक्तक
निष्काम ना बैठ मन तू
कर सृजन, तू कर सृजन
गूंज बन भंवरा जगत में
कर गुन्जन तू कर गुन्जन
May 19, 2020 in अवधी
हमते घरइतिनि रोज़ु-रोजु
कहति हइ ,
घुमावइ लई चलउ कहूँ ।
लॉक डाउन मा
ऊबि गयेन हई ,
मईके कइसेऊ भेजि देउ तुम ।
हमका करी जब
हमका पुलिस वाले रगदइहंइ ,
का करिबा जब
दुई-चारि लाठी धरि दीहंइ ।
तनिकऊ संदेहु भवा तउ
क्वारंटाइन करि दीहंइ ।
May 19, 2020 in शेर-ओ-शायरी
जीत कर दिल का जहान
हार गया सब कुछ
खुश बहुत हूँ मगर
खुद से हैरान बहुत हूँ मैं ।
May 16, 2020 in शेर-ओ-शायरी
मधुसूदन के चरणों में है सारा संसार
होंठो पर मुस्कान है और
दिल में प्रेम अपार
May 15, 2020 in शेर-ओ-शायरी
दिल की बात दिल में ही रह जाती है
रात खामोश हो कर भी बहुत कुछ कह जाती है
May 14, 2020 in शेर-ओ-शायरी
किसी को अपनी खता दिखाई नहीं देती
जिस तरह तिमिर में दिखाई परछाई नहीं देती
May 14, 2020 in शेर-ओ-शायरी
गीत बन्द पड़े हैं
कल्पनाओं के अंतस में
मीत सुनने को बेताब है
May 13, 2020 in हिन्दी-उर्दू कविता
सीता का हाँथ देते समय
जनक ने कभी नहीं सोचा होगा
की जनक दुलारी सीता
यूंँ वन में कष्ट भोगेगी
कन्द मूल खायेगी
और घास की सेज पर सोयेगी
पर होतब्यता देखो
यह सब हुआ और
कोई रोंक ना पाया
इस निर्मम दृश्य को सब
देखते रह गये
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