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Abhishek kumar

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Abhishek kumar

@Abhishek kumar • Joined Oct 2019 • Active 5 years ago

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Abhishek

by Abhishek kumar

वो क्या

November 25, 2019 in शेर-ओ-शायरी

वो क्या महसूस करेंगे जिनके
दिल में भी दिमाग होता है।
दिल की जगह
रिश्तों में दिमाग ही लगाते हैं ।

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Abhishek

by Abhishek kumar

तुम्हे मालूम है

November 25, 2019 in गीत

तुम्हें मालूम है
हमको मानना खूब
आता है ।
तो आखिर ये बताओ
तुम क्यूँ हमसे हमेशा
रूठ जाते हो।

9 Comments »

Abhishek

by Abhishek kumar

रंग डालेगे

November 25, 2019 in गीत

आपको रंग डालेगे
हाँथ में रंग है
पीला।
पहले सूखा लगायेंगे
भर के पिचकारी में
गीला।
आप जब गुस्से में
आकर के हमपे
तिलमिलओगे
आपका साँवला
मुखड़ा कर देंगे
बैंगनी-नीला।

Tags: Holi Par Kavita, Holi Poem in Hindi, Rango par kavita in hindi, रंगों पर कविता, होली पर कविता 12 Comments »

Abhishek

by Abhishek kumar

होली में

November 25, 2019 in हिन्दी-उर्दू कविता

बजे ढोलक बजे नगमे
मचे हुढ़दंग होली में
रंगी धरती रंगा
अम्बर ।
उड़े है रंग होली में
कोई गुब्बारे से खेले
तो कोई मरे पिचकारी
पड़ी हैं पान की छींटे
चढ़े है भंग
होली में ।

Tags: Holi Par Kavita, Holi Poem in Hindi, Rango par kavita in hindi, रंगों पर कविता, होली पर कविता 13 Comments »

Abhishek

by Abhishek kumar

दर्द

November 25, 2019 in शेर-ओ-शायरी

देकर हमको दर्द वो
सो रहे हैं ।
अपनी-अपनी किस्मत है
वो हँस रहे हैं और
हम रो रहे हैं ।

8 Comments »

Abhishek

by Abhishek kumar

चलो एक बार

November 25, 2019 in शेर-ओ-शायरी

चलो एक बार हम फिर से
दिखावा आज करते हैं
तुम पूंछो के
कैसे हो?
हम कह दें के अच्छे हैं
अब तो रातों में
रोना भी हमको
खूब आता है
बस एक बार
तेरी बेवफाई
याद करते हैं ।

8 Comments »

Abhishek

by Abhishek kumar

यादें

November 25, 2019 in शेर-ओ-शायरी

सब कहते हैं
मिट जाती हैं यादें मगर
हमदम भूले हुये
वो दिन अक्सर
याद आते हैं ।
गुज़रता है इन
गलियों से
कोई गाते हुए
खिड़कियों की
ओट से देखती थी
तुम्हे आते हुये ।
भूले हुए वो दिन…

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Abhishek

by Abhishek kumar

जाम

November 25, 2019 in शेर-ओ-शायरी

अभी तो जीना सीखा है
मैनें ।
अभी तो चलना
सीखा है
मैने।
मेरा मयखाना
मत बन्द करो
उसकी आँखो
से अभी
तो पीना सीखा है मैनें ।

8 Comments »

Abhishek

by Abhishek kumar

तेरा शर्माना

November 25, 2019 in शेर-ओ-शायरी

सुन्दर है तेरा अफसाना
सुन्दर है तेरा नज़राना
देख- देख कर हमसे
छुपना सुन्दर है
तेरा शर्माना ।

7 Comments »

Abhishek

by Abhishek kumar

तुम आ जाओ

November 25, 2019 in शेर-ओ-शायरी

तुम आ जाओ तो
यूं लगेगा मुझें
जैसे चांद खुद आ
गया हो
ज़मी पे।

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Abhishek

by Abhishek kumar

कैसे हैं

November 24, 2019 in शेर-ओ-शायरी

उम्मीदों के दरवाज़े पर
आस लगाये
बैठे हैं ।
गुजरोगे
जिन गलियों
से तुम फ़ूल
बिछाए बैठे
हैं।
एक दिन ऐसा भी
आएगा शायद
मेरे जीवन में
तुम हमसे
खुद आकर
पूंछो-और बताओ कैसे हैं ।

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Abhishek

by Abhishek kumar

नींद

November 24, 2019 in शेर-ओ-शायरी

मन से मन का मेल
ना होतो
प्रेम कहानी
कैसी है।
लब से लब
ना टकराये
तो साझेदारी
कैसी है।
तू भी जागे
मै भी जागू
एक दूजे
की चाहत में
रात-रात भर
नींद ना आये
ये बीमारी
कैसी है।

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Abhishek

by Abhishek kumar

दिल तोड़ने में

November 24, 2019 in शेर-ओ-शायरी

दिल तोड़ने में
माहिर है वो।
हमसे एक शीशा तक
टूटता नहीं।
जाकर सीख लेंगे
तोड़ने का गुर
उन्हें इसके सिवा कुछ
सूझता नहीं।

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Abhishek

by Abhishek kumar

अपनी यादों से

November 24, 2019 in शेर-ओ-शायरी

अपनी यादों से
कह दो मुझे
आया ना करें
आना है तो
तुम्हें भी
अपने साथ
लाएं
यूंँ रात में
अकेले
आया ना करें।

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Abhishek

by Abhishek kumar

हम तुमसे

November 24, 2019 in शेर-ओ-शायरी

हम तुमसे लड़ते तो
थे ।
पर प्यार बहुत करते
तो थे।
तुम तो इतना
रूठ गये
हम याद तुम्हें
करते तो थे।

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Abhishek

by Abhishek kumar

माना के.

November 24, 2019 in शेर-ओ-शायरी

माना के हम तेरे जैसे नही
मगर हम इतनें
बुरे तो नहीं।
दोस्त ना मान
मगर क्या हम
तेरी दुश्मनी के
काबिल भी नहीं ।

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Abhishek

by Abhishek kumar

आज मिला उत्तर

November 24, 2019 in शेर-ओ-शायरी

सपनों में
आनें वाला
हमदम
कैसा हो
हमको मिलने
वाला
दिलबर
कैसा हो
आज मिला
उत्तर जब
उनसे नज़र
मिली
मेरे जीवन का
साथी
बिल्कुल
ऐसा हो

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Abhishek

by Abhishek kumar

गुमराह करने वाले

November 24, 2019 in शेर-ओ-शायरी

गुमराह करने वाले
खुद ही खो गये।
ख्वाब में मिलेंगे
ये कहतें-कहते
वो खुद ही
सो गए ।

6 Comments »

Abhishek

by Abhishek kumar

आज दिन भर

November 24, 2019 in शेर-ओ-शायरी

आज दिन भर उसका
मैने इन्तज़ार किया।
सोंचा था वो
आयेगा मिलने
गलत थी,
जो उसपर
एतबार किया।

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Abhishek

by Abhishek kumar

गुम

November 24, 2019 in शेर-ओ-शायरी

बहुत मशहूर है तुम्हारे शहर का शोरगुल।

साहब!कही इसमे तुम हो न जाना गुम।।

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Abhishek

by Abhishek kumar

दीदार

November 24, 2019 in शेर-ओ-शायरी

बहुत तारीफ़ सुनकर आया हूँ मै तेरे शहर मे…
सुना है दिन मै भी यहाँ चांद का दीदार होता है।

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Abhishek

by Abhishek kumar

याद

November 24, 2019 in शेर-ओ-शायरी

सूरज की किरणे भी सुबह-सुबह कयामत ढ़ा रही है,

पूछ रही है,कैसे है वो?जिनकी तुम्हे याद आ रही है।

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Abhishek

by Abhishek kumar

मुलाकात

November 24, 2019 in Other

बुरा उन्हे कहूँ तो ये बिल्कुल गलत बात होगी…….

शायद मै ही बुरा हूँ तो उनसे मुलाकात क्यो होगी..?

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Abhishek

by Abhishek kumar

अफसोस

November 24, 2019 in शेर-ओ-शायरी

मुझमे ही रह गई
खामियां
या शायद मेरे
प्यार में
जो तेरी दहलीजें
ना पार कर पाये
किस बात पर
रोयें करे
अफसोस
अब कैसा
हम
कल भी
कल भी
अकेले
थे
हम अब भी
अकेले हैं

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Abhishek

by Abhishek kumar

कोरा था कागज

November 24, 2019 in शेर-ओ-शायरी

_”कोरा कागज़ था और कुछ बिखरे हुए लफ़्ज़,_

_ज़िक्र तेरा आया तो सारा कागज़ गुलाबी हो गया !!”_

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Abhishek

by Abhishek kumar

दास्ता

November 24, 2019 in शेर-ओ-शायरी

दांस्ता सुनाऊं और मज़ाक बन जाऊं,

बेहतर है मुस्कुराऊं और खामोश रह जाऊं….!!

7 Comments »

Abhishek

by Abhishek kumar

जाड़ा

November 24, 2019 in Other

जब तक नारियल तैल जम न जाये,
युगपुरुष केजरीवाल जी मफलर न बाँधने लगे
और बोरो प्लस का विज्ञापन आना न चालू हो जाये……

तब तक मै नही मानता की सर्दी आ गयी!!

Tags: मौसम पर कविताएं, सर्दी पर कविता, सर्दी पर शायरी 10 Comments »

Abhishek

by Abhishek kumar

आने दो यारो

November 24, 2019 in शेर-ओ-शायरी

छिपे हुये दर्द को आज ताज़ा किया है उसने,
दिल को बहुत बेकरार फिर से किया है उसने।

याद उसकी आती है हर पल तो आने दो यारो…
कसम देकर अपनी मजबूर भी तो किया है उसने।।

10 Comments »

Abhishek

by Abhishek kumar

मंजर

November 24, 2019 in शेर-ओ-शायरी

जरूरत पड़ने पर आज मुकर गये हो तुम,
जमाने की तरह कितना बदल गये हो तुम।

दोस्त!ये मंजर भी गुजर जायेंगे किसी तरह से,
पर आज चुप रहकर बहुत दर्द दे गये हो तुम।।

7 Comments »

Abhishek

by Abhishek kumar

अक्स मेरा

November 24, 2019 in शेर-ओ-शायरी

दोस्तो!वो आईना देखकर अपनी नजरे चुराता होगा।

अक्स मेरा जब उन्हे आँखों मे नजर आता होगा।।

7 Comments »

Abhishek

by Abhishek kumar

कहाँ हैं वो

November 24, 2019 in शेर-ओ-शायरी

कहां हैं वो किधर
ढूँढू नही मालूम
मुझको
चले आओ उन्हें
आवाज़ देती जा रही
हूं मैं ।
ए खुदा! राह में
उन्हें दो पल
के लिए रोक ले
बनकर हवा
पहलू में
उनके
आ रही हूँ मैं ।

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Abhishek

by Abhishek kumar

दो इन्सान

November 24, 2019 in शेर-ओ-शायरी

दो इन्सान एक हो
जाते हैं ।
हर रिश्ते से
खास हो
जाते हैं ।
नज़रों से दूर
होते हैं पर
दिल के करीब
हो जाते हैं ।
प्रज्ञा शुक्ला

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Abhishek

by Abhishek kumar

अपनो से नाराज़

November 24, 2019 in शेर-ओ-शायरी

सुबह के सपनें
सच होते हैं
क्या
यूं छोटी छोटी बातों पर
नाराज़ नहीं
होते
अपने से खफ़ा होते हैं क्या?
प्रज्ञा शुक्ला

12 Comments »

Abhishek

by Abhishek kumar

तुम ना होतो

November 24, 2019 in शेर-ओ-शायरी

तुम ना होतो जीने
की आस किसे है
तुम होतो
धूप की चादर
भी ओढ़ लेंगे
हम।मलमल के
बिस्तर की
आस किसे है।

9 Comments »

Abhishek

by Abhishek kumar

चाहत

November 24, 2019 in शेर-ओ-शायरी

उनकी चाहत में
जीती जा रही हूँ
मैं
यादों को उनकी दिल में
सींती जा रही हूँ
मैं
प्रज्ञा शुक्ला

13 Comments »

Abhishek

by Abhishek kumar

गुज़र रही है

November 24, 2019 in शेर-ओ-शायरी

गुज़र रही है
गुज़र जायेगी
ये रात भी
तेरी यादों
में सिमट जायेगी।

14 Comments »

Abhishek

by Abhishek kumar

एक दोस्त

November 24, 2019 in शेर-ओ-शायरी

ज़िन्दगी बेरंग है
कुछ रंग होने चाहिये
है सफ़र लम्बा बहुत
एक दोस्त होना चाहिए ।

14 Comments »

Abhishek

by Abhishek kumar

सब रूठे

November 24, 2019 in शेर-ओ-शायरी

सब रूठे बैठे हैं हमसे
जाने क्यूँ ,
हमने जबसे तुम्हें
अपना कह दिया।

11 Comments »

Abhishek

by Abhishek kumar

जीत गये

November 24, 2019 in शेर-ओ-शायरी

हम पीछे रह गये
तुम आगे ही सही
तुमसे हार कर
भी हम जीत गए
हैं देखो।

10 Comments »

Abhishek

by Abhishek kumar

तुम हो

November 24, 2019 in शेर-ओ-शायरी

तुम्हारी तस्वीर को सीने से
लगा रखा है।
यूं महसूस होता है
की तुम हो।

11 Comments »

Abhishek

by Abhishek kumar

कुछ खुशियाँ होती

November 24, 2019 in शेर-ओ-शायरी

कितना अच्छा होता
तुम होते और हम होते।
कुछ खुशियाँ होतीं
कुछ गम होते।

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Abhishek

by Abhishek kumar

जी लो तुम

November 24, 2019 in शेर-ओ-शायरी

हमने किया था एक
वादा तुमसे
याद है या भूल
गये?
कहा था एक दिन
छोड़ जायेगें तुम्हें लो
छोड़ दिया जी लो तुम।

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Abhishek

by Abhishek kumar

लो खत्म हो गया

November 24, 2019 in शेर-ओ-शायरी

लो खत्म हो
गया मुलाकातों
का सिलसिला,
जो घर आता था
घर भूल गया।

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Abhishek

by Abhishek kumar

हार भी स्वीकार

November 24, 2019 in शेर-ओ-शायरी

हम जो
चाहें वो कर सकते हैं ।
बस हौंसला बनाकर रखना
चाहिए ।
जरूरी नही
जीत ही हांसिल हो,
हार भी स्वीकार
करनी चाहिए ।

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Abhishek

by Abhishek kumar

सुनते रहते हो

November 24, 2019 in शेर-ओ-शायरी

छुप कर मेरी बातें
सुनते रहते हो।
मेरे सपनो की
रातें चुनते
रहते हो ।
मिलने की
फुर्सत जब तुमको
होती है।
तो मेरी ही
राहें चुनते चुनते
रहते हो।

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Abhishek

by Abhishek kumar

ज़िन्दगी

November 24, 2019 in शेर-ओ-शायरी

आगे बढ़ने का
नाम है ज़िन्दगी
सफलता ठोकर खाकर
ही मिलती है।
हँसते रहने का
नाम है
ज़िन्दगी ।

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Abhishek

by Abhishek kumar

हुनर से

November 24, 2019 in शेर-ओ-शायरी

बात करने से बात
बनती है ।
मुलाकात
करने से
बात बनती है।
कुछ भी तो नही
है हमारे पास
हमारे हुनर से ही
हर बात बनती है।

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Abhishek

by Abhishek kumar

कुछ बातें हैं

November 24, 2019 in शेर-ओ-शायरी

कुछ सपनॉ की
बातें है।
कुछ अपनों
की बातें हैं।
अधूरी कुछ
बातें थीं ।
अधूरी कुछ
बातें हैं ।

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Abhishek

by Abhishek kumar

कुछ बातें हैं

November 24, 2019 in शेर-ओ-शायरी

कुछ सपनॉ की
बातें है।
कुछ अपनों
की बातें हैं।
अधूरी कुछ
बातें थीं ।
अधूरी कुछ
बातें हैं

3 Comments »

Abhishek

by Abhishek kumar

काफ़िला

November 24, 2019 in शेर-ओ-शायरी

धीरे-धीरे बढ़ रहा
है काफ़िला।
धीरे-धीरे कम
हो रहे हैं फासले
मंज़िल है बस
कुछ ही दूर।
तू अपनी हिम्म्मत
भांप रे।

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