कैसे कहे कोई उसको गम नहीं है
April 8, 2016 in शेर-ओ-शायरी
कैसे कहे कोई उसको गम नहीं है!
जो कुछ मिल गया है उसको कम नहीं है!
हरतरफ तुम खोज लो इलाज-ए-मर्ज को,
हर दर्द’ का मगर कोई मरहम नहीं है!
Composed By #महादेव
mkraihmvns@gmail.com
April 8, 2016 in शेर-ओ-शायरी
कैसे कहे कोई उसको गम नहीं है!
जो कुछ मिल गया है उसको कम नहीं है!
हरतरफ तुम खोज लो इलाज-ए-मर्ज को,
हर दर्द’ का मगर कोई मरहम नहीं है!
Composed By #महादेव
mkraihmvns@gmail.com
April 6, 2016 in शेर-ओ-शायरी
क्या करूँ मैं शिकवा इस बेरहम जमाने से!
थक़ गया हूँ मैं अब और तुझे मनाने से!
मैं बेवसी की चादरों में लिपटा हूँ मगर,
दर्द खोज लेता है रोज किसी बहाने से!
Composed By #महादेव
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April 5, 2016 in शेर-ओ-शायरी
हर लम्हा तुमसे मैं बात किया करता हूँ!
यादों से मैं मुलाकात किया करता हूँ!
हर ख्वाब़ बेइंतहाँ जलाते हैं मुझे,
खौफ से गुफ्तगूँ’ हर रात किया करता हूँ!
Composed By #महादेव
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April 4, 2016 in शेर-ओ-शायरी
तेरे सिवा दिल में कोई उतरता नहीं है!
तूफान तेरी चाहत का गुजरता नहीं है!
रूठी है मेरी मंजिल रूठी है जिन्दगी,
तेरा ख्वाब़ रूठकर मगर मुकरता नहीं है!
Composed By #महादेव
April 4, 2016 in शेर-ओ-शायरी
जिन्दगी जब मेरी खामोशियों में होती है!
शाँम-ए-गुजर मेरी मदहोशियों में होती है!
आजमाइशों में दिन गुजर जाता है मगऱ,
रात तन्हाँ दर्द की सरगोशियों में होती है!
#महादेव
mkraihmvns@gmail.com
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March 28, 2016 in शेर-ओ-शायरी
तुम नहीं हो पास मगर तन्हाँ रात वही है!
वही है चाहत यादों की बरसात वही है!
हर खुशी भी दूर है मेरे आशियाने से,
खामोश लम्हों में दर्द-ए-हालात वही है!
Composed By #महादेव
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March 26, 2016 in शेर-ओ-शायरी
मुझको हरवक्त़ तेरी प्यास रहती है!
तेरी आरजू धड़कनों में बहती है!
मेरी मंजिल बन गयी है याद तेरी,
हर अश्क में तस्वीर तेरी रहती है!
Written by #महादेव
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March 22, 2016 in शेर-ओ-शायरी
प्यास तेरी चाहत की बेशुमार आजकल है!
मेरी नजर में हरपल आती तेरी शकल है!
खामोश़ हो गया हूँ गम-ए-जुदाई से मगऱ,
साँसों’ में तेरी दौड़ती तस्वीर की नकल है!
Composed By #महादेव
March 20, 2016 in हिन्दी-उर्दू कविता
तेरी आरजू में मुझे जुदाई ही मिली है!
जुदा हालात में मुझे तन्हाई ही मिली है!
अब नाकाम हो चुकी हैं मेरी मंजिलें सभी,
वफा की राह पर मुझे रूसवाई ही मिली है!
Composed By #महादेव
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March 19, 2016 in हिन्दी-उर्दू कविता
जब किसी को चाहना खता हो जाती है!
खुशी ज़िन्दगी से लापता हो जाती है!
बेनूर नज़र आती हैं महफिलें सभी,
साँस-ए-जिस्म दर्दों की पता हो जाती है!
Composed By #महादेव
March 15, 2016 in हिन्दी-उर्दू कविता
गम-ए-अंजाम हमें इसकदर डूबोते हैं!
हँसते हुए ख्याल के ख्वाब हरपल रोते हैं!
चलती है जब ज़िन्दगी दर्द की लकीरों पर,
कांपते इरादों को अश्क ही भिगोते हैं!
Composed By #महादेव
March 13, 2016 in हिन्दी-उर्दू कविता
मेरी जिन्दगी तुम्हारी आहट खोज लेती है!
कोई कली जिसतरह मुस्कुराहट खोज लेती है!
हरतरफ होती हैं दीवारें सन्नाटों की मगर,
मयकदों को जाम की सुगबुगाहट खोज लेती है!
Composed By #महादेव
Tags: ज़िन्दगी पर कविता Comments Off on मेरी जिन्दगी तुम्हारी आहट खोज लेती है
March 12, 2016 in हिन्दी-उर्दू कविता
काश मैंने तुमको पहचाना होता!
मेरे नसीब में मेरा मुस्कुराना होता!
कभी बेवसी न होती हालात की मुझको,
ज़िन्दगी जीने का मुझको बहाना होता!
Composed By #महादेव
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March 11, 2016 in हिन्दी-उर्दू कविता
मेरे तकदीर मुझे सताया न करो!
मेरी ज़िन्दगी को रूलाया न करो!
बेवस है मेरी मंजिल अंजाम से,
तुम बेरहम बनकर तड़पाया न करो!
Composed By #महादेव
March 8, 2016 in हिन्दी-उर्दू कविता
मेरी ज़िन्दगी मुझे ऐसा मुकाम दे दे!
हरवक्त़ धड़कनों में सनम का नाम दे दे!
मुझको फिकर नहीं है किसी दौर-ए-सितम का,
मेरे लबों पर मयक़शी का जाम दे दे!
Composed By #महादेव
Tags: life 4 Comments »
March 7, 2016 in हिन्दी-उर्दू कविता
ज़िन्दगी में रिश्ते भी अक्सर आते जाते हैं!
चाहो जिसे भी उम्रभर वे लोग भूल जाते हैं!
जब हालात के तूफान से गुजरता है कोई,
उसका दर्द देखकर तो बस लोग मुस्कराते हैं!
Composed By #महादेव
March 5, 2016 in हिन्दी-उर्दू कविता
लबों पर जब कोई आता है अक्सर!
रगों में कोई उतर जाता है अक्सर!
उम्र बीत जाती है जिसकी यादों में,
गली से तेरी मुकर जाता है अक्सर!
Composed By #महादेव
March 1, 2016 in हिन्दी-उर्दू कविता
बाद मुद्दत के नजर तुमसे मिल गयी है!
रहगुजर साँसों की फिर से खिल गयी है!
हरतरफ फैला है ख्वाबों का कारवाँ,
रोशनी प्यार की रूह से मिल गयी है!
Composed By #महादेव
February 29, 2016 in हिन्दी-उर्दू कविता
तेरी गली से मैं अचानक जो गुजर गया!
दर्द तेरा जिगर में एक बार फिर उभर गया!
खामोशियाँ में ढल गया हर याद का मंजर,
सिलसिला-ए-अश्क से मेरा दामऩ भर गया!
Composed By #महादेव
February 28, 2016 in हिन्दी-उर्दू कविता
मुझको तेरी जुदाई बेइंतहाँ सताती है!
शामों-सहर मुझको तेरी याद रूलाती है!
बिखर रही है जिन्दगी दर्द के पायदानों पर,
अश्कों में तैरती मुझे मंजिल नजर आती है!
Composed By #महादेव
February 27, 2016 in हिन्दी-उर्दू कविता
किसी सितम की जब कभी इन्तहाँ होती है!
सोती हैं ‘तकदीरें मगर आँख रोती है!
वक्त के कदमों तले कुचल जाती हैं मंजिलें,
डूबती तमन्नाओं की सहर कब होती है?
Composed By #महादेव
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February 23, 2016 in हिन्दी-उर्दू कविता
आज तुमसे मेरी जो मुलाकात हो गयी!
ख्वाहिशों की मेरी फिर बरसात हो गयी!
इसकदर मदहोश हूँ ख्यालों में तेरे,
मयकदों की जैसे कोई रात हो गयी!
Composed By #महादेव
February 21, 2016 in हिन्दी-उर्दू कविता
जब किसी सितम की कभी इन्तहाँ होती है!
सोती हैं ‘तकदीरें मगर आँख रोती है!
वक्त के कदमों तले कुचल जाती हैं मंजिलें,
डूबती तमन्नाओं की सहर कब होती है?
Composed By #महादेव
February 19, 2016 in हिन्दी-उर्दू कविता
चाहतों के दरमियाँ दर्द की दीवारें हैं!
ख्वाहिशों में हरतरफ दौड़ती दरारें हैं!
खोजते हैं सब्र को मयखानों में सभी,
मयकशी में डूबते ख्वाब के नजारे हैं!
Composed By #महादेव
February 18, 2016 in हिन्दी-उर्दू कविता
वक्त गुजरता है मगर खामोशी नहीं जाती!
तेरी #चाहतों की मदहोशी नहीं जाती!
किसतरह अब रोकूँ मैं यादों का सिलसिला?
धड़कनों से तेरी सरगोशी नहीं जाती!
Composed By #महादेव
February 17, 2016 in हिन्दी-उर्दू कविता
जी रहा हूँ मैं तेरी यादों को लेकर!
दर्द़ बन गया हूँ मैं मुरादों को लेकर!
खोजता हूँ हरतरफ़ मंजिलों को अपनी,
हालात के भँवर में इरादों को लेकर!
Composed By #महादेव
February 9, 2016 in हिन्दी-उर्दू कविता
मेरी नजर में आप जो आए हुए हैं!
ख्वाब़ फिर से आरजू सजाए हुए हैं!
नहीं है कोई जाँम न मयकशी’ मेरी,
मस्तियों से आज हम डगमगाए हुए हैं!
Written By #महादेव
February 9, 2016 in हिन्दी-उर्दू कविता
मैं कभी-कभी निकलता हूँ जमाने में!
शाँम-ए-गुफ्तगूं होती है मयखाने में!
#पैमाने थक जाते हैं सब्र से मेरे,
वक्त तो लगता है ख्वाब को जलाने में!
Written By #महादेव
February 5, 2016 in हिन्दी-उर्दू कविता
जो आज है वो कल न होगा!
गमों का पल हरपल न होगा!
मिलेगी रोशनी कदमों को,
दर्द का कोई सकल न होगा!
तुम्हारे लब पर नाम मेरा जब आएगा!
गुजरा हुआ मंजर तुमको नज़र आएगा!
#बिखरे हुए अफसाने घेरेंगे इसतरह,
दर्द का समन्दर पलकों में उतर आएगा!
Written By #महादेव
Tags: kavita 4 Comments »
February 3, 2016 in हिन्दी-उर्दू कविता
मेरा हमसफर जबसे दूर हो गया है!
ख्वाब हसरतों का मजबूर हो गया है!
घेरती हैं मुझको #तन्हाईयाँ मेरी,
आईना उम्मीद का चूर हो गया है!
Written By #महादेव
February 2, 2016 in हिन्दी-उर्दू कविता
जब भी तेरी यादें पलक खोलती हैं!
कश्तियाँ ख्वाब की साँसों में डोलती हैं!
लफ्ज़ तोड़ देते हैं खामोशी अपनी,
#मंजिलें भी तेरा ही नाम बोलती हैं!
February 2, 2016 in हिन्दी-उर्दू कविता
मुझे चाहतों का मिल गया ईनाम है!
डरा-डरा सा हर ख्वाब का पैगाम है!
अरमान कुचल रहे हैं दर्द के कदम से,
किसी की याद में मयकशी हर शाँम है!
तेरी चाहत का गुनाहगार हूँ मैं!
हर लम्हा तेरा ही तलबगार हूँ मैं!
हरवक्त नज़र आता है ख्वाब तेरा,
तेरी तमन्ना का दर्द-ए-इजहार हूँ मैं!
January 29, 2016 in हिन्दी-उर्दू कविता
जब लबों से दिल की बात नहीं होती!
धड़कनों की कोई रात नहीं होती!
कदम फिर रूकते नहीं ख्यालों के,
जब किसी से मुलाकात नहीं होती!
क्या होता है जब तुम पास नहीं होती!
मेरी जिन्दगी मेरे पास नहीं होती!
कटती नहीं है रात गम-ए-तन्हाई की,
सहर भी होने की आस़ नहीं होती!
#महादेव
January 27, 2016 in हिन्दी-उर्दू कविता
होते ही शाँम मैं किधर जाता हूँ?
जुदा ख्यालों से मैं बिखर जाता हूँ!
होता है खौफ यादों का इसकदर,
जाँम की महफिल में नजर आता हूँ!
यूँ न मुस्कराओ तुम नजरें बदलकर!
नीयत पिघल रही है मेरी मचलकर!
धधक रही है चाहत गुफ्तगूं के लिए,
ख्वाहिशों की जैसे करवट बदलकर!
Written By मिथिलेश राय ( महादेव )
January 26, 2016 in हिन्दी-उर्दू कविता
Written By #महादेव
January 25, 2016 in हिन्दी-उर्दू कविता
मैं तुमको जबसे खुदा मान बैठा हूँ!
ज़िन्दगी को दर्द-ए-शुदा मान बैठा हूँ!
खोजती हैं महफिलें जमाने की मगर,
हर शक्स से खुद को जुदा मान बैठा हूँ!
Written By #महादेव
January 25, 2016 in हिन्दी-उर्दू कविता
Written By #महादेव
January 21, 2016 in हिन्दी-उर्दू कविता
हादसे इसकदर कुछ हो गये हैं!
गम-ए-हालात से हम खो गये हैं!
हसरतें बिखरी हैं रेत की तरह,
ख्वाब भी पत्थर से कुछ हो गये हैं!]
January 21, 2016 in हिन्दी-उर्दू कविता
साँसों की आरजू मचलने दो!
रोशनी चाहतों की जलने दो!
नज़र में आयी है याद तेरी,
सरहदें ख्वाबों की पिघलने दो!
हादसे इसकदर कुछ हो गये हैं!
गम-ए-हालात में हम खो गये हैं!
हसरतें बिखरी हैं रेत की तरह,
ख्वाब भी पत्थर से कुछ हो गये हैं!
Written By मिथिलेश राय ( महादेव )
January 20, 2016 in हिन्दी-उर्दू कविता
January 20, 2016 in हिन्दी-उर्दू कविता
Written By #महादेव
January 19, 2016 in हिन्दी-उर्दू कविता
Written By #महादेव
Tags: kavita 2 Comments »
January 19, 2016 in हिन्दी-उर्दू कविता
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