यातनाओं से भरी जिंदगी के रास्तों पर, अकेलापन की छाया ढ़लती चाँदनी संग साथ हो। जब तन्हाई की गहराई में हो गमों की बारिश, तो यादों के साथ हमेशा मेरी मुस्कान हो। प्रेम की धूप […]

जीवन की मधुरता से ओत-प्रोत, जीवन की कथा गुंजाती जीवन रेखा में। हर दिन नई पलकों की चमक बरसाती, खुशियों और गम के आनंद के संग में। जीवन की पंछी हैं अद्वितीय और निराले, स्वतंत्रता […]

मैं फूल हूं, वो रंग है मेरा, बेरंग उसके बिना मैं, कहीं जचूंगी नहीं, और मेरा बस चले तो उसकी आंखो के सिवा में कहीं रहूंगी नहीं, क्यूंकि जचता बहुत है वो मुझ पर। इतना […]

मुझे हर दिन… हर वक्त…. ये एहसास है कि तू मेरे साथ नहीं…….पर आस पास है… तेरे बिन राते तो गुजर जाएगी…… यादें आएंगी, पर असों संग बह जाएंगे. पर मरता हूँ मैं दिन भर…. […]

मुझे हर दिन… हर वक्त… ये एहसास है दि तू मेरे साथ नह …ीं पर आस पास है… तेरे दिन राते तो गुज़र जाएीं ग … यािें आएीं ग … पर आसुओ ीं सींग िह […]

हे मानस सुत , मात धरणि के, क्यों निज कुटुंब से बैर करे। पीर हरण न कर सके स्वजन जो, तो क्यों शीर धर धारण तेज़ किए। दिया अमिट है, घाव रक्तपात से, लिया न […]

मैं धुंध शीत शीतलहरी भी , हूं ज्येष्ठ की तपती गरमी भी। मैं आभा, मोहक प्रकृति की, विश्वपटल, निज अंतिम भी। हैं अतिशय परिवर्तन रुप मेरे, मैं  दैत्य  भँवर  विवर्तन  भी । मैं शान्त शालिनी […]

हे परमतेज! , हे परमतपस्वी ! तुम कब किस देह में रहते हो ? नहीं दिखते, रहते ओझल निरंतर, जाने कब किधर विचरते हो ? हुआ उदय अकाल! हर्ष-उल्लास सहित, जाने कब नूतन फूटेगा ? […]

तुम कुछ यूँ ज़रूरी बन गए कि तुम्हे भुला ना सकी, इस बात को किसी और को बता ना सकी, इस दिल का भोज कभी हटा ना सकी, तुम्हारी यादों से दूर जा ना सकी, […]

The sun, Never too far but never too close, burning everything it holds. I think the sun is like me but always warm and never cold. The sun, sometimes not enough and sometimes too much, […]

ये उदासी कौन्सी चिड़िया है ? इसका घोंसला कहाँ है ? ये कहीं रहती भी है ? या बस उड़े ही जा रही है ? पर कहाँ जा रही है ? क्या इधर आ रही […]

Why don’t people give them importance? Why do people think they make no sense? “Idiot” and “Fool” is what people call them, But maybe in that “Idiot” rests a hidden gem. Why is it always […]

वो ज्यादा तो नहीं जानती व्यवहारिकता भी नहीं जानती वो सिर्फ इतना जानती है , कि वो कष्ट से प्यार नहीं कर सकती । शाम ढले ,देहरी पर खड़ी आसुओं का इंतजार नहीं कर सकती […]