https://ritusoni70ritusoni70.wordpress.com/2016/06/28 जो तुम मेरे होते , निरिह विरह में व्याकुल मन से, मेरे  चित की सुन्दरता जान लेते, मन्त्र-मुग्ध मन में मेरे , अपनी धुन पहचान लेते, जो तुम मेरे होते, लोलुप मन विचलित न […]

तेरे सिवा कुछ मुझे नज़र आता नहीं है! मेरा सफर यादों का गुजर पाता नहीं है! राहें खींच लेती हैं इरादों की इसतरह, ख्वाबे-जुत्सजू तेरा मुकर पाता नहीं है! Composed By #महादेव

जब होश संभाला तो तुमसे जिंदगी को समझाया जाता था अब कुछ भी समझता हूँ तो तुम्हारा सृजन होता है जब मस्तिष्क का ताल दिल के तारों को छेड़ता है तो झंकृत हो तुम बाहर […]

तुझे सोचना ही मुझे जूनून देता है! तेरे सिवा कुछ भी नहीं सकून देता है! रूकी हुयी है तेरे लिए तकदीर मेरी, तेरा ख्वाब लफ्जों को मजमून देता है! Composed By #महादेव

दृग कोमल ढूँढ़ रहे, अश्को की शबनमी लड़ी, भावनाओं में जो बसती, सुख -दुख में बूँद-बूँद बरसती। सागर में जा मिली या, कि सीप में मोती बनी, आह! मैं तो नहीं पी रही, घूँट- घूँट  […]

तेरी खामोसियाँ, खंचर सी है चुभने लगी, दूरियाँ हर एक चुप्पी पर तेरे, बढ़ने लगी, एक आवाज देकर, रोक ले मुझे, ऐसा ना हो कि दूर हो जाऊँ, पहुँच से तेरे, चल मिटा ले फासले, […]

ღღ_तजुर्बे सब हुए मुझको, महज़ उससे वफ़ा करके; दुआ जीने की दी उसने, मुझे खुद से जुदा करके! . मैं कहना चाहता तो हूँ, यकीं उसको अगर हो तो; ग़ैर का हो नहीं सकता, उससे […]

ღღ_वो चाँद जो दिखता है, वो सबको ही दिखता है; महज़ देख लेने भर से ही, वो हमारा नहीं होता! . दिन तो कट ही जाता है, कश्मकश में जिंदगी की; तेरे बिन एक पल […]

एक पिता ने अपने बेटे की बेहतरीन परवरिश की। बेटा एक सफल इंसान बना और एक मल्टीनेशनल कम्पनी का CEO हो गया । शादी हुई और एक सुन्दर सलीकेदार पत्नी उसे मिली। बूढ़े हो चले […]

बाबा मैं वापस गांव आना चाहता हूं। उस घर में जहां से आधुनिकता की आंधी ना गुजरी हो अभी तक, वहां मिट्टी के चूल्हे की रोटी खाना चाहता हूं… बाबा मैं वापस गांव आना चाहता […]

आज भी मै बेटी हूँ तुम्हारी, बन पाई पर ना तुम्हारी दुलारी, हरदम तुम लोगों ने जाना पराई, कर दी जल्दी मेरी विदाई। जैसे थी तुम सब पर बोझ, मुझे भेजने का इंतज़ार था रोज़, […]

अज़ब बेकरारी हो जाती है हर शाम को! हऱ घड़ी जुबाँ पर लेता हूँ तेरे नाम को! दर्द की जंजीर से जकड़ जाती है जिन्द़गी, खोजता हूँ हरलम्हा मयक़शी के जाम को! Composed By #महादेव

आज चाँद जब कर रहा था अठखेलियाँ, विचर रहा था मेरे आसपास की गलियाँ, मैं भी आँखें मींचे, कर रही थी ठिठोली, दोनों इक दूजे संग खेल रहे थे आँखमिचौली। मैं परदे के पीछे से […]

ღღ_हम ढूँढ आए ये शहर-ए-तमाम, कहाँ रहते हो; अरे अब आ जाओ कि हुई शाम, कहाँ रहते हो! . इज्जत ख़ुद नहीं कमाई, विरासत ही सम्हाल लो; कहीं हो जाए ना ये भी नीलाम, कहाँ […]

ღღ_मोहब्बत करके नहीं देखी, तो ये जहाँ नहीं देखा; मेरे महबूब तूने शायद, पूरा आसमां नहीं देखा! . तुझमें खोया जो एक बार, फ़िर मिला नहीं कभी; खुद की ही तलाश में मैंने, कहाँ-कहाँ नहीं […]

जुनून जुनून जुनून नफरतों का है ये जुनून कहीं जात तो कहीं जमात रंग – बिरंगा हो गया खून कहीं हत्या कहीं हड़ताल सवाल के कटघरे में है कानून जुनून जुनून जुनून नफरतों का है […]

              वंदेमातरम् गाता हूँ ************************************* कट्टरता की दीमक चाट गयी, आज बंगला देश को। भूल गये हो कैसे आज, मुक्ति वाहिनी के संदेश को॥ हिन्दू अस्थि भी शामिल है […]