प्यार है दुखिया को हँसना प्यार है भूखे को खिलना प्यार है बच्चो को पढ़ाना प्यार है वफ़ा को निभाना                      …… यूई

शोषक और शोषित दो समांतर रेखाओं की तरह हैं जिनका कभी मिलन नहीं होता इसलिए शोषण का कभी अंत नहीं होता शोषक चाहे अफ्रीका का हो चाहे अमरीका का हो हिंदुस्तान का सीरिया या पाकिस्तान […]

प्यार वफ़ा का वोह गीत है, जो लुभा हमें बार बार गया हर बार यह खूब गाया गया संगीत यह सबका मनमीत है                              …… यूई

नमो नमो  नमो  बुद्धाय। मन हमारा शुद्ध हो जाए। कठोर वाणी त्याग दें। सत्य सबको बांट दे। कमजोरों को हाथ दें। निर्धन का हम साथ दें। अपंग के गले लग जाएं। नमो नमो नमो बुद्धाय। […]

मुर्ख बना मूर्खो को हो रहा नाज देखो मूर्खो का मुर्ख दिवस है आज || मूर्खो पर तुम भी थोड़ा हंस दो भाई मुर्ख हो दूसरों को मुर्ख बनने में लगे है भारतीय है पर […]

तलाक क्या सच में ही होता है इतना आसान चंद तारीखे कुछ ज़िरहे दो दस्तखत खोल दी गिरहे बस निकल लिए पकड़ ख़ुद की राहे हो गए क्या सब हिसाब बँट गए क्या सब हिस्से […]

दोस्त कहा से इतना दर्द लिया लपेट यह विष का जाल लिया अब इस ज़हर को कैसे दहन करू राह् और कोई तो नज़र ना आए अपने शिव से ही अब माँग करू कंठ मेरे […]

जीता कौन है यहा जिंदगी आँखें खोल कर मुर्दा बैठे है ख़ुद इनको ही मालूम नही लाईने मौत की लगा बैठे है दिन रात दौलत की चाह में मरने की तैयारी करके बैठे है कहने […]

ज़िस्म मेरे की खुशबू ने किया था पागल तुझको या मेरी रूह की महक ने किया था दीवाना तुझको उठा कर देख ख़ुद का आइना, फिर बता खुद्को   तेरी बेचैनियों से मिल जाएगी शायद […]

ना पीना आता है मुझको ना पीने की रिवायत आती है सिर्फ इतना मालूम है मुझको जो भी पिलाए ख़ुद के दिल से उस दिलदार पे जान जाती है                          …… यूई

किनारे खेलते से लहरों से कभी जाने कब बीच समुंदर आ गए खेल खेल में पता ही ना चला कब जिंदगी के यह मंज़र आ गए                          …… यूई

ना पीने की कसम खायी थी मैंने फिर क्यों ना जाने मैं कैसे पी गया बदले रंग जमाने ने कुछ इस कदर के ना चाहते हुए भी मैं पी गया                           …….. यूई

बा-अदब बे-हिसाब हूँ पीता फिर पूछते हो क्यों हूँ पीता नशा तेरे इश्क का है इतना सख्त तोड़ने को उसका सरुर मैं हूँ पीता                          …….. यूई

मोहब्बत तेरी इतनी भरी है ज़ज़्बातो में मेरे वक्त कम ना रह जाए कहीं निभाने के लिए डर इसीमें मालिक से एक मरजी माँगी अपनी मरने के बाद निभाने की रिवायत माँगी अपनी                                         …….. […]

बेइंतेहा दर्दो को सहने की, अश्कों को पीने की सांसो की घुटन में रहने की, गमों में जीने की आदतें सारी यह किस किस की ग़ुलाम हो गई यह ज़िन्दगी तो बस मौत का दूसरा […]

शय नही कोई मुकम्मल इस जहां में कमी ढूंढ़ोगे जो एक किसी शय में दिखेंगी हजार तुम्हे वो उस शय में खुशी ढूंढ़ोगे जो तुम उसी शय में देगी वोह शय लूटा ह्ज़ार तुमपे                     […]

मेरा हर रोज़ तुझको याद करना रोज़ तुझको ख़ुदकी याद दिलाना यही हैं मोहब्बत की चँद रसमें जो साल दर साल निभायी हैं मैंने                       …… यूई

जिस्म और रूह की कश्मकश में रूह इश्क जिस्म से कहीं ज्यादा लगा बैठी रूह मेरी पिरो कर मेरे ज़ज़्बातो को खुदमें बन गले का हार तेरा, ख़ुद को सजा बैठी                                    …… यूई

सुनते थे गहन मुश्किलों में साया भी छोड़ देता है साथ रात के अँधेरे स्याह साय में मुड़ देखा ना था साया कहीं जब ख़ुद के होने का शक़ हुआ दाएँ हाथ से पकड़ बाईं […]

प्यार की यह अनमोल खुशियाँ मिलती कहां है ऐसी कलियाँ ए दिल से भरे दिलदार मेरे है तुझसे ज़िन्दगी में बहार मेरे                  …… यूई