कतरा कतरा लहूँ का जिस्म में सहम गया चलो इसी बहाने रगों में बहने का वहम गया वो कोई हिस्सा था मेरे ही जिस्म का जुदा हुआ वो तोड़ कोई कसम गया मेरे मिटने की […]
कतरा कतरा लहूँ का जिस्म में सहम गया चलो इसी बहाने रगों में बहने का वहम गया वो कोई हिस्सा था मेरे ही जिस्म का जुदा हुआ वो तोड़ कोई कसम गया मेरे मिटने की […]
उसने खौफ से कभी आइना साफ़ न किया आ जाएँ न नज़र कहीं तस्वीर साफ़ उसकी राजेश ‘अरमान’
तजुर्बों से सीखा मगर बस इतना सीखा फिर गिर पड़े तज़ुर्बा जो गिरने का था राजेश ‘अरमान’
हम लुत्फ़ कुछ बारिशों का यूँ उठा रहे है अपने आंसुओं को बारिशों में छुपा रहे है उसी को याद करना और हमेशा याद रखना किसी को भूलने की क्या अदावत निभा रहे है हम […]
मेरे तस्सवुर के रंग क्यों फीके होने लगे है मेरे सायें भी अब मुझसे दूर होने लगे है मैंने गिन गिन के सजाये थे जो मेरी वसीयत थी वो लम्हे क्यों मेरी ज़िंदगी से कम […]
रिश्तों का सत्य जो लगता यथार्थ से परे सदा मानते हुए छलावा हम जुड़े रहना चाहते है सदा ये रिश्तें जो खून से बनते ,खून में ही पनपते है अंत होता है खून में ही […]
फूलों की हसरत की ,यही कसूर है मेरा काटें ही काटें मिले ये नसीब है मेरा सोचा था तूफां से कस्ती पार निकल जाएगी तूफां का क्या कसूर, निकला नाखुदा नासेह मेरा कल तक जो […]
ज़िंदगी धुप -छोंव् तपती रेत धसते पाँव राही सुप्त बिखरे ख्वाब मंज़िल लुप्त टूटे सपने अहसास हुआ थे ये अपने जख्म हरे जो की पीड़ा से भरे दुःख के घेरे चारों और घनघोर अँधेरे मौत […]
अरमां था ज़िंदगी से कभी मुलाकात होगी बिठा पलकों पे कुछ खास बात होगी सोचता था होगी ज़िंदगी मेरी फूलों की तरह निकाले होगी घूँघट किसी रहस्य की तरह कभी आती जब ज़िंदगी मेरे ख्वाब […]
ღღ__भला लफ़्ज़ों में इंतज़ार को, कहाँ तक लिखे कोई “साहब”; . कभी तुम खुद ही आके देख लो, कि अब थक रहा हूँ मैं !!….#अक्स .
“सैनिक है मेरे भाई – मैं हूँ किसान का बेटा “ कहने से पहले क्यों तुझे आरोपों का ख्याल नही आया , सैनिको पर आरोप लगाने से पहले … ओ कैन्ह्या , तुझे “जय […]
समझदार हूँ मैं लफ्जों का असर जानता हूँ ,नश्तर सा चुभते हैं दिल में इनका दर्द जानता हूँ, हर बात बयाँ करने के लिये लफ्ज ही काफी नहीं,खामोशी भी होती हैै असरदार जानता हूँ
कलमकार के कलम की स्याही जिस दिन यारों खत्म हो गई, या तो कोई जुल्म हुआ है उस दिन या वो अात्मा परम् हो गई,
मेरे तकदीर मुझे सताया न करो! मेरी ज़िन्दगी को रूलाया न करो! बेवस है मेरी मंजिल अंजाम से, तुम बेरहम बनकर तड़पाया न करो! Composed By #महादेव
ღღ__भटक रहा था कबसे, मैं इक अनछुए सवाल की मानिन्द; . तेरे खामोश-से जवाब ने “साहब”, लाजवाब कर दिया मुझे!!….#अक्स .
जग सारा सोता है जब तब मैं जागता रहता हूँ, तेरी यादों में अश्कों से दर्द बांटता रहता हूँ, तेरी रूह की साये से मैं दूर भागता रहता हूँ, खुद से खुद की तस्वीर छाटता […]
तुम औरत होना पर औरत जैसा कभी नहीं होना तुम्हारे मन में ढ़ेरों सपने होंगे पर कभी अपने सपनों के लिए नहीं चिल्लाना तुम तो एक पूरी पृथ्वी हो ये आसमां झुकेगा पकड़ेगा तुम्हारे सपनों […]
आजकल देवता और दनुज कुछ नही ! ज्येष्ठ भ्राता सखा या अनुज कुछ नही !! एक दूजे को सब लूटने पर लग गए ! अब किसी से रहा कोई जुज कुछ नही !!
ღღ__सुनो…तुम रुक ही जाओ ना मेरे पास, हमेशा के लिए; . यूँ रोज़ आने-जाने में साहब, वक़्त बहुत लगता है !!……#अक्स .
आखिर तुझे भी कोई बुला रहा होगा ,तुझे याद कर कर के कोई मुस्कुरा रहा होगा | यूँ ही नहीं जुबाँ लड़खड़ा जाती है हर किसी को देखकर, कोई तुझे भी नगमों में गा रहा […]
ღღ__एक बाज़ी गर जीत भी गया, बेईमानी से वो साहब; . महफिल फिर से सज जायेगी, कि वफात बाकी है मेरी !!……#अक्स
ब्रह्मा-ऋषि-मुनि-चरक का तो ये देश हो सकता नहीं ,, क्यूँ बताते हो डॉक्टर पेट में बेटी है बेटा नहीं ..!!
ये तो फिरास़त है मेरी जो विरासत ए इश्क कर दी है तेरे नाम, वरना जाबिरों को काबिल ए वफा समझता ही कौन है ,
तब, जबकि कल ; बहुत छोटी थी ‘मैं’ कहा करती थी ‘माँ’ ——- ऐसा मत करो ! ——- वैसा मत करो !! : वरना लोग क्या कहेंगे ? शनै:–शनै: —– ‘मैं’ ; ‘ये लोग’ और […]
गम के फसाने को तेरी खुशियों ने लूटा , तेरी हर दीद की उम्मीद ने अखियों को लूटा , उजाले की हर किरन को तूनें कनखियों से लूटा,तुझे पाने की हर कोशिश को तेरी सखियों […]
दो सिसकियाँ हीं कभी काफ़ी हैं दिल हल्का करने को, दो साँसे हीं कभी काफ़ी हैं ज़िंदगी जी लेनो को
ღღ__तुमसे मिलने की तलब, कुछ इस तरह लगी है “साहब”; . जिस तरह से कोई मयकश, मयखाने की तलाश करता है !!…..#अक्स .
मेरी ज़िन्दगी मुझे ऐसा मुकाम दे दे! हरवक्त़ धड़कनों में सनम का नाम दे दे! मुझको फिकर नहीं है किसी दौर-ए-सितम का, मेरे लबों पर मयक़शी का जाम दे दे! Composed By #महादेव
कुछ गरीबों का आशना फिर जला है शायद राजा जी के महल में आज रोशनी कुछ और है ……यूई
कभी कभी दिख भी जाया करो हुज़ूर,डर रहता है कहीं देखने की चाहत ही ना खत्म हो जायें |
ღღ__बहुत खामोश रहते हो, तुम भी आज-कल “साहब”‘; . ख़ुदा से है शिकायत या, खुदी से नाराज़ रहते हो !!…..#अक्स .
वो ज़माना गया जब एक नारी अपने हक़ के लिए लड़ा करती थी। वो ज़माना गया जब एक नारी अपनी जगह बनाने के लिए मरा करती थी। आज की नारी इतनी सक्षम है कि गलत […]
वो माँ है आँखों में छुपी हमारी हर ख़ुशी , हर मुस्कराहट का राज़ है तो वो माँ है, गम हो की दुख़,दर्द ही क्यों न हो दिल मे , उस दर्द में छुपे हर […]
ज़िन्दगी में रिश्ते भी अक्सर आते जाते हैं! चाहो जिसे भी उम्रभर वे लोग भूल जाते हैं! जब हालात के तूफान से गुजरता है कोई, उसका दर्द देखकर तो बस लोग मुस्कराते हैं! Composed By […]
ღღ__मोहब्बत थी तुझसे ही, तुझसे ही हर गिला रहा; . उम्र-ए-शब-ए-रोज़ का, बस यही सिल-सिला रहा !!……#अक्स .
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