वो कहते हैं बलात्कार की घटना हमने सबसे पहले दिखलाई है पीड़िता के घर तक सबसे पहले हमारी पत्रकार पहुंच पाई है हमने दिखलाया सबसे पहले पीड़िता के भाई को पीड़िता की आवाज सबसे पहले […]
वो कहते हैं बलात्कार की घटना हमने सबसे पहले दिखलाई है पीड़िता के घर तक सबसे पहले हमारी पत्रकार पहुंच पाई है हमने दिखलाया सबसे पहले पीड़िता के भाई को पीड़िता की आवाज सबसे पहले […]
जरा सोंच कभी हम ना हों तेरी जिंदगी में कोई गम ना हों कैसे कटेगा वक्त तेरा अगर जुबां हो पर लफ्ज ना हों.
आखिर डूब ही गया ख्वाबों का महल, कितनी दफा रोंका था दिल ने समुंदर पर आशियां बनाने से…
रोज यूं ही नहीं बन जाते हैं अफसाने नये-नये लकीरें वक्त की बनती बिगड़ती रहती हैं…
हैं कितनी कड़वाहटें मन भरी आजकल किसी को देखकर नफरत के दिल में ज्वार उठते हैं…
इस बार अगर ठुकरा दिया तूने तो फिर कभी लौटकर ना आएगे चली गई साँस भी मेरी तो भी तुझसे कंधा ना लगवाएगे….
मैं कविताएं नहीं लिखती ना लिखना ही जानती हूँ बस अपनों के दिये दर्द ही बयां करती हूँ..
मरने की कगार पर पहुँच गये हैं हम पर लोगों ने आज भी मुझ पर चिल्लाना नहीं छोंड़ा…
आँखें पथराई हैं तेरी राह देखकर मुलाकात को बेचैन हैं इतना पर तू तो ईद का चाँद हो गया है..
ख्वाहिशों की मैं बातें आजकल नहीं करती जिंदगी को बस किश्तों में जिया करती हूँ।
रोती हैं ख्वाहिशे और तन्हाई मुस्कुराती है **************************** जब कभी भी हम तुझको याद किया करते हैं।
रात-दिन रहते थे हम एक-दूजे के साये में **************************** एक-दूजे के तन से हम बदन को ढका करते थे।
चाँद में दाग है ये वो बार-बार कहता था हम चाँद को बेदाग कहा करते थे वो मेरी हर एक बात मान जाता था हम हर एक बात पे उससे सवाल करते थे।
छुप-छुप के देखती थी मुझको जब नजर उसकी —————————————- तब कितना खुद पे हम गुरुर किया करते थे।
रोज-रोज रूठती थी मैं और वह मनाता था —————————————- अपनी जवानी के ये अंदाज हुआ करते थे।
उसकी दीद में ही मेरी ईद हुआ करती थी —————————————— हम कुरान उसकी इबादत में पढ़ा करते थे।
कल तलक फिरता था वह मेरा बनके दीवाना हम आंखों ही आंखों में बात किया करते थे आज बहुत दूर है वो हमसे मगर फिर भी हम सपनों में उनसे रोज़ मिला करते हैं।
नींदें हैं आजकल ना जाने क्यों रूठी हमसे वो मिलेगा तो यह गुत्थी भी सुलझा लेंगे
दीद हो जाएगी तो बातें चार कर लेंगे रोना आएगा तो उसके कंधे पर सिर रख लेंगे वह जाने लगेगा रूठ कर अगर हमसे हम मनाने के लिए उसके पैर पड़ लेंगे।
उनके आने से मेरा जहान जगमगाया था उनके जाने के खयाल से भी पैर डगमगाते हैं, छोड़ जायेंगे एक दिन वो मुझको तन्हा ही यह सोचकर भी हम तो सिहर जाते हैं।
टूट कर चाहने से कुछ भी नहीं होता है, सब खेल मुकद्दर का होता है ये अब समझ पा रही हूँ मैं।
जिसके बिन जीना एक पल भी ना मुनासिब था ++++++++++++++++++++ उसके बिना पूरी उम्र जिए जा रही हूँ मैं…
उसके होंठों पे बनके मैं गुलाब टूटी हूँ, *********************** अब तो काँटों से भी मैं प्यार किया करती हूँ।
खाक में मिला के उसने मेरे तन को राख किया कब्र में भी उसी को याद किया करती हूँ ।
मैं तो मरती हूँ उसकी एक-एक शोखी पर रूबरू उसको मैं महसूस किया करती हूँ।। अभिव्यक्ति दिल से ❤❤
अक्सर दिल में बैठकर वो बात करता है मैं आजकल ये एहसास किया करती हूँ । अभिव्यक्ति दिल से ❤❤
दीद हो जाए उसकी एक बार मुझको बस *************************** हर आने-जाने वाले पर इसी वाइस मैं नजर रखती हूँ।
कोई आ ना जाए दिल में मेरे रहने को यही सोंचकर दिल के दरवाजे बंद रखती हूँ। एक बार खा चुकी हूँ पहले प्यार में धोखा इसलिए छाछ भी मैं फूंक-फूंक पीती हूँ।
वह चला जाएगा ये सोचकर मैं रोती थी, रात को रात बनाने से अब मैं डरती हूँ। छोड़कर जा चुका है वह तो मुझे बरसों से लौटकर आएगा ये इंतजार करती हूँ।
हमने बिछाई हैं कई बार राह में पलकें वो भी पलट के देखेगा यह उम्मीद नहीं रखती हूँ जब से देखी है सनम की सूरत मैनें तब से मैं चाँद को चाँद नहीं कहती हूँ!!
वो तेरा बार-बार दिल दुखाएगा मगर मत रोना तुम तेरी आंखों में आंसू ले आएगा मगर मत रोना तुम उसकी राहों में बिछाओगे तुम दिल अपना वो तुझको अपनाएंगा यह उम्मीद मत रखना तुम।
वो तेरा बार-बार दिल दुख आएगा मगर मत रोना तुम तेरी आंखों में आंसू ले आएगा मगर मत रोना तुम उसकी राहों में बिछाओगे तुम दिल अपना वो तुझको अपनाएंगा यह उम्मीद मत रखना तुम।
सितमगर सितम देता ही रहा मैं उसे आखिरी समझ कर झेलती रही वह तो मेरे साथ खेल ही रहा था पर मैं भी अपने वजूद के साथ खेलती रही…
मुबारकबाद देते हो मेरी ना कामयाबी की इतना पत्थर दिल तो पत्थर भी नहीं होता….
यूं तो हम किसी की बात का बुरा इतनी जल्दी नहीं मानते पर दिल ही तो है भावनाओं को ठेस पहुंचेगी तो दिल रो ही पड़ेगा।
कितने करीने से सजा कर रखती हूं मैं तुम्हारी यादों को दिल की अलमारी में! और तुम आकर सब एक पल में बिखेर देते हो !!
ताज्जुब है तुम्हारी यादाश्त पर सारी बातें कैसे याद रहती हैं तुम्हें यही सोचती हूं मैं आजकल क्योंकि मैंने तुम्हें कल लफ्ज़ लफ्ज़ याद किया था और आज भूल गई।
आज बड़े दिनों बाद बात की उनसे दिल में ठंडक सी उतर आई गुजरे जमाने की सारी बातें एक-एक करके मस्तक पटल पर खुलने लगी सारे लम्हे सामने आ गये मन सावन की तरह झूम […]
दीवानो की तरह हम उन्हें चाहते हैं वो हमें नखरे हजार दिखाते हैं…
कब तक रहोगे यूं मायूस तुम ! जब आयेगे दुल्हन बनकर तो कहाँ जाओगे रूबरू होंगे जब हम तुम्हारे तो बाहुपाश में आ ही जाओगे…
सितारों से आसमान सजा हुआ है पर चाँद फिर भी तन्हा है भीड़ है मेरे आसपास रिश्तों की मगर जाने क्यों दिल उदास है !!
वो कुछ कहते नहीं आजकल बड़ा गुमसुम से रहते हैं लोग कहते हैं अवसाद के शिकार हो गये हैं..
बादल राजस्थान की सूखी जमीन की तरह लग रहे थे मगर फिर भी बरसात हो गई मेरा मन हरा-भरा था फिर भी रो ना सका..
खुशियों की चाबी होती हैं बेटियां घर की लक्ष्मी होती हैं बेटिया खिलखिला कर सारे गम हर लेती हैं मुस्कान की तिजोरी होती हैं बेटियां
राह में काँटे बिछाना काम है उसका मेरे दिल को दुःखाना काम है उसका मैं हँस देती हूँ जो जरा-सा देखकर उसको मेरी हँसी से जल जाना काम है उसका
उदासी का आलम इस कदर छाया है रूबरू मेरे एक धुंध छाया है हौसले पंख लगा के उड़ने को तैयार हैं पर मेरे पंखों को किसी ने काटकर गिराया है..
रात होते ही गुलाबी सपने घेर लेते हैं हम आँख बंद करते हैं तो मुह फेर लेते हैं….
जिन्दगी जब सोचने बैठती है कितने अफसाने याद आते हैं रो नहीं पाती हैं आँखें आजकल अश्क आँखों में ही जम जाते हैं
इल्जाम हमीं पर लगा देते हो मोहब्बत का पर शुरुआत तुमने ही की थी हसीन कितने हो ये जानते नहीं क्या ! दिल में दस्तक तुमने ही दी थी नखरे हजार अब दिखाते हैं हम […]
नन्ही-सी परी मेरी लाडली अब बड़ी हो गई बैग लेकर स्कूल पढ़ने जाने लगी हाथों में कॉपी पेन लेकर लिखने लगी अंग्रेजी में कविता सुनाने लगी आँखों में उसके हैं अनगिनत सपनें मेरी आँखों में […]
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