वो कहते हैं बलात्कार की घटना हमने सबसे पहले दिखलाई है पीड़िता के घर तक सबसे पहले हमारी पत्रकार पहुंच पाई है हमने दिखलाया सबसे पहले पीड़िता के भाई को पीड़िता की आवाज सबसे पहले […]

कल तलक फिरता था वह मेरा बनके दीवाना हम आंखों ही आंखों में बात किया करते थे आज बहुत दूर है वो हमसे मगर फिर भी हम सपनों में उनसे रोज़ मिला करते हैं।

उनके आने से मेरा जहान जगमगाया था उनके जाने के खयाल से भी पैर डगमगाते हैं, छोड़ जायेंगे एक दिन वो मुझको तन्हा ही यह सोचकर भी हम तो सिहर जाते हैं।

कोई आ ना जाए दिल में मेरे रहने को यही सोंचकर दिल के दरवाजे बंद रखती हूँ। एक बार खा चुकी हूँ पहले प्यार में धोखा इसलिए छाछ भी मैं फूंक-फूंक पीती हूँ।

हमने बिछाई हैं कई बार राह में पलकें वो भी पलट के देखेगा यह उम्मीद नहीं रखती हूँ जब से देखी है सनम की सूरत मैनें तब से मैं चाँद को चाँद नहीं कहती हूँ!!

वो तेरा बार-बार दिल दुखाएगा मगर मत रोना तुम तेरी आंखों में आंसू ले आएगा मगर मत रोना तुम उसकी राहों में बिछाओगे तुम दिल अपना वो तुझको अपनाएंगा यह उम्मीद मत रखना तुम।

वो तेरा बार-बार दिल दुख आएगा मगर मत रोना तुम तेरी आंखों में आंसू ले आएगा मगर मत रोना तुम उसकी राहों में बिछाओगे तुम दिल अपना वो तुझको अपनाएंगा यह उम्मीद मत रखना तुम।

ताज्जुब है तुम्हारी यादाश्त पर सारी बातें कैसे याद रहती हैं तुम्हें यही सोचती हूं मैं आजकल क्योंकि मैंने तुम्हें कल लफ्ज़ लफ्ज़ याद किया था और आज भूल गई।

आज बड़े दिनों बाद बात की उनसे दिल में ठंडक सी उतर आई गुजरे जमाने की सारी बातें एक-एक करके मस्तक पटल पर खुलने लगी सारे लम्हे सामने आ गये मन सावन की तरह झूम […]

राह में काँटे बिछाना काम है उसका मेरे दिल को दुःखाना काम है उसका मैं हँस देती हूँ जो जरा-सा देखकर उसको मेरी हँसी से जल जाना काम है उसका

इल्जाम हमीं पर लगा देते हो मोहब्बत का पर शुरुआत तुमने ही की थी हसीन कितने हो ये जानते नहीं क्या ! दिल में दस्तक तुमने ही दी थी नखरे हजार अब दिखाते हैं हम […]

नन्ही-सी परी मेरी लाडली अब बड़ी हो गई बैग लेकर स्कूल पढ़ने जाने लगी हाथों में कॉपी पेन लेकर लिखने लगी अंग्रेजी में कविता सुनाने लगी आँखों में उसके हैं अनगिनत सपनें मेरी आँखों में […]