घर मे रद्दी सामान
जब इकट्ठा हो जाता है
तब कबाड़ वाला आता है
रद्दी सामान ले जाता है
कबाड़ वाले सुनो, सुनो
अनचाहे हमारे मन मस्तिष्क में भी
रद्दी सामान इक्कठा हो गया है
इनको भी लेते जाओ
मत देना दाम
यह रद्धी सामान हमे दीमक की तरह
खाए जा रहा है
ढोलक की तरह बजाए जा रहा है
कहा कबाड़वाले ने
हो जाएगा काम
बदले में दूँगा दाम
क्यूँकि बाजार में इसकी ही
मांग है
आज कल
Author: राकेश पाठक
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कबाड़वाला
-
आजाद की सुन ले
बापू की नहीं सुनते आजाद की सुन ले
तू है गुलाब तो काँटे सभी चुन ले
नरम गरम दल में अब एकता हुई
अब नाश हो आतंक का चलना है ये धुन ले
)(2)
एककीस्वी सदी की भारत की फौज है
दुश्मन तनाव में भारत में मौज है
संयुक्त राष्ट्र संघ भी लोहा है मानता
घबड़ा रहा है देखो जो आधुनिक डालहौज है
(3)
भारत किसी भी मुल्क से कमजोर नहीं है
जो बाँध दे सीमा में ऎसी डोर नहीं है
मारेंगे घर में घुसकर नारा नया दिया
दुश्मन की रात आखिरी अब भोर नहीं है -
सफाई कर्मी
सफाई कर्मी को
देश की सफाई का निर्देश मिला
पहले तो वह सकुचाया
फिर हँसा खिलखिला
सफाई करने से पहले वह देश के दलालों
से मिला
झटपट झाडू उठाया और शुरु हुआ
सफाई का सिलसिला
दलालों ने कहा
हमे भी कुछ खिला और पिला
फिर जारी रखना
सफाई का सिलसिला
सफाई कर्मी ने पहले कुछ इंसानो को हटाया
गरीबों को मारकार गरीबी हटाया
धरती के उपहारों पर
झाडू चलाया
कूड़ा दान के माध्यम से
बेंच खाया
और अधिकारी से
अपनी मजदूरी पाया
निरीक्षण करने जब अधिकारी आया -
महाभारत के पात्र
घर से लेकर देश तक महाभारत के पात्र नजर आते हैं
बहुत कम है लोग जो कृष्ण और अर्जुन की भूमिका निभाते हैं
करवाते हैं लोग गीता रामायण के पाठ शुभारंभ में
बैठा है हृदय में रावण को छिपाते हैं
शोषण की कला सीख कर आते हैं संस्थानों से
गरीबों के पाँव धरती में धंसते जाते हैं
नौजवानों के हाथ बेकार है इंतजार में
परीक्षाये देते हैं हर रोज मगर परिणाम नहीं आते हैं
तन मन मस्तिष्क की भूख से अंधे हुए लोग
जीविकोपार्जन के नाजायज तरीके अपनाते हैं
अपराध बढ़ रहे हैं चहुँ ओर लगातार
अपराधी कानून को तमाचा मार जाते हैं
महाभारत से जैसे हुआ है सबका नाश
करना नहीं दुर्योधन श्री कृष्ण यह समझाते हैं -
श्रमिक
ईमानदारी से
करते हैं श्रम
ये है श्रमिक
जितनी प्रशंसा करे
उतना है कम
ऊँची ऊँची इमारतें बनाते हैं
सड़क पुल बनाते हैं सुधारते हैं
करते हैं खून पसीना एक
अपने परिश्रम से
दो वक्त की रोजी रोटी
जुटाते हैं
प्रतियोगिता के इस दौर में
बहुत पिछड़ जाते हैं
इनका भी है महत्व
नीव के पत्थर की तरह
पहचान बनाते हैं
करते हैं परिश्रम और
स्वास्थ्य लाभ का
उपहार पाते हैं
गंदगी का शिकार हो रही
धरती पर झाडू चलाते हैं
इनके सम्मान में
श्रमिक दिवस
मनाते हैं -
मत कर गोलीबारी
मत कर सीमा में गोली बारी शेर सोते नहीं हैं
पल भर में करेंगे शिकार कमजोर होते नहीं हैं
मिटकर भी धरा में आने नहीं दे आँच
इस मुल्क में आतंक बीज बोते नहीं हैं -
शहीदों से सीख लो
शहीदों से सीख लो नेता जी देश को बचाना
आतंक का समूल नाश करने वाली नीति बनाना
कब तक सैनिकों की पत्नियां विधवा बनेगी
सैनिक बचाते हैं देश तुम सैनिकों को बचाना -
शहीदों के स्मारक
शहीदों के स्मारक हमे याद दिलाते हैं
प्राण न्योछावर कर के जो देश बचाते हैं
भूल सकते हम नहीं आप की कुरवनियो को
श्रद्धा सुमन में दुश्मनों की लाशें चढ़ाते हैं -
आतंक पालने वाले
आतंक को पालने वाले मत हमे आँख दिखाओ
घुन की तरह खोखला कर रहे हैं तुम्हें बचाओ
मानवता के लिए अभिशाप है आतंकवाद
जरा भी मानवता हो तो इसे दुनिया से हटाओ -
आतंकवाद
आतंक के पालने में जो मुल्क झूल रहा है
अंत उसका है निश्चित ये भूल रहा है
कायरों ने हमले किए भारत में कई बार
शर्मिंदा होने के बजाय कबूल रहा है -
वीर सैनिक
देश की सीमा में तैनात होकर बगुला सा ध्यान लगाते हैं
आतंक की मछहालियो को वन्दूख की गोलियाँ से चबाते हैं
मुस्कुराते रहे मेरे देश के सब लोग सदा
देश की आन बान और शान के लिए सर्वस्व न्योछावर कर जाते हैं -
वीर सैनिकों
देश के वीर सैनिको नमन है तुम्हारे वलिदान को
तुम भारत के सपूत हो भारत के अभिमान हो
शरहद की हिमालय के जैसे शोभा बढ़ाने वाले
कवियों की कलम ललचाती है तुम्हारे गुणगान को -
चेतावनी
सदियों से भारत अहिंसा का पुजारी है
खोएंगे नहीं इसको ये विरासत हमारी है
अगर आक्रमण करेंगे कमजोरी समझ कर
हमारी फौज ने भी कर रखी पूरी तैयारी है -
भारत की सेना
दुश्मनों ने आक्रमण देश मे कई बार किया है
हर बार जिसने दुश्मन को करारी हार दिया है
जला कर राख कर देंगे दुश्मन के इरादो को
भारत की सेना ने सीमा से ललकार दिया है -
भारत माता की शान
देश की सीमा में खड़ा जवान हो
या खेत की मेड़ में खड़ा किसान हो
वंदन करते हैं कर जोड़ कर तुम्हारा
तुम दोनों भारत माता की शान हो -
ईश स्मरण
मत भूलना भगवान् को वही सबका रखवाला है
उसकी ही इच्छा से कहीं अंधेरा तो कही उजाला है
पाया है जो भी तूने करना नहीं अभिमान
ईश्वर का स्मरण बुराइयों से बचाने वाला है -
ईश वंदना
आइए शुद्ध भावो से प्रार्थना करे
किसी भी मुसीबत से हम ना डरे
हो क्रपा आपकी हम पे इतनी सदा
स्मरण ईश की हर घड़ी हम करे
हर बुराई से बचते बचाते हुए
बन के सेवक दुखों का हरण हम करे
पथ में सुख दुख के जो भी साथी मिले
प्रेम संगीत उनके ह्रदय में भरे
हम कभी भी मानवता को भूले नहीं
दवा और दुआ से हम पीड़ा हरे
धर्म इंसानियत का है सबसे बड़ा
ईर्ष्या दंभ के भाव से ना भरे
सबका सुख दुख सदा बांटने के लिए
नौका बन के नदी में चले सब तरे
आइए शुद्ध भावो से प्रार्थना करे -
किस्से
मानवता को शर्मसार करने वाले किस्से सुनाए जाते हैं
लोग सुनते हैं सुनाते हैं और मन को बहलाते हैं
सांसो के लिए लगी है कई लंबी कतार
असहाय बना अपनो को दम तोड़ जाते हैं -
हे प्रभु
ध्यान में हे प्रभो आप आते रहे
भूल जाए ना याद दिलाते रहे
हम जो गिर जाय रास्ते में चलते हुए
अपनी आदत से हमको उठाते रहे -
दुनिया
ए दुनिया तुम बड़ी खूबसूरत हो
हम तुम्हारी और तुम हमारी जरूरत हो
बनाया है जिसने भी दुनिया को
दिल के मंदिर में बैठी एक मूरत हो -
घबराओ मत
घबराओ मत ये मौसम का बदलाव है
बरस लेने दो उन्हें अभी मिलनी शीतल छाँव है
मुकाबला करो हर परिस्थिति का डटकर
असंभव को संभव बनाना मानव का स्वभाव है -
कौन है
बनी है जेल गुनाहगारों के लिए मगर जाता कौन है
जाते भी हैं दो चार तो इन्हें छुडाता कौन है
बीत जाते हैं कई साल फैसला आने मे
बताओ तो सही हमारे भाग्य का विधाता कौन है -
रिवाज
अपनाते हैं बुरी राह जो उनके दोस्त कई बन जाते हैं
सांच की राह चलने वाले खुद को अकेला पाते हैं
हर गुनाह को अच्छा कहने का रिवाज चला है
मारे जाते हैं वो लोग जो हां में हां नहीं मिलाते हैं -
बदलाव
गाय को बनवास देकर कुत्तों को पालने लगे
कचडा की तरह बैल को घर से निकालने लगे
मुर्गी मछहली और बकरियों को दाना खिलाते
मांस के धंधा से घर और उदर को सम्हालने लगे -
हादसा
आज शादी हुई कल तलाक हो गया
विवाह संस्कार का मजाक हो गया
राम सीता के जैसी थी जोड़ी बनी
हादसा ये बड़ा शर्मनाक हो गया -
धर्म
मुल्क में दहशत का माहौल मत बनाओ
बेईमानी छोड़ो और ईमान से कमाओ
धर्म को मानो अधिकार है सबको
मगर धर्म का धंधा इस कदर ना चलाओ -
लाल बत्ती
ईश्वर ने आदमी को उसकी औकात दिखाया है
नास्तिक हो रहे थे जो उनको आस्तिक बनाया है
रुक जा मुसाफिर कोरोना की ट्रेन जा रही है
दुनिया के स्टेशन में लाल बत्ती को जलाया है -
इस दौर में
झूठ की फसल बोई और सच की तलाश जारी है
अत्याचार की आज कल की दुनिया पुजारी है
उठाता नहीं कोई जुल्म के विरुद्ध आवाज
अविश्वास के इस दौर में जीने की लाचारी है -
खेल
देते हो सब कुछ फिर सब कुछ ले जाते हो
इस खेल से भगवान् आप कौन सा सुख पाते हो
जब बना ही दिया खिलाड़ी तो खेलने की शक्ति दो
दुख देके आप हमको अपनी याद ही दिलाते हो -
जलन
जलने का ही शौक है तो दीपक की तरह जलो
अंधेरा दूर करदे अपना और अपनो का चलो
प्रेम के मार्ग की दीवार है जलन वह
उन्नति के पादप के नीचे छाँव सा पलों -
त्योहार
सूरज को देखकर फूल सब खिल जाते हैं
उन्नति करता है वह देश जहां लोग घुल मिल जाते हैं
नफरत ओ को दूर करते हैं त्योहार
जब होली और ईद एक साथ हम मनाते हैं -
हिम्मत
असफल वही होते हैं जो हिम्मत हार जाते हैं
हिम्मत की कुंजी लेकर ही सफलता के द्वार जाते हैं
संकटों को पीठ मत दिखाओ करो सामना
गोता लगा कर समुद्र के तल से मोतियों के उपहार लाते हैं -
प्रयास
करते रहो प्रयास यूं ही कुछ पाने के लिए
मिली नहीं जिंदगी व्यर्थ में गवाने के लिए
जानवर भी अपना पेट भरना जानते हैं
जीने के लिए खाओ मत जिओ खाने के लिए -
युद्ध का मैदान
युद्ध के मैदान में खड़े होकर मत सोचो भाग जाने की
जितना जल्दी हो सके कोशिश करो j
जाग जाने की
भले ना हो कृष्ण मगर तुम अर्जुन सा मानकरकेवल कर्म में अधिकार है कोशिश करो इस उक्ति को अपनाने की
-
आशा
आप के खेत में निराशा की घास उग आई है
उखाड़ कर फेक दीजिए ये बड़ी दुखदायी है
मन के तालाब में उतसाह का नीर ना कमे
आशा के फसल की इससे करनी सिंचाई है -
इरादा
है ये दुनिया तुम्हारी गर इरादा करो
प्रेम करना है सबसे एक वादा करो
आँख मे लक्ष्य की तस्वीर एक रखो
कोशिश हो लगातार ज्यादा करो -
गुरु भगवान्
आइए करे हम अपने गुरु का सम्मान
जिसने दिया है तीसरी नेत्र सा ग्यान
गोविंद से बड़े है अग्यान हरण करते
सत सत नमन है तुमको हे! गुरु भगवान् -
काम
जरूरी नहीं है कि वन्दूख लेकर सब देश की सीमा में जाए
देश की ही सेवा है मिली जो जिम्मेदारी है उसे बखूबी निभाए
कोई काम होता नही बड़ा या छोटा मानिए
जूता भी सिले तो रैदास जैसे जगत में अपनी
पहचान बनाए -
जिंदगी
जिंदगी नदी की धारा है जिसमे सुख दुख के किनारे है
आखिर में हम सागर के और सागर हमारे है
मिलते हैं रास्ते में चट्टान और पहाड़
लेकिन बना ले रास्ता मुस्किल से नहीं हारे है -
धरती माता कह रही
धरती माता कह रही, संकट मे संसार
रक्षा हो अस्तित्व की, सब मिल करे विचार
धरती माता कह रही, पर्यावरण सुधार
अभी समय है कीजिए, मत कीजै संहार
धरती माता कह रही, छिद्र हुआ ओजोन
ग्लोबल वॉर्मिंग बढ़ रही, दुखी विश्व सब कोन
भारत माता कह रही, मत समझें फुटबाल
पालन अब तक ज्यों किया, वैसे करिए लाल
धरती माता कह रही, बढ़ता नहीं आकार
जनसंख्या की वृद्धि का, करे नियंत्रण सार
धरती माता कह रही, एटम बम की होड़
से प्रथ्वी का अंत है, जल्दी लाओ तोड़
धरती माता कह रही, संसाधन का मोल
समझ खर्च सीमित करो, ग्यान कि गठरी खोल धरती माता कह रही, -
चिकित्सक
चिकित्सक के रूप में धरा पर भगवान् आते हैं
मुरझाए हुए चेहरों पर मुस्कान जो लाते हैं
जिंदगी की जंग लड़ रहे मरीज ने कहा
गिरते हैं हम रास्ते में वो हर बार उठाते हैं -
आजादी
आजादी के लिए हमारे देश भक्तो ने अपना लहू बहाया है
अनगिनत नारियों ने अपनी मांग का सिंदूर मिटाया हैसम्हाल कर रखे पूर्वजों की अनमोल कमाई को
बड़ी मुश्किल से हम सब ने आजादी पाया है -
मेरे देश
उम्मीद का दिया जलता रहे
मेरे देश तू फूलता फलता रहे
सबके दिल मे प्रेम की गंगा बहे
रुके ना तेरे पैर यूं ही चलता रहेहर क्षेत्र में विजयी हो हो जाए तू अमर
झरना के नीर सा सुख पलता रहेदूर हो अब मुसीबत का साया
सूर्य चंदा के जैसे ही जलता रहे
प्रार्थना है ये परमात्मा से
हर कदम चूमते ये सफलता रहे -
कोरोना
धरती के चारो ओर सन्नाटा छाया हुआ है
सावधान सम्हालकार कोरोना आया हुआ है
घर में भी लगाते रहे मास्क साइनएटाजर
मुह दिखाने लायक नहीं अब मुह छिपाया हुआ है -
दोस्ती
दोस्ती होती नहीं कुछ यूँ ही आजमाने के लिए
दोस्ती होती है जन्म जन्मा न्तर तक निभाने के लिए
राम सुग्रीव और कृष्ण सुदामा को देखो
दोस्ती में सौ गुना स्नेह बढ़ाने के लिए -
पेड़ लगाए
आइए आज से हम सब पांच दस पेड़ लगाए
शायद अस्पतालों के चक्कर से बच जाए
बड़ा करे इन्हे संतान की तरह पाल कर
हम भी मुस्कुराए और पेड़ भी मुस्कुराए -
नशा (2)
पीते नहीं शराब हम फिर भी नशा छाया है
हर पल का हिसाब है क्या खोया क्या पाया है
लक्ष्य को हासिल करने का नशा भी जरूरी है
मानव को नशा ने महापुरुष बनाया है -
नशा
नशा मत करो ये नाश का मूल है
इंसान के जीवन की सबसे बड़ी भूल है
तन मन और धन की बर्बादी है ये
इज्जत भी मिल जाती तेरी धूल है -
जय हनुमान
अद्वितीय सेवक हैं बल बुद्धि के निधान है
अजर अमर कलयुग के प्रत्यक्ष भगवान् हैं
असुरों के काल और संत जन रखवाले हैं
श्री राम की असीम कृपा का पाया वरदान है
फिर से बेहोश है लक्ष्मण प्रभु कृपा कीजिए
संजीवनी बूटी ला कर बचाना तुम्हें प्राण है
दीन दुखियों के कलयुग में आप ही सहारा है
कुमति का निवारण कर सुमति देते हनुमान हैं
दुनिया को निगल जाए तैयार है सुरसा
बचाओ प्रभु हमको आप कलयुग में भगवान् हैं -
कालो के काल
मुसीबत आई है मगर रोक नहीं पाएगी चाल को
भेदन करना आता है हमे चक्र व्यूह के जाल को
महामारी क्या डराएगी हम सब तैयार है निपटने
करके पूजन रिझाएंगे हम कालो के काल को