आंखें बोझिल हैं मगर, नींद गई है रूठ, लगता है कुछ आस भी, आज गई है टूट। वो खर्राटे मार कर, उड़ा रहे हैं नींद, हम कोशिश करते रहे, अपनी आंखें मीच।
आंखें बोझिल हैं मगर, नींद गई है रूठ, लगता है कुछ आस भी, आज गई है टूट। वो खर्राटे मार कर, उड़ा रहे हैं नींद, हम कोशिश करते रहे, अपनी आंखें मीच।
कभी धूप सुहाती है कभी भाती है छाया, कभी विरक्ति आती है कभी लुभाती है माया। कभी मीठा कभी खट्टा कभी कड़वा कसैला, बदलते स्वाद भाते हैं अलग से ख्वाब आते हैं। समय अस्थिर, न […]
लक्ष्य कहता है कि पथ में लाख बाधाएं रहेंगी, जब व्यथित हो जाओगे टूटने वाले ही होगे, तब समझना आ गए हो पास मेरे, सौ निराशा मार्ग घेरें, रोकना मत तुम कदम को, एक दिन […]
आपकी मुस्कुराहट है अंधेरे में उजाले सी, बिलखती भूख में पाये उदर के लघु निवाले सी। मिटाती मानसिक पीड़ा, उगाती कुछ सुकूँ के पल, यही तो है दवा मन की यही दुश्वारियों का हल।
बीते दिन से सीख कर, कदम बढ़ा लो आज, जीवन को भरपूर जियो, जी लो पल पल आज, जी लो पल पल आज, रखो तुम आशा कल में, आज बदल जाएगा, जल्दी से बीते कल […]
खेल चल रहा था बच्चों का छोटे छोटे बच्चे थे, आपस में वे प्यारी प्यारी बातें बोल रहे थे। कोई थे धनवान घरों के कोई थे धन से कमजोर, लेकिन बच्चे सभी बराबर बात कर […]
गलत को यदि गलत बोलें नहीं तब कवि कहाँ हैं हम, बन्द आंखें कर चलें तब कवि कहाँ हैं हम। जी हुजूरी में रहे आदत कलम की है नहीं यदि किसी से दब गए तब […]
तेरी मुस्कान बांधे जा रही है , हमें ……….. जिंदगी की डोर बनकर रंगीन सुतली की तरह, लिबास की बैल्ट समझ ले या फिर आजकल का इलास्टिक रम गई है उस तरह तू जिस तरह […]
उमंग ऐसी जगाओ स्वयं के जीवन में, फटक न पाए निराशा कभी भी जीवन में। रखी नहीं रहती सजा के थाल में खुशियां, वरन स्वयं की मेहनत से, जीतनी आज हैं तुम्हें खुशियां। उमंग रोशनी […]
जिंदगी में अभाव रहते हैं मगर तुझे अभाव में सँभलना है, पैर रख कर कंटीली राहों में लक्ष्य तक स्वयं पहुंचना है। बाहरी छोड़ कर सारा दिखावा आत्मा के स्वरों को सुनना है। छोड़ कर […]
खूबसूरत हो मगर कैसे कहूँ कैसे हो, किसकी उपमा दूँ और बोलूं कि ऐसे हो। पुराने कवियों ने कहा कि फूल हो तुम अब बताओ नया क्या कहूँ कि क्या हो तुम। परन्तु कुछ तो […]
मजबूरियां तुम दूसरे की क्यों समझते हो नहीं, भाव दिखते वेदना के क्यों समझते हो नहीं। गोद में बच्चा पकड़कर ठुस भरी बस में कोई माँ खड़ी हो तो उसे क्यों सीट देते हो नहीं। […]
ऊंचे उड़ना चाहता, है मेरा मन आज, लेकिन पंख उगे नहीं, माने खुद को बाज। माने खुद को बाज, हवा में उड़ता है बस, भूल असलियत स्वयं, भूमि पर गिरता है बस। कहे लेखनी उड़ो, […]
दर्द आम जन का समझो तो तब मनुज हो आवाज बन सको तो सचमुच में तब मनुज हो। भूखा गली में सोया पूछा नहीं किसी ने बच्चा भी उसका रोया पूछा नहीं किसी ने। वो […]
वे न बोले हम न बोले चुप रहे, सच के आगे आज भी हम छुप रहे, रोशनी में डाल कर पर्दा बड़ा बस अंधेरे के ही नगमे लिख रहे।
गणतंत्र पर ऐसा होना हम सबकी ही नाकामी है सबका पत्थर हो जाना हम सबकी ही नादानी है। न इधर झुके न उधर झुके सूखी लकड़ी से अड़े रहे, अलग रंग के झण्डे क्यों ऐसे […]
सभी अपना काम ईमानदारी से करें, जो दायित्व हो अपना उसे सच्चाई से पूरा करें, भ्रष्टाचार न होने सदाचार का मार्ग अपनाएं, वही देश के अमर शहीदों को सच्ची श्रद्धांजलि होगी, वही गणतंत्र पर देश […]
जय हिंद, जय हिंद, जय हिंद जय भारत, जय भारत, जय भारत, जय भारत, जय हिंद, जय हिंद। हम सबको मिलकर इसकी उन्नति में जुट जाना है, सब तरफ रहे खुशहाली, हरियाली को पाना है। […]
हार मिलती है मगर, हार जाना नहीं, सैकड़ों हार से भी, हार जाना नहीं। तोड़ दे यदि परिस्थिति, टूट जाना नहीं, प्यार कर जिन्दगी से, रूठ जाना नहीं। निराशा घेर लेगी, जब कभी भाव तेरे, […]
पहले खुद पर रखो पूर्ण विश्वास तुम, तब जमाने से मांगो खुला साथ तुम। हीन भावों को खुद से करो दूर तुम, शक की बातें स्वयं से रखो दूर तुम। हो गलत यदि कहीं पर […]
वृद्ध माता पिता का सहारा बनो है जरूरत उन्हें तुम सहारा बनो, याद कर लो वे बचपन दिन आज तुम, पाले-पोसे थे कितने सलीके से तुम। आंच आने न दी जिसने तुम पर कभी, पूरी […]
कोई दिक्कत है अगर सीधे सीधे बोल, भीतर-भीतर विष जड़ी मत रखना तू घोल। मत रखना तू घोल जहर दूजे को देने, पड़ जायेंगे कभी तुझे लेने के देने। कहे लेखनी अमिय, बाँट ले बाहर […]
धन उतना हो पास में जितने से हो शांति, उस धन से क्या फायदा मन में रहे अशांति। शांति नहीं गर जिगर में खो जाती है कांति उल्टा-सीधा धन कमा आ जाती है क्लान्ति। जीवन […]
अपनी आदत बदल कर, पाओ खूब सुकून। रोज सीखना है नया, ऐसा रखो जुनून। सोते समय नहीं कभी, हो उलझन में ध्यान, कभी कभी तलवार को दे दो उसकी म्यान। गुस्सा छोड़ो आप भी नींद […]
पैदाइशी समझदार तो हम भी न थे, मगर परिस्थिति ने समझने लायक बना दिया पैदाइशी जिम्मेदार तो हम भी न थे, मगर छोटी सी उम्र में आई जिम्मेदारी ने जिम्मेदारी उठाने लायक बना दिया। हमारी […]
आलस अब तो नैन से, दूर चले जा दूर, आने दे अब ताजगी, आने दे अब नूर। आने दे अब नूर, बिछी सूरज की किरणें, नई रोशनी आज, ला रही मेरे मन में। कहे लेखनी […]
आप इतने निडर बनो, डर डर से भग जाय, सच का चिमटा साथ हो, भूत स्वयं भग जाय। आगे ही बढ़ते रहो, पीछे मुड़ो न आप, सच की माला हाथ में, राम नाम का जाप। […]
क्षण में जीना सीख ले, क्षण जाता है बीत। रुकता नहीं एक भी क्षण, चलना इसकी रीत। कर क्षण का उपयोग तू, पीछे की सब भूल, अभी अभी है जिन्दगी, आगे पीछे शूल। क्षण मत […]
पास बैठे हो बहुत ही खूबसूरत है नजारा कैद करना चाहता है इन पलों को मन हमारा । जिन्दगी की खुशी सबसे बड़ी तो आप हो आज आई है खुशी जब आप बैठे पास हो। […]
सच्चा सच में रह गया, ठगा ठगा सा आज, आशा चोरी कर गये, अपने धोखेबाज। जिनके मन में जम रहा, काले धन पर नाज, वे भी आज सफेद से, खूब दिखे नाराज। भूखा चूहा रेंगता, […]
पुराने मित्र मेरे! जिंदगी की, हर ख़ुशी तुझको मिले, तेरी खुशियों से निकल कुछ तार मुझ तक भी जुड़े हैं, ठण्ड से सिकुड़े हुए से, बेरहम यादें संजोये, गाँठ बांधी हो किसी ने संवेदनाओं के […]
सच्चा सच में रह गया, ठगा ठगा सा आज। आशा चोरी कर गए, अपने धोखेबाज।। जिनके हृदय में रहा, काले धन पर नाज। वे क्यों ऐसे श्वेत से, आज हुए नाराज।। भूखा चूहा रेंगता, देख […]
खुद को कमतर आंक मत, खुद पर रख विश्वास, दूर रह उन चीजों से, जो देती हों त्रास, जो देती हों त्रास, मार्ग तेरा रोकें जो, उनसे मत कर नेह, तुझे कमतर मानें जो। कहे […]
भलाई याद रखो बुराई भूल जाओ डिगो मत सत्यता से भले सौ शूल पाओ। कभी खुशियों के झूले आप भी झूल जाओ, अहो, चिंता की बातें कभी तो भूल जाओ। नजरअंदाज करना कला है सीख […]
खुद की गलती देख ले, गर अपनी यह आंख, तब सुधार होगा सरल, खूब बढ़ेगी साख। खूब बढ़ेगी साख, कमी खुद दूर रहेगी, गलत दिशा में न जा, हमेशा यही कहेगी। कहे लेखनी अगर, देख […]
गोदामों में अनाज न सड़े बल्कि जरूरतमंद को मिले गरीब के भूखे बच्चों को पेट भरकर खाने को मिले। सरकारी स्कूलों में तगड़े नियम लगें, गरीब के बच्चे भी उच्चस्तरीय पढ़ें। मध्याह्न भोजन योजना तक […]
बेरोजगार की हालत कब सुधरेगी, कैसे सुधरेगी, कब बनेंगी नई नीतियाँ। कब खुलेंगी खूब भर्तियां। कोचिंग कर चुके नौजवान को कब मिलेगा परीक्षा देने का मौका कब चलेगा उनका चूल्हा चौका। परीक्षा कोई पास कर […]
चोट दूजे को लगी हो आपको यदि दर्द हो तब समझना आप सचमुच में भले इंसान हो। आजकल सब को है मतलब बस स्वयं के दर्द से औऱ का भी दर्द देखे यह मनुज का […]
दर्द का घमंड चूर करो दर्द में खूब हँसो तोड़ पाये न हौसला अब यह खूब हंसकर कर इसे तुम दूर करो। मुश्किलों से न घबराओ कभी बल्कि आ जाओ जिद में मुश्किलें हार जायें […]
दिया बनकर लड़ो अंधेरे से खुद भी रोशन रहो सभी को रोशनी दो, किसी की जिन्दगी में अगर हों स्याह रातें, आप बनकर सहारा उन्हें भी रोशनी दो। प्रेम ही है उजाला उसे बांटो सभी […]
अंधेरी रात में यूँ छोड़कर रूठ कर चल दिये थे तुम अचानक सोचते रह गए हम कि आगे क्या होगा, मगर देखा सुबह तो रोज की ही भांति सूरज उग आया। उड़गनों ने सदा की […]
हार गए इसलिए उदास हो ना खूब निराश हो ना दिल टूट गया है ना उत्साह रूठ गया है ना सब तरफ से हताश हो ना, हाथों में माथा टेककर सोच रहे हो ना क्या […]
वक्त ऐसा है हालात इस तरह के हैं कैसे आगे बढूं यह न सोच मन में। वक्त को बदल ले मेहनत से, न रख स्वयं को गफलत में, कि खुद ब खुद होगा सब कुछ, […]
ओस की बूंद बनकर सूरज के आने पर छुप न जाया करो वरन हिम्मत रखो। रात ही है नहीं तुम्हारे लिए दिवस भी है तुम्हारे लिए मुकाबला कर लो मुकाबला करो हरेक स्थिति से सच्चा […]
ईश्वर केवल पूजा से प्रसन्न नहीं होते हैं, वे प्राणिमात्र की सेवा से प्रसन्न हुआ करते हैं। किसी तड़पते राही को गर बिना मदद के छोड़ दिया फिर चाहे कितनी पूजा हो मुँह मोड़ लिया […]
रास्ता हूँ मैं युगों युगों से लोग चलते आये हैं मुझ पर न जाने कितने पदचापों की ध्वनि को मैंने सुना है। न जाने कितनों ने चल कर मुझ पर सपनों को बुना है, लोग […]
अब सूर्य उत्तरायण में चले गए हैं, अहो! ठंडक अब तो कम हो जा, ठिठुरते हुए बडी मुश्किल से खुद की, जिन्दगी को अब तक रख पाया हूँ बचा। गलतियां जितनी भी हैं पूर्वजन्म की, […]
खिलौना मत समझना किसी धनहीन को तुम मन चले तोड़ दिया मन चले जोड़ लिया। भूख पर वार करके दबाना मत उसे तुम, दिखाकर लोभ-लिप्सा दबाना मत उसे तुम। सरल, कोमल व भोला मुफलिसी का […]
बुलंद वाणी रखो बुलंद सोच रखो न रह किस्मत भरोसे कर्म की ओर बढो। ध्येय ऊँचा ही रखो औऱ दिल साफ रखो त्याग सब हीनता को तेज नजरों में रखो। भले तूफान आयें या पड़े […]
जो मन में है तुम उसे कहो ना न बोलो चुपड़ी सी बात ऐसे दिखावा करके दिलों का नाता बताओ कैसे निभा सकोगे। भरा है नफरत का भाव भीतर अधर हैं बाहर खिले हुए से […]
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