नजरों में मुहब्बत और वाणी में मधुरिमा चाहिए इंसान ने इंसानियत को साथ रखना चाहिए। साँस ईश्वर की अमानत है समझना चाहिए, साँस रहने तक उसे नेकी निभानी चाहिए। दूसरे की साँस में अवरोध बिल्कुल […]

अगर निराशा है कहीं, दूर करो तत्काल, मन में अपने जोश को, सदा रखो संभाल। सदा रखो संभाल, जोश में जोश न खोना, आप हमेशा आग नहीं शीतलता बोना। कहे लेखनी नहीं, निराशा में रहना […]

निन्दारत रहना नहीं, निंदा जहर समान, निन्दारत इंसान का, कौन करे सम्मान। कौन करे सम्मान, सभी दूरी रखते हैं, निन्दारत को देख, सब मन में हंसते हैं। कहे लेखनी छोड़, मनुज निंदा की बातें, अपने […]

बेकारी पर आप कुछ, नया करो सरकार, युवाजनों को आज है, राहत की दरकार। राहत की दरकार, उन्हें, वे चिंता में हैं, पायेंगे या नहीं नौकरी शंका में हैं। कहे ‘लेखनी’ दूर, करो उनकी आशंका, […]

ठिठोली करो तुम खूब लेकिन दिल दुखाओ मत किसी का, जोर से गाओ मगर मत चैन लूटो तुम किसी का। किसी बीमार की जब रात को आँखें लगी हों मुश्किलों से जोर से डीजे बजाकर […]

सदा को कौन रहता है यहां इस जमीं में समय करके पूरा चले जाते सब हैं। तेरा व मेरा सभी कुछ यहीं पर रह जाता है कुछ नहीं साथ जाता। न आने का मालूम न […]

समस्याएं बहुत हैं आपको मुँह खोलना होगा जरा बिंदास होकर आज तो कुछ बोलना होगा। गरीबी मिटाने के लगे जितने भी नारे हैं, उनको हकीकत में हमें अब तोलना होगा। बेरोजगारी से युवा हैं दर्द […]

आज कुछ गा लूँ मैं तुम्हें सुना लूँ मैं, गीत ही गीत में भुला कर के दिल में अपने बसा लूँ मैं। मिटा दूँ सब की सब गलतफहमी, सच्चा गायक हूँ यह बता दूँ मैं, […]

चलो पतंग उड़ाएं लूट लें, काट लें पतंग उनकी सभी रंगीनियां अपनी बनायें चलो पतंग उड़ाएं चलो पतंग उड़ाएं। उनके चेहरे की खुशियों को चुराकर चलो आनंद मनायें चलो पतंग उड़ाएं। कटी पतंग दूसरे की […]

आपको नींद आ गई आधी और हम गीत लिख रहे हैं अब क्या करें यह कलम भी चंचल है जागती तब है, सो गए जब सब। स्वप्न में भी मनुष्य की पीड़ा भाव को शिल्प […]

राग कहाँ रागिनी कहाँ मेरी इस सड़क पर लिखी कहानी है, दो घड़ी आप भी खड़े होकर देख लो क्या है मेरी कहानी है। लोहड़ी क्या, कई त्यौहार आये आपने खीर पुए खूब खाये मगर […]

ठोस के साथ हमें कुछ उदार रहना है अपनी आदत में हमें अब सुधार करना है। स्वहित के साथ हमें दूसरों के हित में भी थोड़ा रुझान रखना है मदद की तरफ बढ़ना है। जिन्हें […]

जीवन का दर्द लिखो कहती है कलम आज बोलो कहती है उपेक्षित-शोषित-उत्पीड़ित की आवाज बनो कहती है। प्यार-मुहब्बत पर लिखता हूँ रोमांचित होने लगता हूँ, जैसे ही रमने लगता हूँ कलम मुझे कहने लगती है, […]

वक्त मत हाथ से जाने देना वक्त को खूब भुना लेना तुम कभी आलस अगर आना चाहे उसको तुम पास मत आने देना। वक्त जब हाथ से निकल लेगा तब नहीं लौट कर वो आयेगा […]

बड़े आदमी कब कहलाओगे तुम जमीं पर नजर जब रख पाओगे तुम। इंसानियत को बचाकर के मन में रख पाओगे जब बड़े आदमी तब कहलाओगे तुम। जब तक न दोगे दूजे को इज्जत जब तक […]

दगा करना सरल है वफ़ा करना कठिन है गिराना सरल है किसी को उठाना कठिन है। दिल जोड़ लेना और अपना बोल लेना सरल है, निभाना कठिन है। कुछ भी कह देना सरल है कर […]

पूँजी तेरे खेल निराले जिसकी जेब में भर जाती है उसका संसार बदल जाती है, धीरे-धीरे आकर तू मानव व्यवहार बदल जाती है। दम्भ, दर्प, मद, गर्व आदि संगी साथी ले आती है। तेरे आने […]

बातें बताओ खुल कर क्यों इस तरह हो रूठे कहते थे प्यार दूँगा अब बन गए हो झूठे। बिन बात मुँह फुलाकर चुपचाप क्यों हो बैठे, क्या कह दिया है हमने जो इस तरह हो […]

घमंड तेरा शत्रु है उसे कभी न पास रख तेरा करेगा अवनयन उसे कभी न पास रख। घमंड से कटेंगे तेरे मित्र और दोस्त सब, घमंड लील जायेगा ये आत्मीय भाव सब। तू शिखर को […]

तुम्हारी नादानी थी बोलो उसकी क्या गलती थी वो पेट में खेला करती थी, बाहर आकर दुनिया देखूंगी मन में सोचा करती थी। वो कलिका अपने जीने के सपने देखा करती थी, तुम से मम्मा […]

आ बैठ जा मैं गीत लिख दूँ आज तुझ पर है उपेक्षित तू सदा से ठण्ड की रातों में सोता है खुली ठंडी सड़क पर। ठेके का रिक्शा खींच दिन भर जो कमाता है उसे […]

मन !!जरा सी बात पर तू मत दुखित हो इस तरह जिन्दगी है हार भी है जीत भी, संघर्ष भी। गर कभी है अवनयन तो है यहां उत्कर्ष भी। डूबने का भय कभी है तो […]

भ्रष्टाचार खत्म करो ऊपर की कमाई पर रोक लगाओ सत्यता के भाव जगाओ रातों-रात करोड़पति बनने की प्रवृत्ति पर विराम लगाओ नियम कानून जो बने हैं उन्हें काम पर लगाओ, गरीबों की योजनाओं को उन […]

यह संसार है यहां के कुछ नियम होते हैं यहाँ दिखावे की बजाय लोग दिल से अपने बनाने होते हैं। यहां इज्जत पाने से पहले दूसरे को सम्मान देना पड़ता है। शिखर में चढ़ने के […]

विचार कर सको तो जरूर कर लेना, असुर हो या मनुज हिसाब रख लेना। अपने कृत्यों की सजाकर डायरी जा रहे वक्त के पन्नों में आप लिख लेना। जिन माता-पिता ने जन्म दिया, पालन किया […]

हमारी मुफलिसी को क्या समझो तुम तुम्हारे महल, हमारी झोपड़ी है, हमारी राह में संघर्ष खड़ा तुम्हारी भाग वाली खोपड़ी है। हमें नसीब बड़ी मुश्किल से रोटियां पेट भर को खाने को, तुम्हारे पास फेंकने […]

आ मेरे मीत!! कर बहाने मत दे मुझे अश्रु से नहाने मत, बह रहे भाव खूब आंखों से अब इन्हें रोक ले, दे आने मत। जब से फेरी है तूने पीठ मुझे तब से मन […]

सुबह सुबह की गरम चाय हो तुम आलस्य छोड़ने में सहाय हो तुम, खुद ही बुनता रहा उधेड़ रहा, उलझी बातों में मेरी राय हो तुम। जिन्दगी को जरूरी मुहब्बत हो तुम दिल में राज […]

गांव वीरान हो गए छोड़कर वे मनोरम वादियां शहर की ओर चल दिये, फिर नहीं लौट पाये वापस शहर में भीड़ थी वे भीड़ में समा गये। उधर वे खो गए इधर गांव के आंगन […]

कुछ जहाँ थे वहीं हैं कुछ पहुँचे आकाश कुछ की हालत दीन है कुछ हैं मालामाल। बेकारी ने छीन लिया युवा दिलों का जोश, मेहनत की मजदूर ने फिर भी खाली कोष। फिर भी खाली […]

कमा लो धन भले कितना मगर नजरें धरा पर हों, किसी को तुच्छ मत समझो, नजर से सब बराबर हों। पढाई उच्च हासिल कर मिला प्रमाण कागज में वही व्यवहार में दिख जाये तब है […]

घास पूस की झोपड़ी मैया है बीमार चौदह की गुड़िया ने थामी, है घर की पतवार। भूख बीमारी बेहाली के झंझावात घिरे हैं, गलत नजर से देख रहे श्वानों से सिरफिरे हैं। चूल्हा-चौका सब करना […]

खुद खुश रहना औऱ सभी को खुश रखना हो जीवन का पथ, याद रखो नश्वर है जीवन मिट जाना है बस इसका सच। तेरा-मेरा मेरा-तेरा कहते-कहते बीते पल-क्षण अंत समय तक समझ न पाया, जीवन […]

ज्वाला मेरी क्षीण नहीं मैं खुद को मंद रखा करता हूँ धीमे-धीमे जलता हूँ, खुद में स्वच्छन्द जिया करता हूँ। सच्चे दिल के लोगों को दिल में बैठाया करता हूँ, सच्चे मित्रों की महफ़िल में […]

मन के भीतर तक पहुँच गई, ठंडक की ठंडी हवा अब क्या हो इस ठिठुरन का हल कुछ है क्या इसकी दवा। होती तो मैं खा लेता, सबको उसे खिला देता, जितने भी मौसम होते […]

बादल घिरे हुये हैं नभ में, गरज रहे हैं आज, बूंदें बरस रही आंगन में, छम छम छम छम बाज। ऐसे में तन पुलकित होकर, भीतर करता नाच, बाहर जाने से डरता है, ठंडक की […]

ठंड की बरसात में घर के भीतर छाता ओढ़कर सोने की मत सोचो दिखावे का रोना रोने की मत सोचो। मुँह चुराकर निकल जाने की मत सोचो। केवल खुद ही खाने की मत सोचो। अपनी […]

बारिश की बूंदें पड़ने लगी हैं, ठंडी हवाएं चलने लगी हैं। सड़कों में बैठे हुए बेघरों की जीवन की साँसें थमने लगी हैं। समाचार पत्रों में छपने लगा है ठंडक से मौतें होने लगी हैं। […]

योजनाओ!! तुम धरातल तक पहुंच जाओ ना, गांव की सड़कों में खूब गड्ढे हो गए हैं। ऐसे झटके हैं कि बीमार या गर्भावस्था में ये गड्ढे समस्याओं के अड्डे हो गए हैं।

सुखी है आदमी कब जब उसे संतोष है, अन्यथा उलझन है मन में रोष है। जो मिला उस पर नहीं कुछ चैन है, इसलिए यह मन मेरा बेचैन है। गर मेरे मन में भरा संतोष […]

आज एक टूटी हुई चप्पल मिली उसे कूड़े के ढेर में, साथ ही एक पुरानी बनियान मिली। दो रुपये का सिक्का रख गई हाथ में, सड़क पर चलते एक धनवान मिली। खुशी का ठिकाना नहीं […]

आपकी बात ऐसे हम समझ न पायेंगे जरा सा खुल के कहो खुल के बता जायेंगे। दिल में तूफान है पर आग अब बुझी सी है, आप चाहो तो उसे और जला लायेंगे। ठंड है […]

आज धूप नहीं है बादल छितरे हैं नील गगन में ठिठुर रहा है जीवन बर्फ भरी है आज पवन में। कैसे उठूँ रजाई से, यह ठंडक मुझे रुलाई दे कुछ गर्मी लाने की बातें अब […]

समय की धीर लहरें बढ़े ही जा रही हैं, खुद में बीते दिनों को समाते जा रही हैं। जा रहा यह बरस अब वक्त के इस जलधि में, आ रहा नव-बरस है आज बिंदास गति […]

मानवता व्याधियों से जूझती रही, पूरे साल, ओ दो हजार बीस !! अब विदा ले। दो हजार इक्कीस !! तू खुशियों की झोली भर के ला शुभ बन के आ, मानवता को जिससे मिले पीड़ा […]