तेरे शहर में मेरा कितना नाम हो गया तेरे नाम से जुड़कर मेरा चर्चा आम हो गया
तेरे शहर में मेरा कितना नाम हो गया तेरे नाम से जुड़कर मेरा चर्चा आम हो गया
थक के चूर —-हो गई है रात— बादल गरज़ रहे हैं है इतना शोर फिर भी जाने कैसे लोग सो रहे हैं
अब जीवन का अवकाश रहेगा कल से मेरे पास रहेगा __________क्षुब्ध होकर अपंग से तेरे बोल के टेसू अब ना सूखेगे मेरे आँगन में ______कुसुम का बंदन ना महकेगा प्राणवायु के दामन में गलियारों की […]
ए ज़िन्दगी अब तेरी आरज़ू ना रही मेरी सासें इक डोरी सी हैं पर मन की वो तिजोरी ना रही अब तक तो गनीमत थी पर अब तो माँ भी सुनाती है तू मेरी थी […]
हम मुर्दा हैं या जीवित तुम्हें कोई फर्क नहीं तुम्हें इस बात का कोई इल्म नहीं के हम किस हाल में रहते हैं सब दिल का खेल है तुम्हें मेरे जीवन की भी खबर नहीं […]
ना झूठे थे मेरे वादे ना झूठी थी मेरी कसमें तुमने इल्जाम दे देकर मेरे दिल को दुखा डाला
अम्बर झुका हुआ है और वसुंधरा है बसंती कोपल की तरह प्रस्फुटित हो रहा है मन हर शाख पर खिल रहा है सुमन । हर पत्ता बूटा भीगा है लतपत है उपवन वृन्त से पृथक […]
ख़ुशी से मेरा पता दे रही है यह कैसी उदासी है जो दिल छू रही है सब छोड़ गए मेरा साथ पर यह नहीं छोड़ती जानती हूं यही है मेरी हमराज़ कोई जिंदगी में नहीं […]
तोहरे प्यार में होखे दीवानी बड़ा नीमन लागेले कवने जतन से तोहका मनावे कुछ ना समझ में आवेले
बढ़ी कीमत चुकाई मैने प्यार की तुझे रास ना आयी तो मैं क्या करूं
बढ़ी कीमत चुकाई मैनें प्यार की मगर तुझे रास ना आत आयी तो मै क्या करूँ
धूप मल ही रहे थे तुम्हारे प्यार की कि तुम तुमने दिल से बेदखल कर दिया देखो मेरे प्यार की शाम हो गई
भिगोकर बादाम दूध में केसर छिड़क दिया खुदा ने कुछ यूं ही तुमको बनाया होगा अफसोस ना कर तेरा रंग श्याम है मैंने कुछ ऐसे भी लोग देखे हैं जो दिल के काले होते हैं
मैंने कोई धोखा नहीं दिया तुम्हें तुमको ही धोखा हुआ अफसोस इस बात का है कि तुम्हें इस बात का कोई इल्म नहीं
ख्वाइशों के जुगनू पकड़कर बोतल में बंद कर दिए चिराग दिल के बुझाए बैठे हैं रफ्ता रफ्ता चल रही हैं सांसें सारे ख्वाब छुपाये बैठे हैं
आसमान के चादर में लिपटे अनगिनत सितारे हैं चांद फिर भी तन्हा है, जबकि लाखों उसके दीवाने हैं।
काश! तुम मेरी मजबूरियाँ समझ पाते जो मेरे दिल में था वो कह पाते क्यूँ सिमट जाती मेरी ज़िन्दगी यूँ कोने में क्यूँ दर्द होता मेरे सीने में ना हम अपनी मजबूरी का हवाला देते […]
वो आया था घर बहुत ही शान्त था खूबसूरत आंखें और मुस्कुराहट जब मेरी तरफ देखा तो उन नज़रो में छुपे हजारों सवाल थे
मेरे वीराने जहाँ को भी कोई बसाएगा क्या यह ऐसे ही उजड़ा रहे जाएगा दो चार दिन को तो आते है सब पर जिसका इंतजार वह कब आयेगा इंतजार करते हुए थक सी गई है […]
प्रारब्ध ——— सदियों से ठंडी, बुझी, चूल्हे की राख में कुछ सुगबुगाहट है। राख़ में दबी चिंगारियों से चिंतित हूं मैं! अपने गीले- सूखे मन की अस्थियों का पिंजर… दबा आयी थी मैं उस गिरदाब […]
हिन्दी गजल- तेरा इंतजार तो है | तू मुझे चाहे न चाहे दिल तेरा तलबगार तो है | तूझे तलब मेरी हो न हो मुझे तेरा इंतजार तो है | जब भी वक्त मिले आवाज […]
होली के रंग अब फीके न पड़ेंगे। हम उनमे रोज महसूस होंगे।।
तुम क्यो चुप से हो गये हो। फिर से कुछ बदल से गये हो।।
अपमान करें कोई तेरा सम्मान उसे ही तुम देना जो कोई बुराई तेरी करें बदला ना बुराई से लेना गीता मैं यही और रामायण मैं और धर्म सभी यह कहते है जो त्यागी है वह […]
तेरी बातें ही है जो एक उम्मीद से हमें तेरे पास ले आती हैं वरना सुकून -ए -जिंदगी तो हमें अकेले रहने में ही मिलता है……
किताब-ए- जिंदगी अपनी लिखी है पेन से हमने जिसे मिटाने की गुंजाइश कहां बख्शी है…
कल किसने देखा कल आये या ना आये आज की तू परवाह कर ले कही यह भी चला ना जाये देख परायी चुपड़ी तेरा मन क्यों ललचा जाय पास तेरे जो है तू उससे मन […]
देखो रितुराज ने अपने हाथों कैसे प्रकृति का सिंगार किया। रंग बिरंगे फूलों से कुदरत का रूप सँवार दिया।। हार गले में गेन्दा के और कर कंगन कचनार दिया। बेली चमेली जूही के बालों में […]
शोभे सरोवर राजहंस से बगिया शोभे कोयलिया से। ज्ञानी जन से सभा की शोभा दुनिया शोभे मधुर बोलिया से।।
मां देख! पहले गांव छोटे थे अब शहर छोटे हो गए हैं पहले कमरे छोटे थे, अब घर छोटे हो गए हैं सच कहूं ! तो पहले लोग सच्चे थे अब अपने झूठे हो गए […]
भरोसा अपना पर नहीं गैरों पर कर लीजिएगा जनाब “अपने” अपने कहलाने के लायक नहीं है। रूठना है तो खुद मान जाइएगा जनाब यहां कोई मनाने के लिए नहीं है।
घुली है हवाओं में खुशबू तेरी शायद तेरे आने का पैगाम लाती है ना ठहरती है ना जाती है शायद दिल तोड़ने का सामान लाती है।
माना की नियत के कच्चे हो फिर भी कुछ तो मान करो आते हैं जो मेहमान देश में उनका ना अपमान करो सामान तो पार किया देश को भी बदनाम किया अपनी हरकतों से भारत […]
खामोशी भी एक सिलसिला -ए-गुफ्तगू ही है खैर छोड़ो तुम्हारे बस की बात नहीं…….
मेरी नादानियों का सिला यह मिला हमको हम बदनाम हो गए और वह समझदार बने बैठे हैं……
मैं कुछ भूलता नहीं ,मुझे सब याद रहता है अजी, अपनों से मिला गम, कहाँ भरता है सुना है, वख्त हर ज़ख़्म का इलाज है पर कभी-२ कम्बख्त वख्त भी कहाँ गुज़रता है मैं अब […]
मैनें हर रिश्ते को शिद्दत से निभाया है जिसने मुझे प्यार किया उसे अपनाया है जिसने दिल से जाना चाहा उसे, उसे रब का वास्ता भी दिलाया है ।
😉उनका दिल इतना नादान है 😘जिसे भी देखता है मोहब्बत हो जाती है 🤐🤐
ए दोस्त! मुझमें कभी इतनी हिम्मत ना आयी बस तुझे दूर से देखती रही कभी पास ना आयी
इस तरह बसा है तू दिल में तुझे कैसे भूल सकती हूँ तुझे दिल से निकाल नहीं सकती पर दिल को निकाल सकती हूँ
मुझे ठुकरा कर वो दर- दर भटक रहा है खुदा का खौफ देखो कभी इसके दिल से कभी उसके दिल से निकल रहा है ।
तुम्हारे घर आने की बड़ी बेसब्री थी मगर जब वापस आ रही थी तो कोई मेरे कदम पीछे को खींच रहा था वो मेरा दिल था कदम भारी थे रास्ता बहुत कठिन और दिल में […]
हमारे रिश्ते में मोवन कम था वर्ना, इश्क की गुझिया खूब खुश्क होती।
तुम्हारा इंतजार किया आम पकने की तरह तुम रोज ख्वाब में आए शाम की चाय की तरह तुम खो गए चाभी के जैसे मगर मैनें ढूंढा है तुम्हें मूंगफली के दाने की तरह
कौन कहता है दूरियां प्यार को बढ़ाती हैं दूरियां बस दूरियां होती हैं बस दूरियां ही बढ़ाती हैं
गूंजती रहेगी फिजाओं में आवाज मेरे दिल की हर एक धड़कन धड़कती रहेगी तेरा नाम सुनकर तन्हाई एक कोने में पलती रहेगी।
यहां किसी को कुछ भी नहीं मिलता किसी को मंज़िल तो किसी को रास्ता नहीं मिलता
एक गलतफहमी ने रिश्ता तोड़ दिया जिसे अपना सब कुछ मानते थे आज उसी को छोड़ दिया
कितनी बार पढ़ा था मैंने तेरी आंखों में अपना नाम पर तेरी आंखें भी तेरी तरह फरेबी थी
गिरेबान पर हाथ डालने से पहले एक बार सोच तो लिया होता जिसे हाथ लगा रहे हो वो तुम्हें दिल में बिठा कर पूजा करता है….
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