आंखें चार कर लो इस होली में अपने रंग में रंग लो प्रज्ञा को ना और तरसाओ होली में घर आना तो थोड़ा देर से आना बहुत सुन्दर ना लगना होली में है खास कुछ […]

कितने निर्मोही हो तुम एक बार भी नहीं सोंचते मेरे बारे में ना याद करते हो ना मिलने ही आते हो अब देखना ये हौ है तुम मुझ बिन होली कैसे मनाते हो।

थक के चूर हो चुकी हूँ तुम्हें याद करके अब और याद नहीं करना। अब बसा ले तू गैरों को घर में तेरे दिल में अब मेहमान नहीं बनना।

तुम इस इन्तज़ार में बैठे हो हम याद करेंगे तो बता दें साहिब अब ना वो प्यार रहा ना कशिश रही ना तेरी वो दिवानी ही रही।

चल साथी हाथ बढ़ाएं ,मिलकर सबको पार लगाएं क्या हुआ जो कोई छोटा क्या हुआ जो कोई रूठा हम अपना कर्तव्य निभाएं मिलकर सबको पार लगाएं। कर्म पथ पर चलने वाले मन में बैर न […]

राह भूल सी गई है हमको जो छोड़ आओ, तो बात बने मंज़िल की सरहद पर दीया जो छोड़ आओ, तो बात बने मेरी तेरी या उसकी बातें जो छोड़ आओ, तो बात बने ढाई […]

कहीं पिचकारी का धार कहीं रंगे गुलाल। कहीं फूलों की होली कहीं हुरदंगे धमाल।। कहीं होली लठमार फिर भी प्यार का त्योहार। प्यार हीं प्यार ।। होली में यार।।

आहट पाकर फागुन की, पेड़ों ने ओढ़नी बासंती ओढ़ी धमाल फाग संग चंग बजाने, निकली मस्तानों की टोली हल्की फुल्की ठंड के साथ, मौसम करे आंख मिचौली धूम मचाओ, रंग उड़ाओ, क्यों कि आ गया […]

हिन्दी गजल- निभाते चले गए | हम अपनी वफा निभाते चले गए | वो मुझसे दूरिया बढ़ाते चले गए | शामिल था उनकी खुशी ओ गम | मेरे वक्त वो मुंह चिढ़ाते चले गए | […]

हिन्दी गीत- देख लेना | कीमत मेरी मोहब्बत तुम समझ न पाओगे | याद मे मेरी तड़पते रह जाओगे देख लेना | जिंदगी मुझसा दोस्त शामिल न कर पाओगे| तन्हाइयों ढूंढते रह जाओगे मुझे देख […]

हिन्दी गीत- तेरे रूप का सिंगार करूँ | तेरे रूप का सिंगार करूँ | तुझपे दिल निसार करूँ | आंखो मे काजल लगा दूँ | पांवो मे पायल पहना दूँ | तेरी बांहों दिल बहार […]

बजे ढोलक,बजे नगमे मचे हुड़दंग होली में रंगी धरती, रंगा अंबर उड़े है रंग होली में । कोई गुब्बारे से खेले तो कोई मारे पिचकारी पड़ी है पान की छीटें चढ़े हैं भंग होली में। […]

रंगों का त्योहार मनोहर होली आई होली आई। प्रेम प्रसून के गुलदता ले होली आई होली आई ।। दया का पानी प्रेम के रंग को दिल दरिया में घोलो रे। मधुर मनोरम मस्त मिठाई भर […]

मन। क्यों घुट – घुट के जीता है रे मन? तुझे काया मिली इतनी माया मिली, तेरी राहों में बिखरा है मधुवन। क्यों घुट – घुट के जीता है रे मन। इतना सुन्दर- सा घर […]