बादलों को देख मोर झूम-झूम नाचता। मोरनी है साथ फिर व्योम क्यों निहारता।। बादलों की चाह में मोरनी के प्यार में, या फिर नयनश्रवा के हार में पंख को पसारना। बादलों को देख मोर झूम-झूम […]

ताज है मोहताज, सरताज कहाँ से लाऊँ। बना रखा है ताज, मुमताज कहाँ से लाऊँ। साथ निभाने का वादा करते थे कल तक, बीता हुआ वो कल, आज कहाँ से लाऊँ। संगदिल कहूँ या फिर […]

मुझ शरणागत की रख ले लाज प्रभु। मैं दर तेरे पे आया हूँ देखो आज प्रभु।। तुमने कितने पापी तारे नाम गिनाया जा नहीं सकता। जो भी तेरे दर पे आता खाली झोली जा नहीं […]

रहने को बहुत बड़ा है लेकिन रहने में क्यों डर लगता है एक अपने ही घर में क्यों बोलो, तुमको सब कुछ खलता है। कहने को तो सब चलता है सूरज रोज निकलता है एक […]

कानों में ठूठे लगाए, बहर भट्ट सी! ज्ञान के प्रभाव से आत्मचित्त, मोहक सुवर्णा सी। चेहरे पर कठोर भाव, प्रेम में टूटी शहतीर सी। तापसी! बिन प्राणों के शवास सी। स्वरागिनी! खुद में डूबी आत्ममुग्ध […]

रहने को बहुत बड़ा है लेकिन रहने में क्यों डर लगता है अपने ही घर में क्यों बेटी भला तेरा ये मन खलता है। कहने को तो सब चलता है सूरज रोज निकलता है एक […]

बीती रात कमल दल फूले, हम उनके सपनों में फूले, उनकी रंग भरी बातों में, हम भूली बिसरी यादें भूले, आँख खुली तब हमने देखा, हम भ्रम की बाहों में झूला झूले, वो बन्द कली […]

ऐ जिंदगी, तुम गम की राहों से निकल, चल जहां गम के साए न हो, चल वहां जहां खुशियों की जन्नत हो, बहारे आएंगी और जाएंगी, जीवन तो सुख और दुख का मेला है, उसी […]

जीवन के इस राह में, कौन है अपना कौन पराया, जो साथ दिया हो दुख में, उसे ही तुम अपना समझो, जो झटक दिया हो दुख मे, उसे ही तुम पराया समझो, कुछ ऐसे भी […]

मेरी हर गीत, हर साज़ हो तुम । कल को भूला दूँ, वो आज हो तुम । कैसे बयान करूँ, क्या हो तुम, मुझ बेज़बां की, आवाज़ हो तुम ।। मेरी हर नज़्म, हर ग़ज़ल […]

तेरे आने से बाहरे आती है, तेरे जाने से बाहरे जाती हैं, महफिल मे गर आ जाओ तुम तो चार चांद लग जाए, मौसमे बाहरे महफिल में छा जाए, कितना चाहती हूं तुझे यह पता […]

तुम फूल हो तो मैं कोई काँटा नहीं जानम। तेरा स्पर्श कोमल है मेरा चाँटा नहीं जानम।। तुम चाँद हो नभ के, मैं चकोर हूँ जानम। तुम मेघ अम्बर के , मैं तो मोर हूँ […]

शहर को देखने वाले जरा तुम गाँव भी देखो। वदन पे गर्द मत देखो फटे वो पाँव भी देखो।। गुजरते नार कीचड़ से हमें नित फीड हैं देते। मखाना वो कहे जिसको लोटस सीड हम […]

तेरी सूरत सदा रहती नजरों के पास नाम हाथों पे लिखने से क्या फायदा? तुम रहते सदा मेरे दिल में प्रिये सामने आके मिलने से क्या फायदा? दिल जख्मों को सहता मेरा इस कदर अब […]

कवि का ‘सरयू से ‘ गुजरना – सुरेंद्र वाजपेयी ———————————————— सुहृदयी कवि ,लेखक एवं सामाजिककार्यकर्ता श्री सुखमंगल सिंह कृत्य ‘कवि हूँ मैं सरयू तट का ‘ एक भावनात्मक काव्य संग्रह है | इसमें सरयू महिमा […]

तानाशाह से तुम! क्रोध की तीव्रता में कर देते…. सब कुछ हवन। बचपन में झेली गई मानसिक प्रताड़ना, ने बना दिया तुम्हे शिला, ज्यो थीअंदर से नरम। प्यार भी आंखें दिखा- दिखा करते हो, हंसी […]

गाना न कोई अब रिन्दाना मैंने पीना छोड़ दिया। बोतल तोड़ी जाम मैं तोड़ा साकी से नाता तोड़ लिया। मैंने पीना’……… . ….. . ।। पीबाकों से नहीं अब याराना नहीं अपने रहे अब बेगाना […]

जंग लड़ी थी गहरे जख्म पुराने थे, रंग लगे थे चेहरे पे गरम छुड़ाने थे, घाव लगे थे दिल पर सब बेमाने थे, महबूबा के प्रेम में चरम दीवाने थे, धुंधले थे पर चेहरे सब […]

धरती बिछा कर आस्मां ओढ़ कर सो जाते हैं, ये गरीब हैं अपना रस्ता छोड़ कर सो जाते हैं, मिलती नहीं जो रौशनी की किरण उनसे आके, जलाके माचिस की तीली मोड़ कर सो जाते […]

है कौन जो तुम्हारी यहां फिकर कर रहा है, हर लम्हा जो एक तुम्हारा जिकर कर रहा है, हर एक कश के साथ जो जला रही है जिगर, वो सिगरट तुम्हारे सफर को बेअसर कर […]

तुम्हें देख यूँ लगा कुछ भी नहीं माहताब। सोचता हूँ तुम हकीकत हो या फिर ख्वाब । किया इजहारे-मोहब्बत, कल पे टाल दिया, सारी रात आँखों में कटी, पाने को जवाब । कहते हैं तुमसे […]

अश्क आँखों से बहता हो लबों पर मुस्कुराहट हो। दया से दिल लबालब हो मन में प्रेम की आहट हो।। निकलकर भाव जो आये वही तो काव्य है प्यारे।। लगे प्रेमालाप में पक्षी परम आनन्द […]

कमरा तो कोई दिखता नहीं इस दिल में मगर, हम फिर भी मेहमाँ कई इसमें बिठाये फिरते हैं, क्यों देखने पर भी कुछ नज़र नहीं आता हमको, आढ़ धर्म की लेकर हम खुदको छिपाये फिरते […]

राज़ ए दिल को दिल में छुपाने से क्या फायदा, बात दिल की दिल में ही दबाने से क्या फायदा, मोहब्बत की राहों में यूँ भटकने से क्या फायदा, लिखा पत्र भेजा नहीं उसे गुमाने […]

रौशन आज मिलकर सब अपने घर कर लेंगे, और मासूम परिंदे अपने भीतर पर कर लेंगे, पूरा आसमां जगमगाऐगा बिना तारों के ऐसे, के सितारे ज़मी को मानो अपने सर कर लेंगे, कोना – कोना […]

जिंदगी एक पहेली है तो सुलझाओ न तुम, मैं पहले ही उलझा हूँ और न उलझाओ तुम, हर कदम पर जानता हूँ अनसुलझे सवाल हैं, कोई तो हल होगा न हमें बतलाओ न तुम, अरे […]

हिन्दी कविता- आसमान की बुलंदी गिरा तो फिर भी उठ जाएगा | झुका नहीं तो तू टूट जाएगा | छूना है आसमान की बुलंदी | पाँव उठा तो आधार छुट जाएगा | हारा भी तू […]

अब लोगों में वो पहले जैसी बात कहाँ है, दिल है पर वो पहले जैसे जज़्बात कहाँ है, आखिर है कौन यहाँ जो गुनेहगार नहीं है, सच में सच वो पहले जैसे पहरेदार कहाँ है, […]

आबाद जहां करने को, उम्मीद एक ही बाकी है, अब न कोई ज़िंदगी में, सहारा तू ही साकी है । हिज्र-ए-महबूब ने मुझे, क्या से क्या बनाया, खुद को डूबोया प्याले में, शराब तू ही […]

बसावट मेरे दिल में अजनबी तुम क्यों बसाते हो? चलो छोड़ो! बहुत अब हो चुका मिलना, मेरे दिल को अभी भी तुम ठिकाना क्यों बनाते हो? दूर बैठे हो तुम कितने! कि मुझ से मिल […]

बसावट मेरे दिल में अजनबी तुम क्यों बसाते हो? चलो छोड़ो! बहुत अब हो चुका मिलना, मेरे दिल को अभी भी तुम ठिकाना क्यों बनाते हो? दूर बैठे हो तुम कितने! कि मुझ से मिल […]

बसावट मेरे दिल में अजनबी तुम क्यों बसाते हो? चलो छोड़ो! बहुत अब हो चुका मिलना, मेरे दिल को अभी भी तुम ठिकाना क्यों बनाते हो? दूर बैठे हो तुम कितने! कि मुझ से मिल […]

श्याम ने मुरली बजाई कि घर से गोपियाँ निकली। इधर से गोपियाँ निकली उधर से गोपियाँ निकली श्याम ने मुरली बजाई कि घर से गोपियाँ निकली।। पीलाती दूध बच्चे को कलेबा कर रही कोई। लगी […]

कभी दिल के करीब आकर तो देखो। प्यार का जज़्बात जगा कर तो देखो। लगने लगेगी सारी जिंदगानी हंसीन, किसी को ज़िंदगी में लाकर तो देखो। ना बहकने देंगे हम, तुम्हारे कदम, कभी गाम-दर-गाम मिलाकर […]

डगर पर जो भी मिला वह दौड़ता भागता मिला ज़िंदगी जिसकी भी मिली उससे पुराना वास्ता मिला जब भी शाम होते घर गया दर्देदिल ही जागता मिला| बीते साल की तरह फिर नए साल का […]

सूर्योदय सी केसरी सुनहरी, रश्मिया तुम्हारी सखी सहेली। मोतियों सी जगमग हंसी तुम्हारी, सहस्त्र फूलों के इत्र सी महक तुम्हारी। दिलकश निगाहें होंठ अंगारे, घनघोर घटा सी जुल्फें तुम्हारे। चाल बड़ी मदमस्त नशीली सुंदरता की […]

दिलकशी से तुम मिले!!! निगाहों में अक्स तुम्हारा रोशन क्या हुआ! हजारों चिराग इस दिल में जल उठे। सर चढ़ रहे हो अजनबी हालत क्या बयां करूं हलचल सी मची दिल में तूफान में घिरा […]

जीवन मृत्यु सच जीवन का इनसे ना कोई बच पाया है। सब जानते हैं जाना है वहां! जहां परमात्मा का साया है। फिर भी भटके भटके रहते, लालच में हम अटके रहते। नहीं जान सके […]

अपने कलेजे से लगाकर सदा रखती मुझे, हर बुरी नज़र से बचाकर लाड करती मुझे, माँ बापू के बगिया की एक सुंदर कली मैं, तो पलभर में क्यूं रौंद डाला दरिंदो ने मुझे।। एक लड़की […]

इससे बत्तर हयात में और क्या होगा, ख़्वाबों का कारवां पल में ख़ाक होगा, देखकर मंजर कुछ अजीब लम्हों का, जज्बातों का मेहर पल में राख होगा।। हर फरेब का चेहरा अब बेनकाब होगा, सच […]