शायद ख्वाब है, जो हाथों में तेरा हाथ है । एक चाँद आसमां में है, एक मेरे साथ है । तेरी सूरत चाँद की सूरत, है मरमरी मूरत, तुझसा ना हँसीन कोई, तेरी क्या बात […]
शायद ख्वाब है, जो हाथों में तेरा हाथ है । एक चाँद आसमां में है, एक मेरे साथ है । तेरी सूरत चाँद की सूरत, है मरमरी मूरत, तुझसा ना हँसीन कोई, तेरी क्या बात […]
काली कजरारी आंखों से जब मेघ बरसता है आंसू में बह कर वह नेह निकलता है खूबसूरत लगती हो तुम जब पौछती जाती हो दुपट्टे के कोने से उन आंसुओं की धारा बहता सा काजल […]
फितरत किसी इंसान की बदलती नहीं जनाब। चाहे जिंदगी में आ पड़े कितने भी अजाब। बचपन की आदतें समाई होती हैं इस कदर, बदला यदि खुद को तो नया इंसान ले जन्म। बचपन सुधारा जिसने […]
किताबें दोस्त थी मेरी, दुख सुख की साथी, अकेलेपन में किसी की कमी ना खलने देने वाली, हंसती मुस्कुराती। मुझे जहां भी कोई किताब मिल जाती मेरे पुस्तकालय में सुशोभित हो जाती। इंटरनेट ने तो […]
पार्थिव शरीर विह्वल हुए लोग शांत चेहरों में वेदना समाई है हसती खेलती कोई पुण्यात्मा परमात्मा से मिलने को आज अकुलाई है चार दिन का साथ छोड़ आज ऐसे जा रही मुसाफिर खाने से छूटकर […]
आंखों के सामने छा जाता है तुम्हारा सुरूर मुझे खुद पर ही होने लगता है गुरूर नींद भी अपना रास्ता भूल जाती है जब याद मुझे तुम्हारी इस कदर आती है कुछ यादें कुछ मीठी […]
मेरा मन विचलित था विह्वल था, कान्हा ने मुझे उबार लिया। अपना अद्भुत सा साथ दिया, भटकन को मेरी वही थाम लिया। मेरे अंतःकरण की शुद्धि की, मुझे बीच भंवर से निकाल लिया। कैसा अद्भुत […]
चिंतामणि सी अकुलाती हो मुझ में क्या अद्भुत पाती हो? चंचल मृगनयनी सी आंखों से क्या मुझ में ढूंढा करती हो? चंद्रमुखी सी हंसी हंस-हंसकर अंतरात्मा को चहकाती हो। नहीं भान जरा नहीं मान जरा […]
कभी होंठों को देखते हो। कभी बालों को देखते हो।। कभी आँखों को देखते हो। कभी गालों को देखते हो।। दिल में उतर के देखो तो फिर कवि कहलाओगे।। कभी लंबू को देखते हो। कभी […]
कुछ अलग सी पगली हो तुम! नैन लड़ाती हो कुछ कहना भी चाहती हो बस मुस्कुरा कर ही रह जाती हो। मेरे इशारों में उलझ कर घबरा जाती हो जैसे गिर ही पड़ोगी मेरे जरा […]
माफ़ करना मेरी आदत है, इसमें दो मत नहीं। मैं बदला नहीं, बदला लेना मेरी फ़ितरत नहीं। मैं जहाँ था वहीं हूँ, मैं वही हूँ और वही रहूँगा, लिबास की तरह बदलने की मेरी आदत […]
खुद को तलाशते गुमनामी में कहीं खो न जाऊँ। शोहरत की हसरत में गुमनाम कहीं हो न जाऊँ। चढ़ते सूरज को तो सारी दुनिया सलाम करती है, डरता है दिल की मैं अंधेरे में कहीं […]
कृष्ण के भजने पर कभी राम पराए नहीं होते। पंथ बदलने पर भी भगवान पराए नहीं होते।। दम है अरदास में तो अजान पराए नहीं होते। कतरा-ए-लहू एक हो तो इंसान पराए नहीं होते।। खुदगर्ज […]
सोचो अगर हर जीव खुदगर्ज हो जाता पल पल हर पल थम सा जाता ना पेड़ देता फल कोई वह पेड़ पर ही सड़ जाता वह जाओ ना देते तो पथिक रास्ता कैसे तय कर […]
उड़ चलता है हर पक्षी घोंसला बनाने होते ही उम्मीदों का सवेरा श्याम को थक्कर ढूंढता फिरे अपना ही रैन बसेरा भटकती फिरे हर मधुमक्खी फूल फूल पत्ता पत्ता करके शहद इकट्ठा हजारों फूलों को […]
तिनका तिनका जोड़ -जोड़ कर, चिड़िया नीड़ बनाती है। छोटे-छोटे बच्चों को ऊंची उड़ान सिखाती है। एक दिन नीड छोड़कर बच्चे दूर गगन उड़ जाते हैं, मां-बाप का कलेजा क टता है वह याद बहुत […]
बातों को कुछ तोल के, मीठे बोल तू बोल ले, बानी में मिश्री घोल के, सबको खुश तू कर दे, जग ये तेरा न मेरा है, एक दिन सबको जाना है, क्या पाएगा किसी को […]
श्याम रंग विराट ललाट, लाल तिलक सोहे मुख भाल। तिरछी नजर कान्हा जब डालें, गोपियों के दिल भये मतवाले। कान्हा कान्हा रटते रटते, गोपियों ने सुध बिसराई थी। कान्हा के संग रास रचाने, सभी गोपियां […]
तुझे मेरी याद न आई, ओ कान्हा तूने कैसी ये प्रीत निभाई, छोड वृंदावन चले गए तुम, लौट के फिर आए नहीं तुम, हमजोली संग रास रचाया, गोपियों को भी खूब सताया, ,तूझ बिन मै […]
ऐ साकिया अब होश ना रहे, तू इतना पीला । फिर ना जिंदगी से करूं, कोई शिकवे-गिला । करते रहे हम सारी उम्र, बेपनाह बवफाई, बेवफाई के सिवा हमें, और कुछ ना मिला । जिसे […]
समय कभी ना ठहरा था ना ठहरा है ना ठहरेगा। वह तो कालचक्र का पहिया है, दिन-रात धुरी पर घूमेगा। समय के साथ चलकर ही इंसान उन्नति पाता है। जो समय के साथ नहीं चलता, […]
अनपढ़ हैं वह सब पढ़े लिखे, पढ़नेका मर्म जो जाने नहीं। जो अभिमानी है दंभी हैं, वे निपट गवार अज्ञानी है। कर्मों में यदि सुधार नहीं, तो कैसा तुम्हारा पढ़ना था। संस्कार हीन इंसान नहीं […]
चतुराई तेरे काम ना आए, बुरे कर्म सब आड़े आए। कर्मों के फल सब तू पाए, फिर काहे चतुराई दिखाएं। दान धर्म का मन अपना ले, बुझे दिलों के दीप जला ले। प्रभु ने दिया […]
यह जग दो दिन का फेरा है, भगवान का घर ही डेरा है। आज तुम हो यहां कल जाने कहां, यह जग तो जीवन मरण का मेला है। भगवान् को भज ले प्राणी, कुछ नेक […]
बाला घट भरने चल पड़ी भौर की लालिमा नभ मे बिखर पड़ी पगो से रोंदते हुए ओंस की बूँद बाला पनघट की ओर मुड़ चली. रस्सी खींचती सुकोमल हाथों से बिन कहे ही कहती बातें […]
श्रद्धा से जो किया अर्पण, सम्मान से खिलाया। सच्चे अर्थों में वह ही, श्राद्ध कर्म कहलाया जीते जी ही दो मान, पूरा दो उन्हे सम्मान इच्छाएं पूरी कर दो, खुशियों से दामन भर दो। बाद […]
बाबूजी का वो लाड़ भरा धमकाता बचपन, है याद मुझे अक्सर आ जाता प्यारा बचपन। खरगोशों के संग दौड़ कुलाचे भरता बचपन, तोते चिड़ियों की नकल भरा बातूनी बचपन। उस प्यारे से बचपन में था […]
अपना-अपना सोचे प्राणी, अपनी खुशियां लागे प्यारी। स्वार्थी ना बनो, खुद से ऊपर थोड़ा तो उठो! त्योहार मनाओ खुशियों से उपहारों से, रोतों को हंसाओ कपड़ों और सामानों से। तब तो समझो सब सार्थक है, […]
तेरा सब तुझको अर्पण, तू दे दे मुझे सहारा। क्यों रूठा है तू भगवान अब थाम ले हाथ हमारा है नाव भंवर में मेरी तू ही पतवार ,किनारा मांझी बनकर नैया की, तू बन जा […]
खुशियों का मतलब पटाखे नहीं, रोशनी और उल्लास है। ना समझो गलत बंद करना इन्हें, प्रदूषण का यह सब सामान है। पहले ही प्रदूषण से बेदम है आबोहवा उस पर इस दिन चहु ओर फैला […]
हे ईश्वर! मेरे मन के गहन तमस में, आशा का उजाला भर दो। मैं तुझ में ही खो जाऊं, कुछ ऐसा मुझको कर दो। चरणों में तेरे वंदन, बस शीश झुका हो मेरा। हो जाए […]
अमृत से भरी नदियां ये सभी, आंसू का लिए सैलाब क्यों हैं? बाहर कल कल की नाद तो है, अंदर वेदना बेआवाज क्यों हैं? जैसे मन इनका भारी हो! मन भीतर गहन उदासी हो! ऐसा […]
मेरे घर के सामने मजदूरो का जमावड़ा लगा था ईंटो का ढेर बड़ा था शायद कोई बंगला बन रहा था. कोई मजदूर ईंटे ढो रहा था कोई दीवार चिन रहा था हर मजदूर काम मे […]
जीवन की राह को नंगे पैर ही नापना पड़ता है मिटटी की गर्मी को छूकर ही भापना पड़ता है चलते चलते कभी रेत के टीले राह रोक लेते है मै डर जाऊ मै घबराऊ इसका […]
मन्दिर बांटा मस्जिद बांटा बांट दिया संसार, बोली भाषा रहन सहन बांट दिया इंसान , जाति धर्म मजहब बांट दिया भगवान , ईश्वर अल्ला का धर्म बताकर कर दिया सत्यानाश , महेश गुप्ता जौनपुरी
विकास के भरोसे कब तक रोटी सेंकोगें मैली मैली गंगा मईया कब तक तुम बोलोगे राजनीति के पहिए का वीरों तुम इलाज करो गंगा के अभियान को जन जन तक प्रसार करो धनुष बाण टांगें […]
हौसले कि उड़ान अभी बाकी है , मेरे जज़्बातों का ख्याल अभी बाकी है , चन्दा मामा हम फिर से आयेंगे , अभी मेरे दिल का हाल बाकी है , महेश गुप्ता जौनपुरी
सिधे साधे पर रोब दिखाकर साबित तुमने कर ही दिया बेगुनाह को पीट पीट कर सुपुर्द खाक कर ही दिया क्या न्याय की उम्मीद करें अब भ्रष्ट कानून के वर्दीधारी से गुंडागर्दी फैल चुका है […]
दिल चाहता है, ऊरू बादलों संग, चलूं हवाओं के संग, भूल के अपने सारे गम, ऊरू मै गगन में चिड़ियों के संग, करूं मैं बातें उनसे पल भर, सुख और दुख है जिंदगी के पल, […]
ए दोस्त मत घबराना कभी मेरे परछाईं से भी, तेरा नाम हम लब तक लाया नहीं करते। कोई खेल नहीं है इश्क या इबादत, ये बेशकीमती जज्बात है यू जाया नहीं करते। एक बार पलक […]
तू होनहार था तू सबसे होशियार था सबका तू गुरुर था अपनी प्यारी सी जिंदगी मे सपना तूने भी कोई देखा तो जरूर था झुक गया गमों के आगे दुनिया नाचे पैसे के आगे तब […]
जब तू पालने मे खेलता था कई खिलोने तेरे सराहने रहते थे खुश होती तुझे देख- देख मेरे नन्हे हाथ तेरे सर को सहलाते रहते थे. जब तू थोड़ा बड़ा हुआ मेरे खेल का साथी […]
खुद को तलाशते गुमनामी में कहीं खो न जाऊँ। शोहरत की हसरत में गुमनाम कहीं हो न जाऊँ। चढ़ते सूरज को तो सारी दुनिया सलाम करती है, डरता है दिल की मैं अंधेरे में कहीं […]
वो आतिशबाजी किस काम कि जो कानो को बहरा कर दे अगले ही दिन प्रदूषण से वातावरण को धुए से भर दे. मै तो चाहूँ ऐसी लड़ी जलाना कि जिंदगी फुलझड़ी जैसी जगमग हो चाहूँ […]
चांद सा मुखड़ा है तेरा, समंदर से गहरी है आंखें तेरी, जुल्फें हैं घनेरी तेरी जो बिखर जाए तो दिन में रात हो जाए, चाल है मतवाली तेरी जिस पर किसी का भी दिल फिसल […]
चांद सा मुखड़ा है तेरा, समंदर से गहरी है आंखें तेरी, जुल्फें हैं घनेरी तेरी जो बिखर जाए तो दिन में रात हो जाए, चाल है मतवाली तेरी जिस पर किसी का भी दिल फिसल […]
न जाने तुम कहां खो गए, हम यहां तेरी याद मे खो गए, तेरे बिन न जाने कैसे बीते रात ये दिन, तुम मुझे यूं तन्हा कर गए, कभी तुझे मेरे बिन एक कदम भी […]
हिन्दी गजल- ठहर जाऊंगा | तेरी जुल्फ नहीं जो बिखर जाऊंगा | आजमा लो हद से गुजर जाऊंगा | झोंका गिरादे रेत की दीवार नहीं | तेरे वादे मै ताउम्र ठहर जाऊंगा | तू है […]
हर घुरने वाली नजर बुरी नहीं होती, दिल जख्मी कर जाए, हर वो चिज छूरी नहीं होती। मिट जाते हैं रिश्ते गलत अल्फाजों के कारण, रिश्ते मौत के साथ मिटे, ये जरूरी नहीं होती। उसने […]
चंद हर्फ़ तुम्हारी नज़र करता हूँ । तुम पे कुर्बान दिल-ओ-जिगर करता हूँ । मेरे ख्वाबों की ज़ीनत हो तुम, इंतज़ार तुम्हारा हर पहर करता हूँ । काँटों से दामन इस कदर उलझा, सुलझाने की […]
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