ऐ साकिया अब होश ना रहे, तू इतना पीला । फिर ना जिंदगी से करूं, कोई शिकवे-गिला । करते रहे हम सारी उम्र, बेपनाह बवफाई, बेवफाई के सिवा हमें, और कुछ ना मिला । जिसे […]

समय कभी ना ठहरा था ना ठहरा है ना ठहरेगा। वह तो कालचक्र का पहिया है, दिन-रात धुरी पर घूमेगा। समय के साथ चलकर ही इंसान उन्नति पाता है। जो समय के साथ नहीं चलता, […]

अनपढ़ हैं वह सब पढ़े लिखे, पढ़नेका मर्म जो जाने नहीं। जो अभिमानी है दंभी हैं, वे निपट गवार अज्ञानी है। कर्मों में यदि सुधार नहीं, तो कैसा तुम्हारा पढ़ना था। संस्कार हीन इंसान नहीं […]

चतुराई तेरे काम ना आए, बुरे कर्म सब आड़े आए। कर्मों के फल सब तू पाए, फिर काहे चतुराई दिखाएं। दान धर्म का मन अपना ले, बुझे दिलों के दीप जला ले। प्रभु ने दिया […]

बाला घट भरने चल पड़ी भौर की लालिमा नभ मे बिखर पड़ी पगो से रोंदते हुए ओंस की बूँद बाला पनघट की ओर मुड़ चली. रस्सी खींचती सुकोमल हाथों से बिन कहे ही कहती बातें […]

श्रद्धा से जो किया अर्पण, सम्मान से खिलाया। सच्चे अर्थों में वह ही, श्राद्ध कर्म कहलाया जीते जी ही दो मान, पूरा दो उन्हे सम्मान इच्छाएं पूरी कर दो, खुशियों से दामन भर दो। बाद […]

बाबूजी का वो लाड़ भरा धमकाता बचपन, है याद मुझे अक्सर आ जाता प्यारा बचपन। खरगोशों के संग दौड़ कुलाचे भरता बचपन, तोते चिड़ियों की नकल भरा बातूनी बचपन। उस प्यारे से बचपन में था […]

अपना-अपना सोचे प्राणी, अपनी खुशियां लागे प्यारी। स्वार्थी ना बनो, खुद से ऊपर थोड़ा तो उठो! त्योहार मनाओ खुशियों से उपहारों से, रोतों को हंसाओ कपड़ों और सामानों से। तब तो समझो सब सार्थक है, […]

तेरा सब तुझको अर्पण, तू दे दे मुझे सहारा। क्यों रूठा है तू भगवान अब थाम ले हाथ हमारा है नाव भंवर में मेरी तू ही पतवार ,किनारा मांझी बनकर नैया की, तू बन जा […]

खुशियों का मतलब पटाखे नहीं, रोशनी और उल्लास है। ना समझो गलत बंद करना इन्हें, प्रदूषण का यह सब सामान है। पहले ही प्रदूषण से बेदम है आबोहवा उस पर इस दिन चहु ओर फैला […]

अमृत से भरी नदियां ये सभी, आंसू का लिए सैलाब क्यों हैं? बाहर कल कल की नाद तो है, अंदर वेदना बेआवाज क्यों हैं? जैसे मन इनका भारी हो! मन भीतर गहन उदासी हो! ऐसा […]

मेरे घर के सामने मजदूरो का जमावड़ा लगा था ईंटो का ढेर बड़ा था शायद कोई बंगला बन रहा था. कोई मजदूर ईंटे ढो रहा था कोई दीवार चिन रहा था हर मजदूर काम मे […]

मन्दिर बांटा मस्जिद बांटा बांट दिया संसार, बोली भाषा रहन सहन बांट दिया इंसान , जाति धर्म मजहब बांट दिया भगवान , ईश्वर अल्ला का धर्म बताकर कर दिया सत्यानाश , महेश गुप्ता जौनपुरी

विकास के भरोसे कब तक रोटी सेंकोगें मैली मैली गंगा मईया कब तक तुम बोलोगे राजनीति के पहिए का वीरों तुम इलाज करो गंगा के अभियान को जन जन तक प्रसार करो धनुष बाण टांगें […]

हौसले कि उड़ान अभी बाकी है , मेरे जज़्बातों का ख्याल अभी बाकी है , चन्दा मामा हम फिर से आयेंगे , अभी मेरे दिल का हाल बाकी है , महेश गुप्ता जौनपुरी

सिधे साधे पर रोब दिखाकर साबित तुमने कर ही दिया बेगुनाह को पीट पीट कर सुपुर्द खाक कर ही दिया क्या न्याय की उम्मीद करें अब भ्रष्ट कानून के वर्दीधारी से गुंडागर्दी फैल चुका है […]

दिल चाहता है, ऊरू बादलों संग, चलूं हवाओं के संग, भूल के अपने सारे गम, ऊरू मै गगन में चिड़ियों के संग, करूं मैं बातें उनसे पल भर, सुख और दुख है जिंदगी के पल, […]

ए दोस्त मत घबराना कभी मेरे परछाईं से भी, तेरा नाम हम लब तक लाया नहीं करते। कोई खेल नहीं है इश्क या इबादत, ये बेशकीमती जज्बात है यू जाया नहीं करते। एक बार पलक […]

तू होनहार था तू सबसे होशियार था सबका तू गुरुर था अपनी प्यारी सी जिंदगी मे सपना तूने भी कोई देखा तो जरूर था झुक गया गमों के आगे दुनिया नाचे पैसे के आगे तब […]

जब तू पालने मे खेलता था कई खिलोने तेरे सराहने रहते थे खुश होती तुझे देख- देख मेरे नन्हे हाथ तेरे सर को सहलाते रहते थे. जब तू थोड़ा बड़ा हुआ मेरे खेल का साथी […]

खुद को तलाशते गुमनामी में कहीं खो न जाऊँ। शोहरत की हसरत में गुमनाम कहीं हो न जाऊँ। चढ़ते सूरज को तो सारी दुनिया सलाम करती है, डरता है दिल की मैं अंधेरे में कहीं […]

वो आतिशबाजी किस काम कि जो कानो को बहरा कर दे अगले ही दिन प्रदूषण से वातावरण को धुए से भर दे. मै तो चाहूँ ऐसी लड़ी जलाना कि जिंदगी फुलझड़ी जैसी जगमग हो चाहूँ […]

चांद सा मुखड़ा है तेरा, समंदर से गहरी है आंखें तेरी, जुल्फें हैं घनेरी तेरी जो बिखर जाए तो दिन में रात हो जाए, चाल है मतवाली तेरी जिस पर किसी का भी दिल फिसल […]

चांद सा मुखड़ा है तेरा, समंदर से गहरी है आंखें तेरी, जुल्फें हैं घनेरी तेरी जो बिखर जाए तो दिन में रात हो जाए, चाल है मतवाली तेरी जिस पर किसी का भी दिल फिसल […]

न जाने तुम कहां खो गए, हम यहां तेरी याद मे खो गए, तेरे बिन न जाने कैसे बीते रात ये दिन, तुम मुझे यूं तन्हा कर गए, कभी तुझे मेरे बिन एक कदम भी […]

हिन्दी गजल- ठहर जाऊंगा | तेरी जुल्फ नहीं जो बिखर जाऊंगा | आजमा लो हद से गुजर जाऊंगा | झोंका गिरादे रेत की दीवार नहीं | तेरे वादे मै ताउम्र ठहर जाऊंगा | तू है […]

हर घुरने वाली नजर बुरी नहीं होती, दिल जख्मी कर जाए, हर वो चिज छूरी नहीं होती। मिट जाते हैं रिश्ते गलत अल्फाजों के कारण, रिश्ते मौत के साथ मिटे, ये जरूरी नहीं होती। उसने […]

चंद हर्फ़ तुम्हारी नज़र करता हूँ । तुम पे कुर्बान दिल-ओ-जिगर करता हूँ । मेरे ख्वाबों की ज़ीनत हो तुम, इंतज़ार तुम्हारा हर पहर करता हूँ । काँटों से दामन इस कदर उलझा, सुलझाने की […]

श्याम तेरी बन के मैं बड़ा पछताई न मीरा ही कहलाई न राधा सी तुझको भायी श्याम तेरी बन के मैं बड़ा पछताई न रहती कोई कसक मन में जो मैं सोचती सिर्फ अपनी भलाई […]

कस्तूरी अपनी नाभि में रख मृग, सुगंध के पीछे भागती सारे वन में। काम, मोह, माया के पीछे भाग, व्यर्थ समय ना गंवाओ जीवन में। धैर्य, शील, शांति पाना कठिन नहीं, खोज सकते हैं स्वयं […]

दिल का दीप जलाओ सजनी आई मधुर दिवाली रे। प्रेम भाव का तेल भरो और सेवा सत्य की बाती। संकल्प ज्योति से प्रज्ज्वलित कर जगमग कर सुखरासी।। वीर सपूत को अर्पण करो अबकी मधुर दिवाली […]

जो हल जोते फसल उगाये उसे उसकी किमत नहीं मिलती जो मजदुर उत्पाद बनाय उसे उसकी कीमत नहीं मिलती भूख और लाचारी का ऐसा आलम है अब जान सस्ती है रोटी नहीं जात और धर्म […]

दीपावली है खुशियों का त्योहार पर यहां सब इसे प्रदूषण का जरिया बना बैठे हैं, यहां सभी बहरे बन बैठे हैं, लगता है कानों में तेल और रुई दे बैठे हैं, फिक्र नहीं कोई जिए […]

हम अपने घरों का का कोना कोना चमकाते है ताकि अच्छे से मना सके दीपावली का दिन और कितना कूड़ा फैला देते है दीपावली के दिन ही दिन. छिड़कते है गंगाजल वातावरण स्वच्छ बनाने को […]

याद करना कभी तीस साल पहले क़ी सर्दियाँ बिस्तर से ना निकलने की कभी होती थी मार्जियाँ. याद करना कभी तीस साल पहले की सर्दियाँ स्कूल से छुट्टी मरने के लिए खूब लगाते थे अर्जियाँ. […]

सुनहरी धूप सी काया, मोगरेकी कली के समान मनमोहिनी माया। सुलक्षणा चपला चंचला सी, मोहक अस्त्रों से बांधती छाया। आंखें खोली तो सिर्फ तुम थी बंद आंखों में भी तुम्हारी माया। दीवाना में बन गया […]

रूप अद्वितीय बिखराती हो, जब सामने तुम आती हो। काले घने केश लहराती, आंखों से जादू सा चलाती। एक हंसी उन्मुक्त तुम्हारी, बेचैनी दिल में दे जाती। कौन हो तुम? क्या ख्वाब कोई? या मीठा […]

त्योहारों का भी कुछ मतलब, समझो तो नहीं कुछ भी गफलत। समृद्धि उन्नति का द्योतक, राग द्वेष और मेल का ज्योतक। त्योहार बिना जीवन यह नीरस, नीरस जीवन में भरने कुछ रस, त्योहार हमारे आते […]

एक प्यारा संसार सजाएं, हंसी खुशी का शहर बसाए। गम जहां से ओझल हो जाए, खुशियां दामन भर भर आए। प्रगति उन्नति का हो जो द्योतक, हरी भरी धरती नील गगन तक। दुख जहां ढूंढे […]

अभी उम्र ही क्या थी, वक्त ने बांधे घुंघरू पांव में। अभी बचपन पूरा बीता नहीं, मां की आंचल के छांव में। हुई अवसर मौकापरस्तों की, चंद रुपयों के अभाव में। मजबूरियां पहुंचाईं कोठे पर, […]

औरत तेरी कहानी जैसे बहता पानी महानता तेरी जगमानी वेग है तू जबरदस्त तूफानी. पर्वतों मे तू नदी वेगवाहिनी मैदानों मे तू स्थिर विरानी खेतो मे तू अन्न गर्भ धारणी महान होकर भी तू सदाचारणी. […]

एक दीप जवानों के नाम, जो सरहद पर खड़े हैं। एक दीप शहीदों के नाम, जो हमारे लिए लड़े हैं। इनके हिस्से कोई पर्व, खुशियाँ या परिवार कहाँ, देश की सुरक्षा इनके लिए सब खुशियों […]

तू मुस्कुरा दे, मैं कुर्बान हो जाऊं, तेरी एक खुशी के लिए निलाम हो जाऊं। बयां करना ही फकत मोहब्बत नहीं, ख़ामोश लबो से मैं तेरे नाम हो जाऊ। वैसे तो हमारा घर इक दूजे […]

पिंजर बनना तय हम सबका, क्यों लालच में अंधा रें! प्रेम दया से जी ले रे बंदे जग दो दिन का फेरा रे। जाएगा जब इस जग से तू चार जनों का कंधा रेे। क्या […]

पिंजर बनना तय हम सबका, क्यों लालच में अंधा रें! प्रेम दया से जी ले रे बंदे जग दो दिन का फेरा रे। जाएगा जब इस जग से तू चार जनों का कंधा रेे। क्या […]

फिर से आ जाओ मेरे पास मेरी हर धड़कन तेरी राह तकती है सुन्न पड़ गया है दिमाग़ बस इसमें सोच तेरी ही बसती है कानो मे जाने के बाद तेरे हंसी तेरी ही गूंजती […]

दिल में जो सैलाब है आंखों से निकलता क्यू हैं? तुमको देखे बिना ये दिल तड़फता क्यू है? तुम तो इस दिल के रौनक – ए- बहार हो यह बात समझते नहीं तो मुस्काते क्यू […]