ठोकर लगने पर भी आगे मैं बढ़ता जाऊंगा कैसा भी हो कामयाबी का रास्ता हर तरीके को अपनाउँगा जरूरत पड़ी तो खुद को मैं जलाऊंगा छू लूंगा आसमान धुआं मैं बन जाऊंगा

अगर मैं होती गरीब किसान की उपजाऊ भूमि बंजर होने पर जरूर दुत्कार दी जाती मैं होती कुमार के चाक मिट्टी उसी के दिए आकार में ढल जाती मैं होती माली के बाग का फूल […]

अगर धर्मात्मा इतने ही हो तुम तुम्हें पूरा हिंदुस्तान दिलवाएँगे पर करनी होगी देश की सेवा हर गली में नारा लगवाएँगे तुम बस भड़काने वालों में से हो जो आग लगाकर पीछे हट जाएंगे बनवा […]

तेरी कातिल निगाहें देखकर, मैं गज़ल पढ़ दूँ। तेरी खुबसूरती पर क़सीदे, मैं हर पल गढ़ दूँ। तेरी खुबसूरती अल्फ़ाज़ों की मोहताज़ नहीं, गर तू कहे तो, तारीफों के चार चाँद जड़ दूँ। देवेश साखरे […]

खुली आँखों का ख्वाब जरूर मुकम्मल होता है। नींद में दिखा ख्वाब तो, याद भी ना कल होता है। ज़िद है, ख्वाब पूरे होंगे अपने एक दिन यकीनन, खुद पर यकीन रख, फिर मन क्यों […]

साथ जुड़े है उनके नाम राम के संग- संग बोलो जय हनुमान प्यार मे खोए है हनुमान जय हनुमान जय श्री राम पतित पावन सीता राम काज बनाओ हे प्रभु राम राम के संग संग […]

राम नाम का जाप करो रे मुख से बारम्बार। ना जाने किस दिन आ जाए काल तोहार। । लख चौरासी चक्कर खाया। फिर कहीं जाके नर तन पाया। । मानुष का तन विषय भोग में […]

चलो थोड़ी मनमर्ज़ियाँ करते हैं पंख लगा कही उड़ आते हैं यूँ तो ज़रूरतें रास्ता रोके रखेंगी हमेशा पर उन ज़रूरतों को पीछे छोड़ थोड़ा चादर के बाहर पैर फैलाते हैं पंख लगा कही उड़ […]

कुछ बात बतानी है कुछ बात छुपानी है, लोगों को हर रोज नई कहानी सुनानी है, बा मुश्किल ही सही करनी मनमानी है, न दो कहनी किसीकी न चार लगानी है, चुप नहीं रहना कुछ […]

चाहें जहाँ भी छुपना चाहा हर बार पकड़ा गया, रास्ता साफ दिखने वाला भी अक्सर पथरा गया, बड़े प्यार से काम पर काम निकलता रहा पहले, फिर नज़रें मिलाने वाला भी बचकर कतरा गया, प्यार […]

इश्क का दरिया जब ज़ेहन के समंदर से मिलता है। दिल के साहिल से टकरा, गज़ल बह निकलता है। हिज़्रे-महबूब का गम हो, या वस्ले-सनम की खुशी, ज़ेहन में अल्फ़ाज़ों का सैलाब उफनता, उतरता है। […]

फूल राहों में तेरे बिछाया सनम अब आने में कितनी कहो देर है। तेरी सूरत को दिल में बसाया सनम अब मिलने में कितनी कहो देर है।। मेरे धैर्य की होगी कितनी परीक्षा सनम अब […]

इंतज़ार मे सब खड़े है जाने क्या निकलेगा अयोध्या की गहराई में. जैसे-जैसे खुदाई गहरी होती जाती है लोगों के दिल की धड़कन बढ़ती जाती है जाने अब क्या निकल आएगा खुदाई में. परिणाम अपने […]

गिट्टू सी लड़की सांवली सी सूरत। लिए घूमती थी ढेर बच्चों की पंगत। कुछ लिए ढपली, कुछ गाते राग। मुंह और हाथों से बजाते थे वो साज। भूखा पेट रोटी की तड़प आवाज थी उनकी […]

जन्मभूमि मिल गई राम को इससे बड़ी खुशी क्या होगी? सुबह का भूला आया शाम को इससे बड़ी खुशी क्या होगी? चौदह साल बाद रघुवर को मिला अबध का राज। सदियों बाद मिला है बंधु […]

जो बढ़ रहा है हाथ नापाक उसे तोड़ना होगा, हाथ मिलाया था जो बेशक उसे छोड़ना होगा, रच लिए बखूबी प्रपंच और चढ़ लिए ढेरों मंच, अब उतर कर जंग में इनका सर फोड़ना होगा, […]

………….पिछले का शेषांश…………… है चमत्कार कैसा स्वामी मैं भी तो जानूँ। राज आपके नाम का मैं भी तो पहचानूँ।। शक्तिरूप सती नारी से सत्य नहीं छुपा पाया। रावण नाम लिखते मेरे मन में ख्याल आया।। […]

मैं स्त्री हूँ , और सबका सम्मान रखना जानती हूँ कहना तो नहीं चाहती पर फिर भी कहना चाहती हूँ किसी को ठेस लगे इस कविता से तो पहले ही माफ़ी चाहती हूँ सवाल पूछा […]

सेतु बनाकर सेना संग राम जब लंका। लंका के गलियों में होने लगी ये शंका।। जिसके नाम का पत्थर भी सागर पे गया है तैर। स्वामी तोसे करु विनती नहीं बढ़ाओ उनसे बैर।। चमत्कार तो […]

मेरी लेखनी में अभी जंग लगा नहीं। प्रेम के सिवा दूजा कोई रंग चढ़ा नहीं। प्रेम में लिखता हूँ, प्रेम हेतु लिखता हूँ। प्रेम पर लिखता हूँ, प्रेम ही लिखता हूँ। प्रेम के सिवा मुझे […]

आना मिलने बादलों के पार, शिकायतों का पुलिंदा भरा है दिल में मेरे। पिछले और उससे भी पिछले कई जन्मों में जो तुमने कुछ दर्द दिए थे! और मेरे आंसू निकल पड़े थे। उन सब […]

हनुमान गदाधारी श्रीराम के प्यारे हैं। करते हैं सदा भक्ति सीता के दुलारे हैं।। सुग्रीव पे विपति पड़ी। रिशमुक पे चरण धड़ी।। श्रीराम मिलाए हैं दुखरे को मिटाए हैं। हनुमान गदाधारी श्रीराम के प्यारे हैं।। […]

तुम्हीं ने कहा था, हां मुझे भी तुमसे प्यार हुआ। हुई क्या खता, तुम्हारी नजरों में गुनहगार हुआ। हमने तो डाल दी, सारी खुशियां तुम्हारे दामन में, क्या रह गई कमी, प्यार में जां तक […]

पृथ्वी के कण-कण में देखो एक राम समाये थे, मन के पावन मंदिर में सबने एक राम बसाये थे, छोड़ राज पाठ घर से जब जंगल में वो आये थे, चौदह वर्ष संघर्षों का जीवन […]

पान खाने गया था वो पनवाड़ी के पास। एक सलौना सा सूरत था नजरों के पास।। लाल लाल होंठ थे उसके और घुंघराले बाल। श्याम रंग और तिरछी चितवन टेढ़े मेढ़े चाल।। कोमल कोमल पाँव […]

रक्तिम अधर रक्तिम कपोल श्याम वरण था उसका। कजरारी नयना थी उसकी नरम चरण था उसका। घुंघरे घुंघरे बाल थे उसके मेरा वो चितचोर था। विनयचंद वो रसिया जिसका नाम नन्दकिशोर था।

हम हैं वीर जवान साथियों शरहद पे लड़नेवाले। हमसे देश सुरक्षित हम नहीं किसी से डरनेवाले।। भूख-प्यास को छोड़ा छोड़ा घर परिवार। देश भक्ति का जज्बा दिल में छोड़ेगे संसार।। विनयचंद हम देश के खातिर […]

गर्भ के भीतर और बाहर का ज्ञान समाया है, मनोविज्ञान की शाखा में बालविज्ञान समाया है, बाल अवस्था से प्रौढ़ावस्था का भान कराया है, बालविज्ञान ने असहज को सहज कर दिखाया है, मस्तिष्क में चल […]

मेरी ज़िन्दगी बदल गई तेरे द्वार आके। हो गया मैं प्यारा सबका तेरा प्यार पाके।। चला जा रहा था दिशाहीन पथ पर। उदसीन होकर मैं दुनिया के रथ पर।। तूने सम्हाला मुझको अपने द्वार लाके। […]

कोई तो करतब कोई तो जादू दिखलाना चाहिए, धरती पे रहने वालों को आसमां पे जाना चाहिए, बहाने बनाने को तो बैठे हो तुम हजार मेरे यार, कभी झूठ को भी सच्चा आईना दिखाना चाहिए, […]

कल-कल बहती नदिया कहलाती हूँ मैं, पृथ्वी के हर एक जीव को महकाती हूँ मैं, जोड़ देती हूँ जिस पल दो किनारों के तट, लोगों के लिए फिर तटिनी बन जाती हूँ मैं, सर- सर […]

सिर्फ एक बार दर्शन तू दे दो और कोई भी दिल की तमन्न।नहीं है। साथ कितना मिला जगत में मुझे। सारे नातों के दीपक पलक में बुझे।। मुझे अपनी शरण में तो ले लो और […]

तिरंगे का रंग जब सर चढ़ता है। बेजान शख्स भी उठ पड़ता है। झुकाने की औकात नहीं किसी की, दुश्मन लाख अपनी एड़ी रगड़ता है। केसरिया रंग बांध अपने सर पर, जवान जब सरहद पर […]

आधा चांद खिला होगा जिस दिन उस दिन मिलने आऊंगा। अपनी नीलकमल सी आंखों में मेरा इंतजार रखना। मैं चंद्रकांता का वीरेंद्र बनकर आऊंगा। महुआ के पेड़ से पक कर झड़े फूल से तैयार ताजी […]

हिन्दी गजल- दिल की किताब | दिल की किताब तेरी पढ़ लूँ तो क्या होगा | बिन कहे बात तेरी जान लूँ तो क्या होगा | जितना चाहो छिपा लो छिपा ना सकोगे | भाषा […]

बात उन दिनों की है जब बचपन में घरोंदा बनाते थे उसे खूब प्यार से सजाते थे कही ढेर न हो जाये आंधी और तूफानों में उसके आगे पक्की दीवार बनाते थे वख्त गुज़रा पर […]

कश्ती को किनारे लगा दो, मेरी नैया को अब तुम ही संभालो, बीच भंवर में फंसी है मेरी नैया, अब तुम ही इसे पार लगा दो, तू ही साथी, तू ही सहारा, तू ही है […]

कश्ती को किनारे लगा दो, मेरी नैया को अब तुम ही संभालो, बीच भंवर में फंसी है मेरी नैया, अब तुम ही इसे पार लगा दो, तू ही साथी, तू ही सहारा, तू ही है […]

ऐ जिंदगी, तू गम की राहों से निकल, चल जहां गम के साए न हो, चल वहां जहां खुशियों की जन्नत हो, बहारे आएंगी और जाएंगी, जीवन तो सुख और दुख का मेला है, उसी […]

ब्रजरज का मस्तक पे चन्दन करू। मैं श्रीराधे के चरणों में वन्दन करू।। मैंने जीवन किए अब हवाले तेरे। आके इसको सम्हालो दाता मेरे। सामने किसके जाने क्रंदन करू। मैं श्रीराधे के चरणों में वन्दन…..

जब रण में अर्जुन घबराया। जब उसने युद्ध न करने को अपने भय को दिखलाया। तब परमेश्वर ने कृपा करके उसको विराट रूप दिखलाया । जितना दीप्ति अचानक था हरि रूप भयानक था । ज्वाल […]

बादलों को देख मोर झूम-झूम नाचता। मोरनी है साथ फिर व्योम क्यों निहारता।। बादलों की चाह में मोरनी के प्यार में, या फिर नयनश्रवा के हार में पंख को पसारता। बादलों को देख मोर झूम-झूम […]