नव वर्ष आने को है, कुछ भुलाने को है कुछ याद दिलाने को है, सच कहूँ तो बहुत कुछ सिखाने को है, छुप गई थीं जो बादल के पीछे कहीँ, उन उम्मीदों से पर्दा हटाने […]
नव वर्ष आने को है, कुछ भुलाने को है कुछ याद दिलाने को है, सच कहूँ तो बहुत कुछ सिखाने को है, छुप गई थीं जो बादल के पीछे कहीँ, उन उम्मीदों से पर्दा हटाने […]
आया है नव वर्ष साथ लाया है नई उम्मीदें नया हर्ष
गुजं उठी चहू दिश नव वर्ष की नव शहनाई। करवट बदलती आसमां पे छाई, नव किरण लै पुरवाई आई। उमंगों भरा उत्सव गीत आज, चहकती चहचहाती चिडि़यों ने गाई। नव वर्ष देख बागों की, खिल […]
ग़ज़ल कुछ एेसा नया साल हो। अपने आप मे बेमिशाल हो। महगी थी यह वर्ष बीत गई, कुछ सस्ता नया साल हो। कुछ तो यादें रहेंगें नये नये, कुछ सपनों का उडता गुलाल हो। नई […]
बिगड़ना भी न इस कदर चाहिये, खुद को परखने की बस नजर चाहिये.. पन्ने अखबार के बेसब्री से बदल डाले, सनसनी सी कोई खबर – चाहिये.. छोटे से घर में क्यो इश्क पनपता नही, बड़ा […]
अलविदा हम उनसे कैसे कहे रूह को जिस्म से अलग होने को कैसे कहें|
चाहे कुछ भी ना हो दुनिया में, यादें तो हमारी हैं । रंगीन प्रेम गाथा ,हमारी है , तुम्हारी हैं ।
मेरे साजन तुम्हारा अभिनन्दन ————————————– मेरा सजने को है जीवन–आँगन मेरे साजन तुम्हारा अभिनन्दन… भाव–विभोर मेरे नैनन में स्वप्न ने ली अँगड़ाई है- जो लिखी विधाता के.हाथों– उस परम्परा की अगुवाई है खिलने वाला है […]
Kabh…Socha nahi Tha …. Dil… Mera bhi… dhadakta Hai…sirf usake liye Or ..fir ..pata Chala ..ki…usaka Dil … pahele se…hi dhadakta…Tha..mere liye…
Kabh…Socha nahi Tha …. Dil… Mera bhi… dhadakta Hai…sirf usake liye Or ..fir ..pata Chala ..ki…usaka Dil … pahele se…hi dhadakta…Tha..mere liye…
सर्दियों में धूप मनको जिस तरह प्यारी लगे । आपकी छवि व्यथित मन को परम सुखकारी लगे । मौन रह.अनकही बातें , शेष कहने को रहीं । जिस जगह से भी गुजरते , आप मिल […]
आपकी मुसकान के आधीन, यह दिल हो चुका । अब नाजा जीते जी कभी भी हो सके आजाद यह । अब इवादत प्यार की , करता रहेगा उम्र भर । इनायत या शिकायत की., करेगा […]
किसी का दिल भी , आईने की तरह टूट गया। लाख पुचकार कर जोड़ें, नहीं जुड़ पाएगा । रास्ता जिंदगी का बन गया आड़ा-टेढ़ा , लाख चाहें , नहीं सीधा कभी , मुड़ पाएगा ।
अपलक टकटकी लगाकर, देखते ही देखते । जिंदगी कब गुजर जाए, कुछ नहीं इसका पता।
निगाहों के रस्ते रस्ते , प्यार का पैगाम दिल तलक पहुंचे , प्यार की पहली नजर ही प्यार की पहली सीढ़ी है ।
बिखरना फिर सिमट जाना, इश्के अंजाम होता है । प्यास दिल की बुझाने को , नजर का जाम होता है।
आपका दर्द , दिल को इस कदर, मुझको तो प्यारा है । दर्द की दवा देने में , अपना जीवन गुजारा है । बढ़ीं बैचैनियाँ जब जब., ना तुमको नींद आई है , अपनी रातों […]
तब आना तुम, जब हिना का रंग कई दफा चढ कर उतर जाए। जब अपने बच्चे की खातिर अबला वात्सल्य प्रेम में बिखर जाए तब आना तुम, जब मेरे जुनून जर्जर हो जाए और मेरे […]
——————————– कहतें हैं-बदलाव प्रकृति का नियम है तभी तो, बदलता रहता मौसम है सिलसिला बदलाव का प्रखर हो चुका बेहतर से बदत्तर और भी बदत्तर हो चुका प्रेम नफ़रत बन गया— दिखावटी भाव की मेहरबानी […]
—————-–————————— दुनियादारी के बाज़ार में फँस गए हम व्यापार में लाभ-हानि में हुई बेवकुफियाँ मान-हानि भी व्यवहार में नज़र-नज़र की बात निराली नज़र ने नज़र से हर बात कह डाली नज़र की नज़र से हुई […]
लिखेगी लेखनि कौन सा अक्षर स्याही के रंग क्या होंगे–? लफ़्जें कहेंगी कहानी कौन सी कथाओं में उमंग क्या होंगे—? झलकेगा इनमें कौन सा रूप झूठ बोलेगा,सच होगा चुप उपहासें या खिलखिलाहटें हँसी के […]
जिंदगी का हँसी सवेरा है , दिल से इसका सभी सत्कार करो । बात करना ही है तो , कर डालो , खुल कर बस. प्यार की ही बात करो । जिंदगी को ना झंझटों […]
दिल ले लेना , दिल दे देना यह बच्चों का ,खेल नहीं । लाख जमाना कुछ भी करले, साथ न पल भर भी छूटे । जानकी प्रसाद विवश प्यारे मित्रों, मंगलमय प्रभात की सर्व सुखकारी […]
मित्रता – तीर्थ ना जो जा पाया व्यर्थ मानव का जन्म है पाया। मित्र बिन जिंदगी मरुस्थल सी , मित्रता जल ने उसे हरियाया । मेरे प्यारे मित्रो , प्रातःकाल की मधुर अनुभूति की सुहानी […]
शीत के सवेरे में , गरमागरम राम राम , भज ले मन राम राम , बन जायें बिगड़े काम। पल भर निर्मल मन से जोभी याद करता है । वह विपदाओं से ,कभी , तिल […]
दुआएं सुबह करें ,शाम करें , प्यार कुछ मित्रता के नाम करें । अपने हर मित्र का भला चाहें , जिंदगी मित्रता का धाम करें। जानकी प्रसाद विवश प्यारे मित्रो…. सपरिवारसहर्ष , मित्रतामय सवेरे की […]
सुवह सुवह ये गुनगुनी सी , धूप रूप की , लगी है सेंकने ये , शीत -थरथराए तन । उमग जगाने लगी , मन में तपन प्यार की , कि रूप का अलाव तापे , […]
मधुर सुवह का प्यार मित्रो , मधुर सुवह का प्यार । नहीं मित्रता से बढ़ कोई , है कोई उपहार । सदा मित्रता भाव हृदय में , प्रेम-सुधा बरसाते । रोम रोम हर्षाता , हर […]
अपने मित्रों की पीर हरण , जो करता है । मित्रता -कसौटी , जगजाहिर, वो करता है । जब विपदाओं के ,चक्रव्यूह में, मित्र फँसे , फिर अर्जुन जैसा बन कर मित्र , कर्तव्य उजागर […]
होते ही शाम तेरी प्यास चली आती है! मेरे ख्यालों में बदहवास चली आती है! उस वक्त टकराता हूँ गम की दीवारों से, जब भी यादों की लहर पास चली आती है! मुक्तककार- #मिथिलेश_राय
पास हो कर भी जरा सा दूर हो तुम! हुस्न पर अपने बहुत मगरूर हो तुम! तेज हैं तलवार सी तेरी निगाहें, बेवफाओं में मगर मशहूर हो तुम! मुक्तककार – #मिथिलेश_राय
जब से लबों पे आया है तेरा नाम फिर से! जैसे लबों पे आया है कोई जाम फिर से! तेरी याद बंध गयी है साँसों की डोर से, मुझको तरसाती हुई आयी है शाम फिर […]
तेरे सिवा दिल में कोई आता नहीं कभी! तेरे सिवा दिल को कोई भाता नहीं कभी! मुझे मंजिल मिल न पायी तकदीर से लेकिन, सिलसिला तेरी यादों का जाता नहीं कभी! मुक्तककार- #मिथिलेश_राय
मेरी नजर से दूर तुम जाया न करो! मेरी चाहत को तुम तड़पाया न करो! तेरे लिए बेचैन हैं मेरी ख्वाहिशें, मेरे प्यार पर गमों का साया न करो! मुक्तककार- #मिथिलेश_राय
मुझसा कोई तेरा दीवाना नहीं होगा! मुझसा कोई तेरा परवाना नहीं होगा! हार चुका हूँ मंजिल को तकदीर से लेकिन, मुझसा कभी मशहूर अफसाना नहीं होगा! मुक्तककार- #मिथिलेश_राय
मंजिल की तलाश में तूफान मिल जाते हैं! रास्तों में ख्वाबों के शमशान मिल जाते हैं! उस वक्त भीग जाती हैं आँखें अश्कों से, जब कभी भी यादों के निशान मिल जाते हैं! मुक्तककार- #मिथिलेश_राय
कविता – ऐसा वक्त कहाँ से लाऊं वेफिकरी की अलसाई सी उजली सुबहें काली रातें हकलाने की तुतलाई सी आधी और अधूरी बातें आंगन में फिर लेट रात को चमकीले से तारे गिनना सुबह हुए […]
मैं कबतक राह देखूँगा तेरे आने की? तुमको राहे-जिन्दगी में फिर से पाने की! धीरे धीरे चुभ रही है तन्हाई दिल में, जाग उठी है जुस्तजू फिर से पैमाने की! #महादेव_की_मुक्तक_रचनाऐं
क्यों तुम शमा-ए-चाहत को बुझाकर चले गये? क्यों तुम मेरी जिन्दगी में आकर चले गये? हर गम को जब तेरे लिए सहता रहा हूँ मैं, क्यों तुम मेरे प्यार को ठुकराकर चले गये? मुक्तककार- #मिथिलेश_राय
मेरे दिल से तेरी बेवफाई न गयी! मेरी नजर से तेरी रुसवाई न गयी! मुश्किल से अंजाम को भूला हूँ लेकिन, तेरे प्यार की कभी अंगड़ाई न गयी! मुक्तककार- #मिथिलेश_राय
जो दिल में छुपी हुई है उस बात को समझो! जो मुझको तड़पाती है उस रात को समझो! कभी नींद नहीं आती है तेरी चाहत को, मेरी इस बेचैनी की हालात को समझो! मुक्तककार – […]
जिन्दगी जब भी किसी से प्यार करती है! हर वक्त उसी का इंतजार करती है! शाम गुजर जाती है उसी की यादों में, रात तन्हाई की बेकरार करती है! रचनाकार- #मिथिलेश_राय
जिन्दगी जब भी किसी से प्यार करती है! हर वक्त उसी का इंतजार करती है! शाम गुजर जाती है उसी की यादों में, रात तन्हाई की बेकरार करती है! रचनाकार- #मिथिलेश_राय
मेरी याद आए तो आवाज दे देना! अपनी उमंगों को नया साज दे देना! ढूंढ लेना तस्वीरें चाहत की फिर से, जिन्दगी को एक नया अंदाज दे देना! मुक्तककार- #मिथिलेश_राय
काश तुमको फिर से याद मैं आ जाऊँ! काश तुमको फिर से जिन्दगी में पाऊँ! तेरे दर्द को भूल सकता हूँ लेकिन, कैसे तेरे प्यार को दिल से मिटाऊँ? मुक्तककार- #मिथिलेश_राय
तेरी बेकरारी आज भी कमाल है! मेरी जिन्दगी को तेरा ही ख्याल है! भूल गया हूँ दर्द के अंजाम को मगर, तेरी जुदाई का आज भी मलाल है! मुक्तककार- #मिथिलेश_राय
फाल्गुन की ब्यार में, कोयल की थी कूक गिरते हुए पत्तों की सरसराहट उर में उठाती थी हूक॥ जीवंत हो उठी झंझाएँ मानो कुछ कहती थीं रह-रहकर आती चिड़ियों की चहचहाहट निज क्रंदन का राग […]
तेरी बेकरारी आज भी कमाल है! मेरी जिन्दगी को तेरा ही ख्याल है! भूल गया हूँ दर्द के अंजाम को मगर, तेरी जुदाई का आज भी मलाल है! मुक्तककार- #मिथिलेश_राय
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