कोई मिट्टी बता रहा है कोई मुक्ति बता रहा है, जीवन की इस उलझन को वो छुप के सुलझा रहा है॥ राही (अंजाना)
कोई मिट्टी बता रहा है कोई मुक्ति बता रहा है, जीवन की इस उलझन को वो छुप के सुलझा रहा है॥ राही (अंजाना)
जनवरी आता है , नयी उम्मीदों को पंख लगाता है, फरवरी फर्र फर्र न जाने कब बीत जाता है , मार्च सुहाना मौसम लेकर आता है, उम्मीदों को परवाज देते देते पहला तिमाही गुजर जाता […]
मैं अकेला था अकेला हूँ अकेला रह गया, ज़िन्दगी की धूप छाँव सब खुशी से सह गया। टूटा हूँ पत्ते सा क्यूँकि मेरी सूखी डाली है, न खता हवा के झोंकों की न दोसी कोई […]
*ओ बाबुजी…* बहुत याद आते हो ओ बाबूजी दिल को रुलाते हो ओ बाबुजी ।। जीना तुम्हारे बिन गवारा नहीं धड़कते हो सीने में ओ बाबुजी।। अंधेरी है दुनिया अंधेरी है राहें अंधेरी है खुशियां […]
मित्र अपना यह अभिवादन , बहुत मन को सुहाता है । आँख जैसे ही खुलती है , तुम्हारा ध्यान आता है । मै ईश्वर से भी पहले ,बस तुझे ही याद करता हूँ , तू […]
सवेरे ही सवेरे हों ,मुसीबत के अंधेरे में , मित्रता-सूर्य की किरणें ,बिखर जाएं, अंधेरे में। जानकी प्रसाद विवश
उनके ख्यालों में हमार ख्याल हो इतनी सी आरजू है उनके लफ़्जों मे हमारा जिक्र हो इतनी सी जुस्तजू है
जाते जाते बस एक काम कर देना, मेरे मोहब्बत को एक नाम दे देना । गर कभी दुब जाऊं यादों में उसकी, तो मुझे बस दो घुट जाम दे देना ।। बड़ा बदनाम था मैं […]
Kho jaunga khi m aik din Bo jaunga kuch to m aik din Hounga na jane kha m So jaunga khi m aik din. Mujhe pta h ki kiya hd h meri Pr dr h […]
नभ के अरुण कपोलों पर, नव आशा की मुस्कान लिए, आती उषाकाल नव जीवन की प्यास लिए, दिनकर की अरुणिम किरणों का आलिंगन कर, पुष्प दल मदमस्त हुए,डोल रहे भौंरे अपनी मस्ती में, मकरन्द का […]
नये साल की पवन बेला पर पहुचे तुम्हे बधाई.. देश प्रेम है धर्म हमारा,हम सब हैं भाई भाई .. मान और सम्मान बढे,जीवन हो श्रेष्ठ शिखर पर.. मानवता हो कर्म हमारा,हर जाती धर्म से बढ़कर.. […]
भूल जाना मोहब्वत को मुमकिन नही भूल जाने की तुम यूँ ही जिद्द न करो अश्को को तुम छुपा लोगे माना मगर इन नजरों को कैसे संभालोगे तुम ये होठो की लाली झूटी सही इन […]
Tere ishq ka deewana, ye deewana ho gya.. Tere pyar me hai pagal, ye parwana ho gya…….. Neend raton me bin tere aati nhi.. Tu kyon khwabo se mere hai jati nhi.. Roop tera suhana […]
#selflove #happiness जिसे ढूंढा ज़माने में, जाने छुपी थी किस ठिकाने में आधी उमर निकल गयी पता लगाने में, जाने छुपी थी किस ठिकाने में खोजा तुझे अपने चाहने वालो में, तलाशा तुझे पुरानी यादो […]
जल उठे थे बुझ के हम, शमा – ए – लौ से प्यार की; फिर तेरी हर एक झलक, पे नज़रों को झुका जाना; गर कही जो चल पड़े, तेरे बुलाने पे सनम; वो तेरा […]
बदला बदला सब कुछ लगता हरपल अदल-बदलती आशा । करवट वक्त ले रहा जानेअब कैसी बदली पल पल रिश्तों की परिभाषा । प्यारे मित्रो ,सवेरे की मधुर बेला में सपरिवारसहर्ष , पुलकित मंगलकामनाएँ स्वीकार करें […]
रंग क्या होंगे—? ————————- लिखेगी लेखनि कौन सा अक्षर स्याही के रंग क्या होंगे–? लफ़्जें कहेंगी कहानी कौन सी कथाओं में उमंग क्या होंगे—? झलकेगा इनमें कौन सा रूप झूठ बोलेगा,सच होगा चुप उपहासें या […]
कभी कभी जीवन के पथ में, ऐसा भी हो जाता है। कभी कभी मनचाहा मिलता , मिलकर भी खो जाता है।
Aye khuda mujhme etni barkat baksh, Ki mujhe mil jaye tera aksh, Teri dewangi ka kuch toh asar hain ki Ki uskey sath bitaye har lamha kushnuma ho gaya
ग़ालिब के जन्मदिन पर सभी शायरों, कवियों को हार्दिक शुभकामनाये… ग़ालिब ये किस जहान में तू हमे छोड़ गया है ना सच्चाई है ना अफसाने ना यार रहे ना दीवाने @प्रदीप सुमनाक्षर
तेरी यादों का समन्दर कभी सुखता नही। आँखों में खुशी है मगर दर्द मिटता नही। चौमासें सावन सा बरसता गम है सीने में, जुदा-ए-सनम तुम बीन दिल अब लगता नही। लाख बोई फस्लें आरजुओं की […]
“तारीख” ********* “तारीख”…!! हाँ.! वही तारीख़…वही माह…! बस वर्ष बदल गया… तुम्हारी तरह ! तारीख़ रह गया…मेरी तरह ! नहीं बदल पाया वो… इस गतिमान समय चक्र के साथ… रह गया पीछे…तन्हा और भ्रमित… देखता […]
“*पहला नमन “* *—***—** हर सुवह का पहला नमन आपको अर्पण करें। मनमीत मेरे आप खुश हों खुशियाँ पदार्पण करें । जानकी प्रसाद विवश मेरे परम प्रिय मित्रो , क्रिसमस -प्रेम पर्व की मंगल घड़ियों […]
पल महीने दिन यूँ गुजरे, कितने सुबह और साँझ के पहरे , कितनी रातें उन्नीदीं सी, चाँदनी रात की ध्वलित किरणें, कितने सपने बिखरे-बिखरे, सिमटी-सिमटी धुँधली यादें, कुछ कर जाती हैं आघाते , कभी सहला […]
रात पिघल जाती है यादों की जलन से! बात बदल जाती है लफ्जों की चुभन से! गरूर बना देता है दिलों में दूरियाँ, फासले मिटते नहीं इंसा के जेहन से! रचनाकार- #मिथिलेश_राय
तन वदन मन खिलखिलाता , जब किसी का पत्र आता । पत्र के उर में बसे हैं , प्रेमियों के भाव गहरे । दूर हों चाहे भले वे , पत्र से नजदीक ठहरे । पत्र […]
ओ शीत से आविष्ट निशा के घोर तिमिर, व्योम के पथ, इस शुक्ल पक्ष लौटा वह एक बार फिर ! लेकिन, क्या कौतुक ? पीतवर्णी हिमाशिक्त रश्मियों के उतप्त होने का भ्रम, चतुर्दिश व्याप्त शीतलता […]
ये नये साल का मौसम भी खुशगवार नही ऐसा लगता है मुझे अब किसी से प्यार नही कई सालो से मुझे ग़म बहुत सताते है कई सालो से मेरे साथ में ग़मख्वार नही जान दे […]
आ गया अब शीत का मौसम कंपकंपी के गीत का मौसम । झील सरिता सर हैं खामोश अब न लहर में तनिक भी जोश वृक्ष की शाखें नहीं मचलें लग रहा अब है न तनिक […]
नव वर्ष आया,नील गगन मे नव सुरभि बिखराया। शीतल शीतल ये हवाए,कह रही है खुशियॉ आया।
अब तो तुम मुझे मेरे हाल पे छोड़ दो, मोहब्बत का सफर नये साल पे छोड़ दो ! आने लगी है प्यार की खुश्बू मेरे शर्ट से , जो मुझसे न हो उस सवाल पे […]
नव वर्ष आने को है, कुछ भुलाने को है कुछ याद दिलाने को है, सच कहूँ तो बहुत कुछ सिखाने को है, छुप गई थीं जो बादल के पीछे कहीँ, उन उम्मीदों से पर्दा हटाने […]
आया है नव वर्ष साथ लाया है नई उम्मीदें नया हर्ष
गुजं उठी चहू दिश नव वर्ष की नव शहनाई। करवट बदलती आसमां पे छाई, नव किरण लै पुरवाई आई। उमंगों भरा उत्सव गीत आज, चहकती चहचहाती चिडि़यों ने गाई। नव वर्ष देख बागों की, खिल […]
ग़ज़ल कुछ एेसा नया साल हो। अपने आप मे बेमिशाल हो। महगी थी यह वर्ष बीत गई, कुछ सस्ता नया साल हो। कुछ तो यादें रहेंगें नये नये, कुछ सपनों का उडता गुलाल हो। नई […]
बिगड़ना भी न इस कदर चाहिये, खुद को परखने की बस नजर चाहिये.. पन्ने अखबार के बेसब्री से बदल डाले, सनसनी सी कोई खबर – चाहिये.. छोटे से घर में क्यो इश्क पनपता नही, बड़ा […]
अलविदा हम उनसे कैसे कहे रूह को जिस्म से अलग होने को कैसे कहें|
चाहे कुछ भी ना हो दुनिया में, यादें तो हमारी हैं । रंगीन प्रेम गाथा ,हमारी है , तुम्हारी हैं ।
मेरे साजन तुम्हारा अभिनन्दन ————————————– मेरा सजने को है जीवन–आँगन मेरे साजन तुम्हारा अभिनन्दन… भाव–विभोर मेरे नैनन में स्वप्न ने ली अँगड़ाई है- जो लिखी विधाता के.हाथों– उस परम्परा की अगुवाई है खिलने वाला है […]
Kabh…Socha nahi Tha …. Dil… Mera bhi… dhadakta Hai…sirf usake liye Or ..fir ..pata Chala ..ki…usaka Dil … pahele se…hi dhadakta…Tha..mere liye…
Kabh…Socha nahi Tha …. Dil… Mera bhi… dhadakta Hai…sirf usake liye Or ..fir ..pata Chala ..ki…usaka Dil … pahele se…hi dhadakta…Tha..mere liye…
सर्दियों में धूप मनको जिस तरह प्यारी लगे । आपकी छवि व्यथित मन को परम सुखकारी लगे । मौन रह.अनकही बातें , शेष कहने को रहीं । जिस जगह से भी गुजरते , आप मिल […]
आपकी मुसकान के आधीन, यह दिल हो चुका । अब नाजा जीते जी कभी भी हो सके आजाद यह । अब इवादत प्यार की , करता रहेगा उम्र भर । इनायत या शिकायत की., करेगा […]
किसी का दिल भी , आईने की तरह टूट गया। लाख पुचकार कर जोड़ें, नहीं जुड़ पाएगा । रास्ता जिंदगी का बन गया आड़ा-टेढ़ा , लाख चाहें , नहीं सीधा कभी , मुड़ पाएगा ।
अपलक टकटकी लगाकर, देखते ही देखते । जिंदगी कब गुजर जाए, कुछ नहीं इसका पता।
निगाहों के रस्ते रस्ते , प्यार का पैगाम दिल तलक पहुंचे , प्यार की पहली नजर ही प्यार की पहली सीढ़ी है ।
बिखरना फिर सिमट जाना, इश्के अंजाम होता है । प्यास दिल की बुझाने को , नजर का जाम होता है।
आपका दर्द , दिल को इस कदर, मुझको तो प्यारा है । दर्द की दवा देने में , अपना जीवन गुजारा है । बढ़ीं बैचैनियाँ जब जब., ना तुमको नींद आई है , अपनी रातों […]
तब आना तुम, जब हिना का रंग कई दफा चढ कर उतर जाए। जब अपने बच्चे की खातिर अबला वात्सल्य प्रेम में बिखर जाए तब आना तुम, जब मेरे जुनून जर्जर हो जाए और मेरे […]
——————————– कहतें हैं-बदलाव प्रकृति का नियम है तभी तो, बदलता रहता मौसम है सिलसिला बदलाव का प्रखर हो चुका बेहतर से बदत्तर और भी बदत्तर हो चुका प्रेम नफ़रत बन गया— दिखावटी भाव की मेहरबानी […]
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