मोहोब्बत मैं किसी की कोई खता नहीं होती दिल मैं हर किसी के हरदम बफा नहीं होती जरा संभल कर जाना इस समुन्दर-ऐ-इश्क़ मैं साहिब ये वो नासूर है दिल का, जिसकी कोई दवा नहीं […]

रिश्तों के दरमियान शक न तुम करना, न मैं करूँगा मोहोब्बत कभी कम न तुम करना, न मैं करूँगा जरुरत पड़ी तो आज़मा लेना हमको बिना एक लव्ज़ कहे अंजाम की परवाह न तुम करना, […]

काश उसने हमारी मोहोब्बत को कभी समझ होता काश उसने कभी हमारे दिल मैं झाँका होता कितनी सिद्दत से छह है उसको ये पता चलता उसको काश उसने कभी हमसे खुद के बारे मैं पूछा […]

आज हम हर बात साफ़ कर देंगे उसको और ज़िन्दगी उसकी आबाद कर देंगे खुद को मीट कर हम एक बात साबित कर देंगे हम पीछे नहीं हटेंगे , चाहे खुद को ख़ाक कर देंगे […]

मोहोब्बत को तो लोग यूँ ही बदनाम करते है सजा तो साहिब बेवफाई देती है दे कर ज़िन्दगी भर का गम इंसा को ये , ज़िंदा-लाश बन जाने की सजा देती है ………………!! (d k)

सोचता हूँ तेरा मैं इरादा छोड़ दूँ! सोचता हूँ मंजिलों का वादा तोड़ दूँ! कबतलक देखूँ अदाओं को महादेव? हुस्न की निगाहों का इशारा मोड़ दूँ! #महादेव_की_कविताऐं’

हवा के नर्म परों पर सलाम लिखती हूँ गुलों की स्याही से जब जब पयाम लिखती हूँ बड़ा सहेज के रखती हूँ तेरे खत सारे जो सुब्हो शाम मैं तेरे ही नाम लिखती हूँ जिसे […]

कब तलक ख़ुद को समेटा जाये, चल कोई ख़्वाब निचोड़ा जाये… कोई आया नहीं अपना हमारे कारवां में चलो आज कोई पराया जोड़ा जाये.. जिंदगी चली जा रही है सीधी सी आज इसे कहीं और […]

तुम्हारे साथ ✏✏✏✏✏ जिस्म अभी है ज़िंदा पर ये रूह तुम्हारे साथ है, करने चले थे इश्क़ पर अब अश्क़ हमारे साथ है, क्या कहे उस इश्क़ का अंजाम कुछ ऐसा मिला, हर ख़ुशी तुम्हारे […]

आसमाँ तले जो बैठे हैं चाँदनी के मुन्तजिर, आपकी  जुल्फ़ों में चाँद के आसार ढ़ूढ़ते हैं!! कल तलक जो जीते थे फकीराना सी जिन्दगी, हर  ओर  आज  वो  ही  घर  द्वार   ढ़ूढ़ते  हैं!! खुद […]

दूर रह कर कभी दूर नहीं रहता है मेरी चाहत है सदा दिल के मकीं रहता है देखिए दिल और नज़र में है ताअल्लुक कैसा चोट लगती है कहीं दर्द कहीं रहता है बामो दर […]

तेरे बगैर तन्हा क्या रखा है जीने में? अश्कों की लहर को रफ्ता रफ्ता पीने में! खोया हुआ रहता हूँ यादों में महादेव, गुजर रही है जिन्दगी जख्मों को सीने में! #महादेव_की_कविताऐं (25)

नया साल आया, खुशीयौ का संदेशा लाया, गलतीयौ को सुधारनै का मोखा आया, आओ हमसब मिलकर भेद भाव भुलायै, नया साल खुशी से मनायै, आज हर बंधन तोडै, दिल से दिल का रिश्ता जोडै, हर […]

तेरी चाहत में तन्हा मेरी शाम है! हरवक्त ख्यालों में दर्द का पैगाम है! तेरी हसरतों से जिन्दा हूँ महादेव, तेरी यादों में हाथों में फिर जाम है! #महादेव_की_कविताऐं (23)

अगर पेडों को चलना आता, तो क्या होता? अगर पेडों को बोलना आता, तो क्या होता? क्या वे यूँ ही कटते जाते? क्या उनके बदन यूँ ही छिलते जाते? और क्या वे अपना विनाश होने […]

मैं ये नहीं कहता की तुम भला नहीं करते। पर बेबसों को रौंदकर अच्छा नहीं करते।। ‘ मदद कर दिया करो कभी बेबसों की भी। खुद के लिए तो हम क्या क्या नहीं करते।। ‘ […]

देखना है की हिस्सों में कैसे बँट पाउँगा मैं। इक बूढ़ा शज़र हूँ लगता है कट जाऊंगा मैं।। ‘ मुझे सहारा देने में दिक्कतें तो है बच्चों को। ख़ामोश ही रहूँगा की जब थक जाऊंगा […]

चांदनी की चादर ओढ खुले आकाश के तले चांद तारों से बातें कर मस्त पवन के झोंको से सारी दुनिया से बेखबर जाने कब सो जाती हूँ ?? रीता जयहिंद ?? ??✨ शुभ रात्रि ✨?⭐

ख्वाबों को अँखियन में संजोकर पलकों की चिलमन को गिराकर उजाले को कुछ कम तुम करके गुरु जनों का सिमरन तुम करके नींद के आलिंगन में जकड़ कर बजरंग बली का जाप कर सो जाना […]

रीता जयहिंद ?? 9717281210 प्रार्थना – ????? हे भगवन् भाव ह्रदय में छुपाकर श्रद्धा के कुछ सुमन चढ़ा कर आँख से अश्रुओं को रोककर द्वार पर तुम्हारे मैं अलख जगाकर प्रसाद में कुछ फल में […]

रात मैंने एक सपना देखा आसमान से कुछ परियां आई उनके सुंदर पंख लगे थे सिर पर उनके सुंदर मुकुट था होंठ उनके सुर्ख लाल थे चेहरे पर उनके नूर था आँखों में कुछ सुरूर […]

जाड़े की ऋतु आई गरमी की हुई विदाई रेवड़ी मूँगफली घर में आई शरबत कोल्ड्र ड्रिंक जूस सबकी हो गयी छुट्टी चाय काॅफी घर में आई खों खों करके सब खाँस रहे डाॅक्टरों की कमाई […]

हे जीवन के दातार मैं ठाड़ी तोहरे द्वार लेके उम्मीदों के हार मोरी नैया लगा दे पार बिगड़ी बना दे इक बार मोरा जीवन दे संवार मैं ठाड़ी दामन पसार मैं दुखी तुम सृजन हार […]

वसंत ऋतु पर मेरी ये कविता ?? रीता जयहिंद ?? आया वसंत देखो आया वसंत । खुशियों की सौगात लाया वसंत ।। पेड़ पौधे पशु पक्षी सब लगे झूमने। नदियाँ झरने सब गुनगुनाने लगे।। मोर […]

विषय – चित्र छवि पर कान्हा को रिझावत राधे जलाय के दिया और बाती प्रेम मगन भये कुंज बिहारी निहारत दोउ नैनन के संग राधे ज्यों ही देख्या जब श्याम के नैनन की और अपनी […]

ऐ बंदा करम कर लेना फल की चिंता मत कर प्यारे ईश सब जानता रीता जयहिंद मैं जल चढ़ाने भोले बाबा के मंदिर में सोमवार के दिन हमेशा ही जाती हूँ ये खुश होकर मुझ […]

सुबह सवेरे जागकर , करो सूर्य प्रणाम अंधकार दूर हो जाये ,जग चानन हो जाये ।। रात्रि के पहर में , चांद को अरक दीजिए । चाँदनी हो प्रसन्न ,जीवन सफल बन जाए ।। रीता […]

मेरा परिचय नाम है मेरा रीता अरोरा परिचय का मोहताज नहीं जन्म हुआ हाथरस में कविता मेरा शौक है दिल्ली की वासी हूँ मैं आई हूँ आपके बीच मैं कुछ ज्ञान अर्जन के लिए देना […]

तुम मुझे देखकर सोंच रहे ये गीत भला क्या गायेगा जिसकी खुद की भाषा गड़बड़ वो कविता क्या लिख पायेगा लेकिन मुझको नादान समझना ही तेरी नादानी है तुम सोंच रहे होगे बालक ये असभ्य, […]

मैंने काश अगर तुमको पहचाना होता! मेरी भी जिन्दगी में मुस्कुराना होता! बेबसी न होती तन्हाई की महादेव, मेरा कभी मयखानों में न जाना होता! #महादेव_की_कविताऐं (24)