मैं ये नहीं कहता की तुम भला नहीं करते। पर बेबसों को रौंदकर अच्छा नहीं करते।। ‘ मदद कर दिया करो कभी बेबसों की भी। खुद के लिए तो हम क्या क्या नहीं करते।। ‘ […]
मैं ये नहीं कहता की तुम भला नहीं करते। पर बेबसों को रौंदकर अच्छा नहीं करते।। ‘ मदद कर दिया करो कभी बेबसों की भी। खुद के लिए तो हम क्या क्या नहीं करते।। ‘ […]
देखना है की हिस्सों में कैसे बँट पाउँगा मैं। इक बूढ़ा शज़र हूँ लगता है कट जाऊंगा मैं।। ‘ मुझे सहारा देने में दिक्कतें तो है बच्चों को। ख़ामोश ही रहूँगा की जब थक जाऊंगा […]
कुछ इस तरह से भी मर जाता हूँ मैं। जब सच होके झूठ से डर जाता हूँ मैं।। , उम्र भर की दस्ताने जब याद आती है। आसुंओं सा आँखों में भर जाता हूँ मैं।। […]
Ek din apna bhi naam hoga Ek din apna bhi naam hoga,kdmo m apne ye sara jha hoga Salam karegi ye duniya hme bhi,jb paas hmare wo mukam hoga Ek din apna bhi kuch naam […]
चांदनी की चादर ओढ खुले आकाश के तले चांद तारों से बातें कर मस्त पवन के झोंको से सारी दुनिया से बेखबर जाने कब सो जाती हूँ ?? रीता जयहिंद ?? ??✨ शुभ रात्रि ✨?⭐
नर्म घास का बिछोना बिछा ख्वाहिशे कम कर नीलगगन1 की छत तले सुकून पूर्वक सो जाता हूँ शुभ – रात्रि रीता जयहिंद ?? ???⭐✨☔???
ख्वाबों को अँखियन में संजोकर पलकों की चिलमन को गिराकर उजाले को कुछ कम तुम करके गुरु जनों का सिमरन तुम करके नींद के आलिंगन में जकड़ कर बजरंग बली का जाप कर सो जाना […]
चलो उस पार चलते हैं जहाँ गमों की धूप नहीं सुख के ताने बाने है रजाई में दुबक कर नींद के आगोश में खोकर सपने नये सजाने हैं ?? शुभ रात्रि ?? जयहिंद
विषय – शीत ( सर्दी ) विधा – वर्ण पिरामिड प्रस्तुति – रीता जयहिंद ?? मैं शीत का मजा लेने धूप सेक रही थी आनंदित होकर तभी घटा छा गई ऐ खुदा सूरज की किरणों […]
कोई लौटा दे रे मेरे बचपन के दिन जब ना थी कोई चिंता व फिकर वो जोर – जोर के गीतों का गाना बारिश में जी भरकर नहाना और भीग जाना जान बूझकर सोते रहने […]
रीता जयहिंद ?? 9717281210 प्रार्थना – ????? हे भगवन् भाव ह्रदय में छुपाकर श्रद्धा के कुछ सुमन चढ़ा कर आँख से अश्रुओं को रोककर द्वार पर तुम्हारे मैं अलख जगाकर प्रसाद में कुछ फल में […]
रात मैंने एक सपना देखा आसमान से कुछ परियां आई उनके सुंदर पंख लगे थे सिर पर उनके सुंदर मुकुट था होंठ उनके सुर्ख लाल थे चेहरे पर उनके नूर था आँखों में कुछ सुरूर […]
जाड़े की ऋतु आई गरमी की हुई विदाई रेवड़ी मूँगफली घर में आई शरबत कोल्ड्र ड्रिंक जूस सबकी हो गयी छुट्टी चाय काॅफी घर में आई खों खों करके सब खाँस रहे डाॅक्टरों की कमाई […]
हे जीवन के दातार मैं ठाड़ी तोहरे द्वार लेके उम्मीदों के हार मोरी नैया लगा दे पार बिगड़ी बना दे इक बार मोरा जीवन दे संवार मैं ठाड़ी दामन पसार मैं दुखी तुम सृजन हार […]
कोई लौटा दे रे मेरे बचपन के दिन जब ना थी कोई चिंता व फिकर वो जोर – जोर के गीतों का गाना बारिश में जी भरकर नहाना और भीग जाना जान बूझकर सोते रहने […]
एक प्रयास मापनी 211 211 211 22 रे मन बावरा हुआ जाय है बादलों में घटा घिर आयी रे। श्याम बंसी की तान सुना दे नयनन की प्यास बुझाय दे।। ?? रीता जयहिंद ✍?
मापनी 211 211 211 22 मैं बालक तुम पालनहार शरण पड़ी प्रभु राखो लाज । दाता दीनबंधु हे दीनानाथ कब से खड़ी हूँ मैं तेरे द्वार ।। ?? रीता जयहिंद ??
वसंत ऋतु पर मेरी ये कविता ?? रीता जयहिंद ?? आया वसंत देखो आया वसंत । खुशियों की सौगात लाया वसंत ।। पेड़ पौधे पशु पक्षी सब लगे झूमने। नदियाँ झरने सब गुनगुनाने लगे।। मोर […]
विषय – चित्र छवि पर कान्हा को रिझावत राधे जलाय के दिया और बाती प्रेम मगन भये कुंज बिहारी निहारत दोउ नैनन के संग राधे ज्यों ही देख्या जब श्याम के नैनन की और अपनी […]
यूँ सुबह का होना । यूँ बादलों का गरजना ।। यूँ बिजली का कड़कना । यूँ तूफानों का आ जाना ।। यूँ दरिया का बहते जाना । यूँ पतझड़ का आ जाना ।। यूँ चांद […]
ऐ बंदा करम कर लेना फल की चिंता मत कर प्यारे ईश सब जानता रीता जयहिंद मैं जल चढ़ाने भोले बाबा के मंदिर में सोमवार के दिन हमेशा ही जाती हूँ ये खुश होकर मुझ […]
अब ठंडक मौसम में कुछ तो बदला परिवेश सा है मनुवा नाच उठा रीता जयहिंद ऐ बंदा करम कर लेना फल की चिंता मत कर प्यारे ईश्वर सब जानता रीता जयहिंद
सुबह सवेरे जागकर , करो सूर्य प्रणाम अंधकार दूर हो जाये ,जग चानन हो जाये ।। रात्रि के पहर में , चांद को अरक दीजिए । चाँदनी हो प्रसन्न ,जीवन सफल बन जाए ।। रीता […]
मेरा परिचय नाम है मेरा रीता अरोरा परिचय का मोहताज नहीं जन्म हुआ हाथरस में कविता मेरा शौक है दिल्ली की वासी हूँ मैं आई हूँ आपके बीच मैं कुछ ज्ञान अर्जन के लिए देना […]
तुम मुझे देखकर सोंच रहे ये गीत भला क्या गायेगा जिसकी खुद की भाषा गड़बड़ वो कविता क्या लिख पायेगा लेकिन मुझको नादान समझना ही तेरी नादानी है तुम सोंच रहे होगे बालक ये असभ्य, […]
अँधेरो से कभी हमको डर नहीं लगता। पर तेरे बग़ैर ये घर भी घर नहीं लगता।। @@@@RK@@@@
माना की तेरे अपनों से बेहतर नहीं हूँ मैं। मुझे कभी छूकर के देखो पत्थर नहीं हूँ मैं।। @@@@RK@@@@
जिसनें बुजुर्गों की नसीहते नहीं सुनी। उसनें जिंदगी की हक़ीक़ते नहीं सुनी।। @@@@RK@@@@
मैंने काश अगर तुमको पहचाना होता! मेरी भी जिन्दगी में मुस्कुराना होता! बेबसी न होती तन्हाई की महादेव, मेरा कभी मयखानों में न जाना होता! #महादेव_की_कविताऐं (24)
Pinjre ko bs tod du apne Dekhu mai bhi jee bhr kr sapne Aajad panchi bn udti firu aasman mai Sang mere chal pde sb is kaarwaa mai Roke naa koi mujhe , naa koi […]
Kitaab-e-Ishq ka sahukh kaun rakhta hai Gam-e-Chahaat ka khauf kaun rakhta hai Wo to sawal tha kuch apno ke Aansuon ka Warna Chahat-e-Dil ko khamoosh kaun rakhta hai…………!!
Lapait lo Chadar-e-Ishq, Gam-e-Thand Bahut hai Ye Seher hai Parayon ka, Yaha Apne Bhi paraye hote hai…………!!
Mohobbat ki baat wo hamse aaise karte hai Jaise ki wo kisi se koi faryaad karte hai Aur kar rakha ho unhone koi gunaah ishq main Gunaahgaar ki tarah apne gunaah ka hisaab karte […]
Honthon per hassi, Husun-e-Kamaal Rakhte Ho Hamari Tarah hi Tum bhi dil main ishq-e-sawal rakhte ho……….!!
जब आई थी सजधज कर तुमसे मिलने लिये हाथों में गुलाब का फूल कोई हसरत थी मन में प्यार की जब कोई कमेंट ना किया तुमने जाने लगी थी भारीमन से गिला लेकर पलटकर देखा […]
किसी की ऑख़ों में ऑसू थे मेरे लिए वह शख्स मुझे दुनिया में सबसे प्यारा लगा प्रस्तुति – रीता जयहिंद
कितना भी मैं करना चाहूँ मैं अपने प्यार का इजहार आई लव यू कहकर पर कमबख्त जुबान फिसल जाती है और मुँह से निकल जाता है जयहिंद प्रस्तुति – रीता जयहिंद
चंदा से सीखो तुम घना कोहरा छाया चांद ना घबड़ाया बारिश ने धूम मचाई काली घटा घिर आई बादलों के आगोश में छिपकर रात बिताई जागकर सारी रैना किया सूर्य का इंतजार तनिक ना भरमाया […]
केजू भैया सोच रहे ये मोदी ने तो खाई मलाई अपने हाथ तो फोक भी ना आई केजू भैया इसमें तेरी नहीं कोई बुराई दूसरे की थाली में सबको दिखता खाना ज्यादा अपनी थाली खाली […]
जब से ये नोटबंदी हुई है। सभी पत्नियों की घेराबंदी हुई है छुपे हुये नोटों की पतियों से पत्नियों की चर्चा सरेआम हुई है पत्नियों के राज पर्दाफाश हुये हैं पतियों से सरकार हिसाब मांग […]
अपना बचपन की सत्य गाथा सुंदर सा परिवार हमारा छोटा शहर हाथरस था प्यारा पांच भाई और हम दो थी बहना मात – पिता के हम थे गहना छोटी थी पर बहुत चंचल थी लाड़ […]
मोहब्बत और दुशमनी जो दिल से निभाते है बस वही शख्स दुनिया में जी पाते है दीन – दुखियों की जो सेवा करते हैं बस वही लोग ईश्वर को रिझाते हैं गिरते हुये को जो […]
शादी हो या मौत जन्म हो या जन्म दिन खुशी हो या गम पंडित के होते सब अच्छे दिन परंतु क्या जब हुई नोटबंदी तब कहाँ थी इनकी भविष्यवाणी एक भी ऐसा पंडित बतलाना वरना […]
जब आई थी सजधज कर तुमसे मिलने लिये हाथों में गुलाब का फूल कोई हसरत थी मन में प्यार की जब कोई कमेंट ना किया तुमने जाने लगी थी भारीमन से गिला लेकर पलटकर देखा […]
Ashankit bhaviysya-title Sapno ke shahar mai sobhamayi drishya usme duba ek ashankit bhaviysa adhuri umeed liye ji rahe hain pata nahi kyun sab sah rahe hain ki thi ujwal bhaviyshya ka kamna par yahan kiya […]
चलो अब तुमने कहा है तो मान लेते है। पर ये बताओ अपने कहा जान लेते है।। ‘ यू खौफ न दिखाओ हमें मुश्किलो का। हम वो करते है कि जो हम ठान लेते है।। […]
जिंदगी जिंदगी जिंदगी जिंदगी। बेबसी बेबसी बेबसी बेबसी।। , ख्वाहिशे ख्वाहिशें ख्वाहिशे ख्वाहिशे। कुछ नहीं कुछ नहीं कुछ नहीं कुछ नहीं।। , काफिले काफिले काफिले काफिले। हम नहीं हम नहीं हम नहीं हम नहीं।। , […]
हमकों भी हक़ है जिन्दा रहने का। यूँ देखते क्यूँ हो हमको तुम।।
तुमने कहा की मै नहीं कहता हाल ए दिल। जबकि इक जमाने से अख़बार हूँ मैं।। @@@@RK@@@@
दवा मैं दे दूँ तेरे इस गम का, मेरे गर गम पता बता तो, सितम मानता हूँ बहोत हुए हैं, लेकिन मेरे सितम की खता बता तो, जिद्द ही लिए अब भी बैठे रहोगे, कभी […]
Please confirm you want to block this member.
You will no longer be able to:
Please note: This action will also remove this member from your connections and send a report to the site admin. Please allow a few minutes for this process to complete.