हर लम्हा गुजर गुजर कर कुछ कह गया अपनी आँखों में हल्का सा कुछ तैरता गया ज़िद जिनकी थी वो ज़िद में रह गए हाथ से उनके कोई फैसला सा गया ज़िंदगी कुनकुनी धुप तो […]
हर लम्हा गुजर गुजर कर कुछ कह गया अपनी आँखों में हल्का सा कुछ तैरता गया ज़िद जिनकी थी वो ज़िद में रह गए हाथ से उनके कोई फैसला सा गया ज़िंदगी कुनकुनी धुप तो […]
रोज़ होती रही तेरे वादों की बरसात कमाल ये के कभी हम भीग नहीं पाएं तंगदिल है मेरा या तेरा सिलसिला क़ाफ़िर न तुम समझे न कुछ हम समझ नहीं पाएं वक़्त के वलवले कुछ […]
एक जरूरी दस्तावेज ही तो है जीवन न कागज़ अपना न स्याही अपनी फिर भी भ्रम अपना कहने का अपनी सासें अपनी धड़कन से विवाद करती कभी तालमेल नहीं मन से मन का फिर भी […]
मुड़े कागज़ की तरह माथे की लकीरें बन गई है मेरी किस्मत की हाथों की लकीरों से ठन गई है अपने हिस्से की गिरवी रखी उदासी को देख अब उस पे कितनी सूद चढ़ गई […]
कभी तो मेरे माजी का क़त्ल कर दिया जाएँ जख्म जैसा भी हो कुछ पल भर दिया जाएँ माना की शब की जीस्त दुआओं से है भरी हो असर ऐसा ख़्वाबों को सहर कर दिया […]
पत्थर ही पत्थर है दिल की जेब मेँ है बड़ी सच्ची मगर गर्दिशों की बात है अब के गर्मिओं मेँ ठंडक है तो हैरत किसलिए किस कदर गर्मियां थी पिछली सर्दियों की बात है किस […]
जाते जाते कुछ कह गयी ज़िंदगी समझ पाया तो ढह गयी ज़िंदगी करते गुजरा हर सांसों का हिसाब ज़िंदगी से कुछ कम रह गयी ज़िंदगी पहलूँ में लिए बैठे कई चाँद उदास जाने क्याक्या न […]
बिखरे ख्वाबों को बारहा चुनता क्या है ज़ख़्म तो जख्म है बारहा गिनता क्या है इन हवाओं से कब कोई मुड़ के देखा सेहरा की रेत पे बारहा लिखता क्या है गैर हो न सके, […]
हर चेहरे अपने पर कोई आश्ना न मिला गिला खुद से मगर कोई आईना न मिला अपनी तक़दीर-बुलंदी का क्या कहना बर्क़ को जब कोई आशियाँ न मिला फ़िज़ां मिली तो मगर खुशगवार न थी […]
सिर्फ एहसास है वफ़ा फिर छूने को जी करता है यह कौन देता है सदा सुनने को जी करता है हर शख्स का वज़ूद जुदा फितरत भी जुदा फिर भी उम्मीद वो खुद के वज़ूद […]
बुझे चरागों को हवाओं का करम न दे मेरी हस्ती मिटने का कोई भरम न दे जो गुजरा नहीं खुद , मगर आखिर गुजरा तुम फ़क़त कोई उदास सा वहम न दे जुबाँ जो है […]
मेरे सफिनों का नाखुदा हो , जो तूफानों का तलबगार न हो मुझे ऐसा चराग बना दे जो हवाओं का कर्ज़दार न हो मेरे हिस्से की हर शे पे लिख दिया तेरा नाम आखिर गिला […]
कतरा कतरा लहूँ का जिस्म में सहम गया चलो इसी बहाने रगों में बहने का वहम गया वो कोई हिस्सा था मेरे ही जिस्म का जुदा हुआ वो तोड़ कोई कसम गया मेरे मिटने की […]
उसने खौफ से कभी आइना साफ़ न किया आ जाएँ न नज़र कहीं तस्वीर साफ़ उसकी राजेश ‘अरमान’
तजुर्बों से सीखा मगर बस इतना सीखा फिर गिर पड़े तज़ुर्बा जो गिरने का था राजेश ‘अरमान’
हम लुत्फ़ कुछ बारिशों का यूँ उठा रहे है अपने आंसुओं को बारिशों में छुपा रहे है उसी को याद करना और हमेशा याद रखना किसी को भूलने की क्या अदावत निभा रहे है हम […]
मेरे तस्सवुर के रंग क्यों फीके होने लगे है मेरे सायें भी अब मुझसे दूर होने लगे है मैंने गिन गिन के सजाये थे जो मेरी वसीयत थी वो लम्हे क्यों मेरी ज़िंदगी से कम […]
रिश्तों का सत्य जो लगता यथार्थ से परे सदा मानते हुए छलावा हम जुड़े रहना चाहते है सदा ये रिश्तें जो खून से बनते ,खून में ही पनपते है अंत होता है खून में ही […]
फूलों की हसरत की ,यही कसूर है मेरा काटें ही काटें मिले ये नसीब है मेरा सोचा था तूफां से कस्ती पार निकल जाएगी तूफां का क्या कसूर, निकला नाखुदा नासेह मेरा कल तक जो […]
ज़िंदगी धुप -छोंव् तपती रेत धसते पाँव राही सुप्त बिखरे ख्वाब मंज़िल लुप्त टूटे सपने अहसास हुआ थे ये अपने जख्म हरे जो की पीड़ा से भरे दुःख के घेरे चारों और घनघोर अँधेरे मौत […]
अरमां था ज़िंदगी से कभी मुलाकात होगी बिठा पलकों पे कुछ खास बात होगी सोचता था होगी ज़िंदगी मेरी फूलों की तरह निकाले होगी घूँघट किसी रहस्य की तरह कभी आती जब ज़िंदगी मेरे ख्वाब […]
ღღ__भला लफ़्ज़ों में इंतज़ार को, कहाँ तक लिखे कोई “साहब”; . कभी तुम खुद ही आके देख लो, कि अब थक रहा हूँ मैं !!….#अक्स .
“सैनिक है मेरे भाई – मैं हूँ किसान का बेटा “ कहने से पहले क्यों तुझे आरोपों का ख्याल नही आया , सैनिको पर आरोप लगाने से पहले … ओ कैन्ह्या , तुझे “जय […]
समझदार हूँ मैं लफ्जों का असर जानता हूँ ,नश्तर सा चुभते हैं दिल में इनका दर्द जानता हूँ, हर बात बयाँ करने के लिये लफ्ज ही काफी नहीं,खामोशी भी होती हैै असरदार जानता हूँ
कलमकार के कलम की स्याही जिस दिन यारों खत्म हो गई, या तो कोई जुल्म हुआ है उस दिन या वो अात्मा परम् हो गई,
मेरे तकदीर मुझे सताया न करो! मेरी ज़िन्दगी को रूलाया न करो! बेवस है मेरी मंजिल अंजाम से, तुम बेरहम बनकर तड़पाया न करो! Composed By #महादेव
ღღ__भटक रहा था कबसे, मैं इक अनछुए सवाल की मानिन्द; . तेरे खामोश-से जवाब ने “साहब”, लाजवाब कर दिया मुझे!!….#अक्स .
जग सारा सोता है जब तब मैं जागता रहता हूँ, तेरी यादों में अश्कों से दर्द बांटता रहता हूँ, तेरी रूह की साये से मैं दूर भागता रहता हूँ, खुद से खुद की तस्वीर छाटता […]
तुम औरत होना पर औरत जैसा कभी नहीं होना तुम्हारे मन में ढ़ेरों सपने होंगे पर कभी अपने सपनों के लिए नहीं चिल्लाना तुम तो एक पूरी पृथ्वी हो ये आसमां झुकेगा पकड़ेगा तुम्हारे सपनों […]
आजकल देवता और दनुज कुछ नही ! ज्येष्ठ भ्राता सखा या अनुज कुछ नही !! एक दूजे को सब लूटने पर लग गए ! अब किसी से रहा कोई जुज कुछ नही !!
ღღ__सुनो…तुम रुक ही जाओ ना मेरे पास, हमेशा के लिए; . यूँ रोज़ आने-जाने में साहब, वक़्त बहुत लगता है !!……#अक्स .
आखिर तुझे भी कोई बुला रहा होगा ,तुझे याद कर कर के कोई मुस्कुरा रहा होगा | यूँ ही नहीं जुबाँ लड़खड़ा जाती है हर किसी को देखकर, कोई तुझे भी नगमों में गा रहा […]
ღღ__एक बाज़ी गर जीत भी गया, बेईमानी से वो साहब; . महफिल फिर से सज जायेगी, कि वफात बाकी है मेरी !!……#अक्स
ब्रह्मा-ऋषि-मुनि-चरक का तो ये देश हो सकता नहीं ,, क्यूँ बताते हो डॉक्टर पेट में बेटी है बेटा नहीं ..!!
ये तो फिरास़त है मेरी जो विरासत ए इश्क कर दी है तेरे नाम, वरना जाबिरों को काबिल ए वफा समझता ही कौन है ,
तब, जबकि कल ; बहुत छोटी थी ‘मैं’ कहा करती थी ‘माँ’ ——- ऐसा मत करो ! ——- वैसा मत करो !! : वरना लोग क्या कहेंगे ? शनै:–शनै: —– ‘मैं’ ; ‘ये लोग’ और […]
गम के फसाने को तेरी खुशियों ने लूटा , तेरी हर दीद की उम्मीद ने अखियों को लूटा , उजाले की हर किरन को तूनें कनखियों से लूटा,तुझे पाने की हर कोशिश को तेरी सखियों […]
दो सिसकियाँ हीं कभी काफ़ी हैं दिल हल्का करने को, दो साँसे हीं कभी काफ़ी हैं ज़िंदगी जी लेनो को
ღღ__तुमसे मिलने की तलब, कुछ इस तरह लगी है “साहब”; . जिस तरह से कोई मयकश, मयखाने की तलाश करता है !!…..#अक्स .
मेरी ज़िन्दगी मुझे ऐसा मुकाम दे दे! हरवक्त़ धड़कनों में सनम का नाम दे दे! मुझको फिकर नहीं है किसी दौर-ए-सितम का, मेरे लबों पर मयक़शी का जाम दे दे! Composed By #महादेव
कुछ गरीबों का आशना फिर जला है शायद राजा जी के महल में आज रोशनी कुछ और है ……यूई
Please confirm you want to block this member.
You will no longer be able to:
Please note: This action will also remove this member from your connections and send a report to the site admin. Please allow a few minutes for this process to complete.