बधाई हो बधाई

January 1, 2020 in हिन्दी-उर्दू कविता

आया नव वर्ष बधाई हो बधाई
लेकर आया नव वर्ष घर आपके खुशियो का सौगात |
बधाई हो बधाई |
मिटाने हर संकट विपदा बीघ्न बीमारी और आघात |
बधाई हो बधाई |
अँग्रेजी वर्ष पर विश्व पैमाना इसको सबने माना है |
हो उन्नति प्रगति सुख संपत्ति शांति वर्ष बीस ने सुनाई |
बधाई हो बधाई |
सुखी हो परिवार आपका मंगल हो संसार आपका |
दुख दारिद्र दूर हो अन्न धन भरपुर हो होगी भलाई |
बधाई हो बधाई |
पूरी हो हर कामना पड़े न कभी दुखो का सामना |
गूँजे किलकारी बच्चो घर आँगन भारती टेर लगाई |
बधाई हो बधाई |
जाये जिधर उधर जयकार हो हर घर मे सत्कार हो |
मिले खुशियो खजाना गाये प्यार तराना प्रभू है दुहाई |
बधाई हो बधाई |

श्याम कुँवर भारती [राजभर] महासचिव -महिला कल्याण समिति ढोरी,बोकारो
CAG member – Trai ,Govt. of India ,Jharkhand region
CUTES member – Trai ,Govt. of India ,Jharkhand region
कवि ,लेखक ,गीतकार ,समाजसेवी ,

मोब /वाहत्सप्प्स -9955509286

याद बहुत आएगी

December 31, 2019 in हिन्दी-उर्दू कविता

हिन्दी कविता- याद बहुत आएगी |
वर्ष उन्नीस हमे तेरी याद बहुत आएगी |
जो हुआ अच्छा बुरा याद बहुत आएगी |
उन्नति अवनति प्रगति के पथ पर चले |
खट्टा मीठा तीखा सबका स्वाद हम चखे |
यादगार वर्ष रहा उन्नीस दुनिया कहेगी |
वर्ष उन्नीस हमे तेरी याद बहुत आएगी |
धारा तीन सौ सत्तर हटी कश्मीर बेड़ि कटी |
तीन तलाक हटा महीलाओ गुलामी छंटी |
कोर्ट फैसला राम मंदिर दुनिया पूजा करेगी |
वर्ष उन्नीस हमे तेरी याद बहुत आएगी |
नागरिक संशोधन कानून सरकार ने लाया |
हिन्दू सिक्ख जैन पारसी बिदेशों से बसाया |
देश सुख शांति समृद्धि उन्नति बयार बहेगी |
वर्ष उन्नीस हमे तेरी याद बहुत आएगी |
जो बना मैंने किया जितना हुआ तूने किया |
छोटों प्यार बड़ो सम्मान सबकी दुआये लिया |
अमिट छाप लगी जो दिल कभी न जाएगी |
वर्ष उन्नीस हमे तेरी याद बहुत आएगी |

श्याम कुँवर भारती [राजभर] कवि ,लेखक ,गीतकार ,समाजसेवी ,

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जमाने लगे

December 31, 2019 in हिन्दी-उर्दू कविता

हिन्दी गजल- जमाने लगे |
जिस बस्ती बसाने मुझे जमाने लगे |
बेदर्दी वो मकाने दिल गिराने लगे |
जब भी गुजरे वो राहे मंजिल मेरे |
लेकर नाम उनका हम बुलाने लगे |
सबब रूठने वो मुझको बताता नहीं |
मिला आशिक नया दास्ता सुनाने लगे |
रहती उदास बिन आपके कहते थे |
मेरी हर यादों लम्हो वो भुलाने लगे |
लाल बिंदिया लाल सिंदूर धरे रह गए |
पकड़ गैर हाथ मांग वो सजाने लगे |
है कितना दर्दे दिल उसे मालूम नहीं |
जख्मी दिल हम उनको दिखाने लगे |
रहो जहा खुश रहो मेरी जान हो तुम |
तोड़ा दिल किसी ने आँसू बहाने लगे |
तू नही तेरी तनहाई है खुश हूँ मगर |
जुदा हुये कितने दिन हम गिनाने लगे |
आयेगा लौटके एक दिन वो देखना |
रोता हुआ भारती वो गले लगाने लगे |

श्याम कुँवर भारती [राजभर] कवि ,लेखक ,गीतकार ,समाजसेवी ,

जड़वा में रतिया

December 29, 2019 in भोजपुरी कविता

भोजपुरी गीत- जड़वा मे रतिया |
कटले कटात नईखे जड़वा मे रतिया |
गरिबिया मे जड़वा के अइली बिपत्तिया |
सईया सांगवा रहते त रजईया लीवते |
सांगवा लइकन अपने कोरवा सुतवते |
साले अहमे अपने सइया के सुरतिया |
कटले कटात नईखे जड़वा मे रतिया |
सर सर पवनवा बदनवा कपावेला |
जड़वा मे रतिया हमके नींदियों ना आवेला |
केकरा कही हम आपन दिलवा के बतिया |
कटले कटात नईखे जड़वा मे रतिया |
टुटल मड़ईया हमरो चरपइयो बाड़ी टुटल |
केवन सौतिनिया सांगवा सइया बाड़े रुझल |
आवत नईखे सईया घरवा ससुर के नतिया |
कटले कटात नईखे जड़वा मे रतिया |
जल्दी घरवा आवता सइया घरवा छववता |
टुटल खटीयवा सईया हाली बीनी बनववता |
काहे भूली गईला भइला तुहु बड़ा घटिया |
कटले कटात नईखे जड़वा मे रतिया |

श्याम कुँवर भारती [राजभर] कवि ,लेखक ,गीतकार ,समाजसेवी ,

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माया में लोभाई

December 27, 2019 in भोजपुरी कविता

भोजपुरी निर्गुण – माया मे लोभाई |
नईहर के छोड़ी आइलू ससुरा के घर मे |
माया लोभाई भुलइलू आपन सजन ये राम |
झूठ साँच बोली पपवा बसवलु अपना मन मे |
सोन पिंजरवा छोड़ी सुगना उड़ी जईहे गगन ये राम |
माया लोभाई भुलइलू आपन सजन ये राम |
पियावा के छोड़ी नेहिया लगवलु देवर ये राम |
जनिहे जे भेदवा सजना निकली न मूहवा बचन ये राम |
कईलु ना दान धरमवा जिनगी फसवलु भवर ये राम |
माया लोभाई भुलइलू आपन सजन ये राम |
जाई ससुरवा नरक मे डलिहे झर झर बहिहे नयन ये राम |
सास ससुरवा लतवा लगवलु ननद भसूरवा झाड़ू ये राम |
सजना से कईलू दगाबाजी मटिया मिलवलु जनम ये राम |
मुंहवा भजन ना कईलू गईलू न गोड़वा तीरथ ये राम |
परान जब निकसीहे मुंह से थर थर काँपी बदन ये राम |
लोगवा कहे सुना भाई भारती गुरुजी से नेहिया लगावा ये राम |
सद्गुरु करीहे पार भवरिया मिलिहे परमगति जनम ये राम |
माया लोभाई भुलइलू आपन सजन ये राम |

श्याम कुँवर भारती [राजभर] कवि ,लेखक ,गीतकार ,समाजसेवी ,

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भारत भाग्य जगाओ

December 23, 2019 in हिन्दी-उर्दू कविता

हिन्दी ओज कविता- भारत भाग्य जगाओ
जागो हे महाकाल हे महादेव हे हरिहरनाथ तुम |
करो दंडित दानवो देशद्रोहियों हे भूतनाथ तुम |
विपदा भारी भारत आज अब आन पड़ी है |
खंडित करने राष्ट्र दानव सेना चल पड़ी है |
जाती धर्म मजहब की आग देश लगाते है |
देश बिरोधी आजादी आवाज सब लगाते है |
दो सद्बुद्धि सद्द्विचार देशप्रेम हे शम्भूनाथ तुम |
भारत भाल टीका काला लगने कभी न पाये |
साजिश सियासत भारत जलने कभी न पाये |
भोली भाली जनता कानो जहर ये भरते है |
चौक चौराहो दंगा फसाद अपने भाई मरते है |
करो तांडव दुशमनों देश अब हे औघड़नाथ तुम |
हे कृपालु दयालु हे जटाधारी हे त्रिपुरारी |
खोलो त्रिनेत्र करो भस्म चढ़ो नंदी सवारी |
डम डम डमरू बजाओ चमचम त्रिशूल चमकाओ |
मौका पा के दुश्मन न घुस आए भुजंग उसे डसवाओ |
हे जटाधारी भस्मधारी जागो अब हे गौरीनाथ तुम |
जटा खोल गंगा बहाओ पापियो पाप मिटाओ |
हर हर गंगा हरहर महादेव भारत भाग्य जगाओ |
काँपे थर थर दुशमन भूत बैताल छोड़ो |
बाल न बांका हो भारत बला मुख मोड़ो |
हे कैलासपति उमापति हे रमापति नीलकंठनाथ तुम |
भ्र्स्ट नेताओ मति तुम फेरो घुसपैठीयों चहुं तुम घेरो |
लड़वाना मरवाना बहकाना बंद करे कुबुद्धि तुम जारो |
बने भारत महान विश्व की शान शंकर तुमको प्रणाम |
आदि अनादी शिव अमर तेरी कथा गाउ तेरा गुणगान |
हे त्रिलोकी नाथ दो भारती भक्त साथ हे अमरनाथ तुम |
विश्व विजयी बने भारत जय हो तेरी गौरा प्राण नाथ तुम |

श्याम कुँवर भारती [राजभर] कवि ,लेखक ,गीतकार ,समाजसेवी ,

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पुर्वी लोक गीत चले ठंडी बयरिया ये सजनी

December 23, 2019 in भोजपुरी कविता

भोजपुरी पूर्वी लोकगीत – चले ठंडी बयरिया ये सजनी |
मुखड़ा – चले ठंडी बयरिया ये सजनी ,
कांपेला बंदनवा मोर |
जल्दी से भरीला अंकवरिया
लागेला जड़वा बड़ी ज़ोर |
चले ठंडी बयरिया ये सजनी ,
कांपेला बंदनवा मोर |
अंतरा 1 – सुना मोर अँखियाँ के पुतरी ,
भईले प्यार तोहसे मोर |
बिना तोहरे तरसे नजरिया ,
उठेला कर्जवा मे हिलोर |
चले ठंडी बयरिया ये सजनी ,
कांपेला बंदनवा मोर |
अंतरा 2 -पतरी कमरिया अँखिया बाड़ी कजरी |
चले न केवनों दिलवा पर ज़ोर |
हमके बना ला सजना ये गुजरिया |
संगे बांधीला जिंगीया के डोर |
चले ठंडी बयरिया ये सजनी ,
कांपेला बंदनवा मोर |
अंतरा 3 – हरदम रहा तू हमरे अँखियाँ के पजरी |
काहे भइलू तू करेजवा के कठोर |
बोली बोले हमके गाँव नगरिया |
निरखी तोहके जइसे चितवे चकोर |
चले ठंडी बयरिया ये सजनी ,
कांपेला बंदनवा मोर |

श्याम कुँवर भारती [राजभर] कवि ,लेखक ,गीतकार ,समाजसेवी ,

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जान तोहरी याद में

December 21, 2019 in भोजपुरी कविता

भोजपुरी गीत- जान तोहरी याद मे |
जान तोहरी याद मे हमरो रहल दुश्वार बा |
तोहरे बिना गोरी हमरो जियल बेकार बा |
नैना लड़ाई हमसे चैना छिन लिहलु |
हमके रोवाई हमरो रैना छिन लिहलु |
गोरी तोहरे याद मे भुलली दिन अतवार बा |
जान तोहरी याद मे हमरो रहल दुश्वार बा |
दिल के मंदिरवा तोहे देवी बनवली |
सपना मे रानी महलिया रची बनवली |
दिलवा जनी तोड़ा तोहार नैना खतावार बा |
जान तोहरी याद मे हमरो रहल दुश्वार बा |
गाँव के बगीचवा मे कइलू हमसे वादा |
बनबू मोर दुलहिनिया भूली गइलू दादा |
हमरे चर्चा प्यार के पूरा यूपी बिहार बा |
जान तोहरी याद मे हमरो रहल दुश्वार बा |
सुघर सुरतिया तोहरो दिलवा मे सालेला |
पाँव पयलिया छम छम कनवा मे बाजेला |
भूली गइलू काहे हमके चिंता चढ़ल बुखार बा |
जान तोहरी याद मे हमरो रहल दुश्वार बा |

श्याम कुँवर भारती [राजभर] कवि ,लेखक ,गीतकार ,समाजसेवी ,

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चंद शेर

December 21, 2019 in शेर-ओ-शायरी

चंद शेर /मुक्तक

लाख करो साजिस बुनियाद हिन्द कोई हिला सकता नही |
क्रांतिबिरो बलिदान जवानो सहादत कोई भुला सकता नहीं |
श्याम कुँवर भारती [राजभर]

भारत की मिट्टी माथे तिलक चंदन लगाएंगे हम |
मातृभूमि के चरणों वंदनऔर सिस झुकाएँगे हम |
खाया नमक इस धरती नहीं नमक हरामी करेंगे |
जान जाये तो जाये बदला नमक चुकायेंगे हम |
श्याम कुँवर भारती [राजभर]

अखंड भारत खंड खंड क्या टुकड़े गैंग करेंगे |
छप्पन इंची सिनावाला नेटवर्क इनका हैंग करेंगे |
श्याम कुँवर भारती [राजभर]

हिला ना सकागे बुनियाद भारत जितना ज़ोर लगाके देख लो |
जल जाओगे खुद ही ताबे हिन्द मजहबी आग लगाके देख लो |
श्याम कुँवर भारती [राजभर]

है चट्टानी फौलादी इरादा नाम दुनिया हिदुस्तान रहेगा |
टकराएगा जो हमसे नामो नीसान ना चीन पाकिस्तान रहेगा |
श्याम कुँवर भारती [राजभर]

लहराएगा दूर गगन मगन हमारा झण्डा तिरंगा |
थर्राएगा दूर दुशमन जय पतित पावनी माता गंगा |
श्याम कुँवर भारती [राजभर]

अमन चैन न हो

December 21, 2019 in ग़ज़ल

हिन्दी गजल- अमन चैन न हो
सियासत कैसी जिसमे अमन चैन ना हो |
साजिस ऐसी जहा भाई से भाई प्रेम ना हो |
समझते है हम सब जिसे मसीहा अपना |
लगे धारा एक सौ चौवालिस जुलूस बैन ना हो |
चमकाने सियासत किस हद तक जाएँगे |
आलाप बेसुरा राग जिसमे कोई धुन ना हो |
सही को बताकर गलत हासिल होगा ना कुछ |
बनेगा कैसे रहनुमा जिसमे कोई गुण ना हो |
लड़वाकर भाई से भाई को तुम भी ना बचोगे |
खुलेगा नहीं खाता कुर्सी अच्छा सगुण ना हो |
अबतक बनाया उल्लू अब ना बना सकोगे |
नचाओगे कैसे सबको हाथो जब बिन ना हो |
डर है तुमको जमीन अपनी खिसकने का |
दिखेगा दूर तलक कैसे पास दूरबीन ना हो |
फैलाकर दंगा फसाद कुल्हाड़ी पैरो ना मारो |
रहोगे खड़ा कैसे तले पैरो जब जमीन ना हो |
समझो देश की नब्ज आबो हवा को तुम |
रहनुमा वही सर जिसके जुर्म संगीन ना हो |

श्याम कुँवर भारती [राजभर] कवि ,लेखक ,गीतकार ,समाजसेवी
बोकारो झारखंड

दुश्मन भाई में

December 20, 2019 in भोजपुरी कविता

भोजपूरी लोकगीत (धोबी गीत )- दुशमन भाई के
हमरे देशवा के लागल केवना के नजर |
लोगवा दुशमन भईले भाई मे |
दंगा फइलल सगरो गाँव शहर |
रचले साजिश गिरावे देशवा खाई मे |
सबसे महान हऊवे हमरो भारत देशवा |
दुनिया कप्तान हउवे हमरो भारत देशवा |
काहे भटकल लोगवा आपन डहर |
लोगवा दुशमन भईले भाई मे |
मोदी जी महान बनवले नया रे कानूनवा |
हिन्दू सिक्ख जैनी मिली रहे भारत मे ठीकनवा |
मुस्लिम रहिहे मिलिके देशवा मे निडर |
लोगवा दुशमन भईले भाई मे |
रहि जे घुसपैठी खाली उहे बाहर जईहे |
बिदेशवा मे सतावल भाई देशवा मे रहिहे |
केवनों खतरा नईखे मुस्लिम निकाला अपना डर |
लोगवा दुशमन भईले भाई मे |
हत्या लुटपाट फसाद बाहरी करेले |
भोटवा खातिर नेता लोग उनके पालेले |
केहु बचिहे नाही घुसपैठीयन के कहर |
लोगवा दुशमन भईले भाई मे |
तोड़ फोड़ करेला काहे संपत्तियो जरावेला |
भोटवा के लालच नेता लोगवा भड़कावेला |
काहे बोवात बाड़ा देशवा मे जहर |
लोगवा दुशमन भईले भाई मे |
करा खूब बिरोध बाकी समझा ई कानूनवा |
फरक नाही पड़ी रही सलमत तोहरो मकनवा |
झांसा मे न आवा भारती संगे लूटा सब लहर |
लोगवा दुशमन भईले भाई मे |

श्याम कुँवर भारती [राजभर] कवि ,लेखक ,गीतकार ,समाजसेवी ,

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पुर्वी गीत कररवा ये रजऊ

December 20, 2019 in भोजपुरी कविता

भोजपुरी पूर्वी लोक गीत- कररवा ये रजऊ

कई के कररवा ये रजऊ|
करेजा काहे काढ़ी हो गईला |
पलटी के ना देखला ये करेजउ |
धोखा मे हमके डाली हो गईला |
बोला बोला ये बेईमनवा |
कईला काहे करेजवा कठोर |
देखाई के हमके सपनवा |
बीच भवरा छोड़ी हो गईला |
कई के कररवा ये रजऊ|
सुना सुना ये घटिहउ
छतिया फाटेला हमार |
पकड़ी के हमरो कलईया |
छोड़ी हमरा तू छलिया हो भईला |
कई के कररवा ये रजऊ|
आवा आवा हमरे लगवा आवा |
माना ना बतिया हमार |
भरी अंकवारिया हो हमके |
प्यार हमके खाली हो कईला |
कई के कररवा ये रजऊ|
करेजा काहे काढ़ी हो गईला |

श्याम कुँवर भारती [राजभर] कवि ,लेखक ,गीतकार ,समाजसेवी ,
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दिल्ली शहरिया देखा दा

December 19, 2019 in भोजपुरी कविता

भोजपुरी गीत- दिल्ली शहरिया देखा दा
मोर बलमुआ हो हमके दिल्ली शहरिया दिखा दा |
दिल्ली मे जाई कुतुबमिनरिया घूमा दा |
मोर बलमुआ हो हमके दिल्ली शहरिया दिखा दा |

सुनीला के दिल्ली दिलवालन के नगरिया |
संसद भवनवा लाल किलवा के नजरिया |
कनाट पलेसवाके मीना बजरिया घूमा दा |
मोर बलमुआ हो हमके दिल्ली शहरिया दिखा दा |

मोर भारत देशवा के दिल्ली हउवे रजधानिया |
बड़े बड़े मंतरी औरी बड़ी बड़ी मकनिया |
चाँदनी चौकवा के राबड़ी मिठइया खिला दा |
मोर बलमुआ हो हमके दिल्ली शहरिया दिखा दा |

घूमे खातिर मनवा बाकी जीउआ घबड़ाला |
हवा पानी बिगड़ल दिल्ली धुआ मड़राला |
लिहल सांस दूभर आपन उमरिया बचा ला |
मोर बलमुआ हो हमके दिल्ली शहरिया दिखा दा |

जेने देखा ओने मोटरगड़िया खूब दौड़ेली |
भक भक साइलेंसरवा धुआ खूब फेंकेली |
धरना रैली होला रोजे जनी घुमरिया परा दा |
मोर बलमुआ हो हमके दिल्ली शहरिया दिखा दा |

का करबू गोरी जाइके दिल्ली शहरिया मे |
मरा जइबु दंगा भइल बीच बजरिया मे |
मोर करेजउ हो मोहे मोदी जी दरसनिया करा दा |
मोर बलमुआ हो हमके दिल्ली शहरिया दिखा दा |

श्याम कुँवर भारती [राजभर] कवि ,लेखक ,गीतकार ,समाजसेवी ,

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भोजपुरी गीत-ये देवर जी

December 19, 2019 in भोजपुरी कविता

भोजपुरी गीत- ये देवर जी
अपने भईया से बोली भेजवा दा रज़ाई ये देवर जी |
आवेना हमके जड़वा मे ओंघाई ये देवर जी |
आई गईले पुस जड़वा के दिनवा |
थरथर कंपावे बैरी पुसवा महीनवा |
टुटल केवड़िया कईसे लगाई ये देवर जी |
आवेना हमके जड़वा मे ओंघाई ये देवर जी |
ठंढी बयरिया बैरी देहिया कम्पावेला |
रतिया के बेरिया खूब हमके सतावेला |
छोट बलकवा बोला कहवा सुताई ये देवरजी |
आवेना हमके जड़वा मे ओंघाई ये देवर जी |
जबसे ऊ गईले उलटियो ना ताकेले |
तरसी जाला मनवा कबों फोनओ ना करेले |
सईया बेईमनवा भईले काहे हरजाई ये देवरजी |
आवेना हमके जड़वा मे ओंघाई ये देवर जी |
छोट भईले दिनवा लमहर भईली रतिया |
दुखवा मे बीते जिनगी फुटल किसमतीया |
चढ़ाई रेलगाड़िया सईया लगवा देता पहुंचाई ये देवरजी |
आवेना हमके जड़वा मे ओंघाई ये देवर जी |

श्याम कुँवर भारती [राजभर] कवि ,लेखक ,गीतकार ,समाजसेवी ,

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भोजपुरी गीत- अपने देशवा के

December 18, 2019 in भोजपुरी कविता

भोजपुरी गीत- अपने देशवा के
तनी बने दा कपतान गोरी हमके देशवा के |
बदला चुकाइब तहिया हमहु अपने देशवा के |
तनी बने दा कपतान गोरी हमके देशवा के |

जाइब जहिया सिमवा दुशमनवा ललकारब |
फटी जाई छतिया दुशमन जईसे शेरवा दहाड़ब |
मारी गिराइब गोलिया सबके निमनवा से |
तनी बने दा कपतान गोरी हमके देशवा के |

डरब नाही तनको हमरो छप्पन इंची छतिया |
ओढ़ब कफन तिरंगवा सुना मोर संघतिया |
घुसे नाही देईब घुसपैठिया एको बिदेशवा के |
तनी बने दा कपतान गोरी हमके देशवा के |

हमरो माई हमके आफ्न दुधवा पियवले |
खिलाई पिलाई गबरू जवनवा बनवले |
हिन्द के टोपी जूता मारब उनके बंदूकवा से |
तनी बने दा कपतान गोरी हमके देशवा के |

नसवा मे दौड़े गोरी हमरे हिन्द लाल खुनवा |
मरे खातिर देशवा हिलोरे मोर जनुनवा |
सेना वाली वर्दी पहिनब सलाम यही भेषवा के |
तनी बने दा कपतान गोरी हमके देशवा के |

श्याम कुँवर भारती [राजभर] कवि ,लेखक ,गीतकार ,समाजसेवी ,

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हिन्दी कविता – ये राजनीती है |

November 12, 2019 in हिन्दी-उर्दू कविता

हिन्दी कविता – ये राजनीती है |
न कोई सिद्धान्त न ईमान ये राजनीति है |
न कोई भगवान न शैतान ये राजनीति है |
जो है आज दोस्त कल बन जाएंगे दुश्मन |
न कोई हिन्दू न मुसलमान ये राजनीति है |
मिले पद पावर जोड़ तोड़ करना पड़ता है |
डूबे या उबरे सारा हिंदुस्तान ये राजनीति है |
देश मे हो हजारो समस्याए तो रहने दो |
बैठे कुर्सी अपना खानदान ये राजनीति है |
कहते कुछ और करते कुछ और है सब |
चाहे सारी जनता हो परेसान ये राजनीति है |
चूनाव से पहले सब गठबंधन करते है |
बाद परिणाम करते हलकान ये राजनीति है |
देश के मुद्दे मसले दुश्मन सब हासिये पर |
रह गए पीछे देश के अरमान ये राजनीति है |
देश के लिए लड़े जीते सोचे करे कोई तो |
करे देश जिसपर अभिमान ये राजनीति है |

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हिन्दी कविता-हार न जीत का जश्न |

November 10, 2019 in हिन्दी-उर्दू कविता

हिन्दी कविता-हार न जीत का जश्न |
हुआ फैसला राम मंदिर नहीं हार न जीत जशन करे |
बना रहे अमन चैन वतन राम रहीम सब नमन करे |
विवाद सैकड़ो सालो काअब सबने मिल खत्म किया |
मिला झोली जिसके जो भी सब उसका जतन करे |
मंदिर राम बने अयोध्या मे बने मस्जिद भी जरूरी है |
मिटाकर गीले शिकवे बन के भाई आओ भजन करे |
सदियो रहे मिलके आगे भी दस्तूर ये जींद रहे हमारा |
लाख चाहे कोई करना अलग मिल सब समन करे |
है मक्का मदीना इबादतगाह पाक घर खुदा का |
अयोध्या है जन्म भूमि श्रीराम बने मंदिर प्रयत्न करे |
जीत लेते किला दुशमन जश्न मनाते ढ़ोल नगाड़ो से |
हुआ फैसला भाई से भाई का क्यो मन मगन करे |
लिखा गया स्वर्ण अक्षरो नाम इतिहास पंच जजो का |
दिया फैसला ऐतिहासिक मिल विकाश वतन करे |
दूरियाँ दिलो दूर करना है बढ़ी खाइयाँ अब भरना है |
बने भव्य मंदिर राम अयोध्या संकल्प मनन करना है |

श्याम कुँवर भारती [राजभर] कवि ,लेखक ,गीतकार ,समाजसेवी ,

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भोजपुरी कविता- भारत देशवा

November 8, 2019 in भोजपुरी कविता

भोजपुरी कविता- भारत देशवा
दुनिया मे सबसे महान |
भारत देशवा मोर जान |
कश्मीर से कन्याकुमारी
हऊवे एक ही दुआरी |
यूपी बुहार बाड़े शानवा हमार |
हरियाणा पंजाब उगावे सोनवा बघार |
गुजरात राजस्थान दुधवा अघान |
भारत देशवा मोर जान |
उड़ीसा बंगाल हऊवे चऊरा के खान |
खनिजवा के खान झारखंडवा के नाम |
महाराष्ट्र आंध्रा अऊरी मध्य प्रदेश |
तमिलनाडु देले सबके सुंदर संदेश |
करी केतना देशवा गुणगान |
भारत देशवा मोर जान |
केरल कर्नाटक ज्ञानवा भंडार |
जंबू कश्मीर करे सिमवा खबरदार |
लद्दाख हिमाचल अरुनाचल अखंड |
उत्तराखंड ठंडा शीतल बहे हवा प्रचंड |
कही फड़के बीर भुजा हिंदुस्तान |
भारत देशवा मोर जान |
कही जन्मे महारणा कही लक्ष्मी बाई |
सम्राट आशोक चमके लीलार दुहाई |
आजाद भगत गरजे कही नेता शुभाष |
अहिंसा पुजारी पिता गांधी देशवा आस |
देव ऋषि मुनि जन देवे देशवा वरदान |
भारत देशवा मोर जान |

श्याम कुँवर भारती [राजभर] कवि ,लेखक ,गीतकार ,समाजसेवी ,
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हिन्दी गजल- दिल की किताब |

November 8, 2019 in हिन्दी-उर्दू कविता

हिन्दी गजल- दिल की किताब |
दिल की किताब तेरी पढ़ लूँ तो क्या होगा |
बिन कहे बात तेरी जान लूँ तो क्या होगा |
जितना चाहो छिपा लो छिपा ना सकोगे |
भाषा तेरी आंखो समझ लूँ तो क्या होगा |
तू मेरे सामने रहे न रहे तुझे पहचान लूँगा |
हवाओ गंध तेरी मै सूंघ लूँ तो क्या होगा |
तू गम सहे मुझे मालूम न हो नामुमकिन |
गम सारे तेरे अगर छिन लूँ तो क्या होगा |
कुछ कहे न कहे राज फिजाँ बता देगी |
तेरे लब्ज जुबां बयां कर लूँ तो क्या होगा |
दो जिस्म समझने की भूल हमे न करना |
तू मुझमे मै तुझमे समां लूँ तो क्या होगा |
जुदा होना चाहे जुदा हो ना पाएगा मुझसे |
तेरी तन्हाई तेरे रूबरू हो लूँ तो क्या होगा |
जाना है जहा छोड़ मुझे जाकर देख लो |
तुझे बाहो आगोस खींच लूँ तो क्या होगा |
मेरे बेगैर तू नहीं मेरे बिना तू नही मान लो |
तुझे मेरे दिल आंखो बसा लूँ तो क्या होगा |
श्याम कुँवर भारती [राजभर] कवि ,लेखक ,गीतकार ,समाजसेवी ,
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हिन्दी कविता- आसमान की बुलंदी

November 4, 2019 in हिन्दी-उर्दू कविता

हिन्दी कविता- आसमान की बुलंदी
गिरा तो फिर भी उठ जाएगा |
झुका नहीं तो तू टूट जाएगा |
छूना है आसमान की बुलंदी |
पाँव उठा तो आधार छुट जाएगा |
हारा भी तू योद्धा लड़ा तो सही |
पीछे मुड़ा मुकद्दर रूठ जाएगा |
सफर क्या जिसमे आंधिया न हो |
हौसला रख तू गुबार फुट जाएगा |
मांगना है हिम्मत मांगो खुदा से |
मंजिल मिलेगी अंधेरा छंट जाएगा |
पाना मुकाम आसान नहीं होता |
जुनून की हद रोड़ा हट जाएगा |
श्याम कुँवर भारती [राजभर] कवि ,लेखक ,गीतकार ,समाजसेवी ,
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भोजपुरी कविता- सूझबूझिया लगइबा ना त |

November 4, 2019 in भोजपुरी कविता

भोजपुरी कविता- सूझबूझिया लगइबा ना त |
सूझबूझिया लगइबा ना त कईसे होइहे किसनिया |
धनवा कटाई खेतवा जोताई करा गेहुआ बोवनिया|
गोबरा के खदीया खेतवा मे डलिहा मटिया मिलाई |
खर पतवरवा चुनी निकलिहा हरवा बयलवा चलाई |
आइब हमहु खेतवा बनाई लिट्टी चोखा औरी चटनिया |
किट पतंगवा से गेंहुआ बचावेके सङ्गे दवइया डालेके |
सूझबूझिया लगाई जानवर चउआ से खेतवा बचावेके |
लह लहलहाई हरियर गेंहुआ बलिया बही पवनिया |
समईया देखि सिंचल जाई खेतवा पनिया निरमल हो |
खेतवा परति ना छोड़िहा बोई दीहा धनिया हरियर हो |
पकी जइहे गेहुआ काटी भरी दीहा सइया खरिहनिया |
बाल बच्चा खइहे घरे गाँव नगरिया सबके खियाइब |
भुखल ना रही केहु देशवा भूखिया अबके मिटाइब |
सूझबूझिया मार भगाइब दुश्मन पापी पाकिस्तनिया |
सूझबूझिया लगइबा ना त कैसे होइहे किसनिया |
श्याम कुँवर भारती [राजभर] कवि ,लेखक ,गीतकार ,समाजसेवी ,
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हिन्दी गजल- ठहर जाऊंगा |

October 29, 2019 in हिन्दी-उर्दू कविता

हिन्दी गजल- ठहर जाऊंगा |
तेरी जुल्फ नहीं जो बिखर जाऊंगा |
आजमा लो हद से गुजर जाऊंगा |
झोंका गिरादे रेत की दीवार नहीं |
तेरे वादे मै ताउम्र ठहर जाऊंगा |
तू है तो मै, मेरी जिंदगी ये दुनिया |
गर तू नहीं अगर मै किधर जाऊंगा |
मेरा इश्क इबादत तेरा दिल पत्थर |
हो करम खुदा बनके सुधर जाऊंगा |
मै समन्दर नहीं अपनी हर हद मे रहूँ |
तेरी हंसी हर वादे मै मुकर जाऊंगा|
मै तेरा शेर तू मेरी गजल की तरह |
दील हो असर बन मै बहर जाऊंगा |
हवा का झोंका नहीं बह नहीं सकता |
तेरा साया जाये जिधर उधर जाऊंगा|
खुद को तन्हा समझ मायूस मत होना |
तेरी हंसी बनके नगमा मुखर जाऊंगा |
श्याम कुँवर भारती [राजभर] कवि ,लेखक ,गीतकार ,समाजसेवी ,
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हिन्दी कविता – नाम हिंदुस्तान हमारा |

October 20, 2019 in हिन्दी-उर्दू कविता

हिन्दी कविता – नाम हिंदुस्तान हमारा |
नाम हिंदुस्तान हमारा होगा काम तमाम तुम्हारा |
रहो अपनी औकात बुरा होगा अनजाम तुम्हारा |
हर तरफ घिर चुके निगाहों सबकी गिर चुके तुम |
टकराए जो हमसे तुम टूटेगा यूं गुमान तुम्हारा |
हमारी चिंता छोड़ो अपनी बदहाली गरीबी देखो |
करके हमे लहूलुहान पहुंचा कहा मुकाम तुम्हारा |
भेजा तुमने कितने कातिल हमारे कत्ल के वास्ते |
पहुंचाया दहसतगर्दो जहन्नुम छिना मुस्कान तुम्हारा |
चाहा था करेगा बदनाम हमे मगर खुद ही हो बैठा |
घर के मामले उठाया बाहर हुआ नुकसान तुम्हारा |
भेजा था जिसे बनाने पत्थरबाज़ हमारे भाइयो को |
दबोचा अपनी मुट्ठी उसे खुदेगा कब्रिस्तान तुम्हारा |
रोज शेखिया बघारना छोड़ दे धमकाना छोड़ दे |
सम्हालेगा ना एक वार मिटेगा आतंकिस्तान तुम्हारा |
मिला ना चैन तुम्हें हुआ टुकड़ा बांग्ला देश बना |
बंद करो साजिसे छुट ना जाए ब्लूचिस्तान तुम्हारा |
श्याम कुँवर भारती [राजभर] कवि ,लेखक ,गीतकार ,समाजसेवी ,
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हिंदी ग़ज़ल-बचना भगवान भी चाहिए

October 19, 2019 in हिन्दी-उर्दू कविता

हिन्दी गजल- बचना भगवान भी जरूरी |
हिन्द जमीं राम भी जरूरी और रहीम भी जरूरी |
बना रहे सबमे भाईचारा दिलो यकीन भी जरूरी |
दो कदम तुम बढ़ो और दो कदम हम भी बढ़ेंगे |
राम जमीं फैसला जो हो होना मंजूर भी जरूरी |
सदियो दरियादिली सदभाव की मिसाल भारत |
वर्षो रहे राम से दूर बचना हिंदुस्तान भी जरूरी |
मामला मर्यादा श्रीराम जन्मभूमि या मदीना का |
दिया जन्म मानव वही बचना इंसान भी जरूरी |
बात कहनी नहीं करनी थी मुद्दा अदालत न जाता |
जो हुआ वो हुआ बचना मगर ईमान भी जरूरी |
काशी हो या काबा सबमे बस एक वही बसता है |
तुम मानो हम भी माने बचना भगवान भी जरूरी |
मंदिर मस्जिद गिरिजा या गुरद्वारा तोड़ा नहीं जाता |
बात आस्था अस्मिता बचना स्वाभिमान भी जरूरी |
किया जो दुश्मनों ने तुम भी करो वही ये सही नहीं |
दे दो हमारी इबादतगाह बनना भाईजान भी जरूरी |
श्याम कुँवर भारती [राजभर] कवि ,लेखक ,गीतकार ,समाजसेवी ,
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भोजपुरी गीत कटार तोरे नैना

October 17, 2019 in भोजपुरी कविता

भोजपुरी गीत(श्रिंगार रस )- बरछी कटार तोहार नैना |

बरछी कटार तोहार नैना दिल के पार हो जाई |
ओ ओ सजनी हमार होस उड़ा जाई |
सुना हो सजनी हमार होस उड़ा जाई |
होठवा से छलके तोहार मदवा के प्याला |
हिरनी जईसन कारे नैना बाड़े मतवाला |
गोरे गोड़वा के पायलिया जब छनका जाई |
सुना हो सजनी हमार होस उड़ा जाई |
मिटावा मिटावा पियासिया के लगन की |
रात दीन सतावे गंधवा तोहरे बदन की |
नींदिया भोराई हाथ तोहरे जब सेज सजी जाई |
सुना हो सजनी हमार होस उड़ा जाई |
हम रहली कुंआर और तू कुंआरी
अबले रहल मन हमरो बाल ब्र्म्हचारी |
हमरो तपस्या बरिस के छन मे लूटी जाई |
सुना हो सजनी हमार होस उड़ा जाई | -2
बरछी कटार तोहार नैना दिल के पार हो जाई |
सुना हो सजनी हमार होस उड़ा जाई |
सुना हो सजनी हमार होस उड़ा जाई |-2

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हिन्दी गजल- बंजर भूमि की रोटी |

October 9, 2019 in हिन्दी-उर्दू कविता

हिन्दी गजल- बंजर भूमि की रोटी |
बहारों के मौसम गुल खिल जाये दिखाना मुझे |
बागो फूल भवरा गर मिल जाये दिखाना मुझे |
जहर भर दिया फिज़ाओ मिल हमने और तुमने |
मिट्टी बीज अंकुर गर निकल आए दिखाना मुझे |
गोबर खाद मिल मिट्टी पैदावार बढ़ाती थी कभी |
यूरिया फास्फेट जमी खिल जाये दिखाना मुझे |
गाय बैल और जानवर अब कोई पालता ही नहीं |
ट्रेकटर मशीन खेती गर बढ़ जाये दिखाना मुझे |
तालाब कुआ पोखर युही नहीं खोदवाते थे लोग |
बिना इनके जमी पानी मिल जाये दिखाना मुझे |
जमी की नमी जरूरी है खेती किसानी के लिए |
बिना पानी खेत बीज उगने लगे दिखाना मुझे |
खाद रासायन जितना मिलाओगे जहर खाओगे |
शब्जी बुझी जहर खा कोई हँसता मिले दिखाना मुझे |
हमारी लापरवाही मिट्टी की जान जा रही अब |
बंजर भूमि की रोटी कोई खाता मिले दिखाना मुझे |
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हिन्दी कविता- राम लीला

October 9, 2019 in हिन्दी-उर्दू कविता

हिन्दी कविता- राम लीला
जलाना बुराई जलाओ पुतला रावण जलाने से क्या फायदा |
मन रावण को मारो नकली रावण जलाने से क्या फायदा |
रहे सलामत सम्मान साहित हर घर की बहू बेटियाँ देश मे |
बन जाये सभी मर्यादा श्रीराम कानून बनाने से क्या फायदा |
जलाओ धु धु भ्र्स्टाचार अत्याचार पापाचार युग बदलना है |
ज्ञान विज्ञान पोथी पतरा केवल पढ़ने रटाने से क्या फायदा |
लोभ लालच वासना काम क्रोध कपट के वस सभी है यहा |
बुराइया खुद ही मिटाओ दोष गैरो गिनाने से क्या फायदा |
एक रावण राम ने मारा लाखो रावण पैदा हुये सब तरफ |
सब बन जाओ राम अब रामलीला दिखाने से क्या फायदा |
जिनको समझते है दानव उनको मानव बनाए हम सभी |
दिल अपने बसालों राम अब रावण जलाने से क्या फायदा |
श्याम कुँवर भारती [राजभर] कवि ,लेखक ,गीतकार ,समाजसेवी ,
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भोजपुरी पूर्वी लोक गीत- हमरे काली माई |

October 7, 2019 in भोजपुरी कविता

भोजपुरी पूर्वी लोक गीत- हमरे काली माई |
सबके त दिहलु माई गोदिया स्थनवा |
हमरे काली माई |
हमके काहे कईलू नजरियो मुहाल |
हमरे काली माई |
सबके त दिहलु माई पद औरी नमवा|
हमरे काली माई |
हमके काहे कईलू चरनियों मुहाल |
हमरे काली माई |
सबके त दिहलु माई महल मकनवा |
हमरे काली माई |
हमके काहे कईलू दरसनियों मुहाल |
हमरे काली माई |
सबके त दिहलु माई महल मकनवा |
हमके काहे कईलू वरदनियों मुहाल |
हमरे काली माई |
श्याम कुँवर भारती [राजभर] कवि ,लेखक ,गीतकार ,समाजसेवी ,
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हिहिन्दी कविता -मोहब्बत की कली |

October 4, 2019 in हिन्दी-उर्दू कविता

हिन्दी कविता -मोहब्बत की कली |
हमने क्या जुर्म किया तू किसी और होके चली |
खिल के मुरझा गई मेरी मोहब्बत की कली |
तुम बदल जाओगे कभी हमने सोचा ही नहीं |
तोड़ दिल निकल जाओगे ख्याल रखा ही नहीं |
करके वादा तेरा मुकर जाना मुझको है खली |
अब ना दिल किसी से लगाएंगे कसम खाई है |
तेरे जैसे होते माशूका यही सोच शरम आई है |
क्यो तेरी दुनिया खुदा मोहब्बत नहीं है फली |
रहे जहा भी तू कभी भूले याद करना मुझे |
बदनाम ना हो मोहब्बत किसी न कहना इसे |
गम मिले मुझको तुझको खुशिया जहा की भली |
हमने क्या जुर्म किया तू किसी और होके चली |
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भोजपुरी देवी गीत 6 -पंडित जी बुला देई ना |

October 4, 2019 in भोजपुरी कविता

भोजपुरी देवी गीत 6 -पंडित जी बुला देई ना |
लड़की – दुर्गा माई के करब पूजनवा|
पंडित जी बूला देई ना | 2
नवरातन मे आसन माई लगाइब | 2
दुअरा लिपा देई ना |
लड़का- दूरगा माई के करिहा पूजनवा |
पंडित जी बुला देईब ना |2
पुजवा के तोहके तैयारी कराइब | 2
दुअरा लिपा देईब ना |
लड़की -चुनरिया ले अईहा सईया लाली |
माई जाली रीझाली | 2
मईया मनाई सईया |
दिहे उहे खुशियाली |2
कोहरा बनवावा कलसा बरतनवा |
माई कलसा बिठा दी ना 2
दुर्गा माई के करब पूजनवा |
पंडित जी बुला दी ना |
लड़का- लाली चुनरिया माई के लियाइब |
दुर्गा माई के मनाइब -2
नवाडीन करिहा वरतवा |
सांगवा हमहूँ रही जाइब |2
कोहरा बनवाइब कलसा बरतनवा |
गोरी कलसा बईठा ला ना |
दुर्गा माई के करिहा पुंजनवा |
पंडित जी बुलाइब देईब ना
लड़की -मईया आशीष मांगब संतोष
सिसवा झुका ला ना |2
दुर्गा माई के करब पूजनवा|
पंडित जी बूला देई ना |2
लड़का- माई चरनिया छोडब ना भारती
मईया मना ला ना |2
दुर्गा माई के करिहा पुजनवा |
पंडित जी बुलाइब देईब ना | 2
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भोजपुईर देवी गीत 5- डाली दा नजरवा |

October 4, 2019 in भोजपुरी कविता

भोजपुईर देवी गीत 5- डाली दा नजरवा |
अइली चनरनवा माई डाली दा नजरवा |
टूटल हमरा दुख के पहड़वा |

रानी महारानी माई दानी तू कहालू हो |
दयालु कृपालु माई काली तू कहालु हो |
लागल हमरो अरमनवा भरी दा चदरवा |
अइली चनरनवा माई डाली दा नजरवा |

अंधरा के आँख बांझन के पुत्र तू देलु हो |
कोढ़ियन के काया निर्धन के माया देलु हो |
करेला जय जयकर गाँव पूरा नगरवा |
अइली चनरनवा माई डाली दा नजरवा |

जगजननी माभवानी लोगवा कहेला हो |
हो जाला उद्दार उनकर माई जे पूजेला हो |
दे दा शरनिया देवी अपने पजरवा |
अइली चनरनवा माई डाली दा नजरवा |

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हिन्दी देवी गीत- चरणों मे जगह

October 4, 2019 in हिन्दी-उर्दू कविता

हिन्दी देवी गीत- चरणों मे जगह
तेरे चरणों की धुली मै ,चरणों मे जगह दे दो |
बन के मेरी माँ तुम मुझे जीने की वजह दे दो |
जग की माता हो पूजे तुमको माँ जग सारा |
बल बुद्धि प्रदाता हो जीवन कर दो उजियारा |
दुनिया कुछ काम करूँ मुझको माँ सतह दे दो |
तेरे चरणों की धुली मै ,चरणों मे जगह दे दो|
तुझे छोड़ माँ कहा जाऊ जग नही ठिकाना है |
अब जीवन तेरे तरण माँ पूरी उम्र बिताना है |
मै हारा हरदम माँ मुझे अब तो फतह दे दो |
तेरे चरणों की धुली मै ,चरणों मे जगह दे दो|
कृपा की सागर है दुनिया तेरी करती आदर है |
दया की दरिया है भर दो फैली मेरी चादर है |
जगदम्बे जगजननी मुझपर करम निगह दे दो |
तेरा डेरा ऊंचा सबसे तू है माँ दुनिया है तबसे |
त्रिदेवो की तुम माता भारती पड़ा शरण है कबसे |
गाउँ तेरी महिमा माँ मेरा जीवन निबह दे दो |
तेरे चरणों की धुली मै ,चरणों मे जगह दे दो|

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भोजपुरी गीत – दिल ना लगे

October 4, 2019 in भोजपुरी कविता

भोजपुरी गीत – दिल ना लगे
सुखी के कांटा भईली रानी तोहरे इंतजार मे |
दगा काहे दिहलु रानी बोला हमके प्यार मे |

आजा तनी गोरी लगवा बिना तोहरे दिल ना लगे |
जिरह करा जनी गोरी इश्क केवनों वकील ना लगे |

कटी जाला दिनवा कसहूँ नींदिया भोराइल रतिया |
करा जनी नादानी सजनी माना मोर बतिया |
करा हमसे प्यार यार कबों बेदिल ना लगे |
आजा तनी गोरी लगवा बिना तोहरे दिल ना लगे |

चाँद के अंजोरिया बदलवा मुंहवा निहारेला |
अँचरा उड़ावेलु त पवन तनवा झंकोरेला |
दिलवा के बात रानी कबों अश्लील ना लगे |
आजा तनी गोरी लगवा बिना तोहरे दिल ना लगे |

कनवा मे बाली लटके ,बिंदिया मथवा मे चमकेला |
अँखिया कजरा टहके केसिया गजरा खूब महकेला |
डुबावा जनी अँखिया हमके भारती झील ना लगे |
आजा तनी गोरी लगवा बिना तोहरे दिल ना लगे |

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भोजपुरी पूर्वी लोक गीत- कररवा ये रजऊ

October 2, 2019 in भोजपुरी कविता

भोजपुरी पूर्वी लोक गीत- कररवा ये रजऊ

कई के कररवा ये रजऊ|
करेजा काहे काढ़ी हो गईला |
पलटी के ना देखला ये करेजउ |
धोखा मे हमके डाली हो गईला |
बोला बोला ये बेईमनवा |
कईला काहे करेजवा कठोर |
देखाई के हमके सपनवा |
बीच भवरा छोड़ी हो गईला |
कई के कररवा ये रजऊ|
सुना सुना ये घटिहउ
छतिया फाटेला हमार |
पकड़ी के हमरो कलईया |
छोड़ी हमरा तू छलिया हो भईला |
कई के कररवा ये रजऊ|
आवा आवा हमरे लगवा आवा |
माना ना बतिया हमार |
भरी अंकवारिया हो हमके |
प्यार हमके खाली हो कईला |
कई के कररवा ये रजऊ|
करेजा काहे काढ़ी हो गईला |

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भोजपुरी देवी गीत 4-बेष्णो धाम चला ये सजनवा |

October 2, 2019 in भोजपुरी कविता

भोजपुरी देवी गीत 4-बेष्णो धाम चला ये सजनवा |
चला माता जी के दरबार |-3
बेष्णो धाम चला ये सजनवा |-3
कटरा से माता जी के कठिन डगरिया |-2
ऊंचे रे पहड़वा चला रे गुजरिया |-2
करा माई के जय जय कार |
बेष्णो धाम चला ये सजनवा |-2
शेर के सवरिया ऊनकर हाथ त्रिशूलवा |
नारियल सुपारी चढ़े लाल अढ़हुलवा |
पूरा करीहे मनसा तोहार |
बेष्णो धाम चला ये सजनवा |
भैरव के मारी माई अमर कई दिहली |
संगवा अपने भैरव पूजा कराई दिहली|
संतोष भारती अइले चरनिया तोहार |
बेष्णो धाम चला ये सजनवा |
चला माता जी के दरबार |
बेष्णो धाम चला ये सजनवा |
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भोजपुरी देवी गीत 2 -अबोध बलकवा जानी |

October 1, 2019 in भोजपुरी कविता

भोजपुरी देवी गीत 2 -अबोध बलकवा जानी |

माई मोर कईली शेरवा सवारी जी |
अईले भक्त देवी तोहरी दुआरी जी |

आपन रूपवा ये माई हमके तू दिखईह |
अबोध बलकवा जानी जनी तू भुलईह |

बहुते असरा लगाई अइली तोहरी दुआरी |
बजरे तोहार माई खोला तू केवाड़ी |
दरस के पियास आस हमरो तू मिटइह |
अबोध बलकवा जानी जनी तू भुलईह |

दिन दुखियन के दुखवा तू हरेलु |
कोढ़ियन के काया बांझ अँचरा तू भरेलु |
हम हई भिखारी हमके खाली जनी लउटइह |
अबोध बलकवा जानी जनी तू भुलईह |

शुंभ के मरलु जाई निशुंभ के मरलु |
दुर्ग रक्षसवा चढ़ी गरदन उतरलु |
संतोष भारती आई सारथी तू बनी जइह |
अबोध बलकवा जानी जनी तू भुलईह |
श्याम कुँवर भारती [राजभर] कवि ,लेखक ,गीतकार ,समाजसेवी ,
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भोजपुरी देवी गीत बीच भवर में नईया

October 1, 2019 in भोजपुरी कविता

भोजपुरी देवी गीत 1 – बीच भवर मे नईया |

लड़का- माई आवा ना दरस दिखावा ना |
अईले नवरातन देर लगावा ना |
लड़की -चाहे मरब चाहे जीयब तोहके भोगवा लगाना है |
बीच भवर मे नईया माई तोहके पार लगाना है |

लड़का -लेके चुनरिया फूल अड़हुलवा के |
नारियल सुपारी भावा हमरे दिलवा के |
लड़की – होई चाहे देरिया माई बिना दरस नहीं जाऊँगी |
गईया के घिउया माई आरती तेरी उतारूंगी |
बेटी हम तोहार तोहके माई बन के दिखाना है |
बीच भवर मे नईया माई तोहके पार लगाना है |

लड़का- गावे संतोष भजनिया भारती हथवा दोनों जोड़ी के |
अइली तोहरे दुअरिया माई दुनिया सारी छोड़ी के |
लड़की – करो किरीपा माता अंसुवन चरण मै धोऊँगी |
गोदी मे बलकवा अँचरा सुखवा मै पाऊँगी |
लड़का – केहु नाही हमार जगवा असरा तोहरे लगाना है |
बीच भवर मे नईया माई तोहके पार लगाना है |

श्याम कुँवर भारती [राजभर] कवि ,लेखक ,गीतकार ,समाजसेवी ,
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